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Mrityunjay stotra makes the striver equipped with supernatural powers and provides long life

शिव जी का मृत्युंजय स्तोत्रं साधक को मनचाहा धनधान्य और समृद्धि प्रदान करता है और शत्रुओं का शमन करता है |   Advertisements

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Shiva Lingashtakam provides shiv lok to devotee which means Jatak lives with Lord Shiva after death

Yogi Shiva Lingashtakam   ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥२॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम् । सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥३॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम् । दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥४॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् । सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥५॥ देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम् । दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥६॥ अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम् । अष्टदरिद्रविनाशितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥७॥ सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम् । परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥८॥ लिङ्गाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत् शिवसन्निधौ । शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥

Shiva Dwadash jyotir ling Smarnam destroys the sins of seven births of the reader

Yogi Shiva Dwadash jyotir ling Smarnam. सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् । उज्जयिन्यां महाकालं_ॐकारममलेश्वरम् ॥१॥ परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमाशंकरम् । सेतुबंधे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥२॥ वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे । हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये ॥३॥ एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः । सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥४॥

D.M. Mirzapur did not provide any information most surprising did not entertain the forwarded communication

Preeti Singh <preetisinghgaharwar@gmail.com> D.M. Mirzapur did not provide any information most surprising did entertain the forwarded communication of department of revenue. 1 message Preeti Singh <preetisinghgaharwar@gmail.com> 4 July 2020 at 12:49 To: rajswa14@gmail.com, pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, hgovup <hgovup@up.nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, sec.sic@up.nic.in, adm.lr.mi-up@gov.in, dmmir@nic.in सरकार सुनते है जिलाधिकारी महोदय बड़े […]

Extremely poor network of B.S.N.L. causing troublesome to the consumers so they are seeking refund

Last Login Time : 2020-07-04 10:51:09 Grievance Details Grievance Number: 2092459 Grievance Reg Date: 2020-07-04 11:14:55 Complainant Name : Yogi M. P. Singh Mahesh Pratap Singh Complainant Contact No : 7379105911 Mode : By Web Complaint Type : Complaint State : UTTAR PRADESH Purchase City : Mirzapur Sector : Telecom Category : Voice – GSM Grievance Company : […]

If municipality repeatedly submitting report to D.M. that redressal of grievance is amenable by Jal Nigam

  Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2020/15508 Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M. P. Singh Date of Receipt 05/06/2020 Received By Ministry/Department Uttar Pradesh Grievance Description Grievance Status for registration number: PMOPG/E/2019/0496431 Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M P Singh Date of Receipt 28/08/2019 Received By Ministry/Department Prime Ministers Office. […]

Direct evidence of forgery against D.S.O. Mirzapur but he is making baseless allegations against whistle blower

प्रत्यावेदन बहुत साधारण है प्रार्थी योगी एम. पी. सिंह के नाम से कूट रचित हलफनामा प्रस्तुत किया गया जनसुनवाई और पब्लिक ग्रिएवांस पोर्टल पर और इस तरह से शिकायत को जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा जालसाजी करके निस्तारित करा लिया जो की भारतीय दंड संघिता के धारा के अंतर्गत गंभीर अपराध की कोटि में आता है | […]

Shiv Tandav Stotram is quest of demon king Ravan which made him conqueror of universe

श्रीरावण – कृतम् शिव – ताण्दव स्तोत्रम् जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्धगज्जलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥ धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे । कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥ जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे । मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे मनो विनोदमद्‍भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥ सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः | भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटक श्रियै चिराय जायतां […]

Shiv Raksha Stotr a small but intense effective remedy for initial stage strivers

    श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् श्री गणेशाय नमः ॥ अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य ऋषिः ॥ श्री सदाशिवो देवता ॥ अनुष्टुप् छन्दः ॥ श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थं शिवरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ॥ चरितं देवदेवस्य महादेवस्य पावनम् । अपारं परमोदारं चतुर्वर्गस्य साधनम् ॥ १॥ गौरीविनायकोपेतं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रकम् । शिवं ध्यात्वा दशभुजं शिवरक्षां पठेन्नरः ॥ २॥ गंगाधरः शिरः पातु भालं अर्धेन्दुशेखरः । नयने मदनध्वंसी कर्णो सर्पविभूषण […]

Mrit sanjeevan kavach can cure a body reached at the stage of death with the grace of Lord Shiva

॥ श्री मृतसञ्जीवन स्तोत्र ॥ एवमारध्य गौरीशं देवं मृत्युञ्जयमेश्वरं। मृतसञ्जीवनं नाम्ना कवचं प्रजपेत् सदा ॥१॥ गौरीपति मृत्युञ्जयेश्र्वर भगवान् शंकर की विधिपूर्वक आराधना करने के पश्र्चात भक्त को सदा मृतसञ्जीवन नामक कवच का सुस्पष्ट पाठ करना चाहिये ॥१॥ सारात् सारतरं पुण्यं गुह्याद्गुह्यतरं शुभं । महादेवस्य कवचं मृतसञ्जीवनामकं ॥ २॥ महादेव भगवान् शङ्कर का यह मृतसञ्जीवन नामक कवच का तत्त्व […]

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