Youths are committing suicide under the regime of youth leadership of state is too much traumatic.

On one side of screen ,C.M. Akhilesh Yadav is never
tired in glorifying its government achievements but on the other side of screen
,youths are so frustrated that they are committing suicide before the residence
of chief minister by consuming poisonous substances .
नौकरी मांगने के लिए सीएम आवास का घेराव करने जा रहे सिपाही समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2013 में मेडिकल पास अ‌भ्यर्थियों को पुलिस द्वारा रोके जाने पर भड़के चार अभ्यर्थियों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष जहर खाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया।
अभ्यर्थी शनिवार सुबह सीएम आवास घेरने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनको हजरतगंज में गांधी प्रतिमा के पास रोक लिया।
Those aspirants, passed medical test in the direct
recruitment test of police constable conducted by the state government in the
year 2013, were seeking posting consequently made efforts to meet the chief
minister Akhilesh Yadav but they were not allowed therefore in frustration four
of them consumed poison in order to commit suicide .
इसके बाद मौके पर पहुंचे एसीएम ने सीएम से उनकी मुलाकात कराने से भी मना कर दिया। इस पर भड़के चार अभ्यर्थियों ने जहर खा लिया। अभ्यर्थियों के जहर खाने की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन के ‌अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
फौरन उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Right to life and Right to livelihood are fundamental
rights guaranteed to citizenry in the constitution of India. The deplorable
state of these rights in this country can be easily  reckoned from aforesaid tragic incidence in
the capital of state.
वहां इमरजेंसी के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन किसी तरह अफसरों ने सोमवार को सीएम से उनकी मुलाकात का आश्वासन देकर उन्हें वहां से हटाया। जैसे ही अ‌भ्यर्थी की हालत बिगड़ी उसके साथी उसे लेकर अस्पताल की तरफ भागे।एक अभ्यर्थी ने सुसाइट नोट भी लिखा और इसका जिम्मेदार एसीएम घटनास्‍थल पर मौजूद सीओ को बनाया।
Aggrieved wanted to
apprise chief minister Akhilesh Yadav about their agony  but C.O. & ACM hindered them to do so
therefore in suicide note they made accountable Circle officer and ACM for
tragic incidence. As the conditions of these four candidates became critical
,fellow aspirant rushed them to hospital. To see the critical condition ,fellow
aspirants commenced crying by holding the feet of policemen who were on duty
out side the emergency. Consequently surrounding became painful and
troublesome.
साथी अभ्यर्थियों में से चार के जहर खा लेने से अन्य साथी परेशान हो गए और रोने लगे।
मालूम हो कि रक्षक ट्रस्ट कल्याण पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन आरक्षी समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती पर समायोजन को अभ्यर्थी एक फरवरी से लक्ष्मण मेला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे थे। (अभ्यर्थी को लेकर अस्पताल की ओर जाते हुए लड़के।)
उनकी हालत बिगड़ने पर पुलिस ने चारों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। घटना से खफा अभ्यर्थी इमरजेंसी के बाहर नारेबाजी करने लगे। फौरन आरएफ आसपास थानों की फोर्स बुला ली गई। मौके पर पहुंचे अफसरों ने सोमवार को सीएम से मिलवाने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
पुलिसकर्मियों के पैर से लिपटकर रोए
अभ्यर्थी
चार साथियों के जहर खाने से परेशान अभ्यर्थी समझ नहीं पा रहे थे कि वे क्या करें। कुछ तो इमरजेंसी के बाहर पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगे। इस पर हड़बड़ाए पुलिसकर्मी  उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे।

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