Yogi government is charging Rs.2000 for driving license renewal at the place of Rs.200 yet honest.

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
For the renewal of Driving license of the two wheeler, Yogi government is charging Rs.2000 at the place of Rs.200 yet honest.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 9 March 2019 at 20:39

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com, csup@up.nic.in, “sec. sic” <sec.sic@up.nic.in>

What action was approved by the divisional commissioner must be revealed to the complainant Yogi M. P. Singh as under section 4 subsection 1d, it shall be obligatory duty of public authority to provide reasons of its decisions to the parties concerned. On number occasions, apex court of India articulated Right to reason is the integral part of not only sound judicial system but it must be promoted in the administrative functions entire government departments.
फीडबैक की स्थिति: मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 06/03/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
Undoubtedly action has been approved on the feedback by The divisional commissioner but the history is witness on The Jan sunwai portal , action approved means no further proceedings will take place. Therefore it is obligatory duty of the public authority instead of cryptic Word, it  must be clarified in regard to approval of action.
Meadia is reporting one crore per day revenue loss but this is not revenue loss but promotion of corruption taking place and money bribed daily flowing into pockets of the corrupt public functionaries. Think about the gravity of situation that one crore per day backdoor income which means such huge amount indirectly earned parallel to legitimate collection of the revenue.

PMOPG/E/2019/0030302

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Deputy Secretary Morth ds1-morth@gov.in via gov.in 
13:54 (8 hours ago)

to Transport, me


                                                       To

                                     The Transport Commissioner 

                                               Uttar Pradesh 

Sir


Kindly look into the issues raised in the online grievance received as attached.  Kindly intimate the Ministry as well as the complainant of the action taken.


                                                       Thank you

 

                                                                      Regards

                                                             Ramandeep Chowdhary

                                                                Deputy Secretary

                                                                  Government of India

                                                     Ministry Of Road Transport and Highways

                                                                  Room No 523

                                                                Transport Bhawan 

                                                            1, Sansad Marg, New Delhi

                                                           Phone : +91-11-23710213

With due respect, your applicant wants to draw the kind attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190012178
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
केन्द्रीय मंत्रालय के तीन पत्रों के बावजूद ट्रांसपोर्ट आयुक्त लखनऊ ने अभी तक प्रार्थी को सूचनाए क्यों नही उपलब्ध कराई ? क्या यही सुशासन है श्री मान जी प्रार्थी की शिकायत में आर.टी.. मिर्ज़ापुर की टिप्पणी कुछ इस प्रकार है इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गयी आपत्तियां मान्य नही है क्योंकि परिवहन विभाग द्वारा पारदर्शिता लाने के उद्देश्यय से इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्त‍क्षेप को पूरी तरह समाप्तह कर दिया गया है। श्री मान जी प्रार्थी का कथन कुछ इस प्रकार है १यदि हर कुछ जायज है तो आर.टी.. मिर्ज़ापुर दलालों से भरा क्यों है ऐसा क्या उस बीराने में रखा है जो की कार्यालय तो ११ बजे खुलता है किन्तु लोगो की भीड़ ८ बजे से होनी शुरू हो जाती है २श्री मान जी २०० रुपये के स्थान पर २००० की वसूली राजस्व बढाने के लिए नही की गई है बल्कि दलाली और भ्रस्टाचार बढाने के लिए की गई है ३श्री मान जी मानवीय हस्तक्षेप से जिम्मेदारी बढ़ती है किन्तु पारदर्शिता के नाम पर सारथी सारथी चिल्लाना और उसके आड़ में भ्रस्टाचार करना कहा तक जायज है श्री मान जी आर.टी.. मिर्ज़ापुर का काम समस्त इनफार्मेशन को सारथी वेबसाइट पर फीड करके आवेदन वेबसाइट के माध्यम से ही लेना नकी स्लॉट जारी करना और चरण बद्ध तरीके से वसूली करना ४यदि विभाग में ईमानदारी है तो समस्त ड्राइविंग लाइसेंसों को निर्वाचन कार्ड की तरह ऑनलाइन कर दे तथा उनकी वैलिडिटी वेबसाइट पर डिस्प्ले हो यहा तो हर इनफार्मेशन रहस्मयी तरीके से आर.टी.. मिर्ज़ापुर के कब्जे में है जिसके साथ जो चाहे वह छेड़ छाड़ करे कौन बोलने वाला है ५सरकार का बाहुबली आधार कार्ड भी इसमें कोई रोल नही अदा कर रहा है क्यों की सरकार नही चाहती है की भर्स्ट इकॉनमी पर रोक लगे ६श्री मान जी बैकलॉग को टाइमली बनाना सिर्फ स्लॉट में मामूली तिथि में फेर बदल करना पड़ता है किन्तु यह फेर बदल दलाल करा सकता है या स्टाफ हमारे जैसे लोगो को तो नियम का पाठ पढ़ाया जाता जिसमे खुद आर.टी.. महोदय की जबान लडखडाती रहती है ७श्री मान जी १०० रुपये है ड्राइविंग लाइसेंस का लेट पेमेंट फीस लेकिन २००० रुपये की वसूली किस तरह जायज है श्री मान जी यदि कोई ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेन्स के लिए आवेदन कर ही नही सकता केवल कुछ साइबर कैफे जिनको विभाग का बरद हस्त प्राप्त है वही ऑनलाइन आवेदन कर सकते है तो इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या हो सकता है इससे तो विभाग की क्रेडिबिलिटी ही ख़त्म हो गयी तो ट्रांसपरेंसी कैसी यह तो ठीक उसी प्रकार है जैसे गरल भरा मुख अमृत टपकाने की बात करे ८आर.टी.. मिर्ज़ापुर में पग पग पर पैसा मागा जाता है और शिकायत करने पर कोई कार्यवाही नही होती 9-It is submitted before the Hon’ble Sir that how can it be justified that the error made by the staffs of the R.T.O. Mirzapur causing mental trauma for 20 years now instead of correcting it R.T.O. Mirzapur is seeking additional Rs.200 for correction and if I opt for a change of address, then more Rs.200 will be additionally charged which is genuine in his eyes. Since the website is showing internal server error if I am making efforts to pay the fee which means I will have to pay Rs. 100 to computer operator of the department. 10-It is submitted before the Hon’ble Sir that whether Rs.2000 being charged by the Yogi Aditya Nath Government at the place of Rs. 200 for the renewal of Driving license of two-wheelers is justified when already suffered a loss of Rs.350 in sending application offline for renewal of the driving license which was arbitrarily rejected by the R.T.O. Mirzapur.
नियत तिथि:
06 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 26/02/2019को फीडबैक:- श्री मान जी सहायक परिवहन अधिकारी मिर्ज़ापुर के पूर्व के रिपोर्ट और इस रिपोर्ट में क्या अंतर है | श्री मान जी उपरोक्त अधिकारी एक शुक की तरह जैसा की एक शुक को रटाया जाता है वही बार बार चिल्लाता है उसी तरह आख्या प्रस्तुत किया गया है जिनको जिनका शिकायत के विषय वस्तु से दूर दूर तक कोई सम्बन्ध नही है |उनके इस पैरा को देखे भारत सरकार के नोटिफिकेशन संख्या सा0का0नि0 1183() दिनांक 29-12-2016 द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण हेतु देय शुल्क लाइसेंस नवीनीकरण हेतु विलम्ब से प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों पर निर्धारित शुल्क के साथ देय विलम्ब शुल्क का संशोधन करते हुए पुन: निर्धारण किया गया है| श्री मान जी उपरोक्त अधिसूचना की जिसको जान बूझ कर गलत ढंग से व्याख्या किया गया या उस व्यक्ति को कुछ आता ही नही था नक़ल करके पास हुआ है उसी ने उसकी व्याख्या किया है इसी लिए प्रार्थी ने सेंट्रल मिनिस्ट्री से सूचना मागा किन्तु अवैध वसूली आपके अधीनस्थ विभाग द्वारा हो रही है इसलिए उन्होंने जनसूचना अधिकार २००५ उपधारा धारा के अंतर्गत आप के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर लखनऊ को अंतरित कर दिया गया | जिस प्रकार सुनियोजित तरीके से केन्द्रीय मंत्रालय पत्रों नजरंदाज करके बार बार हमारे पत्रों को सहायक परिवहन अधिकारी मिर्ज़ापुर को भेजा जा रहा है और वह बिना पढ़े ही उनकी ओर से तोते की तरह रटा रटाया जवाब लगाया जा रहा है उससे तो यही सिद्ध होता है की आप लोगो की मनसा इस भ्रस्टाचार के गंभीर प्रकरण को जो की काली कमाई का जरिया है उपरी तौर पर ही निपटा देना चाहते है | यदि आप नियम की बात करते है तो सहायक परिवहन अधिकारी मिर्ज़ापुर कहना सही है की इस मामले को वे लोग समझे जिन्होंने इसकी गलत व्याख्या की है वे क्यों इस पचड़े में पड़े | प्रार्थी ने खुद इस सम्बन्ध में सलाह दिया था प्रकरण में विधि विभाग से परामर्श किया जाय यदि कुछ समझ में रहा हो तो | किन्तु इतने बड़े आय के स्रोत को कोई क्यों बंद कर दे | ऐसा प्रतीत हो रहा है की इस प्रकरण जो की गंभीर वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है आप लोग संसदीय चुनाव तक खीचने की ताक में है | मै नही चाहता हू की सरकार की किरकिरी हो लेकिन कुछ लोग चाहते है तो होने दीजिए | झूठ कितना ही ताकतवर क्यों हो उसे सच के समक्ष परास्त होना ही पड़ता है | भगवान राम के राज्य में एक कुत्ता न्याय के लिए आया | कुत्ते ने कहा मुझे इन ब्राह्मण भिखारी ने पत्थर से सिर पे मारा भगवान ने पूछा आप ने क्यों मारा भिखारी ने जवाब दिया सुबह से मै भूखा था कुछ मिला नही इसलिए क्रोध बस बीच रास्ते में कुत्ते को देख कर प्रहार कर दिया | भगवान ने कुत्ते से पूछा बताइए आप ही, क्यों की आप के अपराधी है इनको क्या दंड दिया जाय तो कुत्ते ने कहा इनको कालिंजर मठ का मठाधीश बना दिया जाय सब आश्चर्यचकित रह गये भिखारी खुश हो गया किन्तु मठाधीश महोदय के जाने के बाद भगवान ने कुत्ते से पूछा आपने पत्थर मारने वाले को इतना आलीशान जीवन क्यों दिया तो कुत्ते ने कहा मै भी पूर्व जन्म इसी मठ का मठाधीश था जब मै ज्ञानी होते हुए भी भोग विलाश में इतना लिप्त हुआ की मुझे कुत्ते की योनि मिली तो इन ब्राह्मण महोदय जो की अजितेन्द्रिय है थोड़े से भूख को बर्दास्त नही कर सके पता नही किस निकृष्ट योनि में जन्म होगा | हम गरीबो को परेशान करके इतना धन इकट्ठा करके क्या करेंगे | धन कभी आत्मिक शांति नही दे सकता |
फीडबैक की स्थिति:
मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 06/03/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
04 – Feb – 2019
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
23/02/2019
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
05 – Feb – 2019
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारीमिर्ज़ापुर,परिवहन विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
23/02/2019
भारत सरकार के नोटिफिकेशन संख्या सा0का0नि0 1183() दिनांक 29-12-2016 द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण हेतु देय शुल्क लाइसेंस नवीनीकरण हेतु विलम्ब से प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों पर निर्धारित शुल्क के साथ देय विलम्ब शुल्क का संशोधन करते हुए पुन: निर्धारण किया गया है जिसके अनुरूप परिवहन विभाग द्वारा फीस एवं विलम्ब शुल्क जमा कराया जा रहा है। वर्तमान समय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने एवं नवीनीकरण हेतु आन लाइन फार्म भरने फीस जमा करने की व्यवस्था लागू है। उक्त नोटिफिकेशन द्वारा लागू दरों के अनुरूप सारथी सिस्ट्म में मुख्यालय स्तर से एकीकृत बनायी गयी है जिसमें जनपद स्तर पर कोई संशोधन या फेरबदल नही‍ किया जा सकता है। ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण हेतु लाइसेंस समाप्ति के एक माह पूर्व या पश्चात तक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर कोई विलम्ब शुल्क देय नही होता है। अत: डीएल नवीनीकरण शुल्क आनॅलाइन के माध्यम से जमा कर, वांछित तिथि (स्लाट बुकिंग करने के पश्चात) को कार्यालय में उपस्थि‍त होकर बायोमैट्रिक करायें ताकि अग्रिम कार्यवाही की जा सके। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गयी आपत्तियां मान्य नही है क्योंकि परिवहन विभाग द्वारा पारदर्शिता लाने के उद्देश्यय से इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेयप को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
निस्तारित
2-It is submitted before the Hon’ble Sir that
The response of the RTO Mirzapur is not consistent with the submissions of the submitted grievance so it is not acceptable to the applicant. It can be accepted only by the corrupt public functionaries. Here this question arises that why transport commissioner Lucknow did not provide the sought information to the applicant under the right to Information Act 2005 which was the obligatory duty of the transport commissioner. Central transport ministry sent three letters under subsection 3 of section 6 of Right to Information Act 2005 but transport commissioner did not think it appropriate to provide information to the applicant. Every one knows that RTO Mirzapur extorts one crore per day from overloaded trucks so there is rampant corruption in the office and they have blessing of senior rank staffs. Why the applicant may accept the corrupt and illegal demand of the RTO Mirzapur. My job is to struggle against the rampant corruption in the various department of the government. Absurd reply
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that
Who removed the C.C. T.V. Camera from the site where illegal gratification was being taken by the corrupt staffs of the government? If the F.I.R. was lodged, then why the applicant was not informed? During the telephonic conversation R.T.O. accepted that C.C. T.V. Camera was removed from the site but he said that it is not the job of his department? Whether the government of Uttar Pradesh has ordered any enquiry in such a huge scandal please inform applicant under article 51 A of the constitution of India if overlooking why? Why the transport commissioner did not provide the sought information even after the direction of the central ministry? Why not property of every R.T.O. is checked by the state agency as most of the R.T.O. is like few one targeted by state agency to wreak vengeance? 
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is the need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         
                                                                                                Yours sincerely
Date-09-03-2019                                            Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001

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Yogi
1 year ago

Who removed the C.C. T.V. Camera from the site where illegal gratification was being taken by the corrupt staffs of the government? If the F.I.R. was lodged, then why the applicant was not informed? During the telephonic conversation R.T.O. accepted that C.C. T.V. Camera was removed from the site but he said that it is not the job of his department? Whether the government of Uttar Pradesh has ordered any enquiry in such a huge scandal please inform applicant under article 51 A of the constitution of India if overlooking why?

Beerbhadra Singh
1 year ago

Here significant question is that who removed the closed circuit camera from the place where illegal bribe was being taken from the truck operators overloaded with sand and bolders. Why was the first information report was not lodged by the police concerned? Think about the gravity of situation that Regional Transport Office Mirzapur charges 3000 rupees driving licence of scooter and most surprising thing is that driving licence fees for two wheeler is 200 rupees only which is explicitly showing that concern staff are charging 15 x the actual fee find the two wheeler..

Preeti Singh
1 year ago

फीडबैक की स्थिति: मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 06/03/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है|
How the act of public authority is justified if it is charging Rs.3000 at the place of Rs.200 quite obvious from the raised matter? It is well known fact that there is parallel one crore per day income of the R.T.O. Mirzapur from the illegal plying vehicles.