Why DPRO Mirzapur is being shielded by concerned functionaries accountable in case of corruption?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
15199170362573
आवेदक कर्ता का नाम:
महेश प्रताप सिंह
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,0
विषय:
एफ आई आर दर्ज कराये जाने के संबंध में।
नियत तिथि:
20 – Oct – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 17/10/2017को फीडबैक:- Whether D.P.R.O. Mirzapur can be authorized to inquire allegations of corruption made against him by your applicant? Whether such act of public functionaries accountable is not against the principle of natural justice?  1-It is submitted before the Honble Sir that please take a glance of the viewpoint of the Ministry of Panchayati Raj, Government of India in the same matter as  This grievance does not pertain to this department. It is requested that it may be taken up with M/o Rural Development or concerned authority. Here this question arises that who is the concerned authority? The answer is quite simple -Government of Uttar Pradesh.Most surprising fact is that accountable public functionaries in the state itself not interested to look into such serious issue concerned with serious allegations of corruption.   2-It is submitted before the Honble Sir that please take a glance of the viewpoint of the Ministry of Rural Development, Government of India in the same matter as follows-यह शिकायत होकर सुझाव है जो मनरेगा योजना के अन्तर्गत आनेवाले अधिनियम से मेल नहीं खाता है, अतः विचार नहीं किया जा सकता| Your applicant is openly asking for stringent action against wrongdoers but staffs of Ministry of Rural Development, Government of India instead of taking any action took the recourse of immature trick as stated aforementioned. Such narrow views are causing not only great blockage for development but immense helpful in promoting corruption in the system. 
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
रिग्जियान सैम्फिल(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )
24 – May – 2017
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव पंचायती राज विभाग
कृपया नियमानुसार कार्यवाही की अपेक्षा की गयी है। 
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (पंचायती राज विभाग )
21 – Sep – 2017
निदेशक पंचायती राज
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित
3
अंतरित
निदेशक (पंचायती राज )
21 – Sep – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें 
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित
4
आख्या
जिलाधिकारी ( )
21 – Sep – 2017
जिला पंचायत राज अधिकारीमिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें refer to attach letter
13 – Oct – 2017
refer to attach letter

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Hon’ble Sir that please take a glance of the viewpoint of the Ministry of Rural Development, Government of India in the same matter as follows-यह शिकायत न होकर सुझाव है जो मनरेगा योजना के अन्तर्गत आनेवाले अधिनियम से मेल नहीं खाता है, अतः विचार नहीं किया जा सकता| Your applicant is openly asking for stringent action against wrongdoers but staffs of Ministry of Rural Development, Government of India instead of taking any action took the recourse of immature trick as stated aforementioned. Such narrow views are causing not only great blockage for development but immense helpful in promoting corruption in the system.

Preeti Singh
3 years ago

फीडबैक की स्थिति: फीडबैक विचाराधीन
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित रिग्जियान सैम्फिल(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय ) 24 – May – 2017 अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -पंचायती राज विभाग कृपया नियमानुसार कार्यवाही की अपेक्षा की गयी है। 13 – Oct – 2017 refer to attach letter निस्तारित
2 अंतरित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (पंचायती राज विभाग ) 21 – Sep – 2017 निदेशक -पंचायती राज आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें 13 – Oct – 2017 refer to attach letter निस्तारित
3 अंतरित निदेशक (पंचायती राज ) 21 – Sep – 2017 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें 13 – Oct – 2017 refer to attach letter निस्तारित
4 आख्या जिलाधिकारी ( ) 21 – Sep – 2017 जिला पंचायत राज अधिकारी-मिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें refer to attach letter 13 – Oct – 2017 refer to attach letter

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक विचाराधीन
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स.
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
रिग्जियान सैम्फिल(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )
24 – May – 2017
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -पंचायती राज विभाग
कृपया नियमानुसार कार्यवाही की अपेक्षा की गयी है। 
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित

2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (पंचायती राज विभाग )
21 – Sep – 2017
निदेशक -पंचायती राज
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित

3
अंतरित
निदेशक (पंचायती राज )
21 – Sep – 2017
जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर,
कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करें 
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित

4
आख्या
जिलाधिकारी ( )
21 – Sep – 2017
जिला पंचायत राज अधिकारी-मिर्ज़ापुर,पंचायती राज विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें refer to attach letter
13 – Oct – 2017
refer to attach letter
निस्तारित

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
7 months ago

The need of the hour is to take action against the wrongdoer staff of the government because corruption is rampant in the government machinery which can be curb only if there may be fear of the penal action in the mind of wrongdoer staffs of U.P, Government.

God Man
God Man
21 days ago

How can they redress the grievance if they are inefficient and unqualified to understand the contents of the submitted grievance which is quite obvious from the report submitted by them? Everyone knows that there is rampant corruption in the recruitment process of the Government of Uttar Pradesh and time and again it was exposed by public spirited people but no action is taken by the accountable public functionaries.