Whether this is good governance of Akhilesh Yadav.or sheer anarchy.


Why the police of Government of Uttar Prdesh itself playing the role of criminals ipsofacto obvious from the news stories. THE RIGHT TO ACCESS TO JUSTICE: Access to justice refers to the ability of people to
seek and obtain a remedy through formal or informal institutions of justice,
and in conformity with human rights standards
Access to justice intersects with human rights in a number of
ways. First, it is itself a fundamental human right as set out in Article 8 of
the Universal Declaration of Human Rights: “Everyone has the right to an
effective remedy by the competent national tribunals for acts violating the
fundamental rights granted him by the constitution or by law.”
 A fair and efficient system for providing
justice is crucial to the proper functioning of society. Not only does it hold
individuals, including state officials, accountable for their actions, but it
also sets norms of behaviour for other citizens. This system must be available
to the most disadvantaged. When Inspector General rank police personnel is
frustrated in lodging F.I.R. ,then think about common people of state. Whether
the system of Government of Uttar Pradesh can be considered fair and efficient
system. Here state officials are accountable for their actions , then why
action is not being taken against those not lodging the F.I.R. On the plea of
senior cop.
शव छीन, यमुना में फेंका
हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन से शव छीन यमुना में फेंक दिया। हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन पर पुलिस ने हमला बोल दिया। 
पुलिस ने जोरदार लाठीचार्ज कर परिवारीजनों को खदेड़ दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने माता पिता से मृत छात्रा का शव छीन लिया और यमुना में फेंक दिया। परिवारीजन छात्रा के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन वे नहीं पसीजे। पुलिस के इस रवैये से लोगों से आक्रोश है। थाना बिवांर कस्बे में शनिवार को रात भर बवाल चलता रहा।
आगजनी, पथराव और फायरिंग के बाद भारी पुलिस बल जाम स्थल पर पहुंचा और लाठियां भांजना शुरू कर दीं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने रात में जामस्थल से उठाकर लाए गए छात्रा के शव को माता पिता की मर्जी के बिना यमुना नदी में फेंक दिया। 
मंत्री के दखल के बाद रिहा हुए परिजन
साथ ही परिजन हंगामा करें इसलिए उन्हें बंधक बनाकर गुप्त स्थान पर रखा। रविवार को केंद्रीय मंत्री के पहुंचने पर उन्हें रिहा किया गया। मृत छात्रा के माता पिता के सामने आने पर पुलिस की यह असलियत उजागर हुई। 
उधर, गोली लगने से मरे रोहित पांडेय के परिजनों ने जब रात में शव का पोस्टमार्टम कराने का दबाव बनाया तो उन्हें समझाबुझाकर सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी कर लिया। रविवार सुबह केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और उन्होंने एएसपी आदित्य प्रकाश वर्मा से घटना की जानकारी ली। साथ ही छात्रा के शव और उनके परिजनों के गायब करने पर सवाल उठाए। 
काफी देर तक गोलमोल जवाब देने के बाद आखिरकार पुलिस को मृतका के परिजनों को सामने लाना पड़ा। केंद्रीय मंत्री को देख छात्रा के पिता राजकुमार फफक कर रो पड़े। पुलिस पर मारपीट कर बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया और उनकी गैरमौजूदगी में शव को यमुना नदी में फेंकने की जानकारी दी। इस घटना से जहां लोगों में आक्रोश है वहीं राजनीतिक दलों में भी हलचल मच गई है।
कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट ने नदियों में शवों को बहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद रविवार को प्रभारी आईजी जोन भगवान स्वरूप, मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी की मौजूदगी में पुलिस की गोली से मरने वाले रोहित पांडेय का यमुना नदी में जल प्रवाह कर दिया गया। 
प्रभारी आईजी से इस पर सवाल किया गया तो बोले कि उन्हें रोक के संबंध में जानकारी नहीं है। लोग अपनी परंपरा के अनुसार जल प्रवाह करते हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रभारी आईजी जोन भगवान स्वरूप ने बताया कि बिवांर थानाध्यक्ष गिरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। छात्रा से छेड़खानी करने वाले मुख्य आरोपी जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। 
पुलिस ने बवाल करने वाले 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं 34 को नामजद कर 900 अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं पर रिपोर्ट दर्ज की है। 
जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने बताया कि पुलिस फायरिंग में मौत का शिकार हुए युवक रोहित के परिजनों को 5 लाख घायल कल्लू उर्फ सलीम (40), जयकरन (50) पुत्र रामाधीन छात्र अनिल वर्मा (15) पुत्र निरंजन वर्मा के परिजनों को एकएक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। साथ ही घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश किए गए हैं।
बाराबंकी के असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक महिला ने अपहरण कर गैंगरेप का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत पुलिस से की है। पीड़िता ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस ने तहरीर दी है पर पुलिस ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। 
पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक विवाहिता ने रविवार शाम पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि उसका पति देहरादून में रहकर नौकरी करता है और वह अपने दो बच्चों के साथ गांव में अकेले रहती है। 
महिला का आरोप है कि 24 जुलाई सुबह वह किसी काम से गांव के बाहर जा रही थी तभी गांव के ही तीन लोग उसका अपहरण कर सुनसान जगह पर बने एक घर में ले गए और फिर रात भर उसके साथ दुराचार किया।
अगले दिन पीड़िता किसी तरह से आरोपियों के चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची जिसके बाद इस बारे में ग्रामीणों महिला के ससुराल के अन्य लोगों को पता चला।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उसे पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी जिसके चलते उसने दो दिन बाद रविवार को मामले की शिकायत पुलिस से की है। 
थानाध्यक्ष असंद्रा रामजी यादव का कहना है कि महिला द्वारा अभी उन्हें कोई तहरीर नहीं दी गई है। कहा पुलिस ने जो जांच पड़ताल की है उससे मामला संदिग्ध लग रहा है।
इलाहाबाद के बहरिया में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा को शुक्रवार आधी रात घर में सोते वक्त तीन युवकों ने दबोचा और खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। छात्रा की चीख सुनकर उसके चचेरे भाई ने आकर शोर मचाया तो युवक भाग गए।
वहां गांव वाले जुट गए। शनिवार सुबह छात्रा की मां उसे बहरिया थाने ले गई तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित छात्रा को मेडिकल टेस्ट के लिए महिला हॉस्पिटल भेजा गया।
15 वर्षीय छात्रा सरिता (नाम काल्पनिक) की मां शुक्रवार को अपनी बहन के यहां गई थी। घर में सरिता ही पिता के साथ थी। रात में पिता घर के बाहर सोए जबकि वह अंदर थी। आरोप है कि आधी रात बाद करीब एक बजे किसी तरह हाथ डाल कुंडी खोलकर पड़ोस के रवि, बलवंत, सुनील कमरे में घुसे और सरिता को दबोच लिया।

2 comments on Whether this is good governance of Akhilesh Yadav.or sheer anarchy.

  1. हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन से शव छीन यमुना में फेंक दिया। हमीरपुर में छेड़छाड़ से आहत छात्रा के सुसाइड के बाद शव सड़क पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे परिजन पर पुलिस ने हमला बोल दिया।

    पुलिस ने जोरदार लाठीचार्ज कर परिवारीजनों को खदेड़ दिया। इतना ही नहीं, पुलिस ने माता पिता से मृत छात्रा का शव छीन लिया और यमुना में फेंक दिया। परिवारीजन छात्रा के अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से गिड़गिड़ाते रहे लेकिन वे नहीं पसीजे। पुलिस के इस रवैये से लोगों से आक्रोश है। थाना बिवांर कस्बे में शनिवार को रात भर बवाल चलता रहा।

  2. This is most terrific face of Uttar Pradesh police. This is consequent rampant corruption in the police department. Why government of Uttar Pradesh is not taking action against wrongdoers is itself a question before citizenry which will be replied by citizenry during election.

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