Whether sought information would be made available to aggrieved information seeker

Whether sought information would be made available to aggrieved information seeker within time as prescribed under subsection 1 of section 7 of Right to Information Act 2005.

  

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

<yogimpsingh@gmail.com>

AttachmentWed, May 27, 2015 at 10:48 PM
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, “hgovup@up.nic.in” <hgovup@up.nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, csup <csup@up.nic.in>
If existing rules
may be followed ,then there is no need to formulate new laws. Whether the rules
and regulations are taken seriously in this anarchy.
27 May
2015
22:09
Hon’ble Sir matter is concerned with the House and land
grabbing case in Mirzapur district concerned with the Thana-Jigna .
Victim Rajendra Kumar Singh sought the point-wise information
from S.P. Office Mirzapur which would be furnished by additional S. P. City who
is the Public Information Officer of S.P. Office Mirzapur.
With due respect your applicant wants to draw the kind attention
of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.
1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
Officer name
:
Shri
Jawahar Lal
Officer Designation
:
Deputy
Secretary
Contact Address
:
Chief
Minister Secretariat
U.P.
Secretariat,
Lucknow226001
Contact Number
:
05222215137
Grievance Description
:
प्रार्थना पत्र धारा () जन सूचना अधिकार २००५ के अंतरगत सेवा में पुलिस अधीक्षक जनपदमिर्ज़ापुर ,उत्तर प्रदेश विषयश्री मान जी प्रार्थी द्वारा दिनांक ०७/०४/२०१५ को श्री मान जी की सेवा में तथा उसी तिथि को जिला मजिस्ट्रेट को प्रस्तुत पत्र जो की श्री मान जी के कार्यालय द्वारा थाना जिगना के बजाय थाना विन्ध्याचल को भेज दिया गया उसके सम्बन्ध में प्रार्थी जन सूचना अधिकार के अंतर्गत सूचना चाहता है श्री मान जी अपने जन सूचना अधिकारी को आदेश दे कि वे बताये की श्री मान जी प्रार्थी को बताये की उपरोक्त पत्र किस तिथि को थाना विन्ध्याचल द्वारा वापस किया गया और किस तिथि को थाना जिगना को नियमानुसार कार्यवाही हेतु भेजा गया श्री मान जी प्रार्थी को बताये की जिगना थाने के किस उपनिरीक्षक को जाँच की जिम्मेदारी सौपी गयी हैं श्री मान जी बताये की जिगना पुलिस द्वारा मामले की जांच कब तक ख़त्म कर ली जायेगी श्री मान जी क्या जिगना पुलिस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर लिया हैं श्री मान जी प्रार्थी को प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराये जो की प्रार्थी को नियमानुसार उपलब्ध करना चाहिए श्री मान जी यदि जिगना पुलिस द्वारा जांच समाप्त कर ली गयी हो तो जांच रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराये जिससे नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित हो सके श्री मान जी प्रार्थी को उपरोक्त सूचना जन सूचना अधिकार की धारा () में निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब दे आप का राजेंद्र कुमार सिंह ग्रामकोठरा कंतित , पोस्ट श्री निवास धाम ,जिला मिर्ज़ापुर ,उत्तर प्रदेश पत्र के साथ २० रुपये का पोस्टल आर्डर संलग्न है जिसका सीरियल ….. ………. ………… है जिसे कोई भी स्टाफ जिसे पुलिस अधीक्षक मिर्ज़ापुर अधिकृत किया हो जैसे लेखाधिकारी या लेखाकार या अन्य कोई भुना सकता हैं नोट पत्र के साथ पुलिस अधीक्षक जिला मजिस्ट्रेट को दिए गए पत्र स्मरण पत्र की प्रतिया संलग्न हैं स्मरण पत्र प्रार्थी के पत्र दिनांक ०७/०४/२०१५ के सन्दर्भ में थानाध्यक्ष जिगना ने १९/०४/२०१५ दूसरी बार शिकायत पत्र लेने से मना कर दिया सेवा में जिला मजिस्ट्रेट जनपदमिर्ज़ापुर , उत्तर प्रदेश , भारत विषयश्री मान जी को ज्ञात हो की शिव कुमार सिंह और उनके साथियों ने प्रार्थी की जमीन और मकान पर जबरदस्ती कब्ज़ा कर लिया हैं श्री मान जी पूर्व में पूर्व में दिनांक ०७/०४/२०१५ को प्रस्तुत पत्र का पुनः अवलोकन करे और प्रार्थी को अविलम्ब न्याय की अपेक्षा हैं महोदयआप को ज्ञात हो की प्रार्थी पीणित विजय नारायण सिंह का पुत्र राजेंद्र कुमार सिंह हैं जिसका जमीन और मकान शिव कुमार सिंह और साथियों द्वारा जबरदस्ती कब्जा किया गया हैं जिगना थाने को मामले की सूचना दिया गया लेकिन सम्बंधित स्टाफ सिर्फ टाल मटोल कर रहा हैं श्री मान जी पत्र के साथ जिम्मेदार लोकाधिकारिओं को दिए गए पत्र की प्रतिलिपिया हैं जिनका परिशीलन के उपरांत नियमानुसार आदेश पारित करे जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी का आभारी रहेगा प्रार्थी तारीख -22/04/2015 राजेंद्र कुमार सिंह पुत्र विजय नारायण सिंह, ग्रामकोठरा कंतित ,पोस्ट आफिस श्री निवास धाम ,जिलामिर्ज़ापुर ,उत्तर प्रदेश ,भारत नोटकृपया संलग्नको का अवलोकन करे जो की ११ पन्नो में पत्र के साथ संलग्न हैं नोटमामला जमीन और मकान पर कब्जा से सम्बंधित हैं अतः गंभीरता से ले और प्रार्थी को न्याय दिलाए
Current Status
:
RECEIVED THE GRIEVANCE
2-It is submitted before the Hon’ble Sir that aggrieved Rajendra Kumar Singh and his
family running from 21/Dec/2014 from one quarter to another quarter and knocked
the door of various accountable public functionaries of Government of Uttar
Pradesh as well as Government of India. Still grabbers didn’t left his land and
house.
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that in the name of
registry ,he has paid the tax to Goverment of India and in 18 years he made two
rooms in the purchased land and planted trees of mangoes which now grown up.
One day few muscle men came and said that you may take away your animals from
this piece of land and locked the two rooms in which grain and fodder were
kept. Whether this is not anarchy. Whether any one is safe and his belongings
are safe. Instead of formulating laws existing laws may be followed.
                            
This is humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that
It can never be justified to overlook  the rights of citizenry by
delivering services in arbitrary manner by floating all set up norms. This is
sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap benefit of
loopholes in system and depriving poor citizens from right to justice.
Therefore it is need of hour to take concrete steps in order to curb grown
anarchy in the system. For this your applicant shall ever pray you Hon’ble Sir.
                 
         ‘Yours  sincerely
                 
          Yogi M. P. Singh

Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road District-Mirzapur , Uttar
Pradesh ,India .


R.T.I. Communique to PIO S.P. office Mirzapur..pdf
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2 comments on Whether sought information would be made available to aggrieved information seeker

  1. It is submitted before the Hon'ble Sir that in the name of registry ,he has paid the tax to Goverment of India and in 18 years he made two rooms in the purchased land and planted trees of mangoes which now grown up. One day few muscle men came and said that you may take away your animals from this piece of land and locked the two rooms in which grain and fodder were kept. Whether this is not anarchy. Whether any one is safe and his belongings are safe. Instead of formulating laws existing laws may be followed.

  2. It has been common practice in this largest state of this vast democracy in the world that instead of redressing the grievances, they issue the press release showing they too much serious about the sufferings of common people. But actully they don't take action on the submitted griences of common people.

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