Whether samajwadi party can perform well in the absence of youth icon ,constructive dynamic leader.

अखिलेश
यादव एक निष्कलंक लोकप्रिय और रचनात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति
, जिसने
समाजवादी पार्टी को अपने आधुनिक सोच
से
रुढ़िवादी सोच से उबार कर एक नई दिशा दी ,

युवाओं को समाजवादी पार्टी में बहुत
बड़े स्तर पर
जोड़ा किन्तु स्वार्थी लोगो के गठजोड़ ने इस महायोद्धा को भी कमजोर कर दिया |
25
October 2016
13:05
माननीय मुलायम सिंह जी जो की लोहिया जी के बाद
समाजवाद के पुरोधा रहे है आज खुद समाज वाद के इतने बड़े दुश्मन कैसे बन रहे है
ध्यान रहे इतिहास कभी किसी को माफ नही करता है यह सच है की युवाओं के हित में
जितने कार्य मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया है वह किसी ने नही किया सभी ने सिर्फ
युवाओं को गुमराह किया और काम हो जाने के उपरांत फेक दिया
|
शासन
में पारदर्शिता के लिए जो प्रयास अखिलेश द्वारा किये गये वे अद्वितीय थे लोगो की
समस्याओं के निराकरण के लिए जिस वैज्ञानिक सोच से उन्होंने काम किया है वे सभी
दुसरे मुख्यमंत्रियों के लिए अनुकरणीय रहेगे | अगर आज युवा सपा की ओर आकृष्ट है तो
वह अखिलेश यादव की वजह से है |
सपा
सरकार में जो आराजकता रही है उसके लिए वही जिम्मेदार है जो आज खुद अपने युवा
मुख्यमंत्री को किनारे करने में लगे है सब बड़ी बात तो यह है की वह उसी ब्रिक्ष को
काट रहे है जिसकी छाया में जी रहे है | माननीय मुलायम सिंह जी अब जिंदगी के उस
मुकाम पे है जहा से पार्टी का सञ्चालन संभव नही है प्रश्न यह है की पार्टी संचालन
का दायित्व कौन लेगा |कोई भी पार्टी लालची और स्वार्थी लोगो की मदद से उचाई को
बुलंदिया  नही छूती |

लेखक
खुद समाजवादी विचारधारा से ओत प्रोत और समाजवादी पार्टी का एक दसक पहले कैडेट्स
हुआ करता था और पार्टी की सक्रियता त्याग कर स्वतंत्र रूप से एक समाजवादी की तरह
जनता की सेवा करना उसका लक्ष्य है | कष्ट की बात है की निहित स्वार्थ और लालच के
कारण प्रदेश में जो अनिश्चितता का वातावरण पैदा किया जा रहा है वह सभी के लिए
दुखदायी है |

3 comments on Whether samajwadi party can perform well in the absence of youth icon ,constructive dynamic leader.

  1. सपा सरकार में जो आराजकता रही है उसके लिए वही जिम्मेदार है जो आज खुद अपने युवा मुख्यमंत्री को किनारे करने में लगे है सब बड़ी बात तो यह है की वह उसी ब्रिक्ष को काट रहे है जिसकी छाया में जी रहे है | माननीय मुलायम सिंह जी अब जिंदगी के उस मुकाम पे है जहा से पार्टी का सञ्चालन संभव नही है प्रश्न यह है की पार्टी संचालन का दायित्व कौन लेगा |

  2. It is not easy task to struggle against corruption in this anarchy where greed and selfish nature is rampant in our society.Undoubtedly the confidence of the people from samajwadi party is shaking as it has no regard for those leaders who are public spirited. Mistreatment with his leaders public can't tolerate.

  3. When some one indulges in wrongdoing and think that he is so clever that he concealed his wrongdoing from others but he does not know he himself is the witness of his wrongdoing. Whether a nation can progress where individual interest is dominant over national interest.

Leave a Reply

%d bloggers like this: