Whether old age pension is reaching to poor old people or flowing into the pockets of corrupts?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918000316
आवेदक कर्ता का नाम:
Nisha
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8687094297,8687094297
विषय:
According
to report of Lekhpal annual income of the applicant is Rs59000 but according
to social welfare officer, this income must be Rs56460 which means Rs2540
greater than the fixed limit
श्री मान
जी लेखपाल महोदय मुझ मृत्यु की कगार पर खड़ी बुजुर्ग की आय को ५९००० बता कर क्या
भद्दा मजाक नही किया जो अपना शरीर नही सभाल सकता है वह ५९ हजार सालाना कैसे कमा
सकता है
| श्री मान जी अटल जी के सरकार में बुजुर्गो की स्थिति
बहुत बहस हुई यह भी कहा गया की लड़के तो अपने बुजुर्ग माता पिता का ख्याल करते
नही इसलिए उनको बृद्धा पेंशन मिलना ही चाहिए और उन्होंने बृद्धा पेंशन की राशि
भी बढ़ा दी और आज जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार केंद्र और राज्य दोनों में है
तो लेखपाल जिसका काम जमीन की पैमाइश करना है तहसील में बैठ कर लोगो की आय तय कर
देता है
| श्री मान जी जो सरकारी सेवारत है अर्थात जिनका आय
रुपया
250000 से ऊपर है उनको बृद्धा बहुत आसानी से मिलता है बहुत
विरोध होने के बाद कभी कभी किसी का कट जाता है कभी वह भी नही कटता है
| Most revered Sir –Your applicant invites the
kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions as
follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय सदर किस आधार पर
प्रार्थी की आय दिनांक १८११२०१७ को रूपया ५९ हजार वार्षिक थी और दिनांक १५१२२०१७
को रुपया ६० हजार वार्षिक था
| श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय क्या उन मानको की
ब्याख्या जनहित में जनता के समक्ष लायेंगे

|
श्री मान जी प्रमाण के तौर पर दोनों
आय प्रमाण पत्र की स्कैन कापी संलग्न है

| 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी शिवम् वर्मा मेरा पोता है उसकी आय ४२०००
रुपये वार्षिक है यह आय प्रमाण पत्र १७०६२०१५ को सदर तहसील मिर्ज़ापुर द्वारा
जारी किया गया
| चू कि उपजिलाधिकारी महोदय और उनका स्टाफ महगाई के
आधार पर आय प्रमाण पत्र जारी करते है इसलिए क्या उनके अनुसार दो वर्षो में महगाई
क्या ४४ प्रतिशत बढ़ गई या तहसील का कमीशन बढ़ गया
| कृपया आय प्रमाण पत्र के
स्कैन कॉपी का अवलोकन करे जो पीडीऍफ़ डाक्यूमेंट्स के साथ संलग्न है
| 3-It is submitted before the Hon’ble Sir that राशन कार्ड के अनुसार परिवार का वार्षिक आय ३८ हजार
वार्षिक है किन्तु मुझ बृद्धा से क्यों उपजिलाधिकारी महोदय खार खाए हुए है की
ऐसा आय प्रमाण पत्र बना रहे है की मुझे इस जीवन में लगता है कभी बृद्धा पेंशन
नसीब नही होगा
| This is sheer
mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap the benefit of
loopholes in the system and depriving poor citizens of the right to justice
Therefore it is need of the hour to take concrete steps in order to curb
grown anarchy in the system For this, your applicant shall ever pray you,
Honble Sir Yours sincerely Nisha WO Late Hori Lal, House no20, the resident
of Upadhyay ki Pokhari, Ward-Chaubey tola, Mirzapur city, District-Mirzapur,
Pincode-231001, Uttar Pradesh, India
नियत तिथि:
21 – Jan – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 18/01/2018को फीडबैक:-
 
श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय
सदर किस आधार पर प्रार्थी की आय दिनांक १८
नवम्बर२०१७ को रूपया ५९ हजार वार्षिक थी और दिनांक १५दिसम्बर२०१७ को
रुपया ६० हजार वार्षिक थी
| श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय क्या उन मानको की
ब्याख्या जनहित में जनता के समक्ष लायेंगे

|
श्री मान जी प्रमाण के तौर पर दोनों
आय प्रमाण पत्र की स्कैन कापी संलग्न है

|
श्री मान जी 14 – Jan – 2018 तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र
हैं तथा प्राइवेट नौकरी करके जीविकोपार्जन करते हैं
|प्रार्थीनी
दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के आधार पर प्राथी्नी के परिवार की वार्षिक आय
उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है। जो सत्‍य है
| क्या उपजिलाधिकारी महोदय
प्रार्थिनी के दोनों पुत्रो के यहां प्रार्थिनी को देखा है और जिस समय सरकार का
नौकर मेरे घर आया था उस समय मै किस पुत्र के घर थी सच तो ये है मेरे पुत्र अपना
ही खर्च नही चला पा रहे है तो मेरा क्या खर्च चलाएंगे
| जिस
आख्या के आधार पर मेरी पात्रता संदिग्ध है वह आख्या ही मनगढ़ंत है यदि नही है तो
लेखपाल नियोक्ता का नाम बताये और मासिक वेतन भुगतान की राशि बताये
|सच यह
है जिस पुत्र के घर पर मै रहती हु वह दिहाड़ी मजदूर है
| चुकि
लेखपाल को घर बैठे ४० से पचास हजार मिल जाता है इसलिए उन्हें सच नही दिखाई पड़ता
है
| पात्र को अपात्र बनाना और अपात्र को पात्र बनाने में महारथी है | लेखपाल
खुद बताये नवम्बर में ५९ हजार वार्षिक दिसम्बर में ६० हजार वार्षिक और फिर जनवरी
में ५९ हजार वार्षिक आय का आधार क्या है

|
क्या यह मनमाना नही है | क्या
शिकायत कर्ता की शिकायत को बिना देखे ही जवाब देना उपजिलाधिकारी सदर मिर्ज़ापुर
की बहादुरी है
| क्या उनकी रिपोर्ट शिकायत के अनुसार है यदि नही तो
उनके द्वारा शासन को गुमराह करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नही की जाती है
|
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित
विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
06 – Jan – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
15 – Jan – 2018
आख्या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
07 – Jan – 2018
उप
जिलाधि‍कारी
सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार
आवश्यक कार्यवाही करें
 आख्या अपलोड है
14 – Jan – 2018
तहसीलदार सदर की
आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र हैं तथा प्राइवेट नौकरी
करके जीविकोपार्जन करते हैं। प्रार्थीनी दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के
आधार पर प्राथी्नी के परिवार की वार्षिक आय उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है।
जो सत्‍य है प्रार्थीनी के दोनों पुत्र कमाउ हैं। आय के आकलन में अनियमितता
नहीं है। प्रार्थना पत्र निक्षेपित किये जाने योग्‍य है।
निस्तारित
3
आख्या
उप जिलाधि‍कारी
(राजस्व एवं आपदा विभाग )
08 – Jan – 2018
तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं
आपदा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार
प्रश्‍नगत प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र हैं तथा प्राइवेट नौकरी करके
जीविकोपार्जन करते हैं। प्रार्थीनी दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के आधार
पर प्राथी्नी के परिवार की वार्षिक आय उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है। जो
सत्‍य है प्रार्थीनी के दोनों पुत्र कमाउ हैं। आय के आकलन में अनियमितता नहीं
है। प्रार्थना पत्र निक्षेपित किये जाने योग्‍य है।
14 – Jan – 2018
प्रश्‍नगत
प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र हैं तथा प्राइवेट नौकरी करके जीविकोपार्जन
करते हैं। प्रार्थीनी दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के आधार पर प्राथी्नी
के परिवार की वार्षिक आय उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है। जो सत्‍य है
प्रार्थीनी के दोनों पुत्र कमाउ हैं। आय के आकलन में अनियमितता नहीं है।
प्रार्थना पत्र निक्षेपित किये जाने योग्‍य है।

From
<http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=40019918000316&Emaild=yogimpsingh@gmail.com&IsOldNew=N&Type=2

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

दिनांक 18/01/2018को फीडबैक:- श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय सदर किस आधार पर प्रार्थी की आय दिनांक १८-नवम्बर- २०१७ को रूपया ५९ हजार वार्षिक थी और दिनांक १५-दिसम्बर-२०१७ को रुपया ६० हजार वार्षिक थी | श्री मान जी उपजिलाधिकारी महोदय क्या उन मानको की ब्याख्या जनहित में जनता के समक्ष लायेंगे |श्री मान जी प्रमाण के तौर पर दोनों आय प्रमाण पत्र की स्कैन कापी संलग्न है | श्री मान जी 14 – Jan – 2018 तहसीलदार सदर की आख्‍यानुसार प्रश्‍नगत प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र हैं तथा प्राइवेट नौकरी करके जीविकोपार्जन करते हैं |प्रार्थीनी दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के आधार पर प्राथी्नी के परिवार की वार्षिक आय उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है। जो सत्‍य है | क्या उपजिलाधिकारी महोदय प्रार्थिनी के दोनों पुत्रो के यहां प्रार्थिनी को देखा है और जिस समय सरकार का नौकर मेरे घर आया था उस समय मै किस पुत्र के घर थी सच तो ये है मेरे पुत्र अपना ही खर्च नही चला पा रहे है तो मेरा क्या खर्च चलाएंगे | जिस आख्या के आधार पर मेरी पात्रता संदिग्ध है वह आख्या ही मनगढ़ंत है यदि नही है तो लेखपाल नियोक्ता का नाम बताये और मासिक वेतन भुगतान की राशि बताये |सच यह है जिस पुत्र के घर पर मै रहती हु वह दिहाड़ी मजदूर है | चुकि लेखपाल को घर बैठे ४० से पचास हजार मिल जाता है इसलिए उन्हें सच नही दिखाई पड़ता है | पात्र को अपात्र बनाना और अपात्र को पात्र बनाने में महारथी है |

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

जिस पुत्र के घर पर मै रहती हु वह दिहाड़ी मजदूर है | चुकि लेखपाल को घर बैठे ४० से पचास हजार मिल जाता है इसलिए उन्हें सच नही दिखाई पड़ता है | पात्र को अपात्र बनाना और अपात्र को पात्र बनाने में महारथी है | लेखपाल खुद बताये नवम्बर में ५९ हजार वार्षिक दिसम्बर में ६० हजार वार्षिक और फिर जनवरी में ५९ हजार वार्षिक आय का आधार क्या है | क्या यह मनमाना नही है | क्या शिकायत कर्ता की शिकायत को बिना देखे ही जवाब देना उपजिलाधिकारी सदर मिर्ज़ापुर की बहादुरी है | क्या उनकी रिपोर्ट शिकायत के अनुसार है यदि नही तो उनके द्वारा शासन को गुमराह करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नही की जाती है |

Arun Pratap Singh
2 years ago

Why concerned Lekhpal is not elaborating the grounds of लेखपाल खुद बताये नवम्बर में ५९ हजार वार्षिक दिसम्बर में ६० हजार वार्षिक और फिर जनवरी में ५९ हजार वार्षिक आय का आधार क्या है |
प्रश्‍नगत प्रकरण में आवेदिका के दो पुत्र हैं तथा प्राइवेट नौकरी करके जीविकोपार्जन करते हैं। प्रार्थीनी दोनों के साथ रहती है। उपराेक्‍त के आधार पर प्राथी्नी के परिवार की वार्षिक आय उनसठ हजार रूपये जारी किया गया है। जो सत्‍य है प्रार्थीनी के दोनों पुत्र कमाउ हैं। आय के आकलन में अनियमितता नहीं है। प्रार्थना पत्र निक्षेपित किये जाने योग्‍य है।