Whether old age and widow pension are not subjected to corruption in this era of corruption?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918005580
आवेदक कर्ता का नाम:
निशा
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8176919994,8176919994
विषय:
श्री मान जी फीडबैक विचाराधीन हुए आज १७ दिन हो गये | इतने दिन में तो नये शिकायत पर आख्या जाती ये और बात है की आख्या शिकायत के विन्दुओं से संगत हो या नहो | श्री मान जी फाइनल रिपोर्ट ही मान्य होती है और फाइनल रिपोर्ट प्रार्थी की पात्रता को सिद्ध करता है और बिधि अनुसार यदि प्रार्थी पात्र है तो प्रार्थी को बृद्धा पेंशन मिलना ही चाहिए | यदि तृतीय श्रेड़ी के कर्मचारी विभागाध्यक्ष का रोल करने लगेंगे तो विभाग अध्यक्ष का रोल ही ख़त्म हो जाएगा | श्री मान जी क्या पिछड़ा वर्ग अधिकारी महोदय इस बात का स्पस्टीकरण देंगे की जब प्रार्थी का आय नियमानुसार सारी औपचारिकता को पूरी करते हुए बनाया गया तो उन्हीने क्यों लेने से इनकार किया | यदि सही स्पस्टीकरण देने में असफल रहते है तो क्या उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी | श्री मान जी २० वर्षो से जमे कर्मचारिओं की सही स्थिति शासन से छुपाने के लिए क्या समस्त समाज कल्याण अधिकारिओं को उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए बिधि सम्मत कार्यवाही की जायेगी | फीडबैक दिनांक 28022018को फीडबैकश्री मान जी इस प्रार्थी का सामना रियाज जी से पड़ा है कितनी सरकारे बदली कितने अधिकारी बदले किन्तु बीसों साल से रियाज जी का स्थानांतरण कौन कहे पटल तक नही बदला | श्री मान जी माननीय उच्च नयायालय आठ वर्षो से ज्यादा किसी को एक ही स्थान पर बने रहने के खिलाफ है और मौजूदा सरकार तो पांच साल से एक ही स्थान पर जमे लोगो को हटा रही है किन्तु रियाज जी के रसूख के सरकार द्वारा बनाए हए हर नियम कानून फ़ैल है | श्री मान जी रियाज जी अच्छे ढंग से जानते है की प्रार्थी नियमानुसार तहसीलदार द्वारा जारी संशोधित आय प्रमाण पत्र की बात कर रहा है जो उनके स्टाफ द्वारा स्थलीय निरीक्षण के उपरांत बनाई गयी है और प्रमाण पत्र ब्रिद्धावस्था पेंशन के लिए जारी मानको के अनुसार है चू कि प्रार्थी का पुत्र दिहाड़ी मजदूर है किन्तु भ्रम बस तहसील कर्मचारी ने उसको निजी क्षेत्र में नौकर समझ लिया इसलिए शासन के हस्तक्षेप के पश्चात पुनर गहनता से छानबीन की गयी तदनुसार नयी आय प्रमाण पत्र जारी किया गया जो मानको के अनुसार है और उसको प्रार्थी का पोता कई बार रियाज जी को देने गया किन्तु रियाज जी ने कहा की वह कट्टर मुसलमान है जो ठान लिए उसे कर के रहते है जो अभी तक कह रहे थे की नया आय प्रमाण पत्र लाओ कर देंगे तुरंत आवेदन को कैंसिल करके हार्ड कॉपी थमा दिए और यह भी कहे की एक मिनट भी रुके तो पटक के मारुगा आज भी वे चार लोगो के बराबर है | सर उनका डीलिंग एक दम पुलिस इंस्पेक्टर जैसा है | सर अगर आय प्रमाण पत्र के आधार पर प्रार्थी के अर्हता पर प्रश्न चिन्ह है तो सशोधित आय प्रमाण पत्र का समादर करते हुए समाज कल्याण अधिकारी प्रार्थी के आवेदन को स्वीकार करते हुए पेंशन हेतु स्वीकृत प्रदान करे | जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी का आभारी रहेगा | आय प्रमाण पत्र उपजिलाधिकारी और तहसीलदार सदर का विषय है की जिला समाज कल्याण अधिकारी का इसलिए वह प्रोसेसिंग का काम आगे बढ़ाये | प्रार्थी दिनांक २८०२२०१८ निशा फीडबैक की स्थिति फीडबैक विचाराधीन कृपया नियम सम्मत कार्यवाही की जाए जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी का आभारी रहेगा | तिथि १६०३२०१८ प्रार्थी निशा पत्नी होरीलाल निवासी चौबे टोला कटरा कोतवाली जिलामिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश पिन कोड २३१००१
नियत तिथि:
31
– Mar – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 18/03/2018को फीडबैक:- श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी महोदय अपने पत्र दिनांक २११२२०१७ का अवलोकन करे जिसके अनुसार शहरी क्षेत्र में न्यूनतम आय का निर्धारण रुपये ५६४६० है जो की आवेदन के साथ संलग्नक का प्रथम पृष्ट है | श्री मान जी अब आप शिकायत के साथ संलग्नक के चतुर्थ पेज का अवलोकन करे जिसके अनुसार प्रार्थी के परिवार की आय रुपये ५४००० जो की न्यूनतम निर्धारित आय रुपये ५६४६० से कम है अर्थात प्रार्थी नियमानुसार ब्रिधावास्था पेंशन का पात्र है | श्री मान जी मामले को मेरा पोता देख रहा है की मेरा पुत्र और आश्चर्यजनक बात ये है की समाज कल्याण अधिकारी महोदय दिनांक २११२२०१७ के पत्र में प्रार्थी को शहरी क्षेत्र का बता रहे है और संलग्न रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्र का बता रहे है अर्थात मुख्यमंत्री कार्यालय को गुमराह कर रहे है जो की अनुशासनहीनता है | प्रार्थी के पते से भी स्पस्ट है की प्रार्थी शहरी क्षेत्र का है | श्री मान जी क्या रियाज अहमद २० वर्षों से एक ही डिस्ट्रिक्ट में और एक ही पटल पर डटे नही है क्या यह माननीय उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन नही है | खुद मंत्री परिषद् के निर्णय के अनुसार कोई भी कर्मचारी एक डिस्ट्रिक्ट में तीन वर्षो से ज्यादा नही रह सकता जब तक कोई अन्यथा कारण हो | श्री मान जी प्रार्थी का पोता रियाज जी पर क्या असम्यक दबाव बनाएगा वह तो सच कह रहा है जो की दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है | श्री मान जी पोता यही कह रहा है समाज कल्याण अधिकारी महोदय संलग्न आय प्रमाण पत्र के अनुसार निर्णय ले तो क्या असम्यक दबाव हुआ |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक विचाराधीन
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
16 – Mar – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
17/03/2018
आख्या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
16 – Mar – 2018
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण
विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्या अपलोड है
17/03/2018
Letter No
2960-62 Date 17-03-2018
निस्तारित
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

दिनांक 18/03/2018को फीडबैक:- श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी महोदय अपने पत्र दिनांक २१-१२-२०१७ का अवलोकन करे जिसके अनुसार शहरी क्षेत्र में न्यूनतम आय का निर्धारण रुपये ५६४६० है जो की आवेदन के साथ संलग्नक का प्रथम पृष्ट है | श्री मान जी अब आप शिकायत के साथ संलग्नक के चतुर्थ पेज का अवलोकन करे जिसके अनुसार प्रार्थी के परिवार की आय रुपये ५४००० जो की न्यूनतम निर्धारित आय रुपये ५६४६० से कम है अर्थात प्रार्थी नियमानुसार ब्रिधावास्था पेंशन का पात्र है | श्री मान जी मामले को मेरा पोता देख रहा है न की मेरा पुत्र और आश्चर्यजनक बात ये है की समाज कल्याण अधिकारी महोदय दिनांक २१-१२-२०१७ के पत्र में प्रार्थी को शहरी क्षेत्र का बता रहे है और संलग्न रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्र का बता रहे है अर्थात मुख्यमंत्री कार्यालय को गुमराह कर रहे है जो की अनुशासनहीनता है | प्रार्थी के पते से भी स्पस्ट है की प्रार्थी शहरी क्षेत्र का है | श्री मान जी क्या रियाज अहमद २० वर्षों से एक ही डिस्ट्रिक्ट में और एक ही पटल पर डटे नही है क्या यह माननीय उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन नही है | खुद मंत्री परिषद् के निर्णय के अनुसार कोई भी कर्मचारी एक डिस्ट्रिक्ट में तीन वर्षो से ज्यादा नही रह सकता जब तक कोई अन्यथा कारण न हो | श्री मान जी प्रार्थी का पोता रियाज जी पर क्या असम्यक दबाव बनाएगा वह तो सच कह रहा है जो की दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है | श्री मान जी पोता यही कह रहा है समाज कल्याण अधिकारी महोदय संलग्न आय प्रमाण पत्र के अनुसार निर्णय ले तो क्या असम्यक दबाव हुआ |

Arun Pratap Singh
2 years ago

Whether it is not failure of the government that it is adopting lackadaisical approach in taking action against wrongdoers? | श्री मान जी क्या रियाज अहमद २० वर्षों से एक ही डिस्ट्रिक्ट में और एक ही पटल पर डटे नही है क्या यह माननीय उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन नही है | खुद मंत्री परिषद् के निर्णय के अनुसार कोई भी कर्मचारी एक डिस्ट्रिक्ट में तीन वर्षो से ज्यादा नही रह सकता जब तक कोई अन्यथा कारण न हो | श्री मान जी प्रार्थी का पोता रियाज जी पर क्या असम्यक दबाव बनाएगा वह तो सच कह रहा है जो की दस्तावेजी सबूतों पर आधारित है | श्री मान जी पोता यही कह रहा है समाज कल्याण अधिकारी महोदय संलग्न आय प्रमाण पत्र के अनुसार निर्णय ले तो क्या असम्यक दबाव हुआ |