Whether justice is available to weaker and downtrodden section in the state of Uttar Pradesh?

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
Whether the justice is available to weaker and downtrodden section in the state of Uttar Pradesh.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 14 May 2019 at 20:00

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com


उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नियत तिथि ०४-मार्च -२०१९ व्यथा निवारण वास्ते और आज १४-मई -२०१९ है अर्थात मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा व्यथा निवारण के तय तिथि से २ महीने १० दिन से भी ज्यादा हो गए है और इस बीच आवेदन कर्ता द्वारा दो स्मरण पत्र भी दिए गए किन्तु खंड विकास अधिकारी के ऊपर इन सभी बातो का कोई भी प्रभाव नहीं है और शिकायत जस का तस जनसुनवाई पोर्टल पर पड़ा हुआ है क्या यही योगी आदित्यनाथ जी का सुशासन है | महत्वपूर्ण तथ्य यह है की दलित वर्ग का यह व्यक्ति पिछले दो वर्षो से लगातार न्याय हेतु सभी लोकप्राधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है और अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है  सभी ने सिर्फ गुमराह ही किया है जब की मामला हर किसी के टेबल से गुजर  चूका है श्री मान जी विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र का न्याय व्यवस्था यही है | 

Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Honourable Sir with due respect to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Honourable Sir that following representation was made by the aggrieved applicant Harishchand in regard to confirmation of assurance made by the Tahsildar Sadar as he repeatedly assured the aggrieved applicant Harishchand belonging to scheduled caste as when rainy season would be over, then he will be provided bricks road up to his house which length would be 25 fit from the development fund of the village panchayat under the purview of the B.D.O. Chhanbey.
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919009019
आवेदक कर्ता का नाम:
हरिश्चंद
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7054703028,7054703028
विषय:
श्री मान जी जिन आख्या को आधार बना कर पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और मंडलायुक्त ने इस बात को स्वीकार किया है उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से अच्छा कोई नही कर सकता है क्यों की वह उन्ही कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की आख्या समीचीन है | इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब से बड़े लोकतंत्र में गरीबो मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो मामले की उच्च स्तरीय टीम से जांच कराई जाय और जिम्मेदारी तय हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है जो की खुद ही बिधि सम्मत नही है श्री मान जी ग्राम सभा का प्रस्ताव ग्राम सभा की खुली बैठक में पास होता है | श्री मान जी दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर शिकायत का निस्तारण कराया गया है वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है | उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर ग्राम पंचायत सदस्यों का हस्ताक्षर है और क्या प्रधान का हस्ताक्षर फर्जी नही है ? श्री मान जी सभी जानते है की उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब तक मिटटी फेक कर खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी इस समय वर्षात नही है और कडाके की ठंढ है फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषयदर्जनों पत्रों के बाद भी तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है | महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है | सोचिये रास्ता तक कब्ज़ा कर लिए है | सरकारी तालाब को पाट लिए है और तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है किन्तु बच्चे विद्यालय तक नही जा रहे है |पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर रहा है न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज भी हम गुलाम है इस अभिजात्य वर्ग के शासन में |मै किसी जात पात की बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की बात कर रहा हू जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है और कभी न्याय नही मिलता है | माननीय उच्चतम न्यायालय से जो पारिस्थितिकी बात करता है हमे बताये की आदम पुर का तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी निकलेगे या वही से हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है गुलामी की प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा |
नियत तिथि:
04 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Citizens Charter means a government document setting out standards of service for public and private sector bodies, such as schools, hospitals, railway companies, water and energy suppliers, etc Here this question arises that whether there is no citizen’s charter for the Jansunwai portal which is the august portal of the government of Uttar Pradesh Think about the following e-mail of CMUP which is generally sent by the staffs of the chief minister office in the case is someone makes efforts to seek justice from another quarter At present, it seems that BDO Chhanvey is our chief minister because of the working style of the BDO Chhanvey Whether syndicate of corruption is not acting in the govt machinery quite obvious from the cryptic and lackadaisical approach of the BDO Chhanvey in the matter concerned प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल जनसुनवाई विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है – httpjansunwaiupnicinHomeHhtml आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्वरित निस्तािरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें धय्े वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय, उ०प्र० नोटवेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है | जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें| httpsplaygooglecomstoreappsdetailsidinnicupjansunwaiupjansunwai शिकायत के वेबसाइट पर दर्ज होने के पश्चात की प्रक्रिया आपके मोबाइल पर smsईमेल के माध्यम से चौदह अंकों की शिकायतसन्दर्भ पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी | इस पंजीकरण संख्या एवं दर्ज मोबाइल नंबरईमेल के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की स्थिति सीधे वेबसाइट या मोबाइल app पर देख सकते हैं एवं निस्तारण के पश्चात निस्तारण आख्या भी देख सकते हैं | इसके अतिरिक्त किसी भी स्तर पर शिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने पर आप अपनी शिकायत का रिमाइंडर भी भेज सकते हैं तथा निस्तारण आख्या से असंतुष्टि की दशा में अपना फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं| आपके फीडबैक का मूल्यांकन निस्तारणकर्ता अधिकारी से एक स्तर उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा| मूल्यांकन में आपकी आपत्तियों से सहमति की दशा में आपका संदर्भशिकायत पुनर्जीवित हो जायेगी, तथा उसका पुनः परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा|
10 May 2019
2
नियत तिथि-04 – Mar – 2019 शिकायत की स्थिति लम्बित श्री मान जी आज २४ मार्च २०१९ है अर्थात २० दिन ज्यादा हो गये | श्री मान जी यह टाल मटोल खुद ही भ्रस्टाचार की कोटि में आता है |ऐसा प्रतीत होता है प्रदेश की नौकर शाही मोदी सर को हरा देना चाहती है अन्यथा पिछले दो वर्षो से प्रार्थी परेशान है यदि हमारे जिम्मेदार अधिकारी सतर्क रहते तो यह मामला ही इतना खीचता | जब अधिनस्थो को नियंत्रण में रखने की क्षमता ही नही है तो ऐसा होना कोई नई बात नही है |दो वर्षो से तहसीलदार सदर झूठ राग अलाप रहे थे अब खंड विकास अधिकारी को उस झूठ की पुष्टि करना है | कोई अपने लिए झूठ बोलता है दुसरे के लिए झूठ बोलने में तकलीफ होती है अपनी आत्मा को कोई क्यों मारे इसलिए खंड विकास अधिकारी चुप रहना ही बेहतर समझ रहे है क्यों की झूठी रिपोर्ट मंडलायुक्त के समक्ष लगाईं गई है क्यों की अधीनस्थ उनकी गरिमा का ख्याल तो करेगे ही | खंड विकास अधिकारी कैसे कह दे की तहसीलदार सदर की बात में कोई सच्चाई नही है इसलिए वह मुख्य मंत्री कार्यालय को नजर अंदाज कर रहे है क्यों की वहा वो समझ लेंगे लेकिन यहा तो पूरी की पूरी सेटिंग्स ही गड़बड़ा जायेगी जो उनके इंटरेस्ट में अच्छा नही होगा इसलिए तालमेल बना रहे | वैसे कलियुग में झूठ बोलने वाला ही सफल रहता है जिसका उदाहरण हमारे कुछ नेता है उसका असर हमारे नौकरशाहों पर भी पड रहा है | वैसे पूरे की पूरी तनख्वाह बचनी चाहिए यही मूलमंत्र है हमारी नौकरशाही की कुछ इमानदारो को छोड़ कर क्यों की यदि सभी भ्रष्ट हो जायेगे तो इस लोकतंत्र के दोनों पहिये जाम हो जायेगे |
24 Mar 2019
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
17 – Feb – 2019
खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारीछानवे,जनपदमिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग
अनमार्क

2-It is submitted before the Honourable Sir that think about the assurance of the Tahsildar Sadar Mirzapur given to a member of the oppressed class which is quite obvious from the procrastination of the B.D.O. Chhanvey Mirzapur. Whether the credit of the public institutions, departments and departmental heads in this largest populous state of the largest democracy in the world has reached at the nadir quite obvous from such dealings.

3-It is submitted before the Honourable Sir that whether the insolence of the Block Development Officer Chanbey to overlook the fixed date of chief minister office is not tantamount to indiscpline as culminating into anarchy i.e. failure of law order machinery in the state? Sir truth is after all truth which can not be concealed by covering with the blanckets of lies as dark can not cover the Sun. Wheter it is a healthy democracy in which rights of weaker and downtrodden section is no more safe and the growing corruption is on its zenith?

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                                             
                                                          Yours sincerely

Date-1405-2019              Yogi M. P. Singh, Mobile number- 

7379105911,


 Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.


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Yogi
1 year ago

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नियत तिथि ०४-मार्च -२०१९ व्यथा निवारण वास्ते और आज १४-मई -२०१९ है अर्थात मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा व्यथा निवारण के तय तिथि से २ महीने १० दिन से भी ज्यादा हो गए है और इस बीच आवेदन कर्ता द्वारा दो स्मरण पत्र भी दिए गए किन्तु खंड विकास अधिकारी के ऊपर इन सभी बातो का कोई भी प्रभाव नहीं है और शिकायत जस का तस जनसुनवाई पोर्टल पर पड़ा हुआ है क्या यही योगी आदित्यनाथ जी का सुशासन है | महत्वपूर्ण तथ्य यह है की दलित वर्ग का यह व्यक्ति पिछले दो वर्षो से लगातार न्याय हेतु सभी लोकप्राधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है और अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है सभी ने सिर्फ गुमराह ही किया है जब की मामला हर किसी के टेबल से गुजर चूका है श्री मान जी विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र का न्याय व्यवस्था यही है |

Preeti Singh
1 year ago

क्र.स. अनुस्मारक प्राप्त दिनांक
1 17 – Feb – 2019 खण्डी वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्य विकास विभाग को जनसुनवाई पोर्टल द्वारा शिकायत पृष्ठांकित किया गया किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है की तीन महीने १५ दिन के बाद भी आज तक खंड विकास अधिकारी छानवे द्वारा प्रकरण पर मौन ही धारण किया गया| क्या यही सुशासन है क्या खंड विकास अधिकारी की यह गुस्ताखी नही है की बार बार वह शासन के दिशा निर्देशों और स्मरण पत्रों को नजर अंदाज कर रहे है | क्या उन्हें यह नही मालुम है की उनका चुप रहना भी अन्याय है क्योकि यह अन्याय भ्रष्टाचार को बढ़ा रहा है | क्यों की उनका रिपोर्ट ही तहसीलदार सदर की मनमानी को सक्षम अधिकारियो के समक्ष ला सकती है | 04 Jun 2019

Beerbhadra Singh
1 year ago

On the one side of screen Yogi government is talking of compulsory retirement but on the other side of the screen government is promoting Karnataka Public Service who are only burden on the public exchequer. How the Block Development Officer Chhanveycan sit on a grievance endorsed to him by the August portal jansunwai government of Uttar Pradesh? It is quite obvious that matter is concerned with a member belonging to the oppressed section of the society and he has knocked the entire doors of the public functionaries in this largest democracy in the world. Where is the social justice in this largest democracy in the world?