Whether it is not surprising that in ten years a minute error was not rectified by Kanpur university?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919014084
आवेदक कर्ता का
नाम:
Santosh Kumar Maurya
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9454367980,9454367980
विषय:
सेवा में श्री मान कुलपति छत्रपति शाहू
जी महराज विश्वविद्यालय कानपुर विषय –
प्रार्थी का अंकपत्र में नाम सुधरवाने हेतु | महोदय, प्रार्थी श्री मान जी का
ध्यान निम्न विन्दुओं पर
आकृष्ट करता है | प्रार्थी स्वर्गीय कृपा शंकर तिवारी महाविद्यालय नहवाई मेजा इलाहाबाद का २००९ से २०११ तक छात्र रहा | जो आप के विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था | प्रार्थी का २००९ के अंक पत्र जो
विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किया गया उसमे SANTOSH
KUMAR MAURYA
के स्थान पर SANTOSH KUMAS MAURYA जारी हुआ सोचिए R के स्थान पर
S की प्रविष्टि की
गई जो
आप के
विश्वविद्यालय के
स्तर से
की गई
| प्रार्थी द्वारा शुद्ध कराने वास्ते १००० रुपये कॉलेज प्रशासन को
जो शिक्षक माध्यम से
सन २०१० में ही
दिया गया | किन्तु २०१० और
२०११ में भी वही त्रुटी बनी रही | और आज तक वह
शुद्ध हो
कर प्रार्थी को नही मिली | श्री मान जी
यदि समय बद्ध तरीके से कार्यवाही होता तो
२०१० और
२०११ में जारी अंकपत्र में अशुद्धी होती | श्री मान जी
२०१० में ही जमा १००० रुपये और अब
जा कर
१४ जून २०१८ को विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्ति रशीद उपलब्ध कराई गई
जो की
संलग्नको से
स्पस्ट है
| श्री मान जी २०१० से २०१९ तक अर्थात लगभग वर्षो से प्रार्थी मानसिक शारीरिक उसके साथ आर्थिक छति झेल रहा है और
अभी तक
उसको शुद्ध अंक पत्र उपलब्ध नही कराया गया | गलती विश्वविद्यालय की
और प्रताड़ना छात्र को
क्या यही सुशासन है
| क्या छात्र का
भविष्य अंधकारमय नही किया गया | श्री मान जी सविनय अनुरोध है
की प्रार्थी को उसके अंकपत्र के
साथ छति पूर्ति भी
उपलब्ध कराई जाय | प्रार्थी
दिनांक
०७०३२०१९ संतोष कुमार मौर्या पुत्र
दशानंद मौर्या ग्राम और पोष्ट –
नकहरा जिला मिर्ज़ापुर पिनकोड २३१००१
नियत तिथि:
22 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
07 – Mar – 2019
रजिस्ट्रार छत्रपति शाहूजी महाराज
विश्विद्यालय
, कानपुर
अनमार्क

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी २०१० से २०१९ तक अर्थात लगभग ९ वर्षो से प्रार्थी मानसिक व शारीरिक उसके साथ आर्थिक छति झेल रहा है और अभी तक उसको शुद्ध अंक पत्र उपलब्ध नही कराया गया | गलती विश्वविद्यालय की और प्रताड़ना छात्र को क्या यही सुशासन है | क्या छात्र का भविष्य अंधकारमय नही किया गया | श्री मान जी सविनय अनुरोध है की प्रार्थी को उसके अंकपत्र के साथ छति पूर्ति भी उपलब्ध कराई जाय |

Preeti Singh
1 year ago

क्र.स. अनुस्मारक प्राप्त दिनांक
1 नियत तिथि- 22 – Mar – 2019 , शिकायत की स्थिति-लम्बित महोदय आप द्वारा निस्तारण का जो तिथि तय किया गया है जैसा कि स्पस्ट है २२ मार्च २०१९ है और आज २३ मार्च २०१९ है अर्थात नियत तिथि का मतलब सरकारी विभाग को अपनी आख्या उस तिथि के पश्चात ही देनी है | क्या यही सुशासन है जिसमे मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा तय समय सीमा का भी ख्याल भी अधीनस्थो द्वारा नही किया जा रहा है | कोई भी शिकायत गई फाइल कर दिए | क्या सरकार घर बैठने की तनख्वाह देती है | इतने वर्षो से टाल मटोल और गजब तो तब हो गया की एक वर्ष से फॉर्मेलिटी पूरा है फिर भी कुमास को कुमार नही बनाना चाहते है | साप जहरीला नहो तब भी फूक फूक कर अपना साख बनाये रखता है किन्तु मुख्य मंत्री कार्यालय का स्तर क्या है वही जाने | 23 Mar 2019

Beerbhadra Singh
1 year ago

I have observed the report submitted by the registrar of the Kanpur University on the jansunwai portal of the Government of Uttar Pradesh. It is most surprising that when the applicant has deposited the fee required by the University before one year how can he again seek the same fees when the applicant submitted the grievance. Is it feasible to charge fees two times on the same subject whether it is not reflection of rampant corruption?

Bhoomika Singh
4 months ago

Such corrupt practices are quite common in our government machinery which is the root cause of this rampant anarchy. It seems that good governance is confined to you only the publications of media.