Whether it is not reflection of rampant corruption in food and civil supplies department?

Grievance
Status for registration number : PMOPG/E/2019/0457084
Grievance Concerns To
Name Of Complainant-Sadhana Singh Date of Receipt-11/08/2019
Received By Ministry/Department-Prime Ministers
Office
Grievance Description
Sir whether District Magistrate Mirzapur will
explain that if the applicant was entitled for the B.P.L. Ration card, then why
her Ration card was cancelled ipso facto obvious? Sir what is the difference in
the report of District Supply Officer dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not
why the feedback of the applicant accepted and grievance was revived and later
on the same report of District Supply Officer, District Magistrate Mirzapur
disposed of the grievance is not a cryptic dealings which is promoting
lawlessness and anarchy in the government machinery.
फीडबैक : दिनांक 05/07/2019को फीडबैक:- शिकायत संख्या 40019919024095 आवेदक कर्ता का नाम: Sadhana Singh श्री
मान जी प्रकरण में गोल मटोल जवाब लगा कर प्रार्थिनी को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है प्रश्नगत प्रकरण अवैध
तरीके से बी.पी.एल. कार्ड धारक
को बी.पी.एल. सूची से बिलोपित करने के सम्बन्ध में है जो अन्यायपूर्ण है आख्या के अनुसार उक्त प्रकरण की जांच
पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा बी०पी०एल अन्त्योदय कार्ड की मांग
की जा रही है उपरोक्त बातो का तो खुद जिला
पूर्ति अधिकारी की पूर्व आख्या खंडन
करती है जो कुछ इस प्रकार है प्रस्तुत प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा राशनकार्ड जारी
किए जाने
के संबंध में शिकायत किया गया है उक्त् के संबंध में अवगत
कराना है कि जिलाधिकारी महोदय मीरजापुर के आदेश पत्रांक 388 दिनांक 02-05-2017 द्वारा खण्ड विकास अधिकारी स्तर
से ग्राम वि०अ०क्षेत्रीय लेखपाल की राशन
कार्ड सत्यापन हेतु ड्यूटी लगायी गयी थी जिस पर इनके द्वारा ग्राम सभा की खुली बैठक में राशन कार्ड का सत्यापन किया गया‚ तथा वही सूची विभागीय बेबसाइड पर फीड किया गया है अतः प्रस्तुत शिकायती पत्र निक्षेपित करने का कष्ट करे। अर्थात प्रार्थिनी के नाम बी.पी.एल. कार्ड जारी था जिसको इन्होने निरस्त कर दिया
अब गोल मटोल जवाब दे कर मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ समस्त वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया जा रहा है प्रार्थिनी द्वारा किसी
भी अंत्योदय कार्ड के लिए तो मौखिक और ही लिखित आवेदन किया गया है प्रार्थिनी की सिर्फ एक मांग
है की उसका बी. पी. एल. कार्ड या तो बहाल किया जाय अन्यथा पूरे ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाई जाय जिसकी अध्यक्षता कोई जिला स्तरीय अधिकारी करे और समस्त बी. पी. एल. और अंत्योदय लाभार्थियों की जाँच
हो जो की न्याय हित में होगा अन्यथा इसतरह के गोल मटोल जवाबो से मामला कभी भी निस्तारित नहीं हो सकता श्री मान जी जिला पूर्ति अधिकारी यदि दावा करते है की वह ईमानदार है तो वे प्रार्थी के चार प्रश्नो के उत्तर देने से क्यों कतरा रहे है जो की शिकायत के विषय
वस्तु में स्पष्ट रूप से टंकित है फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 31/07/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है– 04/07/2019 उक्त प्रकरण की जांच
पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा बी०पी०एल अन्त्योदय कार्ड की मांग
की जा रही है जबकि
शासन से नये अन्त्योदय कार्ड बनाये जाने
के सम्बन्ध में कोई निर्देश नहीं है इस संबंध में आवेदिका को अगवत
करा दिया
गया है कि उनका अन्त्योदय कार्ड नहीं
बन पायेगा परन्तु पात्रता के आधार
पर आवेदिका को पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल कर लिया
गया है तथा अवगत करा दिया गया है कि वह अपने
सम्स्त अभिलेखों की छायाप्रति संबंधित तहसील के आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जा सके।
अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का कष्ट करे। 31/07/2019 उक्त प्रकरण की जांच
पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदक द्वारा बी०पी०एल अन्त्योदय कार्ड की मांग
की जा रही है जबकि
शासन से नये अन्त्योदय कार्ड बनाये जाने
के सम्बन्ध में कोई निर्देश नहीं है इस संबंध में आवेदक को पूर्व में अगवत
करा दिया
गया है कि उनका अन्त्योदय कार्ड नहीं
बन पायेगा परन्तु पात्रता के आधार
पर आवेदक को पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल कर लिया
गया है तथा अवगत करा
दिया गया है कि वह अपने सम्स्त अभिलेखों की छायाप्रति संबंधित तहसील के आपूर्ति
कार्यालय में उपलब्ध करा दे जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जा सके। अतः
उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का कष्ट करे।
Grievance Document
Current Status-Grievance Received Date of Action-11/08/2019
Officer Concerns To Forwarded to-Prime
Ministers Office
Officer Name-Shri Ambuj Sharma Officer Designation-Under Secretary (Public)
Contact Address-Public Wing 5th Floor, Rail
Bhawan New Delhi
Email Address-ambuj.sharma38@nic.in
Contact Number-011-23386447

Arun Pratap Singh <arunpratapsingh904@gmail.com>
Matter is concerned with the arbitrary tyrannical deletion of the name of a woman from the list of beneficiaries of B.P.L. Card holders by the govt staffs.
Arun Pratap Singh <arunpratapsingh904@gmail.com> 14 July 2019 at 21:30
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in

श्री मान जी प्रार्थिनी द्वारा न तो बी.पी.एल कार्ड के लिए कोई दावा  नहीं किया गया था | किन्तु सम्बंधित द्वारा खुद ही गरीबी रेखा से नीचे कार्ड दे कर अयोग्य घोषित करना प्रार्थिनी का अपमान है और यह महिला समाज का अपमान है | श्री मान जी यदि प्रार्थिनी अपात्र है तो उसे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन का कार्ड क्यों जारी किया गया तथा सम्बंधित के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए और प्रार्थिनी पात्र है तो उसका नाम लाभार्थिओं की सूची से विलोपित क्यों किया गया और यह निर्णय निस्संदेह ग्राम सभा की खुली बैठक में होनी चाहिए जिसमे सभी लाभार्थिओं का उपस्थिती अनिवार्य हो | 

Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.


1-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that following is the status of the online submitted application of the applicant in which report has been submitted by the concerned government staffs without taking the perusal of the submissions of the grievance.

आवेदन काविवरण
शिकायतसंख्या
40019919024095
आवेदक कर्ताका नाम:
Sdhana Singh
आवेदक कर्ताका मोबाइलन०:
7607966615,7607966615
विषय:
Matter of fact is concerned with the deep rooted corruption in the subsidies 
provided to poor citizens and convenience charges taken by the intermediaries 
who are not contented from the huge emoluments of salary provided by the 
government to them consequently causing heavy burden to the public exchequer.
 Respected Sir when the matter is specific how can reply be general and cryptic. 
Whether the following reply is not general as concerned made a cryptic reply in 
the matter concerned with the B.P.L. Card of Sadhana Singh.I am seeking information 
regarding the reason of cancellation of B.P.L. Card but instead of providing reason 
and putting light on it they provided a misleading note full of corruption. No such 
meeting was called on in the village panchayat Neebi Gaharwar, Block Chanbey, 
District-Mirpur. 1-Please Provide the date, an open meeting of Gram Sabha was 
invited in the Village panchayat-Neebi Gaharwwar. 2-Provide the venue of the 
meeting where aforementioned meeting was convened in the Village panchayat-
Neebi Gaharwwar. 3-Provide the designation and the name of the Block staffs 
remained present in the meeting. 4-Whether the aggrieved lady was invited to 
keep its points and ipso facto obvious that if she was informed why she is making 
enquiry on this august portal of the government of Uttar Pradesh? प्रस्तुत प्रकरण की
 जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्तिनिरीक्षक की जांच आख्या के अनुसार 
आवेदिका द्वारा राशनकार्ड जारी किए जाने के संबंध में शिकायतकिया गया है उक्त् के संबंध 
में अवगत कराना है कि जिलाधिकारी महोदय मीरजापुर के आदेश पत्रांक 388दिनांक 
02-05-2017 द्वारा खण्ड विकास अधिकारी स्तर से ग्राम वि०अ०क्षेत्रीय लेखपाल की राशन 
कार्डसत्यापन हेतु ड्यूटी लगायी गयी थी जिस पर इनके द्वारा ग्राम सभा की खुली बैठक में 
राशन कार्ड कासत्यापन किया गया‚ तथा वही सूची विभागीय बेबसाइड पर फीड किया गया है 
अतः प्रस्तुत शिकायती पत्रनिक्षेपित करने का कष्ट करे। Right to reason is the
 indispensable part of sound judicial system and for good governance it must be 
promoted in the working of the administrative officers before taking such steps. 
Here this question arises that whether the aggrieved lady is the entitled for the
 B.P.L. Card if not why she was provided and who provided. Why the action is not
 being taken against those wrongdoers? If she is entitled for benefits then how her
 name was deleted from the beneficiary list? Really an open meeting be convened 
in the village panchayat and pros and cons of the arbitrary decision be considered.
नियत तिथि:
24 – Jul – 2019
शिकायत कीस्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 05/07/2019को फीडबैक:- शिकायत संख्या 40019919024095 आवेदक कर्ता का 
नाम: Sdhana Singh श्री मान जी प्रकरण में गोल मटोल जवाब लगा कर प्रार्थिनी को गुमराह 
करने का प्रयास किया जा रहाहै प्रश्नगत प्रकरण अवैध तरीके से बी.पी.एलकार्ड धारक को 
बी.पी.एलसूची से बिलोपित करने केसम्बन्ध में है जो अन्यायपूर्ण है आख्या के अनुसार 
उक्त प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायीगयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के
 अनुसार आवेदिका द्वारा बी०पी०एल अन्त्योदय कार्ड की मांग कीजा रही हैउपरोक्त 
बातो का तो खुद जिला पूर्ति अधिकारी की पूर्व आख्या खंडन करती है जो कुछ इस प्रकारहै
 प्रस्तुत प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या 
के अनुसारआवेदिका द्वारा राशनकार्ड जारी किए जाने के संबंध में शिकायत किया गया है 
उक्त् के संबंध में अवगतकराना है कि जिलाधिकारी महोदय मीरजापुर के आदेश पत्रांक 388 
दिनांक 02-05-2017 द्वारा खण्ड विकासअधिकारी स्तर से ग्राम वि०अ०क्षेत्रीय लेखपाल की 
राशन कार्ड सत्यापन हेतु ड्यूटी लगायी गयी थी जिस परइनके द्वारा ग्राम सभा की खुली 
बैठक में राशन कार्ड का सत्यापन किया गया‚ तथा वही सूची विभागीयबेबसाइड पर फीड 
किया गया है अतः प्रस्तुत शिकायती पत्र निक्षेपित करने का कष्ट करे। अर्थात प्रार्थिनी केनाम
 बी.पी.एलकार्ड जारी था जिसको इन्होने निरस्त कर दिया अब गोल मटोल जवाब दे कर 
मुख्यमंत्रीकार्यालय के साथ समस्त वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया जा रहा है 
प्रार्थिनी द्वारा किसी भीअंत्योदय कार्ड के लिए  तो मौखिक और  ही लिखित आवेदन 
किया गया है प्रार्थिनी की सिर्फ एक मांग हैकी उसका बीपीएलकार्ड या तो बहाल किया 
जाय अन्यथा पूरे ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाई जायजिसकी अध्यक्षता कोई जिला स्तरीय
 अधिकारी करे और समस्त बीपीएलऔर अंत्योदय लाभार्थियों कीजाँच हो जो की न्याय 
हित में होगा अन्यथा इसतरह के गोल मटोल जवाबो से मामला कभी भी निस्तारितनहीं हो 
सकता श्री मान जी जिला पूर्ति अधिकारी यदि दावा करते है की वह ईमानदार है तो वे प्रार्थी 
के चारप्रश्नो के उत्तर देने से क्यों कतरा रहे है जो की शिकायत के विषय वस्तु में स्पष्ट रूप 
से टंकित है |
फीडबैक कीस्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ काप्रकार
आदेश देनेवाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइनसन्दर्भ
24 – Jun – 2019
जिला पूर्ति अधिकारी
मिर्ज़ापुर,खाद्य एवं
 रसदविभाग
04/07/2019
उक्त प्रकरण की जांच पूर्तिनिरीक्षक 
के द्वारा करायीगयी पूर्ति निरीक्षक 
कीजाचं आख्या के अनुसारआवेदिका 
द्वाराबी०पी०एल अन्त्योदयकार्ड की 
मांग की जा रही हैजबकि शासन से नये
अन्त्योदय कार्ड बनायेजाने के सम्बन्ध
 में कोईनिर्देश नहीं है इस संबंध मेंआवेदिका
 को अगवत करादिया गया है कि उनका
अन्त्योदय कार्ड नहीं बनपायेगा परन्तु 
पात्रता केआधार पर आवेदिका कोपात्र 
गृहस्थी की सूची मेंशामिल कर लिया 
गया हैतथा अवगत करा दियागया है कि 
वह अपनेसम्स्त अभिलेखों कीछायाप्रति 
संबंधित तहसीलके आपूर्ति कार्यालय में
उपलब्ध करा दे जिससेफीडिंग का कार्य 
पूर्णकराया जा सके। अतःउक्तानुसर प्रकरण
निक्षेपित करने का कष्टकरे।
निस्तारित


2-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that following is the status of the online submitted application of the applicant in which report has been submitted by the concerned government staffs without taking the perusal of the submissions of the grievance.

आवेदन काविवरण
शिकायतसंख्या
40019919020979
आवेदक कर्ताका नाम:
Sadhana Singh
आवेदक कर्ताका मोबाइलन०:
7607966615,7607966615
विषय:
An application under article 51 A of the constitution of India to enquire in regards to 
Ration Card issued to lady Sadhana Singh under National Food Security Act of the 
Government of India. The matter is concerned with the Food and Civil Supplies 
Department, Government of Uttar Pradesh. Aggrieved applicant-Sadhana Singh, 
Ration Card serial number-219910028945, Name of the Husband-Arun Singh, 
Village-Nibi Gaharwar, Post-Nibi Gaharwar, Development block-Chhanvey, 
District-Mirzapur, Uttar Pradesh, PIN Code-231303. Subject-Not providing the 
Ration by the control rate shop as the name of the applicant is not available in the
 list available to the control rate shop keeper in the area. Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Honourable Sir with due respect to the following submissions as follows. 1-It is submitted before the Honourable Sir that scanned copy of the ration card is attached to the grievance so first Honourable Sir may be pleased to take the perusal which will be instrumental in the redressing of the submitted grievance of the aggrieved applicant. 2-It is submitted before the Honourable Sir that screen print of the list of Ration card holders of the month of May in the year 2019-2020 for the distribution of the Ration card is attached to the grievance. This screen print explicitly reveals that the name of the aggrieved applicant is missing from the list consequently no ration was made available by the control rate shopkeeper of this month. 3-It is submitted before the Honourable Sir that attached Ration Card was issued by the Government of Uttar Pradesh through its department Food and Civil Supplies on 09-12-2016. Thus we see that name of the aggrieved Ration cardholder missed from the list after two and a half years. Now it is the obligatory duty of the concerned public staffs to reveal the reason of missing of the name of the aggrieved lady applicant from the list of the Ration Card holders. This is a humble request of your applicant to you Honourable Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land. There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Honourable Sir. Yours sincerely Date-07-05-2019 Sadhana Singh, Care of Arun Singh, Mobile number-7607966615 Address as aforementioned.
नियत तिथि:
15 – May – 2019
शिकायत कीस्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 16/05/2019को फीडबैक:- Whether the grievance can be considered disposed of only on the ground that enquiry is being carried out by the sector food officer. In the submitted report concerned staff itself accepted that report of the enquiry officer is still unavailable. As the enquiry report would be made available by the enquiry officer, it would be made available to the aggrieved. Most respected Sir, redress of the grievance concludes with a report of the enquiry carried out by the enquiry officer in a transparent and accountable manner and this report contains the decision of the enquiry officer with reason. What are the decision of the enquiry officer and the reasons culminated into the decision must be revealed to aggrieved under subsection 1 d of section 4 of the right to information act 2005? How the learned responsible officers of the chief minister office could accept such ruthless dealings of the district level staffs? Whether the third-grade redress of the grievances is not lowering the dignity of the august portal of the government of the Uttar Pradesh?
फीडबैक कीस्थिति:
जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 12/06/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ काप्रकार
आदेश देनेवाले 
अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी 
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
 रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
08 – May – 2019
जिला पूर्ति
 अधिकारी
मिर्ज़ापुर,
खाद्य 
एवं रसद
विभाग
16/05/
2019
प्रस्तुत प्रकरण की जांचक्षेत्रीय 
खाद्य अधिकारीके
 द्वारा करायी जा रहीक्षेत्रीय
 खाद्य अधिकारीकी 
जांच आख्याकार्यालय में अभी 
अप्राप्तहै  जांच 
आख्या प्राप्तहोते ही आवेदक
 कोअवगत करा दिया
जायेगा। अतःउक्तानुसार 
प्रकरणनिक्षेपित करने
 का कष्टकरे।
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिलाधिकारी(
मिर्ज़ापुर)
01 – Jun – 2019
जिला पूर्ति 
अधिकारी
मिर्ज़ापुर
,खाद्य एवं 
रसदविभाग
कृपया 
प्रकरणका 
गंभीरता सेपुनः 
परीक्षण कर
नियमानुसार
कार्यवाही 
करतेहुए 
15 दिवस 
मेंआख्या 
उपलब्धकराए
 जाने 
कीअपेक्षा की 
गईहै अाख्‍या
अपलोड।
11/06/
2019
प्रस्तुत प्रकरण की जांचपूर्ति 
निरीक्षक के द्वाराकरायी 
गयी पूर्तिनिरीक्षक की जांच
आख्या के अनुसारआवेदिका
 द्वाराराशनकार्ड जारी 
किएजाने के संबंध मेंशिकायत 
किया गया हैउक्त् के संबंध में 
अवगतकराना है कि
जिलाधिकारी महोदयमीरजापुर के
 आदेशपत्रांक 388 दिनांक 
02-05-2017 द्वारा खण्डविकास 
अधिकारी स्तरसे 
ग्राम वि०अ०क्षेत्रीय
लेखपाल की राशन 
कार्डसत्यापन हेतु 
ड्यूटीलगायी गयी थी जिस 
परइनके द्वारा ग्राम 
सभाकी खुली बैठक 
में राशनकार्ड का सत्यापन 
कियागया‚ तथा वही 
सूचीविभागीय बेबसाइड
 परफीड किया गया है 
अतःप्रस्तुत शिकायती
 पत्रनिक्षेपित करने
 का कष्टकरे।
निस्तारित

3-It is submitted before the Hon’ble Sir that following is the proof that your applicant remained the beneficiary of the B.P.L. Card as quite obvious from the aforementioned report and following pictures.

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                                             Yours sincerely

Date-1407-2019             Sadhana Singh C/O Arun Pratap Singh, Mobile number- 7607966615  Village and Post Office-Nibi Gaharwar District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231303.

 


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3 comments on Whether it is not reflection of rampant corruption in food and civil supplies department?

  1. Sir whether District Magistrate Mirzapur will explain that if the applicant was entitled for the B.P.L. Ration card, then why her Ration card was cancelled ipso facto obvious? Sir what is the difference in the report of District Supply Officer dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not why the feedback of the applicant accepted and grievance was revived and later on the same report of District Supply Officer, District Magistrate Mirzapur disposed of the grievance is not a cryptic dealings which is promoting lawlessness and anarchy in the government machinery.

  2. Undoubtedly there is rampant corruption i the office of the district supply officer Mirzapur but it is cryptic dealing that still no one took any action against the wrongdoers of the department.
    श्री मान जी प्रार्थिनी द्वारा न तो बी.पी.एल कार्ड के लिए कोई दावा नहीं किया गया था | किन्तु सम्बंधित द्वारा खुद ही गरीबी रेखा से नीचे कार्ड दे कर अयोग्य घोषित करना प्रार्थिनी का अपमान है और यह महिला समाज का अपमान है | श्री मान जी यदि प्रार्थिनी अपात्र है तो उसे गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन का कार्ड क्यों जारी किया गया तथा सम्बंधित के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए और प्रार्थिनी पात्र है तो उसका नाम लाभार्थिओं की सूची से विलोपित क्यों किया गया और यह निर्णय निस्संदेह ग्राम सभा की खुली बैठक में होनी चाहिए जिसमे सभी लाभार्थिओं का उपस्थिती अनिवार्य हो |

  3. This is the practice in the village panchayats that ration cards are made by the gram pradhan in consultation with the secretary of the village panchayat but it is unfortunate that now they have made business of taking the money from the beneficiary of ration card holders and they are demanding bribe openly in order to make the ration card and in such cases when the allowed limit is crossed then they cancel the earlier ration cards which is the cause of dispute. Think about the quantum of corruption that district supply officer Mirzapur submitted the affidavit of yogi M P Singh on the jansunwai portal that Yogi M P Singh is contented with the reports submitted by him he accepted in the affidavit that he had met with him which is quite wrong and this affidavit is Forged affidavit of the Yogi M P Singh which is punishable under the Indian panel code and a serious offence so he must be punished but because of rampant corruption in the department nothing is going on against him. Here it is quite important that if the government at the centre and in the state is really honest then why they are setting scot free to the corrupt staff who is siphoning the ration of the poor.

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