Whether it is not corruption that mostly private institutes are run through the scholarship money?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918007282
आवेदक कर्ता का नाम:
शिवम् वर्मा
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8687094297,8687094297
विषय:
श्री मान जी राम कुमार मौर्या का भी डाटा निक डॉट इन के कंप्यूटर द्वारा सस्पेक्ट घोषित किया गया | श्री मान जी संलग्नक के पेज का अवलोकन करे |Ram Kumar Maurya SO Jang Bahadur Maurya Name of educational
institution-Krishnawati Private ITI Lohandi Kala Mirzapur
Mirzapur Pin code-231001 Cause
of rejection of application
Suspect
due to, Enrolment Roll Number Current not matched with university uploaded
data
श्री मान जी आप के ०७०३ २०१८ के रिपोर्ट के अनुसार दशमोत्तर छात्रवृत्ति पूर्णतः ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत संचालित है राज्य निक के परीक्षणों परांत आप का डाटा संदेहास्पद घोषित किया गया है | श्री मान जी संलग्नक के पेज तीन का अवलोकन करे | श्री मान जी पेज दो का अवलोकन करे जिसमे आपने सिर्फ एक जीरो सुधारने के नाम पर सूचना प्रद्योगिकी अधिनियम की धमकी तक की बात कर डाली | यहा तो आप ने दो जीरो वाले मामले को हल कर डाला क्यों अब निक डॉट इन का कंप्यूटर क्या कर रहा है और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिनियम का क्या हुआ | श्री मान प्राइवेट विद्यालयों के छात्रो को १२००० रुपये छात्रवृत्ति देने में भी आप को गुरेज नही है किन्तु हम छात्रो को जो की सरकारी कालेजो में पढ़ते है सिर्फ ६००० रुपये देने में कितने बहाने बना रहे है | क्या यह भ्रस्टाचार नही है | जब दो जीरो गलती करने वाला पात्र है १२००० रुपये का तो एक जीरो की गलती करने वाला ६००० रुपये का भी नही | श्री मान छात्रवृत्ति योग्य छात्रो को डी जाती है जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो किन्तु आप ने एक थ्रू आउट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण गणित के छात्र को दरकिनार कर दिया जो छात्रवृत्ति का पूर्ण हकदार है | यदि निक डॉट इन के स्क्रूटिनी रिजल्ट द्वारा डाटा संदेहास्पद घोषित है तो किस आधार पर राम कुमार मौर्या का ऑनलाइन आवेदन जिला स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया | कुछ तो राज है | श्री मान जी संलग्नक के पेज का अवलोकन करे | आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या-40019918005873, आवेदक कर्ता का नामशिवम् वर्मा आवेदक कर्ता का मोबाइल न०8687094297 में फीड बैक प्रस्तुत है जिसका निस्तारण अभी भी लंबित है | श्री मान मुख्यमंत्री महोदय प्रार्थी को न्याय दिलवाने की कृपा करे | और बीसों वर्सो से डटे मिर्जापुर के लोकल लोगो को जो कार्यालयों में तैनात और पर्याप्त धन संपत्ति अर्जित कर लिए है यहा से हटाये| करंट ट्रान्सफर पालिसी के अनुसार तीन वर्षो से एक ही डिस्ट्रिक्ट में डटे और सात वर्षो से मंडल में डटे सरकारी कर्मियों का तबादला अन्य डिस्ट्रिक्ट और मंडल में होना अनिवार्य है किन्तु कैबनेट की मंजूरी प्राप्त शासनादेश को दरकिनार कर अपने गृह जनपद में बीसों वर्सो से डटे हुए है | आप का आज्ञा कारी शिवम् वर्मा
नियत तिथि:
16
– Apr – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 07/04/2018को फीडबैक:- राम कुमार मौर्या का अनुक्रमांक/ पंजीयन क्रमांक -00160809177263 और मातृभाषा में अनुक्रमांक/ पंजीयन क्रमांक ००१६०८०९१७७२६३ जब की राम कुमार मौर्या ने अपने ऑनलाइन आवेदन में पंजीयन क्रमांक १६०८०९१७७२६३ भरा है श्री मान जी निक डॉट इन के संगणक में राम कुमार मौर्या का डाटा सही भरा है जिसके अनुसार उनका पंजीयन क्रमांक ००१६०८०९१७७२६३ है और उनके मार्क्स शीट पर भी यही पंजीयन क्रमांक दर्ज है | इसलिए निक डॉट इन का संगणक गलत नही है बल्कि आप लोगो की नियत में खोट है | श्री मान जी राम कुमार मौर्या को भी ०२/०२/२०१८ तक त्रुटी शुद्ध कर लेना था किन्तु आप डॉक्यूमेंट का अवलोकन करे क्या उन्होंने शुद्ध किया फिर आप ने कैसे उन्हें कैसे छात्रवृत्ति दे दी| निस्संदेह छात्रवृत्ति उनका अधिकार था और उन्हें मिलना भी चाहिए था किन्तु जिस प्रकार मेरी छात्रवृत्ति आपने रोकी है उन्हें भी नही दी जानी चाहिए | जितने भी प्राइवेट संस्थाए है वे सभी छात्रवृत्ति के पैसे से ही तो चलती है |श्री मान जी राम कुमार मौर्या का डाटा ०८/०३/२०१८ को वेरीफाई किया गया है जब की उससे पूर्व डाटा सस्पेक्ट है जो सिद्ध करता है की राम कुमार मौर्या निश्चित तिथि तक डाटा शुद्ध नही किये थे | राम कुमार मौर्या ने आप को कोई आवेदन दिया था शुद्ध करने हेतु उसकी नोटिंग्स और दैनिक रजिस्टर में उसकी एंट्री है | जब की प्रार्थी अब तक दर्जनों पत्र दे चुका है यदि आप के खिलाफ सीधे आरोप सिद्ध नही होते तो परिस्थिति जन्य प्रमाण भ्रस्टाचार की ओर इशारा करते जिसे नजर अंदाज नही किया जा सकता है |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
01 – Apr – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
05/04/2018
आख्‍या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
02 – Apr – 2018
जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्‍या अपलोड है
05/04/2018
कृपया संलग्नक के अनुसार निस्तारित करने का कष्ट करंे
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

राम कुमार मौर्या का अनुक्रमांक/ पंजीयन क्रमांक -00160809177263 और मातृभाषा में अनुक्रमांक/ पंजीयन क्रमांक – ००१६०८०९१७७२६३ जब की राम कुमार मौर्या ने अपने ऑनलाइन आवेदन में पंजीयन क्रमांक – १६०८०९१७७२६३ भरा है श्री मान जी निक डॉट इन के संगणक में राम कुमार मौर्या का डाटा सही भरा है जिसके अनुसार उनका पंजीयन क्रमांक – ००१६०८०९१७७२६३ है और उनके मार्क्स शीट पर भी यही पंजीयन क्रमांक दर्ज है | इसलिए निक डॉट इन का संगणक गलत नही है बल्कि आप लोगो की नियत में खोट है | श्री मान जी राम कुमार मौर्या को भी ०२/०२/२०१८ तक त्रुटी शुद्ध कर लेना था किन्तु आप डॉक्यूमेंट का अवलोकन करे क्या उन्होंने शुद्ध किया फिर आप ने कैसे उन्हें कैसे छात्रवृत्ति दे दी| निस्संदेह छात्रवृत्ति उनका अधिकार था और उन्हें मिलना भी चाहिए था किन्तु जिस प्रकार मेरी छात्रवृत्ति आपने रोकी है उन्हें भी नही दी जानी चाहिए | जितने भी प्राइवेट संस्थाए है वे सभी छात्रवृत्ति के पैसे से ही तो चलती है |श्री मान जी राम कुमार मौर्या का डाटा ०८/०३/२०१८ को वेरीफाई किया गया है जब की उससे पूर्व डाटा सस्पेक्ट है जो सिद्ध करता है की राम कुमार मौर्या निश्चित तिथि तक डाटा शुद्ध नही किये थे | राम कुमार मौर्या ने आप को कोई आवेदन दिया था शुद्ध करने हेतु उसकी नोटिंग्स और दैनिक रजिस्टर में उसकी एंट्री है | जब की प्रार्थी अब तक दर्जनों पत्र दे चुका है यदि आप के खिलाफ सीधे आरोप सिद्ध नही होते तो परिस्थिति जन्य प्रमाण भ्रस्टाचार की ओर इशारा करते जिसे नजर अंदाज नही किया जा सकता है |

Arun Pratap Singh
2 years ago

If for the correction of the error, there was a fixed date and after that date no correction was feasible then how correction was made at latter date? It seems that cause may be illegal gratification. After all on similar ground, Shivam Verma may be provided scholarship without changing the on line application.