Whether it is justified to procrastinate on the matter concerned with the deep-rooted corruption MGKVP University

 

Status for Grievance registration number: PMOPG/E/2020/0399848

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
09/05/2020
Received By Ministry/Department
Prime Ministers Office
Grievance Description
The matter concerned with deep-rooted corruption of Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith Varanasi and pending for one year for action unfortunately concerned accountable public functionaries are only procrastinating on this serious matter.
मंडलायुक्त द्वारा दिनाक06-12-2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
श्री मान जी मामला महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय द्वारा हमारे विद्यार्थियों से की जा रही करोडो रुपये के मनमाना वसूली से है जिसे मंडलायुक्त द्वारा मनमाने तरीके से बंद कर दिया गया और प्रार्थी को भी अवगत नही कराया गया श्री मान जी शुरू में छह महीने तक प्रकरण में टाल मटोल महात्मा गाँधी काशी विद्या पीठ वाराणसी द्वारा किया गया और उसके पश्चात दिनांक २०/सितम्बर /२०१९ पत्रांक १५९०५ जो की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है सम्बंधित महाविद्यालय को पत्र भेज कर पुनः स्पस्टीकरण मागा गया महाविद्यालय द्वारा कोई स्पस्टीकरण उपलब्ध नही कराया गया किन्तु अब ब्यथा को मनमानी तरीके से बंद कर दिया गया और क्यों बंद कर दिया गया मुझसे बेहतर आप समझते है समझाने की आवश्यकता नही है संतोष नही है अन्यथा सरकार द्वारा प्रदान की जा रही क्या भारी तनख्वाह पर्याप्त नही है
शिकायत संख्या 60000190128222आवेदककर्ता का नाम: Yogi M P Singh Sir, undoubtedly you have understood the contents of the grievance.
But, unfortunately, you have taken near about six months to understand it. Here I don’t want to forget the Latin maxim that Justice delayed is justice denied.
Think about the gravity of the situation that you Honourable Sir is procrastinating on the matter for six months because you could not understand the concept and now planning to procrastinate in the name of seeking an explanation. Even an average person can understand that matter concerned with the deep-rooted corruption by taking concerned public functionaries in good faith, but those redressing the grievance still could not understand. Whether justice is available in this largest democracy in the world where a public-spirited individual, tortured by putting a substanceless bogus report on the august portal of the Government of Uttar Pradesh? Now in the wide public interest, they must reveal that how much time they will be take in obtaining an explanation from the erring institution.
I pray before the Honourable Sir that whether it is not corruption reflecting in the working of the District Magistrate Varanasi. फीडबैक :दिनांक 10/05/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं report  प्रेषित करें
फीडबैक की स्थिति:जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 10/05/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है
श्री मान जी शुरू में छह महीने तक प्रकरण में टाल मटोल महात्मा गाँधी काशी विद्या पीठ वाराणसी द्वारा किया गया और उसके पश्चात दिनांक २०/सितम्बर /२०१९ पत्रांक १५९०५ जो की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है
इसका मतलब है हर किसी की अखण्डता संदिग्ध है तभी तो शिकायत कर्ता को मामले से दूर रखा जा रहा है हो भी क्यों न क्यों की महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में ऐसे हजारो मामले है
Grievance Document
Current Status
Case closed
Date of Action
07/09/2020
Remarks
श्री योगी एम.पी. सिंह द्वारा पी.जी. पोर्टल पर षिकायत दर्ज कराते हुये उल्लेख किया गया है कि महात्मा गाॅधी काषी विद्यापीठ, वाराणसी से मान्यता प्राप्त महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से की जा रही वसूली के सम्बन्ध मंे कार्यवाही किये जाने की माॅग की गयी है प्रकरण मंे कार्यवाही विश्वविद्यालय स्तर से किया जाना अपेक्षित है अतएव शासन के पत्र दिनाँक 01.09.2020 द्वारा विश्वविद्यालय को प्रश्नगत संदर्भ अंतरित कर दिया गया है शुलभ संदर्भ हेतु पत्र की छायाप्रति संलग्न है
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Poor
Rating Remarks
Sir, you endorsed the letter to District Magistrate Varanasi and mysterious role of district magistrate Varanasi, not hidden to you. What happened if, after the cryptic role of the district magistrate Varanasi.
The matter endorsed to the commissioner concerned who also accepted the arbitrary report of the concerned Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University Varanasi by keeping the applicant aloof from the matter.
Which implies the role of everyone who remained the investigator or monitor of investigator played a cryptic role to promote the corruption.
It is the most important thing that earlier they were running away and still at present they are running away from taking any concrete action in the matter.
Undoubtedly they have disposed of the grievance but can they tell me their findings undoubtedly not because such cunning tricks are only used to procrastinate and languish the matter. The outcome of grievance is that the chief minister office sent a communication to them.
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Arun Kumar Dube
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
sushil7769@gmail.com
Contact Number
0522 2226349

संदर्भ संख्या : 60000200057532 , दिनांक – 08 Sep 2020 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

60000200057532

आवेदक का नाम

Yogi M P Singh

विषय

The matter concerned with deep-rooted corruption of Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith Varanasi and pending for one year for action unfortunately concerned accountable public functionaries are only procrastinating on this serious matter. मंडलायुक्त द्वारा दिनाक06-12-2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है श्री मान जी मामला महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय द्वारा हमारे विद्यार्थियों से की जा रही करोडो रुपये के मनमाना वसूली से है जिसे मंडलायुक्त द्वारा मनमाने तरीके से बंद कर दिया गया और प्रार्थी को भी अवगत नही कराया गया श्री मान जी शुरू में छह महीने तक प्रकरण में टाल मटोल महात्मा गाँधी काशी विद्या पीठ वाराणसी द्वारा किया गया और उसके पश्चात दिनांक २०/सितम्बर /२०१९ पत्रांक १५९०५ जो की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है सम्बंधित महाविद्यालय को पत्र भेज कर पुनः स्पस्टीकरण मागा गया महाविद्यालय द्वारा कोई स्पस्टीकरण उपलब्ध नही कराया गया किन्तु अब ब्यथा को मनमानी तरीके से बंद कर दिया गया और क्यों बंद कर दिया गया मुझसे बेहतर आप समझते है समझाने की आवश्यकता नही है संतोष नही है अन्यथा सरकार द्वारा प्रदान की जा रही क्या भारी तनख्वाह पर्याप्त नही है शिकायत संख्या 60000190128222आवेदककर्ता का नाम: Yogi M P Singh Sir, undoubtedly you have understood the contents of the grievance but, unfortunately, you have taken near about six months to understand it. Here I don’t want to forget the Latin maxim that Justice delayed is justice denied. Think about the gravity of the situation that you Honourable Sir is procrastinating on the matter for six months because you could not understand the concept and now planning to procrastinate in the name of seeking an explanation. Even an average person can understand that matter concerned with the deep-rooted corruption by taking concerned public functionaries in good faith, but those redressing the grievance still could not understand. Whether justice is available in this largest democracy in the world where a public-spirited individual, tortured by putting a substanceless bogus report on the august portal of the Government of Uttar Pradesh? Now in the wide public interest, they must reveal that how much time they will be take in obtaining an explanation from the erring institution.I pray before the Honourable Sir that whether it is not corruption reflecting in the working of the District Magistrate Varanasi. फीडबैक :दिनांक 10/05/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें फीडबैक की स्थिति:जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 10/05/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है श्री मान जी शुरू में छह महीने तक प्रकरण में टाल मटोल महात्मा गाँधी काशी विद्या पीठ वाराणसी द्वारा किया गया और उसके पश्चात दिनांक २०/सितम्बर /२०१९ पत्रांक १५९०५ जो की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है इसका मतलब है हर किसी की अखण्डता संदिग्ध है तभी तो शिकायत कर्ता को मामले से दूर रखा जा रहा है हो भी क्यों क्यों की महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ में ऐसे हजारो मामले है

विभाग

उच्‍च शिक्षा विभाग

शिकायत श्रेणी

नियोजित तारीख

17-06-2020

शिकायत की स्थिति

स्तर

शासन स्तर

पद

अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव

प्राप्त रिमाइंडर

प्राप्त फीडबैक

दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति

संलग्नक देखें

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नोट अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश/

आपत्ति दिनांक

आदेश/

आपत्ति

आख्या देने वाले अधिकारी

आख्या दिनांक

रिपोर्ट

स्थिति

1

अंतरित

लोक शिकायत अनुभाग – 1(, मुख्यमंत्री कार्यालय )

02-06-2020

कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।

अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग

07-09-2020

श्री योगी एम.पी. सिंह द्वारा पी.जी. पोर्टल पर षिकायत दर्ज कराते हुये उल्लेख किया गया है कि महात्मा गाॅधी काषी विद्यापीठ, वाराणसी से मान्यता प्राप्त महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों से की जा रही वसूली के सम्बन्ध मंे कार्यवाही किये जाने की माॅग की गयी है। प्रकरण मंे कार्यवाही विश्वविद्यालय स्तर से किया जाना अपेक्षित है। अतएव शासन के पत्र दिनाँक 01.09.2020 द्वारा विश्वविद्यालय को प्रश्नगत संदर्भ अंतरित कर दिया गया है। शुलभ संदर्भ हेतु पत्र की छायाप्रति संलग्न है।

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Beerbhadra Singh
2 months ago

This matter was also taken up under Right to Information act 2005 but it is unfortunate concerned State Public Information Officer did not provide information to the information seeker which is the mockery of the provisions of The Right to Information act 2005 such practices must be curbed by the state government at any cost.

Arun Pratap Singh
2 months ago

Sir, you endorsed the letter to District Magistrate Varanasi and mysterious role of district magistrate Varanasi is not hidden to you. What happened if, after the cryptic role of the district magistrate Varanasi, the matter was endorsed to the commissioner concerned who also accepted the arbitrary inconsistent report of the concerned Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University Varanasi by keeping the applicant aloof from the matter which implies the role of everyone who remained the investigator or monitor of investigator played a cryptic role to promote the corruption.

Preeti Singh
2 months ago

Undoubtedly they have disposed of the grievance but can they tell me their findings undoubtedly not because such cunning tricks are only used to procrastinate and languish the matter? The outcome of grievance is that the chief minister office sent a communication to registrar Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith nothing else and they made the complainant stupid by misleading him but one thing is proved that university has blessings of the chief minister office.

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
2 months ago

From the post it is quite obvious that additional fee was charged from the students of the Pushpa Singh Law College Chunar and this additional fee was charged on behalf of Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth University Varanasi but it is unfortunate repeated representations are being submitted but no action is being taken by the accountable public functionaries of the Government of Uttar Pradesh they are only procrastinating on the matter which is the mockery of the law of land and such cryptic activities are only promoting the corruption in the government machinery.