Whether in this mismanagement and complete anarchy we can face challenges of novel Corona Virus

Whether judiciary will provide us Right to Life from global epidemic corona virus pandemic?

Wednesday, April 29, 2020

11:05 PM

Subject

RE: Whether judiciary will provide us Right to Life from global epidemic corona virus pandemic?

From

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

To

yogimpsingh@outlook.com; supremecourt; presidentofindia@rb.nic.in; pmosb; urgent-action; secy-cic@nic.in; hgovup@up.nic.in; cmup; csup@up.nic.in; uphrclko@yahoo.co.in; lokayukta@hotmail.com

Sent

Wednesday, April 29, 2020 3:59 PM

This communication may be considered as the reminder of attached e-mail representation sent to Hon’ble chief justice of India.

Regarding Uttar Pradesh, new patients of Corona Virus has just doubled in 10 days which is alarming and causing fear in the mind of every citizen of India but few people do not want to compromise with their corrupt style of working.

Following public-spirited individual wants to draw the attention of every accountable staff of the government of India towards the corruption in the government plans or strategy to tackle the menace of giant parasite Corona Virus pandemic/Global Epidemic. The request of this individual is to implement the strategy to deal with the novel Corona Virus in a transparent and accountable manner. The ramifications of this pandemic are surprising so the need of the hour is to remain more vigilant.

देश के करोड़ों नागरिकों,जनप्रतिनिधियो,सामाजिक कार्यकर्ताओं,अधिकारियो के नाम खुला पत्र-12

*********

कोरोना कह रहा है……………..

हमने सब कुछ बदल दिया, तुम  कब बदलोगे.

*********                 देश में कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद सब कुछ ठहर गया है । खबर आने लगी कि बाहर की हवा साफ हो गई है । एक अरसे से प्रदूषण की दंश झेलती गंगा यमुना का पानी निर्मल होने लगा है। ऐसा लगा कि सब कुछ बदल जाएगा लेकिन  इस बदलाव के दौर मे  महासंकट  की शक्ल ले रही  मुसीबत  में फंसने के बाद भी व्यक्ति के मस्तिष्क मे जगह बना चुकी भ्रष्टाचार नही रुक पायी। सब कुछ पहले की ही तरह चल रहा है  ,  जो भविष्य के किसी और बड़ी मुसीबत का संकेत है।  वर्तमान में भी फितरतबाजी और तिकड़मबाजी के आधार पर चल रहा गोरख धंधे पर कोरोना का भी प्रभाव बेअसर है। चाहे पुलिस प्रशासन की बात हो , या हम सभी के बीच के जनप्रतिनिधि अथवा समाजसेवी हो जो  भ्रष्टाचार  की  दलदल में फंस चुके हैं। वे सभी अपने अपने हिसाब से इस संकट के बीच कोरोना महामारी की जमीन पर भी  धंधे का रास्ता बना रहे हैं। पुलिस प्रशासन भी  अपने  चेहरे पर  पूर्व में लगी रिश्वत  एवं घूसखोरी के धब्बे को  धोकर साफ करती दिखाई पड़ रही है। छोटे बड़े  सभी नेता  अपनी अपनी राजनीति की  जमीन  बनाने में लगे हैं। हेरा फेरी में  महारत रखने वाले  अधिकारी भी  अपना काम कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में भला देश की लाचार एवं बेबस मीडिया भी क्या करेगी । वह भी  इन सभी  के पीछे पीछे चलती दिखाई पड़ रही है। नतीजा  कोरोना संक्रमण के बचाव और राहत के इस राष्ट्रीय मैच में छक्के, चौके  लगाने की प्रतिस्पर्धा के बीच प्रत्येक गतिविधियों में भ्रष्टाचार के रुझान मिलने शुरू हो गए हैं । इससे मैं काफी आहत हूं  और  देश का हर एक  ईमानदार इंसान भी जानकर आहत  हो रहा है। यही वजह है कि हमारे प्रदेश के कुछ एक सांसद विधायक पूर्णा राहत फंड में दी गई बड़ी राशि को वापस लेने के लिए पत्र भी लिख दिया है। मानना पड़ेगा कि कोरोना संक्रमण के नाम पर  जो खेल इस देश में शुरू हुआ  है, उसे देख कर  तो यही लग रहा है कि महामारी भी  मान जाएगी। देश मे भ्रष्टाचार की जड़ें जितनी मजबूत है, उतनी ही गहरी भी है। हम कोरोना संक्रमण की पिच पर शुरू हुए इस खेल के कुछ रुझानों पर आपका ध्यान एक-एक करके आकृष्ट कराना चाहूंगा।                                                                      

1- हम सभी देख रहे हैं कि हमारे डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी इस महामारी से देश का बेड़ा पार करने के लिए स्वयं और अपने परिवार की चिंता किए बगैर कोरोना संक्रमितो का इलाज एवं देखभाल करने में दिनरात जुटे हुए हैं । देश उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं आभार भी जता रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में घटिया किस्म की पीपीई किट और मास्क के सप्लाई की बात सामने आ रही है। आपको बताना चाहूंगा कि महानिदेशक स्वास्थ्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण ने इसका संज्ञान लेकर एक पत्र लिखकर निम्न गुणवत्ता के कीटों से डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के जान को खतरा बताया है और उसे वापस करने के लिए कहा है । इस प्रकार आगे जिस सैनिटाइजर का छिड़काव संक्रमण की रोकथाम के लिए धड़ल्ले से किया जा रहा है उस पर भी संदेह होना स्वाभाविक है ।

2- हम सभी जानते हैं कि कोई भी महामारी अपने साथ बेकारी एवं भुखमरी जैसी  गंभीर  चुनौतियों को साथ में लेकर आती हैं है, जिससे वर्तमान में पूरा देश दो -चार भी हो रहा है । देश के सामने हर जरूरतमंद को राशन पानी मुहैया कराने की एक बड़ी चुनौती  है क्योंकि  इसमें कहीं चूक हो जाएगी तो संक्रमण से कहीं ज्यादा मौतें भूख से हो सकती है । बस इसके बाद और क्या करना था।   मजबूरी व बेबसी के बीच  भ्रष्टाचार के जमींदार अपने अपने कम मे जुट गये  । नतीजा  वर्तमान हालात में भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था में अनियमितताओं की शिकायत थम नहीं पा रही है। प्रायः सिलसिलेवार कहीं अनाज न मिलने की शिकायत तो कहीं घटतौली की शिकायत बराबर मिल रही है ।   इस गोरखधंधे से  काटी और कपटी गई खाद्यान्न को कौन खाता है , कौन पचाता है। हम सभी जानते हैं।                                      

3-हम सभी  बखूबी देख रहे हैं कि हमारी पुलिस कितनी उदार हो गई है। लाक डाउन का पालन कराने और कानून व्यवस्था संभालने के साथ इस महामारी में फंसे लाचार, बेबस एवं जरूरतमंदों को भोजन पानी मुहैया कराने में बढ़-चढ़कर प्रदर्शन भी कर रही है। ये वही पुलिस है , जिनमें कुछ को छोड़कर अधिकतर अधिकारी ,कांस्टेबल, कर्मचारी अपनी सेवाकाल में कभी बिना खुशामद के किसी भी पीड़ित और जरूरतमंद की सेवा नहीं की होगी।  कोरोना योद्धा का तमगा मिलने के बाद भी आश्चर्य होता है जब वर्तमान में ऐसी  खबरों के आने का सिलसिला थमा नहीं है इसे देखकर तो यही माना जाएगा कि  पुराना रवैया आज भी बदस्तूर जारी है ।

4-     इस महामारी  के बीच राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए कुछ बड़ेछोटे नेताओं से अनुबंधित एवं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से पोषित क्षेत्रीय नेता और समाजसेवी भी बढ़चढ़कर प्रदर्शन करने में चूकते नहीं दिख रहे हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इनमें से अधिकतर के द्वारा जो राहत सामग्री वितरित की जा रही है। वह राजनैतिक दबाव में सरकारी विभागों के द्वारा ही मुहैया  हो रहा है अथवा किसी ऐसे कारोबारी के द्वारा किया जा रहा है अथवा अनियमित तरीके से कमाया गया धन का हिस्सा है। यह सब सिर्फ फोटो खिंचवाने और आम लोगों में  अपनी छवि को प्रदर्शित के लिए चल रहा है ।        

       इस वर्तमान  हालात मे मुझे यह कहने में जरा सा भी झिझक नहीं है कि यदि इस विश्वव्यापी  महामारी  के खेल में मेरा देश अब भी  संभल कर और स्थितियों को समझते हुए कोरोना संक्रमण के मैदान में नहीं खेलेगा तो हमारे देश  का भ्रष्टाचार करोना  को भी अपने मे समेटएगा नतीजा पूर्व के तमाम  घोटाले पीछे  छूट जाएंगे । भ्रष्टाचार का यह खेल सभी का बाप निकलेगा और कोरोना घोटाला के रूप मे सामने आएगा ।                          

 अंत में आप सभी से हमारा हाथ जोड़कर प्रार्थना एवं अपील है कि ऐसा होने से रोके। यह समझिये कि जब इस करोना ने यह साबित कर दिया है कि  इस महामारी से आज जितना भयभीत किसान. मजदूर के साथ देश का हर बेबस और लाचार हैं। उतना ही उद्योगपति, पूंजीपति , जनप्रतिनिधि से लेकर शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी भी है।  इस वायरस के संक्रमण के बीच हम सभी मानने के लिए मजबूर है कि इसके संक्रमण से न ही किसी की ताकत उसे बचा सकती है न ही उसकी पूजी ही बचा सकती है। फिर हमे यह बात समझ में क्यों नहीं आ रही है कि हमारी औकात क्या है। एक नागरिक, जनप्रतिनिधि,अधिकारी और समाजसेवी के रूप में अपने सुखमय एवं सुरक्षित जीवन के साथ राष्ट्र के प्रति हम सभी का कर्तव्य दायित्व एवं जवाबदेही क्या है । गंभीरता से विचार करिए।

*********

दिनांक 28 अप्रैल 2020                                                                 

प्रदीप कुमार शुक्ला

आरटीआई / पर्यावरण  कार्यकर्ता  मिर्जापुर,उत्तर प्रदेश

*********

From: Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Sent: Sunday, April 19, 2020 11:17 AM

To: supremecourt; presidentofindia@rb.nic.in; pmosb; urgent-action; secy-cic@nic.in; hgovup@up.nic.in; cmup; csup@up.nic.in; uphrclko@yahoo.co.in; lokayukta@hotmail.com

Subject: Whether judiciary will provide us Right to Life from global epidemic corona virus pandemic?

An application under article 32 of the constitution or India to direct central and state governments to save our lives instead of allowing cheap politics.

To

                                         Chief Justice of India/ Companion Judges of the apex court

                                            Supreme Court of India, New Delhi

Prayer-Hon’ble Sir, please protect Right to Life granted under article 21 of constitution of India as mismanagement and non-impartial policies of the government of India have put us under the grasp of fatal infectious global epidemic/pandemic Corona Virus.

The Constitution of India provides Fundamental Rights under Chapter III

These rights are guaranteed by the constitution. One of these rights is provided under article 21 which reads as follows:-

Article 21. Protection of Life And Personal Liberty: No person shall be deprived of his life or personal liberty except according to procedure established by law.

Though the phraseology of Article 21 starts with negative word but the word No has been used in relation to the word deprived. The object of the fundamental right under Article 21 is to prevent encroachment upon personal liberty and deprivation of life except according to procedure established by law.

It clearly means that this fundamental right has been provided against state only.

Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Honble Sir with due respect to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Honble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.

2-It is submitted before the Honble Sir that The speed to proliferate of this pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy. 

It is well known fact that this global epidemic is originated from other country China and this super giant entered into this largest democracy in the world either through the sea ports or air ports. How this parasite penetrated into this country if there was proper vigil at the aforementioned two places?

3-It is submitted before the Honble Sir that undoubtedly we remained failed and invited this super giant because of our mismanagement at the airports and seaports but again we remained failed in fixing accountability of those whose cryptic role paved the way to this fatal infectious global parasite to infiltrate into this country.

Article 14 of the Indian Constitution envisages the ‘Right to Equality’ before the law. This ‘Right to Equality’ applies to all the foreigners and Indians.

Article 14 of the Indian Constitution clearly states that the state/country shall not deny to any person equality before the law or the equal protection of the laws within the territory of India. This law is applicable to all citizens and foreigners.

Here this question arises that which protection of the law was provided to the wrongdoers whose dereliction of duty caused the lives of innocent people of this country under the stranglehold of global parasite Corona Virus?

4-It is submitted before the Honble Sir that if Honble Sir may take a perusal of graph concerned with the patients suffering with the Corona Virus, there is steep hike in the number of patients of Corona Virus which is not failure of the government of India in regard to tackling the problem of Corona Virus. Undoubtedly super powers are also suffering and in more vulnerable condition but here our government except lock-down in the entire country did nothing at the gross root level.

5-It is submitted before the Honble Sir that whether following information cant be provided by the prime minister offence?

The speed to proliferate of corona virus pandemic is quite swift therefore we must be alert more than the normal. Our strategy to tackle this pandemic is bipolar 1-Prevention 2-Cure/remedy.

1-Please provide other measures adopted to curb spread of pandemic at the district level including diagnosis centres excluding lock down.

2-Please provide the measures were taken to fix the accountability of those whose dereliction caused this global epidemic to spread in India.

Enter Registration Number

PMOIN/R/E/20/01955

Name

Yogi M P Singh

Date of filing

17/04/2020

Public Authority

Prime Minister’s Office

Status

REQUEST TRANSFERRED TO OTHER PUBLIC AUTHORITY

Date of action

18/04/2020

Details of Public Autority :- Department of Health & Family Welfare.

vide registration number :- MOHFW/R/T/20/00685 respectively.

Note:- Further details will be available on viewing the status of the above-mentioned new request registration number.

View Status of MOHFW/R/T/20/00685

I know well that matter forwarded by the prime minister offence is not taken seriously by the subordinate ministry as well as state governments so ipso facto they are not interested to provide information even when matter is concerned with the wide public interest.

Entire country is facing serious threat of global epidemic and every citizen is living under the terror this demon parasite corona virus

Applicant belongs to state of Uttar Pradesh where state machinery remained fail to cure single Corona patients and all the admitted patients either facing the hell of mismanaged hospitals or departing to God’s port quite obvious from the latest feedback attached.

                            खुदा भी आसमाँ से जब जमी पे देखता होगा |

             इस मेरे प्यारे देश को क्या हुआ सोचता होगा||

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.

Date-19/04/2020           Yours sincerely

                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

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Preeti Singh
7 months ago

Whether such practices are justified when we are facing most cruel demon of this universe which wants to swallow the entire humanity?
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इनमें से अधिकतर के द्वारा जो राहत सामग्री वितरित की जा रही है। वह राजनैतिक दबाव में सरकारी विभागों के द्वारा ही मुहैया हो रहा है अथवा किसी ऐसे कारोबारी के द्वारा किया जा रहा है अथवा अनियमित तरीके से कमाया गया धन का हिस्सा है। यह सब सिर्फ फोटो खिंचवाने और आम लोगों में अपनी छवि को प्रदर्शित के लिए चल रहा है ।

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
7 months ago

Undoubtedly it can never be justified to promote corruption that those public functionaries who are promoting corruption in the public aid which is being provided to the needy must not be overlooked because it is challenging time for us and in this serious challenging time at least corruption must not be allowed in the allocation of public aid to the poor people and such schemes must be implemented with transparency and accountability.

Arun Pratap Singh
7 months ago

If the public assistance is provided after the approval of local leaders, then it itself implies that government aids are not reaching to entitled people but it is filling the pocket of the corrupt government functionaries. When there will be no transparency and accountability in the dealings of the government specially when it is dealing with the menace of Corona Virus Epidemic which is dangerous demon of this universe, how will it be tacked? Because of rampant corruption in the government machinery.this demon intruded into this country otherwise it has been blocked at the borders.

Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
7 months ago

Undoubtedly our accountable public functionaries are responsible for these deaths which are taking place because of the corona virus epidemic because this giant parasite entered into this country because of the carelessness at the sea ports and airports because no proper sanitizer or quarantine and other things were adopted to prevent this giant parasite to enter into the country. This mismanagement was exposed by the media repeatedly but concerned accountable public functionaries ignored it and such failure is because of the mis management of the central government especially Prime Minister office.