Whether the girl student belonging to oppressed section will get justice in this anarchy ?

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
Whether the girl student belonging to oppressed section will get justice in this anarchy when lawlessness and chaos on its climax?
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 4 February 2019 at 22:29
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>

श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है | श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी में रखा गया है |
कारण -जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच है स्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में |
श्री मान जी अब आप समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गई और दिनांक २५/१२/२०१८ को जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है जिसके द्वारा निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया गया है की छात्रा द्वारा अनुसूचित जनजाति का ही चुनाव किया गया है इसलिए उसको सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी से सम्बंधित कार्यवाही आपके स्तर से ही समीचीन है |
     श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा प्रत्यावेदन व संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों | आख्या पर टालमटोल कर छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है प्रार्थी के समझ से परे है |
महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों |
प्रथम वरीयता वह एक लडकी है दूसरी अनुसूचित जन जाति की है इसलिए सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशी से वंचित करना वह भी डाटा की बाजी गरी किसी भी तरह से उचित नही है |
                                   
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918037233
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Submission is under article 51 {a} of the constitution of India for the aggrieved student pro-Bono. Subject-Hardship in submitting the hard copy of the online correction made by the applicant so invites the kind attention of the Honourable Sir to the miseries being faced by the applicant. The matter is concerned with an applicant whose detail is as follows- रजिस्ट्रेशन संख्या:-690030201800560,जिला (जहाँ छात्र/छात्रा अध्ययनरत है):Mirzapur शिक्षण संस्थान: K.B.P. G. COLLAGE MIRZAPUR वर्ग/जाति समूहअनुसूचित जातिछात्र/छात्रा का नाम: KM KAJAL पिता का नाम:Santosh, जन्मतिथि:17/03/2000 and more detail is attached with representation in the form of the document . Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows. 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that during the scrutiny it was found that the candidate belongs to scheduled tribe category not scheduled caste category so data fed kept under suspense category but now it has been rectified. Which is quite obvious from the attached documents with this representation. 2-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that everyone knows that what was gone in the college on Saturday i.e. on 22/11/2018 which was widely circulated in most of the daily newspapers. Both teachers and student union were on loggerheads against each other on the issue of winter’s holiday. Whether it is feasible for a girls student to submit the hard copy of the online submitted application for the scholarship. 3-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that there is one week holiday and nowadays college remained closed most of the days of months so scanned copy of original papers are attached with the representation may be treated as submitted by the applicant and moreover if the student will get chance, then she will never miss the opportunity to submit the hard copy.
नियत तिथि:
09 – Jan – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
25 – Dec – 2018
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
01/01/2019
letter no 2261-62 date 01-01-2019———————–
निस्तारित
[Quoted text hidden]


2 attachments
Document of Kajal.pdf
1835K
Document of Kajal.docx
3986K
0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
3 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा प्रत्यावेदन व संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों | आख्या पर टालमटोल कर छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है प्रार्थी के समझ से परे है |
महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों |

Arun Pratap Singh
1 year ago

How much careless is the staff of the social welfare department, government of Uttar Pradesh quite obvious from the working style of the government.Whether it is not corruption that corrupt deeds are being exposed but accountable public functionaries are the mute spectators.
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक प्राप्त आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 25 – Dec – 2018 जिला समाज कल्याण अधिकारी-मिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग — 01/01/2019 letter no 2261-62 date 01-01-2019———————– निस्तारित

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

It is quite obvious that matter is concerned with the rampant corruption in the disbursement of the scholarship to the poor students but it is unfortunate that accountable public functionaries in the state of Uttar Pradesh is not taking any action which is a reflection of lawlessness and Anarchy in the state. More than a week passed but no action was taken on the feedback submitted by the public spirited applicant in favour of aggrieved student.
फीडबैक : दिनांक 12/02/2019को फीडबैक:- श्री मान जी निदेशक समाज कल्याण लखनऊ व समाज कल्याण अधिकारी मिर्जापुर के विरुद्ध सार्वजनिक दस्तावेजो में हेराफेरी करने व दलित वर्ग की छात्रा को परेशान व सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति से वंचित करने का आरोप प्रार्थी की ओर से है | श्री मान जब छात्रा द्वारा अनुसूचित जाति को अनुसूचित जनजाति बना कर शुद्ध किया जा चुका है तो इस समय लॉक्ड डाटा में अनुसूचित जाति क्यों प्रदर्शित हो रहा है | क्योकि लॉक्ड डाटा को तो केवल उपरोक्त दोनों के अलावा तीसरा नही खोल सकता है | इसलिए उपरोक्त दोनों ने एक सगठित अपराध कारित किया जो किसी तरह से क्षम्य नही है | इसलिए भारतीय दंड विधान की धारा sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C श्री मान जी जिला छात्रवृत्ति समिति जिसका सर्वेसर्वा जिला समाज कल्याण अधिकारी होता है अनुसूचित जनजाति की छात्रा का आवेदन फॉर्म इस आधार पर रद कर दिया गया की एनरोल मेंट नंबर रोल नंबर मैच नही किया विश्वविद्यालय द्वारा अप लोडेड डाटा से श्री