Whether enquiry report is relevant to submitted grievance if not what is credibility of such redress?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917002602
आवेदक कर्ता का
नाम:
ओम
प्रकाशदुबे
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
8756443362,8756443362
विषय:
दिनांक १५०७२०१७ को
थाना समाधान दिवस में थानाध्यक्ष महोदय द्वारा पूरा प्रकरण विस्तार से समझने के उपरांत दोनों पक्षों के समक्ष यह फैसला लिया गया की यदि मुक़दमा दाखिल करने के
उपरांत यथास्थित बनाये रखना जरूरी है
तो सभी पक्षों को
इसका सम्मान करना होगा इसलिए कोई भी बिबादित भूखंड उपयोग नही करेगा कोई घर बनाएगा और ही कोई जोते गा या
बोएगा और
जो इसका पालन नही करेगा उसके ऊपर मुक़दमे की कार्यवाही की जायेगी | अवगत कराना है
की आज
सूर्य नारायण दुबे पुत्र श्यामा चरण दुबे जिन्होंने खुद २५
वर्ष हुए बटवारे से
संतुस्ट हो कर बटवारे के लिए वाद उपजिलाधिकारी न्यायलय में दाखिल किया है अपने हिस्से की
भूखंड में जुताई बुवाई कराया जो
की माननीय थाना अध्यक्ष महोदय के
निदेशो का
खुला उल्लंघन है और
अपराध की
कोटि में आता है
इसलिए उपरोक्त के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही लाजमी है
जिससे लोगो का विश्वास पुलिस प्रशासन में दृढ हो | आख्या
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
(पुलिस ) 28 – Jun – 2017 क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का
कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच रिपोर्ट सेवा में प्रेषित है।
10 – Jul – 2017 जाँच आख्या संलग्न प्रेषित आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित श्री मान जी उपरोक्त प्रकरण में माननीय
न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर द्वारा कोई आदेश निर्गत अभी तक नही हुआ किन्तु
प्रार्थी का घर विन्ध्याचल पुलिस द्वारा रोका जा रहा है न्यायालय प्रश्नोत्तरी
का मखौल उड़ाया जा रहा है जो न्यायालय का अनादर है
| श्री मान जी
क्या उपजिलाधिकारी महोदय न्यायालय में लंबित ट्रायल में प्रशासनिक आदेश बार बार पास कर
सकते है
क्या यह
न्यायालय की
स्वतनत्रता में हस्तक्षेप नही है | अगर उन्हें कोई आदेश पास करना है तो
लंबित प्रकरण में आदेश पारित करे जिसका दोनों पक्ष समादर करे | प्रार्थी को विन्ध्याचल पुलिस तीन बार १०७१६ १५१ में दो
बार निरुद्ध कर चुकी है तीसरी बार एक
दिन विन्ध्याचल पुलिस स्टेशन में बंद करने के
उपरांत दुसरे दिन माननीय थानाध्यक्ष महोदय के हस्तक्षेप के उपरांत छोड़ा गया | श्री मान जी
कृपया न्याय करे | आपका आज्ञा कारी ओमप्रकाश दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे
नियत तिथि:
02 – Aug – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
18 – Jul – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
25 – Jul – 2017
अनुमोदित
निस्तारित
2
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
19 – Jul – 2017
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षकविन्ध्याचल,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच आख्या स्केन कर अपलोड करे
24 – Jul – 2017
आख्या
संलग्न है
अस्वीकृत
3
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
19 – Jul – 2017
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षकविन्ध्याचल,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें अनुमोदित
25 – Jul – 2017
आख्या
संलग्न है
निस्तारित

2 comments on Whether enquiry report is relevant to submitted grievance if not what is credibility of such redress?

  1. श्री मान जी उपरोक्त प्रकरण में माननीय न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर द्वारा कोई आदेश निर्गत अभी तक नही हुआ किन्तु प्रार्थी का घर विन्ध्याचल पुलिस द्वारा रोका जा रहा है न्यायालय प्रश्नोत्तरी का मखौल उड़ाया जा रहा है जो न्यायालय का अनादर है | श्री मान जी क्या उपजिलाधिकारी महोदय न्यायालय में लंबित ट्रायल में प्रशासनिक आदेश बार बार पास कर सकते है क्या यह न्यायालय की स्वतनत्रता में हस्तक्षेप नही है | अगर उन्हें कोई आदेश पास करना है तो लंबित प्रकरण में आदेश पारित करे जिसका दोनों पक्ष समादर करे | प्रार्थी को विन्ध्याचल पुलिस तीन बार १०७१६ १५१ में दो बार निरुद्ध कर चुकी है तीसरी बार एक दिन विन्ध्याचल पुलिस स्टेशन में बंद करने के उपरांत दुसरे दिन माननीय थानाध्यक्ष महोदय के हस्तक्षेप के उपरांत छोड़ा गया |

  2. Whether it is justified to seek repartition after 25 years of mutual partition among the brothers. More than 50 percent properties has been sold by litigant.
    दिनांक १५०७२०१७ को थाना समाधान दिवस में थानाध्यक्ष महोदय द्वारा पूरा प्रकरण विस्तार से समझने के उपरांत दोनों पक्षों के समक्ष यह फैसला लिया गया की यदि मुक़दमा दाखिल करने के उपरांत यथास्थित बनाये रखना जरूरी है तो सभी पक्षों को इसका सम्मान करना होगा इसलिए कोई भी बिबादित भूखंड उपयोग नही करेगा न कोई घर बनाएगा और न ही कोई जोते गा या बोएगा और जो इसका पालन नही करेगा उसके ऊपर मुक़दमे की कार्यवाही की जायेगी | अवगत कराना है की आज सूर्य नारायण दुबे पुत्र श्यामा चरण दुबे जिन्होंने खुद २५ वर्ष हुए बटवारे से संतुस्ट न हो कर बटवारे के लिए वाद उपजिलाधिकारी न्यायलय में दाखिल किया है अपने हिस्से की भूखंड में जुताई बुवाई कराया जो की माननीय थाना अध्यक्ष महोदय के निदेशो का खुला उल्लंघन है और अपराध की कोटि में आता है इसलिए उपरोक्त के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही लाजमी है जिससे लोगो का विश्वास पुलिस प्रशासन में दृढ हो |

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