Whether commissioner Mirzapur will provide information to aggrieved Harishchand?

Registration Number COMZP/R/2020/60002
Name Harishchandra
Date of Filing 10/06/2020
Status RTI REQUEST RECEIVED as on 10/06/2020
  Nodal Officer Details  
Telephone Number 9454416807
Email-ID commmir@up.nic.in

Online RTI Request Form Details

Public Authority Details :-
* Public Authority COMMISSIONER OFFICE MIRZAPUR
Personal Details of RTI Applicant:-
Registration Number COMZP/R/2020/60002
Date of Filing 10/06/2020
* Name Harishchandra
Gender Male
* Address Village Adampur , Post Nibee Gaharwar, Block Chhanvey
Pincode 231303
Country India
State Uttar Pradesh
Status Details not provided
Pincode Literate
Phone Number Details not provided
Mobile Number +91-7054703028
Email-ID preetisinghgaharwar

[at]gmail[dot]com

Request Details :-
Citizenship Indian
* Is the Applicant Below Poverty Line ? Yes
BPL Card No.
(Proof of BPL may be provided as an attachment)
219940687530
Year of Issue 1998
Issuing Authority District Supply Officer
((Description of Information sought (upto 500 characters) )
* Description of Information Sought शिकायत संख्या:-40019918024952 आवेदक का नाम-हरिश्चंद पासी Aforementioned online complaint submitted on the Jansunwai Portal of Government of Uttar Pradesh was forwarded to Commissioner Mirzapur on 25/09/2018 and submitted by the concerned mandate on 25/09/2018. Feedback was submitted on 28/09/2019 and action on which approved by A.D.M. F/R on 24/11/2019. Please provide the following information as sought.

1-Provide the action on feedback and posting detail of concerned staff including post and designation.

2-Name and posting detail of A.D.M. F/R on 24/11/2019.

3-Provide detail of staffs of office of the commissioner who played a vital role in redressing the grievance which status is as such quite obvious from the report of B.D.O. Chhanvey attached to the communique.

* Concerned PIO Nodal Officer
Supporting document ((only pdf upto 1 MB))

संदर्भ संख्या : 40019918024952 , दिनांक – 10 Jun 2020 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

40019918024952

आवेदक का नाम

हरिश्चंद पासी

विषय

श्री मान जी जिलाधिकारी को प्रस्तुत आख्या में झूठी रिपोर्ट लगाए तहसीलदार सदर महोदय और अब मंडलायुक्त को भी गुमराह कर रहे है क्या यह अनुशासनहीनता नही है और आश्चर्यजनक है की जिनको नाफरमानी से कष्ट होना चाहिए उनको इन बातो कोई प्रभाव नही पड़ता है |क्या जनसुनवाई पोर्टल पर तहसीलदार सदर झूठे रिपोट लगाने में दक्ष है जैसा की इस बार उन्होंने मंडलायुक्त तक को नही छोड़ा है |श्री मान जी मंडलायुक्त पोस्ट की गरिमा होती है और क्या यह ओछी हरकत पोस्ट की गरिमा को कम करने वाला नही है | क्या तहसील कल्चर को तहसीलदार महोदय मंडलायुक्त कार्यालय में भी स्थापित करना चाहते है यदि वास्तव में सफल रहे तो बहुत बड़ा अनर्थ होगा क्योकि आज भी लोग उम्मीद की आस लगाते है इसलिए ब्यथित अंतिम शरण लेते है | श्री मान जी कृपया शिकायत संख्या-40019918019393 आवेदक कर्ता का नामहरिश्चंद का अवलोकन करे जो की संल्गनक के रूप में शिकायत के साथ जुदा है | श्री मान जी तहसीलदार सदर समस्त सीमाओं का अतिक्रमण कर चुके और समस्त मर्यादाए ख़त्म हो चुकी है उनके लिए | तहसीलदार सदर की रिपोर्ट दिनांक ०७०९२०१८ के अनुसार प्रार्थी से संपर्क साधा गया | श्री मान जी स्पस्ट किया जाय तहसीलदार महोदय या उनके स्टाफ प्रार्थी से कब मिले और किस दिन मड़हा हटाने की कार्यवाही संपादित की गई क्यों की सारे कब्जे तो आज भी जस का तस बना हुआ है | किसी प्रकार का सुधार नही हुआ है | फीडबैक दिनांक 19082018को फीडबैक– 14 अगस्त निर्धारित तिथि और आख्या लगती है १६ अगस्त को कितना आदर करते है नियमो का | श्री मान जी तहसीलदार सदर कितनी बार गंगा पियेंगे |खाता संख्या ०००६३ जिसमे की तालाब का रकबा भी शामिल है उसी में खसरा संख्या १३४ खसरा संख्या १३५ भी है जो मानिक चंद हरिश्चंद पुत्र छेदी लाल के नाम है जिसका कुल रकवा ००६९० हेक्टेअर है | अगले प्रत्यावेदन में उसकी स्कैन कॉपी लग जायेगी |श्री मान जी तहसीलदार सदर ने कितनी अपमान जनक बात प्रार्थी के लिए कही है | हम गरीब अपना हक पा जाय इतना ही बहुत है उसे भी हड़प लेना चाहते है लोग और यह आरोप की मैंने तालाब की जमीन में| आख्‍या अपलोड। प्रकरण में 0नं0 93 तालाब खाते में है। तालाब के पूर्वी छोर पर ईंट का खडंजा बना है। पूर्वी छोर से दक्षिण तरफ मडहा लगाकर कब्जाि किया गया है एवं दक्षिण छोर पर प्रार्थी द्वारा स्वायं मकान बनाकर कब्जाख किया गया है और चकरोड को भी कब्जाे कियेे है। यह आख्या तहसीलदार सदर की और से महज धमकी है की ज्यादा बोलोगे तो तुम्हारा घर भी गिरा देंगे | जैसा की उनका स्टाफ कह रहे थे प्रार्थी से | सोचिये कितनी चालाकी से तहसीलदार सदर बात को दूसरी तरफ मोड़ने का प्रयास कर रहे है | जहा प्रार्थी तालाब के रकबे की बात कर रहा है उसके रख रखाव की बात कर रहा है तथा पारिस्थितिकी की बात कर रहा है वही तहसीलदार महोदय प्रार्थी को अपरोक्ष रूप में धमकी दे रहे है घर गिराने का | श्री मान जी प्रार्थी का घर तो वैसे ही गिर रहा है क्योकि चारो तरफ से तालाब पट लिया गया है और पानी वर्षा और नहर का प्रार्थी के घर के चारो और लग रहा है | थाना अध्यक्ष विन्ध्याचल भी कोई मदद नही कर रहे है | डी एम् साहब है कम से कम मामले तुरंत संज्ञान तो लेते है गड़बड़ी नीचे वाले कर रहे है | फीडबैक की स्थिति मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 13092018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है |

विभाग

शिकायत श्रेणी

नियोजित तारीख

03-10-2018

शिकायत की स्थिति

स्तर

मण्डल स्तर

पद

मंडलायुक्त

प्राप्त रिमाइंडर

प्राप्त फीडबैक

दिनांक28-09-2018 को फीडबैक:- श्री मान जी तहसीलदार सदर का कहना है की प्रार्थी प्रार्थना पत्र देने का आदी बन चुका है | श्री मान जी क्या तहसीलदार महोदय झूठे रिपोर्ट लगाने के आदी नही हो गये है | श्री मान जी बहुत अफसोस है की तहसील दार महोदय किस प्रकार अर्ध न्यायिक कार्यो का संपादन करते होंगे | श्री मान जी तहसीलदार महोदय कभी तथ्यों पर जाते ही नही | श्री मान जी आप क्यों नही पूछते की सरकारी तालाब का रकवा क्या है | इस समय कितना हिस्सा अतिक्रमित हो चूका है और कितना मौके पर शेष है |किस खडयंत्र के तहत प्रार्थी के ऊपर तालाब कब्ज़ा करने का आरोप लगाया गया | क्या प्रार्थी के सम्मान को कलंकित करने का प्रयास नही किया गया तहसीलदार सदर द्वारा |श्री मान जी ऐसा करने पर तहसील दार महोदय के ऊपर एस. सी. एस.टी. एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही क्यों नही की गयी और मेरे लगाए प्रमाणों को अनसुना क्यों किया जा रहा है | श्री मान जी क्या दलितों का कोई संरक्षण इस सरकार में नही है | तहसीलदार कार्यालय में बैठ कर झूठे रिपोर्ट लगा रहे है जो प्रार्थना पत्रों के विषय वस्तु से कोसो दूर है और बहुत आश्चर्य है मंडल के जिम्मेदार अधिकारी उसे स्वीकार कर रहे है | यह रहस्य प्रार्थी के समझ से परे है |श्री मान जी लोक कार्यों का संपादन जिस प्रकार संपादन करने वाले ब्यक्ति को संरक्षित करता है उसी प्रकार उस ब्यक्ति से अनुशासन की अपेक्षा की जाती है | श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट जो तथ्यों से परे है झूठे है अनुशासनहीनता परिलक्षित नही करते और आश्चर्यजनक यह है की जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी इस अनुशासन हीनता को अनदेखी करते रहते है |

फीडबैक की स्थिति

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा दिनाक24-11-2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है

संलग्नक देखें

Click here

नोट– अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश/आपत्ति दिनांक

आदेश/आपत्ति

आख्या देने वाले अधिकारी

आख्या दिनांक

आख्या

स्थिति

1

अंतरित

ऑनलाइन सन्दर्भ

18-09-2018

मंडलायुक्तमण्डल मिर्ज़ापुर,

25-09-2018

अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित

निक्षेपित

2

अंतरित

मंडलायुक्त ( )

18-09-2018

नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें

जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,

25-09-2018

अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित

निक्षेपित

3

अंतरित

जिलाधिकारी ( )

18-09-2018

नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें

उप जिलाधि‍कारीसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग

25-09-2018

अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित

निक्षेपित

4

अंतरित

उप जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग )

19-09-2018

नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें

तहसीलदारसदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग

25-09-2018

आख्‍या अपलोड। प्रकरण रास्‍ता बनवाने के सम्‍बन्‍ध में है। ग्राम प्रधान द्वारा कहा गया ि‍कि चकरोड ब्‍लाक से पास कराकर बनवा ि‍दिया जायेगा। माैैके पर हस्‍ताक्षर बनवाया गया। हरिश्‍चन्द पासी द्वारा हस्‍ताक्षर बनाने से इन्‍कार ि‍किया गया।

निस्तारित

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Yogi
Admin
5 months ago

शिकायत संख्या:-40019918024952 आवेदक का नाम-हरिश्चंद पासी Aforementioned online complaint submitted on the Jansunwai Portal of Government of Uttar Pradesh was forwarded to Commissioner Mirzapur on 25/09/2018 and submitted by the concerned mandate on 25/09/2018. Feedback was submitted on 28/09/2019 and action on which approved by A.D.M. F/R on 24/11/2019.
More than one year taken by the commissioner Mirzapur ipso facto obvious but still grievance of the aggrieved Harishchand is still unresolved. Whether it is not incompetency of the commissioner Mirzapur. Whether it is not failure of the Jansunwai Portal of the Government of Uttar Pradesh.

Arun Pratap Singh
5 months ago

आख्‍या अपलोड। प्रकरण रास्‍ता बनवाने के सम्‍बन्‍ध में है। ग्राम प्रधान द्वारा कहा गया ि‍कि चकरोड ब्‍लाक से पास कराकर बनवा ि‍दिया जायेगा। माैैके पर हस्‍ताक्षर बनवाया गया। हरिश्‍चन्द पासी द्वारा हस्‍ताक्षर बनाने से इन्‍कार ि‍किया गया।
More than one year taken by the commissioner Mirzapur ipso facto obvious but still grievance of the aggrieved Harishchand is still unresolved. Whether it is not incompetency of the commissioner Mirzapur. Whether it is not failure of the Jansunwai Portal of the Government of Uttar Pradesh.
Provide detail of staffs of office of the commissioner who played a vital role in redressing the grievance which status is as such quite obvious from the report of B.D.O. Chhanvey attached to the communique.B.D.O. Stated that matter is concerned with the department of revenue so it proved the report of Tahsildar proved futile.

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
5 months ago

There is rampant corruption in the government machinery and I think they will still not provide information to aggrieved Harishchand. Tahsildar Sadar is saying that matter is concerned with B.D.O. Chhanbey and B.D.O. Chhanbey is saying that matter is concerned with tahsildar Sadar whether these conflicting reports submitted by both the public authorities without considering the outcome of these inconsistent reports undoubtedly it is reflection of lawlessness and complete Anarchy in the government machinery.

Bhoomika Singh
5 months ago

From the post it is quite obvious that more than one year was taken by the concerned public functionaries but grievance of the the member belonging to the weaker and downtrodden section is still unredressed. Here this question arises that when the grievance of the the senior citizen belonging to the weaker section was redressed 1 year earlier then why status is as such? On the one side of a screen we are talking about Social justice and security but where is Social Justice if this aggrieved individual belonging to the oppressed section is not getting justice in this anarchy?