Whether central ministry will provide sought information concerned with deep rooted corruption?

Online RTI Status Form

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Enter Registration Number
MOSJE/R/2019/50370
Name
Yogi
M P Singh
Date of filing
29/04/2019
Public Authority
Ministry
of Social Justice & Empowerment
Status
RTI
REQUEST RECEIVED
Date of action
29/04/2019
Nodal
Officer Details :-
Telephone Number
Email Id
pk.singh72@nic.in

Online
RTI Request Form Details

RTI Request Registration number
MOSJE/R/2019/50370
Public Authority
Ministry
of Social Justice & Empowerment

Personal Details of RTI Applicant:-

Name
Yogi
M P Singh
Gender
Male
Address
Mohalla
Surekapuram , Jabalpur Road, District Mirzapur
Pincode
231001
Country
India
State
Uttar
Pradesh
Status
Urban
Educational Status
Literate
Above
Graduate
Phone Number
Details
not provided
Mobile Number
+91-7379105911
Email-ID
yogimpsingh[at]gmail[dot]com

Request Details :-

Citizenship
Indian
Is the Requester Below Poverty Line ?
No
(Description
of Information sought (upto 500 characters)
Description of Information Sought
Provide
1-feedback in regard to measures taken by the central government to curb
irregularities in disbursement of scholarship to students to ensure proper
utilization of central fund.
2-Hard
copy of the online submitted application for a scholarship and subsequent
correction as attached. Make available reason of not accepting Scheduled
tribe as corrected by aggrieved student.
3-
provisions which empower staffs of the social welfare department to change
the filled entries of the aggrieved.
Concerned CPIO
Nodal
Officer
Supporting document (only pdf
upto 1 MB)

RTI Request Details :-

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
If director social welfare Lucknow and social welfare officer at district level are whole sole authority, then there is open gate of tyranny, arbitrariness and corruption.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 29 March 2019 at 02:21

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com


श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर पहले छात्रा का नाम या संबोधन बंद करे क्योकि यदि कोई जालसाजी प्रार्थी के आवेदन से जुड़ा है तो प्रार्थी दंड भुगतने के लिए तैयार है छात्रा को इन सभी बातो से दूर रखा जाय और हमारी बात हमारे परंपरा के अनुरूप है | प्रार्थी ने भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ५१ अ के अंतर्गत स्वतः प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया है जोकि प्रार्थी का मूल कर्तव्य है |
प्रार्थी समाज कल्याण अधिकारी की इस बात से सहमत है की कॉलेज इन्हें वह प्रति उपलब्ध कराई जिसमे प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जाति भरा है किन्तु वह संशोधन के पहले का है |
श्री मान जी प्रार्थी द्वारा दिनांक २२/१२/२०१८ को संशोधन किया गया है जो की संलग्नको से स्पष्ट है और उसमे प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जनजाति भरा गया है | श्री मान जी २२/१२/२०१८ के पश्चात जब प्रार्थी द्वारा डाटा शुद्ध करके लॉक कर दिया गया तो उसे अनुसूचित जनजाति से अनुसूचित जाति किसने बनाया | यह उन्ही लोगो की साजिश है जो प्रार्थी को छात्रवृत्ति से वंचित करना चाहते है | यह हेराफेरी जालसाजी की कोटि में आता है जिसका उद्देश्य एक दलित वर्ग की कन्या को उसके अधिकार से वंचित करने हेतु किया गया कुचक्र है जो की किसी भी तरह से क्षम्य नही है |
श्री मान जी क्या प्रार्थी द्वारा संशोधित लॉक्ड डाटा को क्या समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर और निदेशक समाज कल्याण पुनः संशोधित कर सकते है या उसे उसी अवस्था में बने रहना चाहिए | श्री मान जी क्या प्रार्थी के लॉक्ड डाटा को सुरक्षित रखना सरकार का काम नही है |

श्री मान जी डाटा संशोधन करने के उपरांत कन्या ने हार्ड कॉपी कॉलेज में जमा करने का प्रयास किया किन्तु महाविद्यालय में सारे काम काज थप थे छात्रसंघ हड़ताल पर था जो की पूर्व के ग्रिएवांस में स्पस्ट है | ऐसी दशा में प्रार्थी द्वारा शुद्ध की गई हार्ड कॉपी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को उपलब्ध कराइ थी जिसकी प्रति तुरंत समाज कल्याण अधिकारी द्वारा कॉलेज और निदेशक को भेजी गई |


किन्तु बाद में इन लोगो के मन में पाप आ गया और इन लोगो ने लॉक्ड अकाउंट को खोल कर अनुसूचित जन जाति पुनः अनुसूचित जाति बना दिया जो की गंभीर और अक्षम्य अपराध है | जिसके लिए मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होनी ही चाहिए |
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190024500
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या -40019918037233 आवेदक कर्ता का नाम: Yogi M P Singh श्री मान जी निदेशक समाज कल्याण लखनऊ समाज कल्याण अधिकारी मिर्जापुर के विरुद्ध सार्वजनिक दस्तावेजो में हेराफेरी करने दलित वर्ग की छात्रा को परेशान सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति से वंचित करने का आरोप प्रार्थी की ओर से है श्री मान जब छात्रा द्वारा अनुसूचित जाति को अनुसूचित जनजाति बना कर शुद्ध किया जा चुका है तो इस समय लॉक्ड डाटा में अनुसूचित जाति क्यों प्रदर्शित हो रहा है क्योकि लॉक्ड डाटा को तो केवल उपरोक्त दोनों के अलावा तीसरा नही खोल सकता है इसलिए उपरोक्त दोनों ने एक सगठित अपराध कारित किया जो किसी तरह से क्षम्य नही है इसलिए भारतीय दंड विधान की धारा sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C श्री मान जी जिला छात्रवृत्ति समिति जिसका सर्वेसर्वा जिला समाज कल्याण अधिकारी होता है अनुसूचित जनजाति की छात्रा का आवेदन फॉर्म इस आधार पर रद कर दिया गया की एनरोल मेंट नंबर रोल नंबर मैच नही किया विश्वविद्यालय द्वारा अप लोडेड डाटा से श्री मान जी जो छात्रा स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा है उससे सम्बंधित विश्वविद्यालय कब से डाटा अप लोड करने लगा श्री मान जी चार फ़रवरी २०१९ को प्रार्थी द्वारा मेल प्रत्यावेदन के माध्यम से प्रधान मंत्री राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश राज्यपाल मुख्यमंत्री अन्य माननीयो को प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जिसका विषय वस्तु निम्न लिखित है श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी में रखा गया है कारण जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच है स्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में श्री मान जी अब आप समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गई और दिनांक २५/१२/२०१८ को जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है जिसके द्वारा निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया गया है की छात्रा द्वारा अनुसूचित जनजाति का ही चुनाव किया गया है इसलिए उसको सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी से सम्बंधित कार्यवाही आपके स्तर से ही समीचीन है श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा प्रत्यावेदन संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों आख्या पर टालमटोल कर छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है प्रार्थी के समझ से परे है महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों प्रथम वरीयता वह एक लडकी है दूसरी अनुसूचित जन जाति की है इसलिए सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशी से वंचित करना वह भी डाटा की बाजी गरी किसी भी तरह से उचित नही है
नियत तिथि:
30 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 08/03/2019को फीडबैक:- यदि राज्य सरकार की कार्यशैली में थोड़ी भी इमानदारी होगी तो जरुर मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा के भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुचने का प्रयास किया जाएगा | विधि के समक्ष सभी सामान होते है यह समझ कर मामले को नजर अंदाज किया जाय की मामले में राज्य सरकार का निदेशक स्तर का अधिकारी फस सकता है | श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी की तरह योगी एम्. पी. सिंह तथ्यों को घुमा फिरा कर नही पेश करते क्यों की वे एक घुसखोर अधिकारी नही है | जहा उनका जीवन घुसखोरी में बीता है वही प्रार्थी द्वारा पूर्ण जीवन भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष में लगाया गया है |श्री मान अब तो समाज कल्याण अधिकारी के रिपोर्ट से पुष्ट हो चुका है की प्रार्थी द्वारा लगाए गये दो आवेदन पत्रों में एक में अनुसूचित जाति भरा है और एक में अनुसूचित जनजाति भरा है | दोनों प्रिंट भारत सरकार के राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की वेबसाइट से लिए गए है इसलिए यदि प्रिंट के साथ छेड़ खानी करके गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया है प्रार्थी दोषी है और समस्त धाराए प्रार्थी ऊपर लगाईं जाय और यदि समाज कल्याण अधिकारी और निदेशक समाज कल्याण लखनऊ ने वेबसाइट के साथ छेड़खानी की है उन लोगो के ऊपर भारतीय दंड विधान की समुचित धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जाय और इसमें किसी तरह की कोताही बरती जाय | श्री मान जिस आवेदन की बात समाज कल्याण अधिकारी कर रहे है वह प्रार्थी द्वारा शुरू में भरा गया है किन्तु अनुसूचित जनजाति संशोधित किया गया है प्रार्थी द्वारा खुद जब प्रार्थी के संशोधन वास्ते वेबसाइट खोली गयी | उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने मिल कर पुनः अनुसूचित जनजाति को अनुसूचित जाति बना दिया गया जो की जालसाजी की कोटि में आता है | प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जनजाति बनाने और लॉक करने के उपरांत खुद प्रार्थी कोई संशोधन नही कर सकता था | बहरहाल मामला जांच से सम्बंधित है इसलिए सरकार द्वारा किसी इमानदार छवि वाले पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कराई जानी चाहिए | साथ ही पूरे छात्रवृत्ति वितरण में जो घोटाला हुआ है और हो रहा है उसकी जांच होनी चाहिए |
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ पुनर्जीवित
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
28 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
05/03/2019
अनुमोदित
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
28 – Feb – 2019
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
05/03/2019
अनुमोदित
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित
3
अंतरित
निदेशक (समाज कल्याण )
01 – Mar – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
05/03/2019
letter no 2649 date 02-03-2019————————– attached
C-श्रेणीकरण
4
आख्या
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर)
24 – Mar – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है
28/03/2019
letter no 2765 date 15-03-2019————————————-
आख्या प्राप्त/प्रेषित/अनुमोदन लंबित

श्री मान जी इस रिपोर्ट को गौर से देखे

श्री मान जी इस रिपोर्ट को भी गौर से देखे और पूर्व रिपोर्ट और इस रिपोर्ट में क्या अंतर है अर्थात मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दाखिल होना ही चाहिए चाहे वह निदेशक ही क्यों न हो |

On Sat, 9 Mar 2019 at 12:23, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:
मोदी सर के यहा से भेजे गये पत्रों को मुख्य मंत्री कार्यालय या तो फाइल कर देता है या ऐसे विभाग को भेजा जाता है जिससे सम्बंधित मामला हो ही न और इस तरह से टाल मटोल किया जाता और अधीनस्थ अधिकारी गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त है | शिकायत करने पर असंगत जवाब दो पंक्तियों का लगा कर शिकायत को बंद कर दिया जाता है | क्या यही त्तारीका है सामाजिक न्याय प्रदान करने का | इस बार अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्र छात्राओं को जिनको पिछले दो वर्षो से मिल रही थी उनकी भी छात्रवृत्ति रोक दी गई और वह पैसा निजी प्रबंध तंत्रों के छात्रो को भेज दी गयी क्यों की इन स्थानों से सीधे कमीशन का हिसाब हो जाता है | ये नेता लोग लडकियों की शिक्षा की वकालत करते है गरीबो की शिक्षा का वकालत करते है किन्तु वास्तविक शैली तो समाज कल्याण निदेशक और समाज कल्याण अधिकारी की कार्यशैली में झलक रहा है | लडकियों को यह सोच कर की क्या कर सकती है सब से ज्यादा उन्ही को युक्ति खोज करके वंचित किया गया है |

With due respect, your applicant wants to draw the kind attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190024500
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या -40019918037233 आवेदक कर्ता का नाम: Yogi M P Singh श्री मान जी निदेशक समाज कल्याण लखनऊ समाज कल्याण अधिकारी मिर्जापुर के विरुद्ध सार्वजनिक दस्तावेजो में हेराफेरी करने दलित वर्ग की छात्रा को परेशान सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति से वंचित करने का आरोप प्रार्थी की ओर से है श्री मान जब छात्रा द्वारा अनुसूचित जाति को अनुसूचित जनजाति बना कर शुद्ध किया जा चुका है तो इस समय लॉक्ड डाटा में अनुसूचित जाति क्यों प्रदर्शित हो रहा है क्योकि लॉक्ड डाटा को तो केवल उपरोक्त दोनों के अलावा तीसरा नही खोल सकता है इसलिए उपरोक्त दोनों ने एक सगठित अपराध कारित किया जो किसी तरह से क्षम्य नही है इसलिए भारतीय दंड विधान की धारा sections 465,466,467,468,469 and 471 of I.P.C श्री मान जी जिला छात्रवृत्ति समिति जिसका सर्वेसर्वा जिला समाज कल्याण अधिकारी होता है अनुसूचित जनजाति की छात्रा का आवेदन फॉर्म इस आधार पर रद कर दिया गया की एनरोल मेंट नंबर रोल नंबर मैच नही किया विश्वविद्यालय द्वारा अप लोडेड डाटा से श्री मान जी जो छात्रा स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा है उससे सम्बंधित विश्वविद्यालय कब से डाटा अप लोड करने लगा श्री मान जी चार फ़रवरी २०१९ को प्रार्थी द्वारा इमेल प्रत्यावेदन के माध्यम से प्रधान मंत्री राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश राज्यपाल मुख्यमंत्री व अन्य माननीयो को प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जिसका विषय वस्तु निम्न लिखित है श्री मान जी काजल पुत्री संतोष स्नातक गणित विज्ञानं वर्ग प्रथम वर्ष की होनहार छात्रा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति की हर तरह से पात्र है उनका केटेगरी अनुसूचित जनजाति है श्री मान जी छात्रा को स्क्रूटिनी रिजल्ट में सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी में रखा गया है कारण जाति प्रमाण पत्र केटेगरी मिसमैच है स्कालरशिप फॉर्म और रेवेन्यु डाटा बेस में श्री मान जी अब आप समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर का दिनांक ०१/०१/२०१९ का पत्र देखे जो की प्रार्थी के पत्र /प्रत्यावेदन जो की उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गई और दिनांक २५/१२/२०१८ को जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रेषित है के क्रम में है जिसके द्वारा निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश से अनुरोध किया गया है की छात्रा द्वारा अनुसूचित जनजाति का ही चुनाव किया गया है इसलिए उसको सस्पेक्ट डाटा की श्रेणी से सम्बंधित कार्यवाही आपके स्तर से ही समीचीन है श्री मान जी जब समाज कल्याण अधिकारी महोदय के यहा प्रत्यावेदन व संलग्नक परीशीलनोपरांत आख्या निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित किया गया तो अब भी सस्पेक्ट डाटा क्यों आख्या पर टालमटोल कर छात्रा को शासकीय सहायता से वंचित करने की दिशा में आगे बढना किस तरह से उचित है प्रार्थी के समझ से परे है महत्वपूर्ण यह है अब तो सभी जान चुके है की प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जन जाति ही भरा गया है और वह अनुसूचित जन जाति की ही है फिर उसे छात्र वृत्ति प्रदान करने में टाल मटोल क्यों प्रथम वरीयता वह एक लडकी है दूसरी अनुसूचित जन जाति की है इसलिए सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता राशी से वंचित करना वह भी डाटा की बाजी गरी किसी भी तरह से उचित नही है
नियत तिथि:
30 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 08/03/2019को फीडबैक:- यदि राज्य सरकार की कार्यशैली में थोड़ी भी इमानदारी होगी तो जरुर मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा के भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुचने का प्रयास किया जाएगा | विधि के समक्ष सभी सामान होते है यह समझ कर मामले को नजर अंदाज किया जाय की मामले में राज्य सरकार का निदेशक स्तर का अधिकारी फस सकता है | श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी की तरह योगी एम्. पी. सिंह तथ्यों को घुमा फिरा कर नही पेश करते क्यों की वे एक घुसखोर अधिकारी नही है | जहा उनका जीवन घुसखोरी में बीता है वही प्रार्थी द्वारा पूर्ण जीवन भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष में लगाया गया है |श्री मान अब तो समाज कल्याण अधिकारी के रिपोर्ट से पुष्ट हो चुका है की प्रार्थी द्वारा लगाए गये दो आवेदन पत्रों में एक में अनुसूचित जाति भरा है और एक में अनुसूचित जाति भरा है | दोनों प्रिंट भारत सरकार के राज्य सरकार उत्तर प्रदेश की वेबसाइट से लिए गए है इसलिए यदि प्रिंट के साथ छेड़ खानी करके गलत तथ्य प्रस्तुत किया गया है प्रार्थी दोषी है और समस्त धाराए प्रार्थी ऊपर लगाईं जाय और यदि समाज कल्याण अधिकारी और निदेशक समाज कल्याण लखनऊ ने वेबसाइट के साथ छेड़खानी की है उन लोगो के ऊपर भारतीय दंड विधान की समुचित धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जाय और इसमें किसी तरह की कोताही बरती जाय | श्री मान जिस आवेदन की बात समाज कल्याण अधिकारी कर रहे है वह प्रार्थी द्वारा शुरू में भरा गया है किन्तु अनुसूचित जनजाति संशोधित किया गया है प्रार्थी द्वारा खुद जब प्रार्थी के संशोधन वास्ते वेबसाइट खोली गयी | उपरोक्त दोनों अधिकारिओं ने मिल कर पुनः अनुसूचित जनजाति को अनुसूचित जाति बना दिया गया जो की जालसाजी की कोटि में आता है | प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जनजाति बनाने और लॉक करने के उपरांत खुद प्रार्थी कोई संशोधन नही कर सकता था | बहरहाल मामला जांच से सम्बंधित है इसलिए सरकार द्वारा किसी इमानदार छवि वाले पुलिस अधिकारी से मामले की जांच कराई जानी चाहिए | साथ ही पूरे छात्रवृत्ति वितरण में जो घोटाला हुआ है और हो रहा है उसकी जांच होनी चाहिए |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
28 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
05/03/2019
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
28 – Feb – 2019
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
05/03/2019
अनुमोदित
निस्तारित
3
अंतरित
निदेशक (समाज कल्याण )
01 – Mar – 2019
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
05/03/2019
letter no 2649 date 02-03-2019————————– attached
निस्तारित
2-It is submitted before the Hon’ble Sir that
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190018517
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
यह सच है की उत्तर प्रदश सरकार किसी भी शिकायत पर कोई कार्यवाही करती ही नही है सिर्फ जनसुनवाई पोर्टल पर डाल कर लिख देंगे प्रक्रिया में है और सामने वाला सोचता है की प्रक्रिया में है किन्तु उनके लिए यह समय विताने का सब से अच्छा साधन व तरीका है प्रदेश सरकार की कार्यशैली इतनी ख़राब है की जनता में आक्रोश व्याप्त है जिसका असर २०१९ के संसदीय चुनाव में देखने को मिलेगा Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows. 1-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that नियत तिथि:प्रक्रिया में है शिकायत की स्थिति:लम्बित दिसम्बर २०१८ के शिकायत की यही स्थित है तीन शिकायते किन्तु एक भी सम्बंधित के यहा नही पहुची है क्यों की मुख्यमंत्री कार्यालय नही चाहता की किसी की कोई समस्या हल हो आवेदन का विवरण, शिकायत संख्या-60000180132032, आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M. P. Singh, आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:7379105911 नियत तिथि:-प्रक्रिया में है, शिकायत की स्थिति:-लम्बित 2-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that इसमें स्पस्ट तौर पर उल्लेख है की मामला उत्तर प्रदेश सरकार से सम्बंधित है परन्तु यह जानते हुए की मामला उत्तर प्रदेश सरकार से सम्बंधित है तो मुख्य सचिव को अग्रसारित करना चाहिए था for registration number : PMOPG/E/2018/0586688 Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M P Singh,Date of Receipt-26/12/2018 Received By Ministry/Department-Prime Ministers Office 3-It is to be submitted before the Hon’ble Sir that सभी जानते है की उत्तर प्रदेश सरकार कोई कार्यवाही नही करती है इस लिए इस शिकायत पर अपने अधीनस्थो का पूर्ण ख्याल रखा है इसलिए तो अभी तक प्रक्रिया में है Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2018/14608 Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M. P. Singh, Date of Receipt-26/12/2018 Received By Ministry/Department-Uttar Pradesh
नियत तिथि:
27 – Mar – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 04/03/2019को फीडबैक:- श्री मान जी मामला आवेदनकाविवरण, शिकायतसंख्या-60000190018517, आवेदककर्ता कानाम:Yogi M P Singh के मनमाने निस्तारण और उत्तर प्रदेश सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार से सम्बंधित है जिसको माननीय मुख्य मंत्री जी आंशिक भी नियंत्रित नही कर पा रहे है | सरकार विभागों में सिर्फ भिन्न भिन्न युक्तिया बना कर वसूली हो रही है जिससे प्रदेश की गरीब जनता त्रस्त है उसके छोटे छोटे कामो को घुस लेने के टाल मटोल कर हटा दिया जाता है | छात्रवृत्ति प्रकरण भ्रस्टाचारका बोलबाला इतना ज्यादा है जिलास्तर के अधिकारी प्रदेश स्तर के अधिकारिओं से मनमाना परिपत्र जारी करवा के पात्र छात्रो को छात्रवृत्ति से वंचित करके बी एड. व बी. टी. सी.कोर्स चला रहे प्राइवेट प्रबंध तंत्र द्वारा संचालित विद्यालयों को भेजा जा रहा है | जिसमे उन्हें सीधे कमीशन मिल रहा है और यह कमीशन नीचे से ऊपर तक बात रहा है | यदि कुछ प्रत्यावेदन प्रस्तुत किये जाते है उन प्रत्यावेदनो पर उच्च स्तर के अधिकारिओं द्वारा कोई कार्यवाही नही की जाती है या रटा रटाया जवाब लगा कर शिकायत का निस्तारण करा दिया जाता है | कभी कभी ऐसे अधिकारिओं के यह भेजा जाता है जो प्रकरण से सम्बंधित ही नही होते है | प्रदेश मुखिया के असम्बेदंशीलता की वजह प्रदेश की जनता कराह रही है | यह कानून का शासन नही है वल्कि आराजकता और तानाशाही का शासन जिसमे प्रदेश की गरीब जनता पिस रही है | श्री मान जी प्रतुत प्रकरण में प्रार्थी द्वारा तीन शिकायतों को जो की प्रदेश सरकार के जो की केंद्र सरकार के प्रधान मंत्री को प्रस्तुत थी प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा संदर्भित थी , टाल मटोल से सम्बंधित थी किन्तु प्रदेश सरकार ने पहले तो उसे लोकनिर्माण विभाग को भेज दिया और फिर यह कह कर मामले का निस्तारण कर दिया की इसमें जिला स्तर से ही निर्णय लिया जा सकता है | सोचिये जहा प्रधानमंत्री कार्यालय संदर्भित पत्रों का निस्तारण इतनी लापरवाही से होता है वहा सामान्य जनता का क्या हाल होगा |लोग पिस रहे है इस आराजकता में | यह तनख्वाह के बाद ऊपरी आय बढ़ाने का होड़ लगा है कहा न्याय मिलेगा |यहा कोई कानून नही है जो लोक सेवक कह दिया वही कानून है फिर सामान्य जनता दौडती रहे उसे कोई नही सुनता |जहा मोदी जी ने लोक सेवको की तनख्वाह सामान्य व्यक्ति के आय का पचपन गुना कर दिया है फिर इसके बावजूद घुसखोरी क्यों | क्यों नौकरशाह सम्बैधानिक व्यवस्था की जान बूझ कर व्यक्तिगत लाभ के लिए धज्जिया उड़ा रहे है |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1( मुख्यमंत्री कार्यालय )
25 – Feb – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
27/02/2019
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
25 – Feb – 2019
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
27/02/2019
उक्त संदर्भ में अवगत कराना है कि वर्तमान शिक्षा सत्र 2018-19 के प्रथम चरण में दिनांक 02 अक्टूबर, 2018 व द्वितीय चरण में दिनांक 26 जनवरी, 2019 को उपलब्ध धनराशि की सीमा तक वरीयता क्रम के अनुसार पात्र छात्रों के बैंक खातों में पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से अंतरित की गयी है। तत्पश्चात शासन के निर्देशानुसार जिन छात्र/छात्राओं का डाटा पेण्डिंग में दर्शा रहा था उन छात्र/छात्राओं के डाटा को जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा पात्र होने पर वेरीफाई करने अथवा अपात्र होने पर रिजेक्ट करने हेतु दिनांक 01-02-2019 से 15-02-2019 तक छात्रवृत्ति वेबसाइट खोली गयी थी। तत्क्रम में जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा केवल वेरीफाई किये गये डाटा वाले छात्रों को धनराशि उपलब्धता की सीमा तक वरीयता क्रम के अनुसार भुगतान की नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। छात्रवृत्ति वेबसाइट पर वर्तमान स्टेटस के अनुसार यदि किसी भी छात्र का आवेदन पत्र जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा रिजेक्ट किया गया होगा तो निमानुसार कोई भी कार्यवाही सम्भव नहीं है।
निस्तारित
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is the need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         
                                                                                                Yours sincerely
Date-09-03-2019                                            Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

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Yogi
1 year ago

Provide1-feedback in regard to measures taken by the central government to curbirregularities in disbursement of scholarship to students to ensure properutilization of central fund.
2-Hardcopy of the online submitted application for a scholarship and subsequentcorrection as attached. Make available reason of not accepting Scheduledtribe as corrected by aggrieved student.
3-provisions which empower staffs of the social welfare department to changethe filled entries of the aggrieved.

Preeti Singh
1 year ago

Government itself promoted the arbitrariness by awarding all the powers to district level officer.
उक्त संदर्भ में अवगत कराना है कि वर्तमान शिक्षा सत्र 2018-19 के प्रथम चरण में दिनांक 02 अक्टूबर, 2018 व द्वितीय चरण में दिनांक 26 जनवरी, 2019 को उपलब्ध धनराशि की सीमा तक वरीयता क्रम के अनुसार पात्र छात्रों के बैंक खातों में पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से अंतरित की गयी है। तत्पश्चात शासन के निर्देशानुसार जिन छात्र/छात्राओं का डाटा पेण्डिंग में दर्शा रहा था उन छात्र/छात्राओं के डाटा को जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा पात्र होने पर वेरीफाई करने अथवा अपात्र होने पर रिजेक्ट करने हेतु दिनांक 01-02-2019 से 15-02-2019 तक छात्रवृत्ति वेबसाइट खोली गयी थी। तत्क्रम में जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा केवल वेरीफाई किये गये डाटा वाले छात्रों को धनराशि उपलब्धता की सीमा तक वरीयता क्रम के अनुसार भुगतान की नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। छात्रवृत्ति वेबसाइट पर वर्तमान स्टेटस के अनुसार यदि किसी भी छात्र का आवेदन पत्र जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा रिजेक्ट किया गया होगा तो निमानुसार कोई भी कार्यवाही सम्भव नहीं है।

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly it is reflection of rampant corruption in the system and a schedule tribe girl student is being targeted by the corrupt public functionaries and finally she is deprived of the scholarship whether it is justified if not why action is not being taken against the Evil doers. In the interest of Justice concerned May take action against the the social welfare officer Mirzapur and the director department of social welfare Lucknow maybe subjected to scrutiny under the law of land especially schedule caste and Scheduled tribe act passed by the parliament in order to curb the atrocities against the members of scheduled caste and Scheduled Tribes but it seems that there is no rule of law in this largest democracy in the world.