Whether Amit Kumar Singh will get justice in the good governance of Yogi Sir?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919021504
आवेदक कर्ता का
नाम:
अमित
कुमार सिंह
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9125969897,9125969897
विषय:
प्रार्थी अमित कुमार सिंह पुत्र श्री अखिलेश सिंह ग्रामबबुरा पोस्टबबुरा जिला मिर्ज़ापुर पिन कोड २३१३०७ थाना विन्ध्याचल
पुलिस स्टेशन घटना का
स्थल बबुरा तरी समय सुबह आठ बजे दिनांक २००५२०१९ विपक्षी गणों द्वारा गाली गलौज और
जान से
मारने की
धमकी देते हुए आधुनिक असलहो से
सज्ज लहराते हुए बिना सरकारी लाइसेंस के पक्ष के लोगो को मार पीट कर
भगाते हुए समस्त कटी फसल को
निश्चिन्त हो
कर अजय राज सिंह के ट्रेक्टर से जो
की चौथे नंबर के
विपक्षी है
उठा ले
गये और
उन्ही के
घर पर
रखा गया है | पक्ष नगीना सिंह पत्नी श्री अखिलेश सिंह पता उपरोक्त सुशीला सिंह पत्नी श्री नन्दलाल सिंह पता उपरोक्त विपक्षी गण अभय राज सिंह पुत्र स्वर्गीय चन्द्रभान सिंह पता उपरोक्त मुख्य खड्यंत्रकर्ता सुरेश सिंह पुत्र स्वर्गीय राजधर सिंह पता उपरोक्त जसवंत सिंह पुत्र स्वर्गीय राजपति सिंह पता उपरोक्त अजय राज सिंह पुत्र स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह पता उपरोक्त धीरेन्द्र सिंह पुत्र स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह पता उपरोक्त संजय सिंह पुत्र स्वर्गीय महेंद्र सिंह पता उपरोक्त मुन्नू सिंह पुत्र स्वर्गीय लल्लन सिंह पता उपरोक्त उधम सिंह पुत्र स्वर्गीय लालजी सिंह पता उपरोक्त मास्टर माइंड कल्लू सिंह पुत्र स्वर्गीय संकठा सिंह पता उपरोक्त १०चन्दन सिंह पुत्र स्वर्गीय सरयू सिंह पता उपरोक्त महोदय प्रार्थी शपथ पूर्वक बयान करता है
की श्री मान जी
राजस्व विभाग के पत्र जिसका प्रेषण आर. बी. सिंह संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिनांक ०४अप्रैल २०१९ राजस्व अनुभाग संख्या ९६१ जो
की जिलाधिकारी मिर्जापुर को
संबोधित है
का परिणाम यह है
की पक्ष के लोगो द्वारा बोई और काटी गयी फसल जबरदस्ती विपक्षी गण उठा ले गये | श्री मान जी उप
जिलाधिकारी सदर के पत्र का अवलोकन करे जो
की प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है
अटैच्ड पी
डी ऍफ़
पेज और है
जिसमे स्पस्ट रूप से
हिदायत है
की मामले का निस्तारण गंभीरता से
लेते हुए नियमानुसार कराये | श्री मान जी
थाना अध्यक्ष महोदय ने
अभी तक
मामले में प्रथम दृष्टया रिपोर्ट तक
अपने यहा दर्ज नही करने दिया है |जब की इतना अपराधिक खडयंत्र कारित किया गया | श्री मान जी कानूनगो की रिपोर्ट ०९०४२०१९ के
अनुसार श्री मती नगीना सिंह के
तरफ से
रबी की
फसल बोई गयी है
| श्री मान जी
ऐसा कौन सा आदेश है थाना अध्यक्ष महोदय के पास जिसके आधार पर विपक्षी गणों के
द्वारा फसल उठाई गई
है बलात प्रयोग करके जो पूर्ण रूप से
अस्म्बैधानिक है
| राजस्व सम्बन्धी नियम का परिपालन उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से कराया जाता है
और उपजिलाधिकारी सदर का
आदेश और
उसी क्रम में कानूनगो की रिपोर्ट तो प्रार्थी के लिए है | फिर थाना अध्यक्ष महोदय की चुप्पी क्या संदेहास्पद नही है
| महोदय कृपया न्याय हो जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी
आभारी रहेगा | दिनांक २१०५२०१९ आप
का आज्ञाकारी अमित कुमार सिंह
नियत तिथि:
28 – May – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 29/05/2019को फीडबैक:- प्रस्तुत रिपोर्ट में थाना अध्यक्ष महोदय का
कहना है
आवेदक द्वारा नौ विस्वा जमीन का
बैनामा कराया गया है
|और बैनामा से
अधिक जमीन कब्ज़ा करना चाहता है
| बबुरा ही नही पूरे गंगा के कछार में सभी लोग अपने जमीन के
समक्ष जो
गंगा जी
के बाढ़ ख़त्म होने पर खाली होती है
या मिट्टी पड़ती है
उसे जोतते बोते है
| कानूनगो महोदय के
रिपोर्ट से
स्पष्ट है
की प्रार्थी पक्ष से
जुताई बुवाई कराई गई
थी अर्थात तैयार फसल पर प्रार्थी पक्ष का
हक़ था
| श्री मान जी
प्रार्थी एक
ट्रेक्टर तैयार फसल ले
गया और
विपक्षी गण
दो ट्रेक्टर , प्रार्थी एक ट्रेक्टर में अपने नौ विश्वा की फसल ले गया किन्तु विपक्षी गण दो
ट्रेक्टर फसल किस जमीन की ले
गये क्योकि नतो उनकी जमीन है
वहा पर
और वहा जो खाली जमीन है
उसकी बुवाई तो प्रार्थी पक्ष द्वारा कराई गई
है | सोचिये कब्ज़ा शब्द थाना अध्यक्ष महोदय की रिपोर्ट में शोभा पाता है
| थाना अध्यक्ष महोदय खुद स्वीकार कर रहे है की
बैनामा के
अतिरिक्त जो
जमीन है उपजिलाधिकारी महोदय के
अनुसार वह
जमीन किसी की नही है अर्थात सरकार की
है | श्री मान जी यह
विवाद तो
प्रार्थी और
सरकार के
वीच का
है | वहा विपक्षी गणों का
क्या रोल है | उपजिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन किसने किया जो दो
ट्रैक्टर फसल अनाधिकृत काट बाहुबल से
ले गया या जिसने अपने बैनामा की जमीन की काटी फसल को
किसी तरह विपक्षी सरहंगो से बचाया | १०७/११६ शांति भंग का
आरोप उभय पक्ष पर
लगाने के
लिए प्रस्तावित है | थाना अध्यक्ष महोदय का
पक्षपात पूर्ण आचरण एकदम स्पष्ट है
की विपक्षी गणों को
खुश करने के लिए न ही वह
सरकार की
जमीन को
कब्ज़ा करा देंगे और
उसे जायज ठहरा देंगे बल्कि प्रार्थी पक्ष को
जो की
शांति प्रेमी है उन्हें समाज के
समक्ष अपराधियों की तरह पेश करेंगे | प्रार्थी के पिता एक शिक्षक है और
प्रार्थी खुद अभियांत्रिकी का
स्नातक है
किन्तु थानाध्यक्ष महोदय के
हर मनमानापन और तानाशाही को बर्दास्त करने के
सिवा कोई दूसरा रास्ता है भी
नही | जबरा मारे रोवै दे | हे भगवान् आप
हमारी और
हमारे परिवार की रक्षा करे |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक
प्राप्त

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
21 – May – 2019
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षकविन्ध्याचल,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
28/05/2019
सेवा
मे श्रीमान जी जाँच आख्या अवलोकनार्थ अपलोड है सेवा मे श्रीमान जी जाँच आख्या अवलोकनार्थ अपलोड है
निस्तारित

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Yogi
1 year ago

१०७/११६ शांति भंग का आरोप उभय पक्ष पर लगाने के लिए प्रस्तावित है | थाना अध्यक्ष महोदय का पक्षपात पूर्ण आचरण एकदम स्पष्ट है की विपक्षी गणों को खुश करने के लिए न ही वह सरकार की जमीन को कब्ज़ा करा देंगे और उसे जायज ठहरा देंगे बल्कि प्रार्थी पक्ष को जो की शांति प्रेमी है उन्हें समाज के समक्ष अपराधियों की तरह पेश करेंगे | प्रार्थी के पिता एक शिक्षक है और प्रार्थी खुद अभियांत्रिकी का स्नातक है किन्तु थानाध्यक्ष महोदय के हर मनमानापन और तानाशाही को बर्दास्त करने के सिवा कोई दूसरा रास्ता है भी नही | जबरा मारे रोवै न दे | हे भगवान् आप हमारी और हमारे परिवार की रक्षा करे |

Preeti Singh
1 year ago

From the matter of fact it is crystal clear that station officer of the police station concerned is not playing impartial role in the matter. Thus the rational role of additional superintendent of police is appropriate and approach is logistic.
2 आख्या अपर पुलिस अधीक्षक ( मिर्ज़ापुर) 14 – Jun – 2019 थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षक-विन्ध्याचल,जनपद-मिर्ज़ापुर,पुलिस कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है अनमार्क

Beerbhadra Singh
1 year ago

Undoubtedly the step of the the additional superintendent of police is praiseworthy as he revived the closed grievance which was disposed arbitrarily without applying rational mind. If we take the perusal of the text off the post then we find that in working out the case application of force was made instead of application of mind and everyone knows that application of force without application of rational mind is tyranny and dictatorship can never be admirable in democracy. Undoubtedly there is a steep hike in the crime rate in this district.