Whether administrative orders can supersede quasi-judicial order. Sheer corruption nothing else.

वाद का सारांश
मण्डल: –   विन्ध्याचल  जनपद: –   मिर्जापुर  न्यायालय: –   उपजिलाधिकारी सदर
वाद सं०:
1922/2017
कंप्यूटरीकृत वाद सं०:
D2017165301922
वादी / प्रतिवादी के नाम एवम पता:
सरकार , नीबी गहरवार थाना विन्‍ध्‍याचल
बनाम
ओमप्रकाशदूबे , नीबी गहरवार थाना विन्‍ध्‍याचलमोबाइल नंबर:- 9198328031
वाद की स्थिति:
साक्ष्‍य प्रतिवादी
वाद प्रकृति:
मूल वाद
दाखिल करने का दिनांक:
29-Apr-2017
अगला सुनवाई दिनांक:
20-Jul-2017
अधिनियम, धारा:
दण्ड प्रक्रिया संहिता , 107/116/151
विवरण :
जनपद:- मिर्जापुर, तहसील:- सदर, चालानी रिपोर्ट में अंकित विपक्षीगणों की संख्या:- 1
Disclaimer :   
उपरोक्त सूचना मात्र सूचनार्थ है तथा राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबन्धन प्रणाली (RCCMS)
में उपलब्ध अद्यतन सूचना पर आधारित है , इस सूचना की कोई विधिक मान्यता नहीं होगी। वास्तविक सूचना की पुष्टि सम्बंधित न्यायलय / न्यायालयों की पत्रावली / पत्रावलियों से की जा सकती है।

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917000824
आवेदक कर्ता का नाम:
Om
Prakash Dubey
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9956931983,9956931983
विषय:
विषय श्री मान जी प्रार्थी का घर थाना प्रभारी विन्ध्याचल जिला मिर्ज़ापुर द्वारा समस्त नियम आदेशो को दरकिनार कर निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा
है | With great respect to revered Sir, your
applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following
submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
वाद संख्या –D-२०१४१६५३००१७३२ सन २०१४ न्यायलय उपजिलाधिकारी सदर मिर्ज़ापुर , सूर्य नारायण दुबे बनाम उमाशंकर दुबे वगैरह दिनांक १३०४२०१७ सुनवाई प्रश्नोत्तरी का अवलोकन करे | प्रश्न कृपया बताया जाय कि मुकदमा उपरोक्त में
बिबादित आन २५००६३० , ४१ ००१३० , ४४ग़ ०००६० , १०२१३००० ,१०४०१७७० ,१०५०११४० है मौजा नीबीगहरवार तप्पाछानबे परगना कंतित तहसील सदर जिला मिर्ज़ापुर के सम्बन्ध में
बटवारा का मुक़दमा दाखिल है | उत्तर श्री मान जी जी हाँ
| प्रश्न कृपया बताया जाय
कि मुकदमा उपरोक्त में
बिबादित आराजी मात्र में
प्रतिवादी नंबर आदित्य नारायण दुबे को निर्माण कार्य करने के सम्बन्ध में कोई
स्थगन आदेश पारित किया गया है उत्तरजी नही
| श्री मान जी कृपया संलग्नक पेज
का अवलोकन करे | 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी प्रार्थी को यह बताया जाय की शिकायत संख्या-40019917000500 आवेदक कर्ता का नाम Jayprakash
Dubey
में श्री मान
जी को ज्ञात हो की श्री मान जी दैनिकजागरण के २८सितम्बर २०१६ का अंक देखे जो वाराणसी से प्रकाशित है प्रार्थी का मकान पानी से गिर गया है पेपरकटिंग संलग्न है क्रपया अवलोकन करे
यदि कोई
अन्यथा घटना होगी तो उसके लिए पुलिश जिम्मेदार होगी | श्रीमान जी को ज्ञात हो की श्री मान
जी प्रार्थी को आप की पुलिश चार
बार उठाई और हर बार एक एक हजार ले कर छोड़ीजब की एक बार भी प्रार्थी को तो स्टे का कागजात दिखाया गया
और नही
कोई नोटीस तामील कराई गई यदिकोई अन्यथा आदेश हो तो प्रार्थी पूरी निष्ठा से उसका पालन करेगा लेकिन अभी
सिर्फ दबंगई देखने को मिल रही है |श्री मान जी से सविनय अनुरोध है की प्रार्थी को आधार बना कर विन्ध्याचल पुलिस दो भाइयों को लड़ाने का कामकर रही है जो सर्वथा अनुचित है | प्रार्थी तारीख २२०३२०१७ जयप्रकाश दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे चल भाष९५५९४२६२५५ ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार पुलिश थाना विन्ध्याचल डिस्ट्रिक्ट मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश 3-It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी को ज्ञात हो की उपरोक्त मुक़दमा दिनांक २९०३२०१६ को उपजिलाधिकारी महोदय द्वारा ख़ारिज की जा चुका है | संलग्नक पेज का अवलोकन करे
| -It is submitted before the Hon’ble Sir that जैसा की थाना प्रभारी विन्ध्याचल के रिपोर्ट से स्पस्ट है की उपजिलाधिकारी महोदय के कोर्ट में अगली सुनवाई ०१०५२०१७ को है और बीच में
कोई सुनवाई नही हुई
फिर उनके पास ऐसा
कौन सा आदेश है जिसके आधार पर प्रार्थी का घर पुनः रोका गया
लेकिन इस बार उठाया नही
गया इस लिए प्रार्थी का रूपया १००० ०० बच गया लेकीन मटेरियल सब ख़राब हो गये
| 5-It is
submitted before the Hon’ble Sir
आप की विन्ध्याचल पुलिस कभी कहती है की मड़हा मेरे भाई
जय प्रकाश ने हटवाया और कभी
कहती है खुद मुझसे पूछ
कर हटाया गया जब प्रार्थी द्वारा दर्जनों एप्लीकेशन प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखने के लिए दी गयी
और विन्ध्याचल पुलिस अभी
भी टाल
मटोल कर रही है | तो आसानी से गेस
कर सकते मड़हा किससे सह से हटाया गया | 6-It is submitted before the Hon’ble Sir आप की विन्ध्याचल पुलिस कभी
कहती है आराजी संख्या ५७ विपक्षी द्वारा खरीदा गया गया
और इस बार कह रही
है ५७ () विपक्षी द्वारा खरीदी गयी
है क्या श्री मान
अब बंजर जमीन भी खरीदी और बेचीं जाती है | संलग्नको का अवलोकन करे जिसके अनुसार आराजी संख्या ५७ राधे श्याम घनश्याम कमलाशंकर के नाम है |पुलिस जब चाहती है ५७ को ५७१
कर देती है | श्री मान बटवारे के २५ वर्ष बाद
प्रार्थी को अपने ही जमीन में घर बनवाने से रोका जा रहा
है | क्या यह न्याय पुलिस ने अपने हाथ में
ले रखा
है | कृपया न्याय करे | अर्ध न्यायिक कार्यो में
बाहरी हस्तक्षेप रोका जाय
| दिनांक२६०४२०१७ प्रार्थी मोबाइल नंबर ९९५६९३१९८३ ओम प्रकाश दुबे पुत्र आदित्य नारायण दुबे ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार पुलिश थाना विन्ध्याचल डिस्ट्रिक्ट मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश
नियत तिथि:
11
– May – 2017
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 06/06/2017
को फीडबैक:- विषयश्री मान जी थाना विन्ध्याचल आप को मिसलीड कर रहा क्योकि मेरे भाई ने क्षेत्राधिकारी महोदय के यही
लिखित दिया है उनसे चार हजार रुपये घुस
लिया गया
किन्तु कितना कष्ट दाई
है की थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी दोनों कह रहे है प्रार्थी आवेश में
लिख रहा
है | श्री मान जी कहा
है यथा
स्थिति बनाने के आदेश जो रिपोर्ट लगी है एक महिना पुराना है | जब की रिपोर्ट के अनुसार मामले का निस्तारण हो जाना चाहिए किन्तु अभी तक कुछ नही हुआ
है | श्री मान जी यदि
यथा स्थिति का आदेश हुआ है तो वह आदेश कहा है क्या विन्ध्याचल पुलिस उसे जानती और S.D.M. court उसे
नही जनता है | श्री प्रार्थी द्वारा न्यायालय की प्रश्नोत्तरी लगाई गई जिसमे स्पष्ट है की उपजिलाधिकारी ने कोई स्थगन आदेश नही पास
किया है |मेरे बार बार
माग किये जाने के बावजूद कोई स्थगन आदेश की कॉपी पुलिस द्वारा नही लगाईं गयी | श्री मान जी प्रार्थी के बिन्दुओ को ध्यान में रखा
ही नही
जाता बार
बार विन्ध्याचल पुलिस और क्षेत्राधिकारी एक ही बात को लिख कर लगा
देते है और केस का निस्तारण हो जाता है जब हम दोनों भाई
मड़हा हटाने के लिए
नही कहे
तो अभी
सूर्य नारायण दुबे विवेक दुबे पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना विन्ध्याचल पुलिस की तटस्थता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है |
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
26
– Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन बनारस
03
– Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
अस्वीकृत
2
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
26
– Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन बनारस
03
– Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
3
अंतरित
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
28
– Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में
शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें 
03
– Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
अस्वीकृत
4
अंतरित
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
28
– Apr – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में
शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें 
03
– Jun – 2017
महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
C-श्रेणीकरण
5
आख्या
पुलिस उप महानिरीक्षक (पुलिस )
01
– May – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है। , महोदय. जांच आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है।
26
– May – 2017
अनुमोदित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
6
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
03
– May – 2017
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें अनुमोदित
22
– May – 2017
जाच
अाख्या संलग्न है।
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
7
आख्या
पुलिस महा निरीक्षक (पुलिस )
22
– Jun – 2017
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक मण्डल मिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है
अधीनस्थ
को प्रेषित
8
आख्या
पुलिस महा निरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक (पुलिस )
23
– Jun – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
कृपया जांचोपरांत यथोचित कार्यवाही किये जाने एवं
कृत कार्यवाही से अवगत कराने का कष्ट करें 
अधीनस्थ
को प्रेषित
9
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
28
– Jun – 2017
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक
कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
आख्या
लंबित

3 comments on Whether administrative orders can supersede quasi-judicial order. Sheer corruption nothing else.

  1. दिनांक 06/06/2017 को फीडबैक:- विषय-श्री मान जी थाना विन्ध्याचल आप को मिसलीड कर रहा क्योकि मेरे भाई ने क्षेत्राधिकारी महोदय के यही लिखित दिया है उनसे चार हजार रुपये घुस लिया गया किन्तु कितना कष्ट दाई है की थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी दोनों कह रहे है प्रार्थी आवेश में लिख रहा है | श्री मान जी कहा है यथा स्थिति बनाने के आदेश जो रिपोर्ट लगी है एक महिना पुराना है | जब की रिपोर्ट के अनुसार मामले का निस्तारण हो जाना चाहिए किन्तु अभी तक कुछ नही हुआ है | श्री मान जी यदि यथा स्थिति का आदेश हुआ है तो वह आदेश कहा है क्या विन्ध्याचल पुलिस उसे जानती और S.D.M. court उसे नही जनता है | श्री प्रार्थी द्वारा न्यायालय की प्रश्नोत्तरी लगाई गई जिसमे स्पष्ट है की उपजिलाधिकारी ने कोई स्थगन आदेश नही पास किया है |मेरे बार बार माग किये जाने के बावजूद कोई स्थगन आदेश की कॉपी पुलिस द्वारा नही लगाईं गयी | श्री मान जी प्रार्थी के बिन्दुओ को ध्यान में रखा ही नही जाता बार बार विन्ध्याचल पुलिस और क्षेत्राधिकारी एक ही बात को लिख कर लगा देते है और केस का निस्तारण हो जाता है जब हम दोनों भाई मड़हा हटाने के लिए नही कहे तो अभी सूर्य नारायण दुबे व विवेक दुबे पर प्रथम सूचना रिपोर्ट न दर्ज करना विन्ध्याचल पुलिस की तटस्थता पर प्रश्न चिन्ह लगाता है |

  2. श्री मान जी प्रार्थी को आप की पुलिश चार बार उठाई और हर बार एक एक हजार ले कर छोड़ीजब की एक बार भी प्रार्थी को न तो स्टे का कागजात दिखाया गया और नही कोई नोटीस तामील कराई गई यदिकोई अन्यथा आदेश हो तो प्रार्थी पूरी निष्ठा से उसका पालन करेगा लेकिन अभी सिर्फ दबंगई देखने को मिल रही है

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