When tyranny will be rampant in the systen then nothing will be in accordance with the law.

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917000370
आवेदक कर्ता का नाम:
OM
PRAKASH DUBEY
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7874945283,7874945283
विषय:
श्री मान जी प्रकरण में विन्ध्याचल पुलीस द्वारा मात्र लीपा पोती की जा रही है और अभी तक प्रथम सूचना रिपोर्ट तक दर्ज नही की गई श्री मान
जी मड़हा मेरा था मेरे भाई के कहने से उन्
लोगो ने कैसे हटा दिया | श्री मान जी मेरी औरत ग्राम में अकेली रहती है और मई गुजरात में रहता हु विन्ध्याचल पुलिस की लचर ब्यवस्था मन में भय पैदा कर रहा
है यदि
सह नही
है तो बीबादित स्थल पर बिना तहसील प्रशाशन की अनुमति के ढोका क्यों रखा
जा रहा
है | 21 February 2017 2137 श्री मान जी थाना विन्ध्याचल थाना प्रभारी की आख्या और उनके उपनिरीक्षक की आख्या में क्या अंतर है थाना प्रभारी द्वारा उपनिरीक्षक के आख्या की कापी कराइ गई कॉपी के समय
सफ़ेद कागज लगा कर हस्ताक्षर अन्य स्थानों को साफ कर दिया गया यही
वजह है की आख्या पर्याप्त गन्दा होने के कारण की जगहों पर अपठनीय है जब की उनकी आख्या उन्ही की जाँच रिपोर्ट पर आधारित होनी चाहिए | उपनिरीक्षक की आख्या का शिकायत संख्या कूट
रचना करके बदल कर नई शिकायत संख्या डाली गई जिससे यह सिद्ध होता है की शिकायत संख्या – 40019917000237
की ही आख्या 237 जो टंकित था को कूट रचना कर उसके स्थान पर हाथ से 279 बना दिया गया जो की अनुशाशन हीनता की श्रेणी में आता
है और और वरिष्ठ अधिकारिओं के आदेशो का उल्लंघन भी है | श्री मान जी शांति ब्यवस्था बनाये रखने के लिए १०७ ११६
किया गया
लेकिन विपक्षी दो दिन
से धोका गिरा रहा
है बिबदित जमीन पर | श्री मान जी मै गुजरात रहता हूँ और मेरी औरत बच्चो के साथ
गाँव में
रहती है और प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाती है दो दिन से धोका रख रहे
है कोई
रोकने वाला नही है यदि प्रशाशन का भय होता तो क्यों रखते धोका | कहते है मैने उनकी जमीन पर कब्ज़ा किआ यदि
मै इतना दबंग होता तो क्या बिना नाप
जोख के बिबादित स्थल पर ढोका रखते |
नियत तिथि:
08
– Mar – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
21
– Feb – 2017
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
16
– Mar – 2017
जाच
अाख्या संलग्न है।
निस्तारित
2
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
22
– Feb – 2017
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षकविन्ध्याचल,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाच अाख्या संलग्न है।
16
– Mar – 2017
जाच
अाख्या संलग्न है।
निस्तारित

2 comments on When tyranny will be rampant in the systen then nothing will be in accordance with the law.

  1. यह सिद्ध होता है की शिकायत संख्या – 40019917000237 की ही आख्या 237 जो टंकित था को कूट रचना कर उसके स्थान पर हाथ से 279 बना दिया गया जो की अनुशाशन हीनता की श्रेणी में आता है और और वरिष्ठ अधिकारिओं के आदेशो का उल्लंघन भी है | श्री मान जी शांति ब्यवस्था बनाये रखने के लिए १०७ ११६ किया गया लेकिन विपक्षी दो दिन से धोका गिरा रहा है बिबदित जमीन पर | श्री मान जी मै गुजरात रहता हूँ और मेरी औरत बच्चो के साथ गाँव में रहती है और प्राइवेट विद्यालय में पढ़ाती है दो दिन से धोका रख रहे है कोई रोकने वाला नही है यदि प्रशाशन का भय होता तो क्यों रखते धोका | कहते है मैने उनकी जमीन पर कब्ज़ा किआ यदि मै इतना दबंग होता तो क्या बिना नाप जोख के बिबादित स्थल पर ढोका रखते |

  2. श्री मान जी प्रकरण में विन्ध्याचल पुलीस द्वारा मात्र लीपा पोती की जा रही है और अभी तक प्रथम सूचना रिपोर्ट तक दर्ज नही की गई श्री मान जी मड़हा मेरा था मेरे भाई के कहने से उन् लोगो ने कैसे हटा दिया | श्री मान जी मेरी औरत ग्राम में अकेली रहती है और मई गुजरात में रहता हु विन्ध्याचल पुलिस की लचर ब्यवस्था मन में भय पैदा कर रहा है यदि सह नही है तो बीबादित स्थल पर बिना तहसील प्रशाशन की अनुमति के ढोका क्यों रखा जा रहा है

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