When name of Santosh Kumar Maurya will be corrected by University as concerned procrastinating

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190105573
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
​An application
under article 51 a of the constitution of India. Matter of fact is concerned
with the ​Registrar and Vice chancellor of the Chhatrpati Shahu ji Maharaj
Kanpur university as application in which entire formalities have been
fulfilled one year earlier in order rectify the name of the Santosh Kumar
Maurya. But it is unfortunate that concerned are still procrastinating even
when the matter is under the cognizance of the chief minister office
government of Uttar Pradesh. ​Here this question arises that if the
university staffs are not interested to perform its government allocated
functions, then they must be part of campaign of voluntary retirement scheme
initiated by our great chief minister Yogi Aditya Nath ji. Undoubtedly if
there may be dejection to the duties ​then what is need to occupy chair in
the office as such attitude only irritate citizens. To draw salary without
performing duties is sin so one must avoid if can not be avoided then adopt
the sacred scheme i.e. voluntary retirement scheme. of the great prime
minister. Our great Chief Minister Yogi Adityanath ji have re-initiated the
voluntary retirement scheme if concerned staffs of the Chhatrpati Shahu Ji
University Kanpur is not interested to provide the services to the government/
university must apply for voluntary retirement under aforementioned scheme.
Why not departmental heads making recommendations for voluntary retirements
of those staffs who are only burden on the public exchequer. Grievances are
languishing before them and they are procrastinating on them whether it is
reflection of the good governance. Those blocked in the path of good
governance must be terminated from the service if not feasible must be
provided compulsory retirement.
नियत तिथि:
15 – Aug – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 30/08/2019को फीडबैक:- दिनांक 29/08/2019 आप ने अपनी आख्या में यह लिखा कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है | श्री मान जी केंद्रीय लोक ब्यथा निवारण पोर्टल पर आप की रिपोर्ट भी कुछ इसी प्रकार है | Current Status -Case closed Date of
Action -09/08/2019 Remarks –
अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है | Respected staff of the Kanpur University introducing itself as
the registrar of the university sought the copy of the mark sheets of
graduate level in order to rectify the name of the aggrieved applicant
Santosh Kumar Maurya. Same is being sent with this e-mail.
श्री मान जी १०अगस्त २०१९ को मेल के माध्यम से स्नातक स्तर के तीनो अंकपत्रों की छाया प्रति का स्कैन उपलब्ध करा दिया गया किन्तु उन्होंने तो अभी तक कुछ नहीं किया तो क्या आप इसको टाल मटोल नहीं कह सकते है | श्री मान जी आप प्रत्यावेदन को बिना उनके यहां भेजे ही अपने स्तर से निस्तारित कर दे रहे है जब की प्रार्थी यह जानता है की वे लोग कितनी निष्ठां के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्रों को लेते है | अरे जब आप भेजते है तो वे कुछ करते नहीं और जब आप नहीं भेज रहे है तो वे कार्यवाही करेंगे | अरे वे आपके आदेश को भूल गए अन्यथा अब तक निस्तारण हो चूका होता | Sir grievances are submitted to seek
justice from the lawlessness and anarchy of the public staffs and in the case
concerned what has been done by the staffs of the Kanpur University which
caused the accountable public functionaries of the government to close the
grievance. Whether the Chhatrpati Shahu ji University Kanpur provided the
duplicate mark sheets by rectifying the name of the aggrieved applicant
Santosh Kumar Maurya if not how justice was granted to justice seeker through
this august portal of the government of India.
दिनांक 29/08/2019 आप ने अपनी आख्या में यह लिखा कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है | श्री मान जी केंद्रीय लोक ब्यथा निवारण पोर्टल पर आप की रिपोर्ट भी कुछ इसी प्रकार है | Current Status -Case closed Date of
Action -09/08/2019 Remarks –
अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है | Respected staff of the Kanpur University introducing itself as
the registrar of the university sought the copy of the mark sheets of
graduate level in order to rectify the name of the aggrieved applicant
Santosh Kumar Maurya. Same is being sent with this e-mail.
श्री मान जी १०अगस्त २०१९ को मेल के माध्यम से स्नातक स्तर के तीनो अंकपत्रों की छाया प्रति का स्कैन उपलब्ध करा दिया गया किन्तु उन्होंने तो अभी तक कुछ नहीं किया तो क्या आप इसको टाल मटोल नहीं कह सकते है | श्री मान जी आप प्रत्यावेदन को बिना उनके यहां भेजे ही अपने स्तर से निस्तारित कर दे रहे है जब की प्रार्थी यह जानता है की वे लोग कितनी निष्ठां के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्रों को लेते है | अरे जब आप भेजते है तो वे कुछ करते नहीं और जब आप नहीं भेज रहे है तो वे कार्यवाही करेंगे | अरे वे आपके आदेश को भूल गए अन्यथा अब तक निस्तारण हो चूका होता | Sir grievances are submitted to seek
justice from the lawlessness and anarchy of the public staffs and in the case
concerned what has been done by the staffs of the Kanpur University which
caused the accountable public functionaries of the government to close the
grievance. Whether the Chhatrpati Shahu ji University Kanpur provided the
duplicate mark sheets by rectifying the name of the aggrieved applicant
Santosh Kumar Maurya if not how justice was granted to justice seeker through
this august portal of the government of India.
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
31 – Jul – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
29/08/2019
कुल
सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है
निस्तारित

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Yogi
1 year ago

संतोष कुमार मौर्या पुत्र दशानंद मौर्या ग्राम और पोष्ट –नकहरा जिला –मिर्ज़ापुर पिनकोड -२३१००१ परीक्षा वर्ष २००९ , २०१० व २०११ का अंक पत्र सुधार वास्ते समस्त औपचारिकताएं पूरी कर सम्बंधित महाविद्यालय द्वारा जमा किया गया और ०७ मार्च २०१९ को व्यथित छात्र द्वारा शिकायत करने पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपूर के रजिस्ट्रार द्वारा पूरे प्रक्रम को दुहराने के लिए कहा उपरोक्त छात्र के फीडबैक को स्वीकार करते हुए शिकायत को पुनर्जीवित किया गया क्यों की विश्वविद्यालय द्वारा दुबारा शुल्क की मांग किया और मूल अंकपत्र तो पहले ही जमा हो गए थे किन्तु समस्या यह पैदा हो गयी मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा उसी पत्र को सिर्फ डेट बदल कर जब मई में प्रस्तुत किया गया तो स्वीकार कर लिया गया | श्री मान पिछले १० वर्ष से परेशान उपरोक्त छात्र को न्याय नहीं मिलेगा अर्थात उसकी त्रुटि पूर्ण अंकपत्र तो पहले से ही विश्वविद्यालय में जमा था और संशोधित अब मिलेगा नहीं तो न्याय कहा रहा |

Preeti Singh
1 year ago

कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दे दिए गए है| Now they have resolved the issue. Sir grievances are submitted to seek justice from the lawlessness and anarchy of the public staffs and in the case concerned what has been done by the staffs of the Kanpur University which caused the accountable public functionaries of the government to close the grievance.

Beerbhadra Singh
1 year ago

Now chapter is over when the concerned staff of the university provided the rectified marksheet of the aggrieved student Santosh Kumar Maurya. But it is surprising that they have taken 10 years in rectifying the mark sheets of the aggrieved student whether such approaches on the part of staff of the university is justified, how can it be justified whether it is not mockery of the law of land?