When fund was sanctioned by government on 10-10-2016 ,then why S.D.M. is procrastinating?

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017516003934
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Honble
DM Sir please take a glance of attached documents with this representation
which are government orders Two instalments were sanctioned by central
government for the farmers of drought hit area of Uttar Pradesh but still
fifty percent farmers are deprived FROM the government aid because of
lackadaisical approach of concerned public staffs Whether such dereliction of
public servants can be overlooked which caused several farmers deprived from
public aids Undoubtedly errors can be corrected but when every thing was done
in planned way ,then how subordinates can be frightened with the senior rank
public servants With due respect your applicant wants to draw the kind
attention of the Honble Sir to the following submissions as follows1-It is
submitted before the Honble Sir that when the fund on the demand of distract
administration has been sanctioned by the government of state, then what is
the cause of procrastination Whether in the name of human error entire
Purebhawa village can be deprived from the public aid provided by government
of Uttar Pradesh Please take a glance of attached letters of SDM Phoolpur
dated -July 2016 ,04-07-2016 ,12-08-2016 who mentioned the name of single
beneficiary missing from the list but there are many names in the group
complaint who were deprived from public aid Supporting documents were also
submitted with the earlier submitted grievances 23 October 2016 2148 With due
respect your applicant wants to draw the kind attention of the Honble Sir to
the following submissions as follows 1-It is submitted before the Honble Sir
that According to order of government of Uttar Pradesh district-Allahabad
number-8491-10-2016-33(34)2016TC-2 dated-29-July-2016 , Rs80 Lakhs was
sanctioned for district Allahabad alone for those affected from natural
calamity But now they are awaiting the permission for making supplementary
list Total amount taken from from government is 1 crore 10 lac rupees 2-It is
submitted before the Honble Sir
नियत तिथि:
14 – Dec – 2016
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
2
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित
न होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है
| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
दिनांक 23/07/2017
को फीडबैक:- उपजिलाधिकारी फूलपुर पिछले वर्ष जुलाई से ही कह रहे है की लाभार्थिओं की सूची
बना ली गई पैसा आते ही भुगतान कर दिया जाएगा किन्तु अभी तक कुछ नही किये
| What a honesty ,Lekhpal
awarded with adverse entries is made Kanungo in this regime of good
governance! Grievance redressal without providing government aid is
procrastination not disposal of grievance and such practices only promote
anarchy in the society .
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है शासन स्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्री मान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्र का अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी
अतः शिकायत कर्ता के परिवारों को भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद
का साथ
सूचित करना पड़ रहा
है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ
जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं
संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे |

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
29 – Nov – 2016
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
22 – Jul – 2017
महोदय, जांच आख्‍या संलग्‍न हैा
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
22 – Jul – 2017
अपर
जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें महोदय, जांच आख्‍या संलग्‍न
हैा
22 – Jul – 2017
महोदय, जांच आख्‍या संलन हैा
निस्तारित

2 comments on When fund was sanctioned by government on 10-10-2016 ,then why S.D.M. is procrastinating?

  1. उपजिलाधिकारी फूलपुर पिछले वर्ष जुलाई से ही कह रहे है की लाभार्थिओं की सूची बना ली गई पैसा आते ही भुगतान कर दिया जाएगा किन्तु अभी तक कुछ नही किये | What a honesty ,Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo in this regime of good governance! Grievance redressal without providing government aid is procrastination not disposal of grievance and such practices only promote anarchy in the society . उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है शासन स्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्री मान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्र का अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०-१०-२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारों को भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे |

  2. Honble Sir that when the fund on the demand of distract administration has been sanctioned by the government of state, then what is the cause of procrastination Whether in the name of human error entire Purebhawa village can be deprived from the public aid provided by government of Uttar Pradesh Please take a glance of attached letters of SDM Phoolpur dated -July 2016 ,04-07-2016 ,12-08-2016 who mentioned the name of single beneficiary missing from the list but there are many names in the group complaint who were deprived from public aid Supporting documents were also submitted with the earlier submitted grievances 23 October 2016

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