What would be next cunning trick of staffs of Tahsil Phoolpur to withhold public aid from reaching to farmers?

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40017516004395
आवेदक कर्ता का नाम:
YOGI M P SINGH
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री मान जी प्रकरण इलाहाबाद का और आप मिर्ज़ापुर भेज दिए कृपया काफी दिनों से लंबित प्रकरण को निबटाने का कष्ट करे कृपया जिला majistrate इलाहाबाद को निर्देशित करे सारी गड़बड़ी उपजिलाधिकारी फूलपुर की है It was categorically expressed that Rs88 crore and something grant
was sanctioned by government on 10-10-2016 for the district Allahabad Where
gone that huge amountRs
८८६२ करोर की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार ने अति बृष्टि और ओला बृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों की मदद के लिए दिनांक १० १० २०१६ जनपद इलाहाबाद के लिए स्वीकृत किया हास्यास्पद बात यह है की दो महीने १३ दिन बीत गये किसानो का जुताई बुवाई का समय है और किसी को अधेला भी नसीब नही हुआ | का वर्षा जब कृषी सुखाने वाली कहानी खूब चरितार्थ हो रही है | 22 December 2016
2155 With due respect your applicant wants to draw the kind attention of the
Honble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted before
the Honble Sir that following online submitted grievance had to be disposed
by the concerned by 28-Nov-2016 but today is 22-Dec-2016 Whether this is not
procrastination and concerned accountable public functionaries are not
overlooking it2-It is submitted before the Honble Sir that whether this not
reflection of insolence on the part of commissioner Allahabad division that
he doesnt deem it fit to consider the grievances of common people for which
he is drawing huge salary from public exchequer This is humble request of
your applicant to you Honble Sir that It can never be justified to overlook
the rights of citizenry by delivering services in arbitrary manner by
floating all set up norms This is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers
to reap benefit of loopholes in system and depriving poor citizens from right
to justice Therefore it is need of hour to take concrete steps in order to
curb grown anarchy in the system For this your applicant shall ever pray you
Honble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram,
Jabalpur Road District-Mirzapur , Uttar Pradesh ,India
नियत तिथि:
13 – Jan – 2017
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त
दिनांक
1
Brief description of submitted grievances -What a honesty,
Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo Grievance redressal
without providing government aid is procrastination not disposal
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्तिर से धन उपलब्धर होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जानी चाहिए थी| किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it
is justified that SDM Phoolpur through its aforementioned letter note
instead of providing relief cheques may assure that when the grant will be
re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them Where is
gone
८८६२ करोंड़ Why Lekhpal was promoted to Kanungo
if adverse entry was made by competent Why the enquiry report of Tahsildar
was not made available to complainant your applicant How your applicant can
be deprived from report of Tahsildar when enquiry carried out on the
complaints of your applicant According to section 4 (1) d of Right to
Information Act 2005
It shall be obligation of every
public authority to provide reasons of its decision to parties concerned On
numerous occasions, Hon
ble Apex court of India proclaimed
that Right to reason is indispensable part of sound judicial system and for
sound administration, it must be promoted to administrative decision Here
it most unfortunate that here report SDM Phoolpur is only a fictitious
story made without taking the perusal of submitted grievance and attached
documents
विषय श्री मान जी आप का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने अपने मोबाइल नंबर ९४५४४१७८१६
से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के कुछ करना धोखा देने जैसा है | Be informed
that I know well that Jansunwai portal is the august portal of government
of Uttar Pradesh but it is unfortunate that when your applicant submits
grievance on this portal, then message is displayed on the screen as-Server
is not responding Undoubtedly your suggestion is admissible but when you
suggest honestly I made efforts 500 times in order to submit grievance but
your dilapidated website instead of accepting the submissions, displays
message on the screen that server is not responding Whether it is justified
If you are really not interested in entertaining the grievances of the
citizenry of state, then you may spam my e-mails But under Article 51 A of
constitution of India, these grievances cum enquiries are the fundamental
duties of your applicant Your suggestions are most welcome if these are
simple and straight not cryptic Most revered Sir
Your applicant invites the kind attention of Honble Sir with due respect to following submissions as
follows 1-It is submitted before the Hon
ble
Sir that
आज फिर मैंने प्रयास किया की जनसुनवाई पोर्टल पर जनसुनवाई पोर्टल पर ब्यथा निवारण के लिए व्यथा प्रस्तुत कीया जाय किन्तु आज भी वही मैसेज स्क्रीन पर आया की सर्वर इज नॉट रेसपोंडिंग प्लीज ट्राई अगेन| कृपया संलग्नको का परिशीलन करे| -It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी ये और बात है की आप किसी ब्यथा को हल नही कर रहे है लेकिन हम प्रयास जारी रखेगे पांच वर्सो तक और पिछले २० वर्षो से हम लोग संघर्ष कर रहे है |भ्रस्टाचार
के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा | -It is
submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी क्या यह भ्रस्टाचार नही है की उत्तर प्रदेश शासन ने किसानो को बाटने के लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन को ग्रांट सैंक्सन किया और इलाहबाद जिला प्रशासन अब कह रहा है ग्रांट सैंक्शन होने पर ही किसानो को सूखा राहत चेक प्रदान किया जाएगा | प्रश्न यह है की पूर्व में जारी८८६२ करोड़ रूपये जो शासन द्वारा जिला प्रशासन को किसानो को बाटने के लिए दिया गया उसे कौन निगल गया | This is
humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be
justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy,
lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law
of land There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer
in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic
values for healthy and prosperous democracy For this, your applicant shall
ever pray you, Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh, Mobile number- 7379105911,
Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District- Mirzapur, Uttar Pradesh Pin
code-231001
12 Jun 2017
2
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
3
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
29 – Dec – 2016
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्व एवं आपदा विभाग
अधीनस्थ को प्रेषित
2
अंतरित
प्रमुख सचिव/सचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग )
02 – Jan – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
अधीनस्थ को प्रेषित
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
02 – Jan – 2017
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करेंकृपया संलग्न अपलोड करे
22 – Jun – 2017
अनुमोदित
अस्वीकृत
4
आख्या
अपर
जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) (राजस्व एवं आपदा विभाग )
31
– Jan – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करेंअनुमोदित
17
– Apr – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017516003679
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9336252631,9336252631
विषय:
Whether
in the name of human error entire Purebhawa village can be deprived from the
public aid provided by government of Uttar Pradesh Please take a glance of
attached letters of SDM Phoolpur dated -July 2016 ,04072016 ,12082016 who
mentioned the name of single beneficiary missing from the list but there are
many names in the group complaint who were deprived from public aid
Supporting documents were also submitted with the earlier submitted
grievances 23 October 2016 2148 With due respect your applicant wants to draw
the kind attention of the Honble Sir to the following submissions as follows
1-It is submitted before the Honble Sir that According to order of government
of Uttar Pradesh district-Allahabad number-8491-10-2016-33(34)2016TC-2
dated-29-July-2016 , Rs80 Lakhs was sanctioned for district Allahabad alone
for those affected from natural calamity But now they are awaiting the
permission for making supplementary list
नियत तिथि:
28
– Nov – 2016
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
2
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
दिनांक 03/06/2017
को फीडबैक:- Brief description of submitted grievances -What a honesty
,Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo! Grievance redressal
without providing government aid is procrastination not disposal.
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्‍तर से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशिदिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी
अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद
का साथ
सूचित करना पड़ रहा
है की अभी तक पीड़ितपरिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ
जोकि एक कठोर सत्य है जिसकोउच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it is justified
that S.D.M. Phoolpur through its aforementioned letter/ note instead of
providing relief cheques may assure that when the grant will be re-sanctioned
,then shares of needy farmers will reach to them? Where is gone
८८.६२ करोंड़ ? Why
Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent? Why
the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant/ your
applicant? How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when
enquiry carried out on the complaints of your applicant? According to section
4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be obligation of every
public authority to provide reasons of its decision to parties concerned. On
numerous occasions, Hon’ble Apex court of India proclaimed that Right to
reason is indispensable part of sound judicial system and for sound administration,
it must be promoted to administrative decision. Here it most unfortunate that
here report S.D.M. Phoolpur is only a fictitious story made without taking
the perusal of submitted grievance and attached documents. This is humble
request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to
withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and
chaos in arbitrary manner by making mockery of law of land? There is need of
hour to take harsh steps against wrongdoer in order to win the confidence of
citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous
democracy. For this your applicant shall ever pray you Hon’ble Sir. Yours
sincerely Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram ,
Jabalpur Road, District-Mirzapur , Uttar Pradesh. Pin code-231001.
आवेदन
का
संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
13
– Nov – 2016
अपर
मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्व एवं आपदा विभाग
18
– Apr – 2017
जाँच
आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
अस्वीकृत
2
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
13
– Nov – 2016
अपर
मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्व एवं आपदा विभाग
26
– Jun – 2017
अनुमोदित
निस्तारित
3
अंतरित
प्रमुख सचिव/सचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग )
15
– Nov – 2016
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
18
– Apr – 2017
जाँच
आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
अस्वीकृत
4
अंतरित
प्रमुख सचिव/सचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग )
15
– Nov – 2016
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
26
– Jun – 2017
अनुमोदित
निस्तारित
5
आख्या
जिलाधिकारी ( )
10
– Mar – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
17
– Apr – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित
C-श्रेणीकरण
6
आख्या
जिलाधिकारी , इलाहाबाद
19
– Jun – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें उक्‍त प्रकरण में नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही कर आख्‍या दें अनुमोदित
24
– Jun – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अख्‍या अवलोकनार्थ हेतु प्रेषित
निस्तारित
आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017516004170
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Please take a glance of letter of government of
Uttar Pradesh dated 29-Nov-2016 addressed to your applicant ,in which it was
categorically expressed that Rs88 crore and something grant was sanctioned by
government on 10-10-2016 for the district Allahabad so please take a glance
of annexure and disburse the sanctioned amount among the needy in transparent
and accountable manner without any further delay procrastination Honble DM
Allahabad
शिकायत संख्या 40017516003934was
to be redressed today but concerned are still procrastinating and reason of
this procrastination is well known to you Honble Sir Honble DM Sir please
take a glance of attached documents with this representation which are
government orders Two instalments were sanctioned by central government for
the farmers of drought hit area of Uttar Pradesh but still fifty percent
farmers are deprived FROM the government aid because of lackadaisical
approach of concerned public staffs Whether such dereliction of public
servants can be overlooked which caused several farmers deprived from public
aids Undoubtedly errors can be corrected but when every thing was done in
planned way ,then how subordinates can be frightened with the senior rank
public servants With due respect your applicant wants to draw the kind
attention of the Honble Sir to the following submissions as follows1-It is
submitted before the Honble Sir that when the fund on the demand of distract
administration has been sanctioned by the government of state, then what is
the cause of procrastination Whether in the name of human error entire
Purebhawa village can be deprived from the public aid provided by government
of Uttar Pradesh Please take a glance of attached letters of SDM Phoolpur
dated -July 2016 ,04-07-2016 ,12-08-2016 who mentioned the name of single
beneficiary missing from the list but there are many names in the group
complaint who were deprived from public aid Supporting documents were also
submitted with the earlier submitted grievances 23 October 2016 2148 With due
respect your applicant wants to draw the kind attention of the Honble Sir to
the following submissions as follows 1-It is submitted before the Honble Sir
that According to order of government of Uttar Pradesh district-Allahabad
number-8491-10-2016-33(34)2016TC-2 dated-29-July-2016 , Rs80 Lakhs was
sanctioned for district Allahabad alone for those affected from natural
calamity But now they are awaiting the permission for making supplementary
list Total amount taken from from government is 1 crore 10 lac rupees 2-It is
submitted before the Honble Sir
नियत तिथि:
29
– Dec – 2016
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Brief description of submitted grievances
-What a honesty, Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo
Grievance redressal without providing government aid is procrastination not
disposal
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्तिर से धन उपलब्धर होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जानी चाहिए थी| किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की अभी तक पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it is justified
that SDM Phoolpur through its aforementioned letter note instead of
providing relief cheques may assure that when the grant will be
re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them Where is
gone
८८६२ करोंड़ Why Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by
competent Why the enquiry report of Tahsildar was not made available to
complainant your applicant How your applicant can be deprived from report
of Tahsildar when enquiry carried out on the complaints of your applicant
According to section 4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be
obligation of every public authority to provide reasons of its decision to
parties concerned On numerous occasions, Hon’ble Apex court of India
proclaimed that Right to reason is indispensable part of sound judicial
system and for sound administration, it must be promoted to administrative
decision Here it most unfortunate that here report SDM Phoolpur is only a
fictitious story made without taking the perusal of submitted grievance and
attached documents
विषय श्री मान जी आप का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने अपने मोबाइल नंबर ९४५४४१७८१६ से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के कुछ करना धोखा देने जैसा है | Be
informed that I know well that Jansunwai portal is the august portal of
government of Uttar Pradesh but it is unfortunate that when your applicant
submits grievance on this portal, then message is displayed on the screen
as-Server is not responding Undoubtedly your suggestion is admissible but
when you suggest honestly I made efforts 500 times in order to submit
grievance but your dilapidated website instead of accepting the
submissions, displays message on the screen that server is not responding
Whether it is justified If you are really not interested in entertaining
the grievances of the citizenry of state, then you may spam my e-mails But
under Article 51 A of constitution of India, these grievances cum enquiries
are the fundamental duties of your applicant Your suggestions are most
welcome if these are simple and straight not cryptic Most revered Sir –Your
applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to
following submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir
that
आज फिर मैंने प्रयास किया की जनसुनवाई पोर्टल पर जनसुनवाई पोर्टल पर ब्यथा निवारण के लिए व्यथा प्रस्तुत कीया जाय किन्तु आज भी वही मैसेज स्क्रीन पर आया की सर्वर इज नॉट रेसपोंडिंग प्लीज ट्राई अगेन| कृपया संलग्नको का परिशीलन करे| -It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी ये और बात है की आप किसी ब्यथा को हल नही कर रहे है लेकिन हम प्रयास जारी रखेगे पांच वर्सो तक और पिछले २० वर्षो से हम लोग संघर्ष कर रहे है |भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा | -It is submitted before the Hon’ble Sir that श्री मान जी क्या यह भ्रस्टाचार नही है की उत्तर प्रदेश शासन ने किसानो को बाटने के लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन को ग्रांट सैंक्सन किया और इलाहबाद जिला प्रशासन अब कह रहा है ग्रांट सैंक्शन होने पर ही किसानो को सूखा राहत चेक प्रदान किया जाएगा | प्रश्न यह है की पूर्व में जारी८८६२ करोड़ रूपये जो शासन द्वारा जिला प्रशासन को किसानो को बाटने के लिए दिया गया उसे कौन निगल गया | This is humble request of
your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold
public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in
an arbitrary manner by making the mockery of law of land There is need of
the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the
confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy
and prosperous democracy For this, your applicant shall ever pray you,
Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh, Mobile number- 7379105911,
Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District- Mirzapur, Uttar Pradesh Pin
code-231001
12 Jun 2017
2
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
3
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
14
– Dec – 2016
मंडलायुक्त मण्डल इलाहाबाद,
अधीनस्थ
को प्रेषित
2
आख्या
मंडलायुक्त ( )
10
– Feb – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जिलाधिकारी, इलाहाबाद, क़पया उपजिलाधिकारी फुलपुर के द्वारा मन्‍तव्‍य अंकित करने के शिकायत लम्बित है शीघ्र मनतव्‍य अंकित कर रिपोर्ट पेेषित करे जिससे शिकायत का निस्‍तारण हो सके
18
– Apr – 2017
जाँच
आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
अस्वीकृत
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
10
– Feb – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अलोक्नार्थ सादर प्रेषित है
17
– Apr – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित
अस्वीकृत
आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017517001335
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Providing aid to farmers belonging to
droughtexcessive rain snow and ice fall hit area of Allahabad
किसानो को सात
दिन में
मुआवजा मिला तो सम्बन्धित जिलाधिकारी नपेगे | ऐसा मै नही
हमारे सूबे के माननीय मुख्य मंत्री परम आदरणीय योगी आदित्य नाथ जी का कहना है | श्री मान जी जिलाधिकारी इलाहाबाद के अधीनस्थ उपजिलाधिकारी फूलपुर दो वर्षो से अतिब्रिष्टि और ओला
बृष्टि के पीड़ित किसानो की मुआवजा राशि लटकाए हुए है जब की मोदी जी से बड़ा किसानो का शुभचिंतक कौन होगा | दो सौ से ज्यादा आवेदन भेजे जा चुके है शासन द्वारा ग्रांट भी भेजा गया है अखिलेश सरकार ने तो पूरी एड़ी
से चोटी तक का जोर लगा दिया लेकिन उपजिलाधिकारी फूलपुर पर इन सब बातो का कोई
असर नही
हुआ | Subject-Providing aid to farmers belonging to
droughtexcessive rain snow and ice fall hit area of Allahabad With great
respect to revered Sir, your applicant invites the kind attention of the
Hon’ble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted before
the Hon’ble Sir that justice without force is impotent and force without
justice is tyranny Whether subsequent government in the state will be
instrumental in providing the aid to aggrieved farmers as provided by central
government in two installments 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that
where is gone huge public fund 88 crore and some thing to D M Allahabad ipso
facto obvious from the attachment with this representation What is the cause
of undue delay being done by SDM PHOOLPUR IN PROVIDING aid to farmers
suffering natural calamity This is humble request of your applicant to you
Honble Sir that It can never be justified to overlook the rights of citizenry
by delivering services in arbitrary manner by floating all set up norms This
is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap benefit of
loopholes in system and depriving poor citizens from right to justice
Therefore it is need of hour to take concrete steps in order to curb grown
anarchy in the system For this your applicant shall ever pray you Honble Sir
Yours sincerely Yogi M P Singh Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram,
Jabalpur Road District-Mirzapur , Uttar Pradesh ,India Only one question must
be replied by accountable public functionaries whether aforementioned got
their share if not why Whether concerned accountable public functionaries
will fix the accountability of the wrongdoers for procrastinating in
enforcing the public scheme
नियत तिथि:
29
– Apr – 2017
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 27/05/2017
को फीडबैक:- Feed back-In regard to disposal of grievances submitted on
jansunwai portal of government of Uttar Pradesh. Government of Uttar Pradesh
headed by Hon’ble Yogi Aditya Nath ji redressed the following grievances
through the note of S.D.M. Phoolpur, Allahabad dated-24-May-2017.
शिकायत संख्या-40017517001335,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh, शिकायत संख्या-40017517001942,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh, शिकायत संख्या-40017517001762,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh. Brief description of submitted grievances -What a
honesty ,Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo! Grievance
redressal without providing government aid is procrastination not disposal.
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की शासनस्तt से धन उपलब्‍ध होने पर धनराशि का भुगतान कर दिया जायेगा| श्रीमान जी २९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के पत्रका अवलोकन करे जो की प्रार्थी को संबोधित है ८८.६२ करोंड़ की धनराशिदिनांक १०१०२०१६ को स्वीकृत की गयी
अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो जाएगी | किन्तु बड़े खेद
का साथ
सूचित करना पड़ रहा
है की अभी तक पीड़ितपरिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ
जोकि एक कठोर सत्य है जिसकोउच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it is justified
that S.D.M. Phoolpur through its aforementioned letter/ note instead of
providing relief cheques may assure that when the grant will be re-sanctioned
,then shares of needy farmers will reach to them? Where is gone
८८.६२ करोंड़ ? Why
Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent? Why
the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant/ your
applicant? How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when
enquiry carried out on the complaints of your applicant? According to section
4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be obligation of every
public authority to provide reasons of its decision to parties concerned. On
numerous occasions, Hon’ble Apex court of India proclaimed that Right to
reason is indispensable part of sound judicial system and for sound administration,
it must be promoted to administrative decision. Here it most unfortunate that
here report S.D.M. Phoolpur is only a fictitious story made without taking
the perusal of submitted grievance and attached documents.
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
14
– Apr – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
26
– May – 2017
आख्या
प्रेषित
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
19
– Apr – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्या प्रेषित
26
– May – 2017
प्रार्थाना
पत्र निस्‍तारित अवलाोकनाार्थ हेतु आख्‍या प्रेषित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित
3
आख्या
मुख्यमंत्री
कार्यालय
12
– Jun – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है
24
– Jun – 2017
जाँच
आख्या अवलोकनार्थ सेवा सादर प्रेषित है
निस्तारण
हेतु लंबित
4
आख्या
जिलाधिकारी ( )
13
– Jun – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अवलोकनार्थ सेवा सादर प्रेषित है
24
– Jun – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अख्‍या अवलोकनार्थ हेतु प्रेषित
आख्या
उच्च स्तर पर प्रेषित

2 comments on What would be next cunning trick of staffs of Tahsil Phoolpur to withhold public aid from reaching to farmers?

  1. Whether it is justified that SDM Phoolpur through its aforementioned letter note instead of providing relief cheques may assure that when the grant will be re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them Where is gone ८८६२ करोंड़ Why Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent Why the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant your applicant How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when enquiry carried out on the complaints of your applicant According to section 4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be obligation of every public authority to provide reasons of its decision to parties concerned

  2. In regard to disposal of grievances submitted on jansunwai portal of government of Uttar Pradesh. Government of Uttar Pradesh headed by Hon’ble Yogi Aditya Nath ji redressed the following grievances through the note of S.D.M. Phoolpur, Allahabad dated-24-May-2017. शिकायत संख्या-40017517001335,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh, शिकायत संख्या-40017517001942,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh, शिकायत संख्या-40017517001762,आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh. Brief description of submitted grievances -What a honesty ,Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo! Grievance redressal without providing government aid is procrastination not disposal.

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