Undoubtedly, rampant corruption in secondary education as matter diarised two times in apex court

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190095010
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
This report has been made available to the applicant by the
additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar Pradesh at
Varanasi after four years of submissions of the grievance by the aggrieved
student and for the last eight months near about four dozen representations
submitted so that aggrieved student belonging to weaker and oppressed section
may get justice. It is most unfortunate that certain objections were made by
the office of aforementioned public authorities and which were removed by the
aggrieved student and entire documents were sent on behalf of district
inspector of school Mirzapur but the procrastinations and lackadaisical
approach of the staffs of the aforementioned regional office of Uttar Pradesh
is still continued and cunning games are still being played. Ipso facto
obvious additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar
Pradesh at Varanasi instead of rectifying date of birth showing keen interest
in procrastination which quite obvious from dilly-dally approach of the
concerned public staffs.
नियत तिथि:
06 – Aug – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Sir, CM Office is the highly privileged office in the state
and it fixed to dispose the grievance by 06-Aug-2019 and today is
20-Aug-2019 but additional secretary as being habitual to take under teeth
the direction of senior rank officers, overlooked the aforementioned fixed
date Whether it is justified that additional secretary, regional office,
board of intermediate and high school, Government of Uttar Pradesh may act
in schizophrenic way Concerned matter is pending since year 2015 and still
un-redressed implies that tyranny and arbitrariness in the government
machinery is quite rampant and system lacks rule of law, consequently far
away from good governance
20 Aug 2019
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग -3( मुख्यमंत्री कार्यालय )
22 – Jul – 2019
जिलाधिकारीवाराणसी,
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ
को प्रेषित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
07 – Aug – 2019
माध्यमिक शिक्षा परिषद् वाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
आवश्यक
कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
अनमार्क


Diary No.
Year
/SCI/PIL(E)/ 

Diary
No.
36667/SCI/PIL(E)/2019
Application
Date
12-07-2019
Received
On
23-07-2019
Applicant
Name
MAHESH
PRATAP SINGH YOGI M P SINGH
Address
E
MAIL
State
9999
Action
Taken
UNDER
PROCESS

Pasted
from <https://sci.gov.in/grievance>

पिछली बार जब जिलाधिकारी वाराणसी जिला विद्यालय निरीक्षक वाराणसी को प्रकरण अग्रसारित किये थे तो

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh yogimpsingh@gmail.com

Tue, 11 Jun, 15:40

to dmvar, pmosb, presidentofindia, supremecourt, cmup, hgovup, csup, rovaranasi, desecedu, upmsp
श्री मान जिला मजिस्ट्रेट वाराणसी को मामले को निस्तारण हेतु क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को भेजना था किन्तु मकसद तो मात्र टालमटोल करके ठंडे बस्ते में डालना था | इसलिए जिलाधिकारी महोदय ने कभी महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ को भेजा तथा कभी जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय वाराणसी  को भेजा और आश्चर्य जनक तब हुआ जब आपने जिला विद्यालय निरीक्षक के २४-०५-२०१९  के पत्र को जिसमे उन्होंने कहा है मामला जिला विद्यालय निरीक्षक मिर्ज़ापुर से सम्बंधित है आपने उसे सी श्रेणीकृत कर दिया फीडबैक के उपरांत और फिर 
फीडबैक : दिनांक 03/06/2019को फीडबैक:- आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 03/06/2019 को कार्यवाही C- श्रेणीकृत कर दी गयी है

०७-जून -२०१९ को आपने उसी पत्र के आधार पर मामले को निस्तारित मान लिया | श्री मान जी फीडबैक के पूर्व का रिपोर्ट और फीडबैक के बाद के रिपोर्ट में क्या अंतर है दोनों वही पत्र है सिर्फ यह बता रहा है की सरकारी तंत्र में जंगल राज है | 

सोचिये योगी आदित्यनाथ जी के सख्त होने के बावजूद आपलोग जब इतना मनमानी कर रहे है तो जो मुख्य मंत्री सख्त नहीं रहते होंगे उनके समय में क्या होगा | 
श्री मान जी जिलाविद्यालय निरीक्षक और कॉलेज प्रबध तंत्र द्वारा भी कई बार पत्र क्षेत्रीय शिक्षा सचिव क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश वाराणसी को भेजा जा चूका है किन्तु वे हर पत्र  को फाइल कर देते है बिना कोई कार्यवाही किये |

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
60000190095010
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
This report has been made available to the applicant by the
additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar Pradesh at
Varanasi after four years of submissions of the grievance by the aggrieved
student and for the last eight months near about four dozen representations
submitted so that aggrieved student belonging to weaker and oppressed section
may get justice. It is most unfortunate that certain objections were made by
the office of aforementioned public authorities and which were removed by the
aggrieved student and entire documents were sent on behalf of district
inspector of school Mirzapur but the procrastinations and lackadaisical
approach of the staffs of the aforementioned regional office of Uttar Pradesh
is still continued and cunning games are still being played. Ipso facto
obvious additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar
Pradesh at Varanasi instead of rectifying date of birth showing keen interest
in procrastination which quite obvious from dilly-dally approach of the
concerned public staffs.
नियत तिथि:
06 – Aug – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग -3( मुख्यमंत्री कार्यालय )
22 – Jul – 2019
जिलाधिकारीवाराणसी,
कृपया
शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ
को प्रेषित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
24 – Jul – 2019
जिला विद्यालय निरीक्षकवाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
आवश्यक
कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
कार्यालय
स्तर पर लंबित

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
Honesty is not a show piece perhaps it reflects in the working of a public authority.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 12 July 2019 at 20:02

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com


This report has been made available to the applicant by the additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar Pradesh at Varanasi after four years of submissions’ of the grievance by the aggrieved student and for the last eight months near about four dozen representations submitted so that aggrieved student belonging to weaker and oppressed section may get justice.
It is most unfortunate that certain objections were made by the office of aforementioned public authorities and which were removed by the aggrieved student and entire documents were sent on behalf of district inspector of school Mirzapur but the procrastinations and lackadaisical approach of the staffs of the aforementioned regional office of Uttar Pradesh is still continued and cunning games are still being played.

                                         Ipso facto obvious additional secretary, Intermediate and Highschool Board of Uttar Pradesh at Varanasi instead of rectifying date of birth showing keen interest in procrastination which quite obvious from dilly-dally approach of the concerned public staffs.


On Sat, 29 Jun 2019 at 19:25, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:
श्री मान जी निम्न से स्पष्ट है की छात्र से सम्बंधित प्रकरण डायरी कृत किया गया है माननीय उच्चतम न्यायालय में कोई जरुरी नहीं है की प्रकरण की सुनवाई न हीं हो मान लीजिए पांच प्रतिशत केसेस को संज्ञान लेती है हमारी उच्चतम न्यायालय और उसमे ईश्वर मेहरबान हो गए उस गरीब लड़के पर  तो श्री मान जी २०१५ से ही जो आप के अपर शिक्षा निदेशक दौड़ा रहे है और आप लोगो द्वारा शील्ड किया जा रहा है अपर शिक्षा निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा वाराणसी को सूत समेत भरपाई करनी  सकती है | 

Diary No.
31751/SCI/PIL(E)/2019
Application Date
22-05-2019
Received On
29-06-2019
Applicant Name
YOGI M P SINGH
Address
MOHALLA SUREKAPURAM JABALPUR ROAD DISTRICT MIRZAPUR
State
UTTAR PRADESH
Action Taken
UNDER PROCESS

श्री मान जी पिछले आठ महीने से आप के अपर शिक्षा निदेशक क्षेत्रीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा वाराणसी सिर्फ टाल  मटोल कर रहे है और खुद सचिवालय के सचिव स्तर के सरकारी मुलाजिम उनकी मदद कर रहे है क्या यही सुशासन है | इसमें माननीय मुख्यमंत्री जी का कोई रोल नहीं है क्यों की उनके द्वारा लगातार सुधार का प्रयास किया जा रहा है किन्तु सचिवालय में बैठी नौकरशाही खुद ही मार्ग में कंटक विछाने का काम कर रही है क्या सरकार इतने ज्यादा तनख्वाह इसी लिए देती है | यदि कोई सरकारी मुलाजिम सरकार की मंशा के अनुसार काम नहीं कर रहा है तो वह कृतघ्न है क्योकि नमक खा कर नमक हरामी नहीं  करना चाहिए | 


On Wed, 22 May 2019 at 22:26, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:
फीडबैक की स्थिति:अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 25/02/2019 को कार्यवाही संतोषजनक श्रेणीकृत कर दी गयी है 
श्री मान जी प्रमुख सचिव महोदय से यह पूछा जाय की कार्यवाही किस आधार पर संतोष जनक श्रेणीकृत की गयी है ? पिछले छह महीने से पचासो ग्रीवांस प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत किया गया और मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा आख्या तलब की गयी क्षेत्रीय माध्यमिक शिक्षा निदेशक वाराणसी द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर और आज तक एक भी आख्या नहीं आई  फिर भी कार्यवाही संतोष जनक श्रेणीकृत की गयी क्या इसी को पारदर्शी और जिम्मेदार शासन व्यवस्था कहते है | इसका मतलब प्रदेश में शासन व्यवस्था नाम की कोई बात नहीं है | प्रमुख सचिव महोदय उन स्रोतों को बताये जिसके आधार पर वह मालुम कर सके की कार्यवाही हो रही है और संतोष जनक है | 

Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.


1-It is submitted before the Hon’ble Sir that Hon’ble Sir may be pleased to take a glance of the following submitted grievance by the applicant.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190007282
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
ब्यथा निवारण की जिम्मेदारी उसको है जो मात्रि भाषा को जानता है और आंग्ल भाषा का ही ज्ञान रखता है तो इस शुद्ध हिंदी प्रदेश में जनता को परेशान होना ही होगा Grievance Status for registration number: PMOPG/E/2018/0492755 Grievance Concerns To Name Of Complainant-Yogi M P Singh Date of Receipt-18/10/2018 Received By Ministry/Department-Prime Ministers Office आवेदन का विवरण,शिकायत संख्या-60000180109141आवेदक कर्ता का नाम:-Yogi M P Singh Sir whether concerned are sleeping? Whether it is not the reflection of rampant corruption, lawlessness chaos and anarchy in the system ipso facto obvious? Why not action is being taken against the concerned otherwise such unethical practice will remain continued. Even when the matter is under the monitor of the responsible public functionaries but it seems that they are not serious to resolve the issue created because of dereliction of their own staffs. An application under article 51 A of the constitution of India seeking justice for a student of weaker section suffered a lot without any fault but the error of careless staff of the Uttar Pradesh Board of High school and intermediate who itself entertaining the luxuries of the air-cooled office and innocent student is wandering from one quarter to the other. Whether such unethical practice is justified? The matter is concerned with the incorrect entries made by Uttar Pradesh Board of High school and intermediate in date of birth of the High school marks sheet and its co-certificate of Pradip Kumar Maurya whose marks sheet was issued in the year 2015. But board staff are procrastinating on the applications of applicant instead of taking solid and strong actions in order to correct the date of birth of applicant i.e. to correct its own mistake made by its staffs. Applicant-Pradip Kumar Maurya Father-Shiv Shankar Maurya Village-Chaturiya Post-Vihasara District-Mirzapur Uttar Pradesh PIN Code-231303 Mobile number- 8756516963 and 9118365123 Aadhaar number-857311648335. Sir, please take a glance at the following points as follows. 1-On 13 Aug 2015, principal of the college wrote a letter to additional secretary UP Board to correct an error made by the Board in the marks sheet of the applicant as the date of birth -07-07-1999 was incorrectly printed 07-07-1996 by the board on the marks sheet of the applicant. Please take a glance at the first page of the attached PDF document. 2-Please, take a perusal of page 2 of the attached PDF document with this representation which is marks sheet of the applicant bearing an incorrect date of birth of the applicant as07-07-1996 but actually, it must be 07-07-1999 which means the applicant has been made three years older by UP Board by incorrect entries made by its staffs. 3-Sir, you may take a glance at the third page of attached PDF documents which is school leaving certificate of the applicant at the fifth standard and this transfer certificate explicitly shows that date of birth of the applicant is 07-07-1999. 4-Please, take a perusal of page 4 of the attached PDF document with this representation which is the affidavit of the applicant under proforma-1 proforma-2 and proforma-3 had been submitted as sought concerned public authority.Please, take a perusal of page 7 of the attached PDF document with this representation, the applicant is registered for the exam year 2015 which explicitly shows the date of birth of the applicant is 07-07-1999. 8- Sir, you may take a glance at the eighth page of attached PDF documents which is the admission form submitted by the applicant for a ninth class and date of birth shown in the form is 07-07-1999.
नियत तिथि:
27 – Feb – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
What have you approved only chief minister office of government of Uttar Pradesh knows Whether it is reflection of good governance where a cryptic symbol is used to redress the grievance What is the outcome of repeated grievances is itself a mystery On one side of screen, on public platform concerned accountable public functionaries are never tired in delivering gospels against corruption but real face is so terrific ipso facto obvious from the dilly dallying approach of the concerned staff of the government On number of occasions apex court of India emphasized the need of right to reason but rampant corruption in the machinery did not provide any space to such noble approaches It seems that we are ruled by corrupt and we are administered by the corrupt We breath in and breath out in the surrounding of corruption where air of corruption flows Here in this anarchy no justice is available to weaker and downtrodden section quite obvious from the cryptic and imaginary reports of the concerned accepted by the chief minister office.
27 Feb 2019
फीडबैक :
दिनांक 03/05/2019को फीडबैक:-
फीडबैक की स्थिति:
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 25/02/2019 को कार्यवाही संतोषजनक श्रेणीकृत कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
28 – Jan – 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव माध्‍यमिक शिक्षा विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
23/02/2019
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (माध्‍यमिक शिक्षा विभाग )
28 – Jan – 2019
निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें
23/02/2019
अनुमोदित
निस्तारित
3
अंतरित
निदेशक (माध्यमिक शिक्षा निदेशालय )
29 – Jan – 2019
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद्
कृपया प्रकरण में शीध्र यथोचित कार्यवाही करने का कष्ट करें
23/02/2019
अनुमोदित
निस्तारित
4
अंतरित
सचिव (माध्यमिक शिक्षा परिषद् )
31 – Jan – 2019
अपर सचिव जोन बनारस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें
23/02/2019
निस्तारित

2-It is submitted before the Hon’ble Sir that 

From this screen print, it is quite obvious that feedback would be allowed to be lodged only when complaint will be disposed of but how the position of the feedback was accepted? First they had to accept the feedback, then position of feedback comes. On contrary here position of feedback comes first and website is still not accepting the feedback.
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that from this fact it is obvious that website can also be manipulated in its favour quite obvious from such working style of the concerned staffs. Whether arbitrariness and tyranny in the working of the staffs of Government of Uttar Pradesh on the August portal Jansunwai is fair and justified?

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is the need of hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          


    Date-22-05-2019                                                                 Yours sincerely                                                                                                                                         Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.



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Yogi
1 year ago

श्री मान जी प्रमुख सचिव महोदय से यह पूछा जाय की कार्यवाही किस आधार पर संतोष जनक श्रेणीकृत की गयी है ? पिछले छह महीने से पचासो ग्रीवांस प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत किया गया और मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा आख्या तलब की गयी क्षेत्रीय माध्यमिक शिक्षा निदेशक वाराणसी द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर और आज तक एक भी आख्या नहीं आई फिर भी कार्यवाही संतोष जनक श्रेणीकृत की गयी क्या इसी को पारदर्शी और जिम्मेदार शासन व्यवस्था कहते है | इसका मतलब प्रदेश में शासन व्यवस्था नाम की कोई बात नहीं है | प्रमुख सचिव महोदय उन स्रोतों को बताये जिसके आधार पर वह मालुम कर सके की कार्यवाही हो रही है और संतोष जनक है |

Arun Pratap Singh
1 year ago

Still they are procrastinating is reflecting deep rooted corruption in the board but concerned accountable public functionaries are silent.
आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग -3( मुख्यमंत्री कार्यालय ) 22 – Jul – 2019 जिलाधिकारी-वाराणसी, कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। अधीनस्थ को प्रेषित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 07 – Aug – 2019 माध्यमिक शिक्षा परिषद् -वाराणसी,माध्‍यमिक शिक्षा विभाग आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें अनमार्क

Beerbhadra Singh
1 year ago

Whether it is not a reflection of rampant corruption in the regional office of the Board of Intermediate and high school government of Uttar Pradesh which is quite obvious from the working style of them as they could not correct the date of birth of the aggrieved student belonging to the weaker and down trodden section even when the application was made in the year 2015 and now it is 2019 and aggrieved student is still awaiting the correction of his date of birth in the marksheet which was a mistake of the staff of the board but the sufferer is the student onely and still they are waiting for the bribe from the student as this is the part of the practice of the corrupt staffs of the board to make such errors in the certificates of the students and when they request them to correct then they demand the bribe according to their level as they guess that student can provide them.