Undoubtedly our public functionaries crosses entire limits of procrastination in the state of U.P.

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
How the justice is available to common citizenry in this largest democracy if its staffs itself are great violators of the rights?
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 2 March 2019 at 01:19

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, licensing@fssai.gov.in

श्री मान जी क्या यह एक अच्छे वेबसाइट की यही पहचान है की शिकायत करता का फीडबैक ही मत लो |लगता इसमें भी पड़ोसी देश का कोई चाल है | हम लोगो का जीना दूभर हो गया है मोदी सर कांग्रेस जाते समय कमजोर लोकपाल देकर गई थी देश की जनता को आप उसी को बहाल करा डी जिए विपक्ष भी इसका विरोध नही करेगा |
 Oops, your request cannot be processed
 
The server encountered an internal error and was unable to process your request.
 
This problem might be due to the following reasons :
  • You are not authorised to access the requested page
Click here to go to Login Page
प्रकरण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से सम्बंधित है तो निस्तारित कैसे हो गया श्री मान जी संलग्नको का अवलोकन करे | सिर्फ मामले में टाल मटोल हो रहा है |
 
प्रकरण लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय ) द्वारा दिनांक 11 – Jan – 2019 जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर,को इस आदेश के साथ अंतरित किया गया कि कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। जिसके निस्तारण की तिथि 10 – Feb – 2019 तय की गई  किन्तु जैसा की अपेक्षित है कोई कार्य तो करना नही चाहता है किन्तु एल० डी० एम० -मिर्ज़ापुर,बॆंक ने शिकायत पत्र मिलते ही फोन जरुर किया था उन्होंने मुझे अपने मोबाइल नंबर -८००४६४४१०५ से फ़ोन किया था चुकी मेरे यहा जितने भी फ़ोन आते है सभी का टेप लगभग कुछ दिनों तक सुरक्षित रहता है इसलिए उनका भी ऑडियो कॉल सुरक्षित हो चुकी मै एल.डी.एम्. नही जनता था इसलिए उन्होंने ने बताया की मिर्ज़ापुर के सभी बैंको का कोआर्डिनेशन उन्ही के हाथ में है फिर उन्होंने शिकायत के सम्बन्ध में जानकारी ली मैने उनसे बताया की मामला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से सम्बंधित इसलिए आप इस वार्ता का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर वापस कर दे किन्तु ऐसा इन्होने नही किया नही बल्कि जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर से साठ गाठ कर एक टाल मटोल करने वाला जवाब लगा दिया वह भी १० फरवरी के बजाय २८ फरवरी और पोर्टल पर आज इस तथ्यहीन आधार पर तीन महीने से लंबित प्रकरण का झूठा निपटारा हुआ |क्या शिकायतों का अम्बार सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से नही है श्री मान जी जब एल० डी० एम० -मिर्ज़ापुर,बॆंक को सभी बाते मालुम थी तो इस रिपोर्ट का क्या औचित्य है इसके अलावा  १३ जनवरी का इ-मेल जो की मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारिक इ-मेल पर भी भेजा गया है उसमे भी मैंने लिखा है की जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर ने प्रकरण को एल० डी० एम० -मिर्ज़ापुर,बॆंक को भेज दिया जब की उनको खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग को भेजना चाहिए |और इस सम्बन्ध में और शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर है |
 
How the justice is available to common citizenry in this largest democracy if its staffs itself are great violators of the rights?
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
AttachmentsSun, 13 Jan, 00:54
https://mail.google.com/mail/u/0/images/cleardot.gif
https://mail.google.com/mail/u/0/images/cleardot.gif
to pmosb, supremecourt, presidentofindia, urgent-action, cmup, hgovup, csup, uphrclko, licensing
https://mail.google.com/mail/u/0/images/cleardot.gif
Matter of fact is concerned with the food and pharmaceutical department of the state i.e. Government of Uttar Pradesh ipso facto obvious from the attached documents with the representation which were also submitted earlier, then why it was sent by District Magistrate Mirzapur to a bank i.e. एल० डी० एम० –मिर्ज़ापुर,बॆंक instead of food securitysecurity and pharmaceutical department.
आवेदन काविवरण
 
शिकायतसंख्या
60000180134106
आवेदक कर्ताका नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ताका मोबाइलन०:
7379105911,
विषय:
Why the concerned still not issued the license to the aggrieved poor unemployed youth somehow arranging two square meal through its small shop opened in the interior corner of the district in rural village Nibi Gaharwar. An application under article 51 A of the constitution of India to seek justice against the arbitrariness of public staffs which is promoting lawlessness, anarchy and corruption in the office of public authority. Subject-Matter is concerned with the issue of new license as submitted through the application number-30181208135925440, Arun Pratap Singh, Name of the Father Rajendra Pratap Singh, Village-Nibi Gaharwar Post-Nibi Gaharwar District-Mirzapur PIN Code-231303. Hon’ble Sir following message sent on the registered Mobile Number: +917379105911 which means made transaction successful. Content: Thank you for using State Bank Internet Banking. Reference No. for UP CYBER TREASURY transaction of Rs. 500.0 from A/c ending 1675 on 08-Dec-18 at 22:40 is IK00VPEAI0. Hon’ble Sir, please take a glance at the attachments with the representation. This is a humble request of your applicant to you Honble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Honble Sir. Yours sincerely Date-31-12-2018 Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, 9336252631, 9794760348, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.
नियत तिथि:
10 – Feb – 2019
शिकायत कीस्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
 
फीडबैक कीस्थिति:
 

आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ काप्रकार
आदेश देने वालेअधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायतअनुभाग – 1(मुख्यमंत्रीकार्यालय )
11 – Jan – 2019
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
कृपया शीघ्रनियमानुसारकार्यवाही कियेजाने की अपेक्षाकी गई है।
28/02/2019
 
निस्तारित
 
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
25 – Feb – 2019
एल० डी० एम० मिर्ज़ापुर,बॆंक
नियमनुसारआवश्यककार्यवाही करें 
28/02/2019
 
निस्तारित
 
3
आख्या
एल० डी० एम०(बॆंक )
27 – Feb – 2019
जिला समन्वयक(इलाहाबाद बैंक )-मिर्ज़ापुर,बॆंक
कृपयाजॉंचोपरान्तआवश्‍यककार्यवाही करनेका कष्ट करें 
28/02/2019
संदर्भ संख्‍या केसंबंध में6000018034106के संबंध में जॉचआख्‍या अपलोडहै 
निस्तारित
 
 
[Quoted text hidden]


2 attachments
Arun Pratap Singh online submission.pdf
354K
Arun Pratap Singh online submission.docx
2184K
Pasted from <http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=60000180134106&MOBNO=7379105911&IsOldNew=N&Type=2>

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
3 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Yogi
1 year ago

श्री मान जी क्या यह एक अच्छे वेबसाइट की यही पहचान है की शिकायत करता का फीडबैक ही मत लो |लगता इसमें भी पड़ोसी देश का कोई चाल है | हम लोगो का जीना दूभर हो गया है मोदी सर कांग्रेस जाते समय कमजोर लोकपाल देकर गई थी देश की जनता को आप उसी को बहाल करा डी जिए विपक्ष भी इसका विरोध नही करेगा |

Arun Pratap Singh
1 year ago

उन्होंने शिकायत के सम्बन्ध में जानकारी ली मैने उनसे बताया की मामला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग से सम्बंधित इसलिए आप इस वार्ता का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर वापस कर दे किन्तु ऐसा इन्होने नही किया नही बल्कि जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर से साठ गाठ कर एक टाल मटोल करने वाला जवाब लगा दिया वह भी १० फरवरी के बजाय २८ फरवरी और पोर्टल पर आज इस तथ्यहीन आधार पर तीन महीने से लंबित प्रकरण का झूठा निपटारा हुआ |क्या शिकायतों का अम्बार सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से नही है श्री मान जी जब एल० डी० एम० -मिर्ज़ापुर,बॆंक को सभी बाते मालुम थी तो इस रिपोर्ट का क्या औचित्य है इसके अलावा १३ जनवरी का इ-मेल जो की मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारिक इ-मेल पर भी भेजा गया है उसमे भी मैंने लिखा है की जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर ने प्रकरण को एल० डी० एम० -मिर्ज़ापुर,बॆंक को भेज दिया जब की उनको खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग को भेजना चाहिए |और इस सम्बन्ध में और शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर है |
फीडबैक की स्थिति: मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 06/03/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
If really action has been approved, then what is the cause of procrastination?

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly condition has been worst and the need of hour is to take action against the evil doers who are posted in the government machinery and not acting in accordance with the law and Indulged in committing irregularities. Here this question arises that whether the justice is available to the weaker and downtrodden section if not available why the accountable public functionaries are silent on this crucial issue why they are not taking action on such crucial matter