Uncontrolled corruption in department of public distribution and civil supplies Uttar Pradesh.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919024704
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9336252631,9336252631
विषय:
​Whether it is justified to harass the aggrieved individual
Harishchand belonging to weaker and downtrodden section ​by applying various
cunning tricks as being done by the district supply officer Mirzapur quite
obvious from the matter of fact that he is procrastinating since Oct-2018 last
year in order to increase two units of the B.P.L Ration card..
शिकायत संख्या40019919023329​ आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P
Singh​
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:9336252631,9336252631 विषय:How can it be justified that in order to increase the two units
of a Ration Card, district supply officer may procrastinate for eight months
and still he has not provided the rectified ration card? It is most
unfortunate that through feedback he is apprised with the entire fact but it
seems that every thing is O.K. and when the aggrieved will again submit the
entire records then his units of ration card will be increased. It is
obligatory duty of the concerned staff to increase to two units as it is in
accordance with the law but their procrastination is showing some other
story.
भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ५१ के तहत प्रार्थना पत्र | श्री मान जी जनसुनवाई पोर्टल की अभूतपूर्व गरिमा को कलंकित नहीं कर रहे है | आवेदन का विवरण शिकायत संख्या-40019919020730, आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:7379105911 दिनांक 07/06/2019को फीडबैक:- जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग — 06/06/2019 के रिपोर्ट का कुछ अंश तथा अवगत करा दिया गया है कि वह अपने सम्स्त अभिलेखों की छायाप्रति संबंधित आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जा सके। अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का कष्ट करे। श्री मान जी संलग्नक का प्रथम पेज देखे हरिश्चंद जी बहुत पढ़े लिखे नहीं है इसलिए इनका पत्र खंड विकास अधिकारी छानवे मिर्ज़ापुर को सम्बोधित उस पर तिथि का अंकन नहीं है प्रार्थी हरिश्चंद द्वारा | उस पत्र को आप ध्यान से देखे उस पर मोहर लगी है और वह मोहर जिला पूर्ति कार्यालय मिर्ज़ापुर का है और उस मोहर पर तिथि है वह दिनांक १५/०३/१९ आंग्ल भाषा में डाला गया है वह उस व्यक्ति द्वारा डाला गया है जिसने उस पत्र और संलग्नको को रिसीव किया है और उस व्यक्ति के हस्ताक्षर भी है | अर्थात जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग का अभिलेखों की छायाप्रति का पुनः मांगना दुर्भाग्य पूर्ण है और भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने वाला है | सम्बंधित पूर्ति निरीक्षक जो की खंड विकास अधिकारी छानवे के अधीनस्थ है इसलिए पत्र में खंड विकास अधिकारी छानवे सम्बोधन सर्वथा उचित है | और यह दो यूनिट पिछले आठ महीने से जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर बढ़ा रहे है | Article 14 of
the Constitution of India reads as under: “The State shall not deny to any
person equality before the law or the equal protection of the laws within the
territory of India.” Where is equal protection of law if District Supply
Officer is not subjected to the penal proceedings for harassing the revered
senior citizen made repeated request for the legitimate demand which is
obligation of District Supply Officer Mirzapur. Here aforementioned report is
not misleading in which he is seeking photo copy of the documents which was
already in his possession as made available by the aggrieved Harishchand.​
नियत तिथि:16 – Jul – 2019​ शिकायत की स्थिति: निस्तारित फीडबैक :दिनांक 21/06/2019को फीडबैक:- प्रसतुत प्रकरण की जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के द्वारा करायी जा रही है क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की जांच आख्या कार्यालय में उपलबध होने के उपरांत आवेदक को अवगत करा दिया जायेगा। निस्तारित श्री मान जी यह जवाब सिर्फ पेस्ट किया जाता है जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा तैयार करके रखा है क्योकि यह जवाब जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा कई मामलो में जवाब नहीं सूझता यही जवाब लगा देते है | चाहे अब मुख्य मंत्री कार्यालय इस जवाब को स्वीकार करे या करे यह उस पर निर्भर करता है किन्तु प्रश्न यह उठता है की क्या उस दलित व्यक्ति को न्याय मिलेगा जो पिछले आठ महीने में में दो यूनिट बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है | फीडबैक की स्थिति:फीडबैक प्राप्त
नियत तिथि:
30 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 25/07/2019को फीडबैक:- श्री मान जी प्रार्थी को चल भाष संख्या ९७९३४६२४७१ से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो तब तो कार्य हो इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो जिससे बार बार बहाना कर सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप नहीं किये क्यों
की अपने आप को जनता का नौकर समझते ही नहीं
|यदि नौकर अपने आप को भूल बस मालिक समझेगा तो क्या परिणाम अनुकूल होगा | कार्ड धारक का लड़कादीनानाथ/DINANATH का आधार संख्या – 649444035029, कार्ड धारक का नातीसत्यम भारतीया का आधार संख्या – 785295102316 का नाम राशन कार्ड में सूची बद्ध करना है | पात्रता सूची का पू्र्ण विवरण 1.- डिजिटाइज्ड राशन कार्ड संख्या-219940354159, 2.-कार्ड का प्रकारपात्र गृहस्थी, 3.-दुकानदार का नामपंचू पासी, 4.-दुकान संख्या– 20690314
5.-
धारक का नामश्रीमती इंद्रावाती/INDRAAVAATI,
6.-
धारक के पिता/पति का नामश्री हरीश/Mr. HARISH, 7.-धारक की माता का नामश्रीमती सुगिया/SUGIYA, 8.-सदस्यों की कुल संख्या 4-सदस्यों का पू्र्ण विवरण क्रम संख्या, सदस्य का नाम, लिंग धारक से सम्बन्धपिता का नाम 1-.इंद्रावाती/INDRAAVAATI, महिला, स्वयं, जोखई लाल/JOKHAI LAAL 2.-हरीश/HARISH. पुरूष, सौहर / पति राम वली/RAM VALI 3.-गुंजन/GUNJAN, महिला, बहु, दीनानाथ/DINANATH 4.-अंजलि/ANJALI महिला बेटी हरीश/HARISH
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
30 – Jun – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
24/07/2019
प्रस्तुत प्रकरण के संबंध में अवगत कराना है कि श्री योगी एम०पी०सिंह के मो० न० पर सम्पर्क किया गया और उनके द्वारा यूनिट बढाने के सम्बन्ध में शिकायत किया गया है। आवेदनकर्ता के छुटे हुए सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराने हेतु सूचना दे दी गयी है। जिससे वह सन्तुष्टी बताते हुए आवेदन कर्ता का आधार उपलब्ध कराने हेतु कहा गया प्राप्त होते ही यूनिट में शामिल कर लिया जायेगा। सुलभ सन्दर्भ हेतु जांच आख्या आपकी सेवा में सादर प्रेषित।
निस्तारित

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
3 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Yogi
1 year ago

श्री मान जी प्रार्थी को चल भाष संख्या -९७९३४६२४७१ से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो तब तो कार्य हो इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो जिससे बार बार बहाना न कर सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप नहीं किये क्यों की अपने आप को जनता का नौकर समझते ही नहीं |यदि नौकर अपने आप को भूल बस मालिक समझेगा तो क्या परिणाम अनुकूल होगा |

Arun Pratap Singh
1 year ago

Undoubtedly they have revived the grievance and the put the grievance into C-Category but what is its outcome if after some time District Magistrate will accept the same report and accept the grievance as disposed.
फीडबैक की स्थिति: सन्दर्भ पुनर्जीवित आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 30 – Jun – 2019 जिला पूर्ति अधिकारी-मिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग — 24/07/2019 प्रस्तुत प्रकरण के संबंध में अवगत कराना है कि श्री योगी एम०पी०सिंह के मो० न० पर सम्पर्क किया गया और उनके द्वारा यूनिट बढाने के सम्बन्ध में शिकायत किया गया है। आवेदनकर्ता के छुटे हुए सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराने हेतु सूचना दे दी गयी है। जिससे वह सन्तुष्टी बताते हुए आवेदन कर्ता का आधार उपलब्ध कराने हेतु कहा गया प्राप्त होते ही यूनिट में शामिल कर लिया जायेगा। सुलभ सन्दर्भ हेतु जांच आख्या आपकी सेवा में सादर प्रेषित। C-श्रेणीकरण
2 आख्या जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर) 10 – Aug – 2019 जिला पूर्ति अधिकारी-मिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है कार्यालय स्तर पर लंबित

Beerbhadra Singh
1 year ago

Here role of d m Mirzapur is itself mysterious quite obvious from his cryptic style of function which must be curbed but our accountable public functionaries in the Government of Uttar Pradesh but it is unfortunate that they are not taking any action against the district magistrate because he has blessings of an influential politician who has given the support to the ruling party at the centre. Think about the gravity of situation that one year has passed but concerned public functionaries did not increase two units of the ration card even after two dozen representations submitted to them. Whether it is not reflection of Anarchy in the working of the Government of Uttar Pradesh favourites are not working in accordance with the rule of law.