Think about the gravity of situation, through manipulation, ownership of public land managed

Registration Number DMOMR/R/2020/60014
Name Murali Dhar Maurya
Date of Filing 24/06/2020
Status RTI REQUEST RECEIVED as on 24/06/2020
  Nodal Officer Details  
Telephone Number 9454416808
Email-ID adm.lr.mi-up@gov.in

Online RTI Request Form Details

Public Authority Details :-
* Public Authority DISTRICT MAGISTRATE OFFICE MIRZAPUR
Personal Details of RTI Applicant:-
Registration Number DMOMR/R/2020/60014
Date of Filing 24/06/2020
* Name Murali Dhar Maurya
Gender Male
* Address Saraju Maurya , Village Bihasara Khurd, Post Bihasara Khurd
Pincode 231303
Country India
State Uttar Pradesh
Status Details not provided
Pincode Literate
Phone Number Details not provided
Mobile Number +91-9793357294
Email-ID mrldhrmaurya[at]gmail[dot]com
Request Details :-
Citizenship Indian
* Is the Applicant Below Poverty Line ? Yes
BPL Card No.
(Proof of BPL may be provided as an attachment)
219940177251
Year of Issue 2017
Issuing Authority District Supply Office Mirzapur
((Description of Information sought (upto 500 characters) )
* Description of Information Sought संदर्भ संख्या : 40019919033345, दिनांक – 24 Jun 2020 तक की स्थिति आवेदन कर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-40019919033345 आवेदक का नाम-Muralidhar Maurya A.D.M. L/R or PIO Collectorate Mirzapur may provide the following information in the aforementioned reference pointwise as sought.

1-Provide the detail of public staffs including date of posting in District-Mirzapur, name of staff and designation who processed the grievance.

2- Provide the detail of public staffs including date of posting in District-Mirzapur, name of staff and designation who monitored the processing of the grievance.

3-Detail paimise of public land on which Brisk road is made, grabbed public land and part of public land still safe in regard to Araji number-164 B.

4-Date when Araji number-164 A transited to its present masters. Name of persons transited the ownership of the land to ongoing masters and feedback of not availing the information on the website of department of revenue as government claims every land record is available online. If any such record is available in the office proving ownership of the people on Araji number-164 A must be provided otherwise it is part of manipulation of public record as conspiracy to provide ownership of public land to them illegally.

* Concerned PIO Nodal Officer
Supporting document ((only pdf upto 1 MB))

संदर्भ संख्या : 40019919033345 , दिनांक – 24 Jun 2020 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

40019919033345

आवेदक का नाम

Muralidhar Maurya

विषय

श्री मान जी संलग्न दस्तावेज के प्रथम दो पेज तहसीलदार सदर द्वारा प्रस्तुत आख्या है जो की प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत निम्न दो आवेदनों में उनके द्वारा क्रमसः भिन्न तिथियों पर प्रस्तुत किया गया है किन्तु दोनों का भाषा एवं भाव एक ही है | जिनका विंदुवार खंडन निम्न प्रस्तर खंडो में किया गया है | आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919023461 आवेदक कर्ता का नाममुरलीधर मौर्य आवेदक कर्ता का मोबाइल न०9793357294 आवेदन का विवरण शिकायत संख्या40019919024367 आवेदक कर्ता का नामMuralidhar Maurya श्री मान जी आज तक जितने भी आख्या तहसीलदार सदर की और से लगाए गए है उनमे हर एक में रास्ता खाली होने की बात कही गई है और इसके अलावा प्रार्थी के ऊपर व्यक्तिगत टीका टिप्पणी की गयी है जिससे की प्रार्थी जो कई वर्षो से संघर्ष कर रहा है इस भ्रष्टाचार के खिलाफ , संघर्ष छोड़ कर घर बैठ जाय किन्तु ऐसा होने वाला नहीं है | १श्री मान जी प्रार्थी द्वारा तीन फोटोग्राफ लगाए गए है जो की चीख रहे है की १६४ जिसका रकबा १७ विस्वा है कही अस्तित्व में ही नहीं है | श्री मान जी १६४ जिसे विपक्षियों की भूमिधरी बतायी जा रही है जिसका रकबा १० विस्वा है वह कार्यालय के दस्तावेजों का मैनीपुलेशन है जिसका वेबसाइट पर फीडिंग नहीं है | श्री मान जी तहसील सदर कार्यालय आराजी संख्या ३६५ जो की प्रार्थी की भूमिधरी है के बगल में है आराजी संख्या १६४ की १६४ नक़्शे के अनुसार और सरकार की १७ विस्वा जमीन को १० विस्वा में तब्दील कर विपक्षियों की भूमिधरी बना दी गयी अब इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या होगा और हास्यास्पद यह है की जानबूझ कर वर्षो से से प्रार्थी को सदर तहसील का चक्कर लगवाया जा रहा है | सार्वजनिक रास्ता सं 164 रकबा 17 बिस्वा को दबंग भूमाफिया व्यक्तियों व्दारा अवैध रूप से अतिक्रमण करके मड़ई नाद खुटा पत्थर बोल्डर रखकर कब्जा कर लिये है जिसे खाली कराया जाय उनके विरूध्द 3बटा 5 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराये जाने के सम्बन्ध में तहसीलदार महोदय क्या आप को आप का लेखपाल भ्रमित गुमराह नहीं कर रहा है | श्री मान जी जिस जमीन की बात प्रार्थी द्वारा की जा रही है वह सं 164 रकबा 17 बिस्वा है जो प्रार्थी के जमीन आराजी संख्या १६५ के एकदम बगल में है जो की नक़्शे से भी एक दम स्पस्ट है | श्री मान जी सं 164 रकबा 17 विस्वा अकृषक भूमि है जो की भारत सरकार का है किन्तु लेखपाल महोदय उसे कब्ज़ा करवाने पर लगे है अपनी झूठे रिपोर्ट लगा कर | श्री मान जी उनसे पूछा जाय आराजी संख्या 164 रकबा 17 विस्वा कहा है उसे स्पस्ट करे इस तरह से गोल मटोल जवाब दे कर नही श्री मान जी को भ्रमित किया जा वल्कि प्रार्थी को पिछले चार वर्षो से दौड़ाया जा रहा है | श्री मान जी उपरोक्त जमीन जो की भारत सरकार का है शीघ्र खाली कराया जाय और प्रार्थी के सड़क का नाम ले कर बाहुबलियों को भारत सर्कार की जमीन कब्ज़ा करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है | तहसीलदार महोदय आपकी भी जिम्मेदारी है भारत सरकार की जमीन और संपत्ति की सुरक्षा करना |

विभाग

राजस्व एवं आपदा विभाग

शिकायत श्रेणी

नियोजित तारीख

23-10-2019

शिकायत की स्थिति

स्तर

तहसील स्तर

पद

तहसीलदार

प्राप्त रिमाइंडर

प्राप्त फीडबैक

दिनांक12-01-2020 को फीडबैक:-शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के लिए सम्पर्क किया गया , शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि वह दिए गये समाधान से संतुष्ट नही है , जाँच कर समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाये

फीडबैक की स्थिति

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा दिनाक10-02-2020 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है

संलग्नक देखें

Click here

नोट– अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

आदेश/’

आपत्ति दिनांक

आदेश/

आपत्ति

आख्या

देने वाले

अधिकारी

आख्या दिनांक

आख्या

स्थिति

1

अंतरित

ऑनलाइन सन्दर्भ

23-09-2019

तहसीलदार

सदर,जनपद

मिर्ज़ापुर,

राजस्व एवं

आपदा विभाग

16-10-2019

आख्यान अपलोड। प्रकरण में किये गये अस्थाई अतिक्रमण को मौके पर से विपक्षी द्वारा हटा लिया गया है। आवागमन बाधित नहीं है।

C-श्रेणीकरण

2

आख्या

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)( राजस्व एवं आपदा विभाग )

27-01-2020

कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है

तहसीलदार

सदर,जनपद

मिर्ज़ापुर,

राजस्व एवं आपदा विभाग

07-02-2020

आख्‍या अपलोड। प्रकरण में रास्‍ते की भूमि से लाेगों का आना जान सुगमतापूर्वक हो रहा है।

निस्तारित

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Arun Pratap Singh
5 months ago

तहसीलदार महोदय क्या आप को आप का लेखपाल भ्रमित व गुमराह नहीं कर रहा है | श्री मान जी जिस जमीन की बात प्रार्थी द्वारा की जा रही है वह आ सं 164 ख रकबा 17 बिस्वा है जो प्रार्थी के जमीन आराजी संख्या १६५ के एकदम बगल में है जो की नक़्शे से भी एक दम स्पस्ट है | श्री मान जी आ सं 164 ख रकबा 17 विस्वा अकृषक भूमि है जो की भारत सरकार का है किन्तु लेखपाल महोदय उसे कब्ज़ा करवाने पर लगे है |
Undoubtedly it is the reflection of deep rooted corruption and concerned must deal the matter in transparent and accountable manner. Here one thing is clear that aforementioned sought information would not be provided by the concerned because they know that what was done by them?

Preeti Singh
5 months ago

Whether following information will be provided by them yes if they redressed the grievance honestly otherwise they will only procrastinate on the R.T.I. Communique.
1-Provide the detail of public staffs including date of posting in District-Mirzapur, name of staff and designation who processed the grievance.

2- Provide the detail of public staffs including date of posting in District-Mirzapur, name of staff and designation who monitored the processing of the grievance.

3-Detail paimise of public land on which Brisk road is made, grabbed public land and part of public land still safe in regard to Araji number-164 B.

Bhoomika Singh
5 months ago

Think about the quantum of corruption that land of the Government of Uttar Pradesh is being shown as the land of some specific people through the manipulation of the record such practices must be banned and may not be allowed to be promoted by the concerned staff of the government. Because of corruption such practices are propagating in the the government department especially at the level of Tahsil. Think about the gravity of situation that government land which was left for gardening and extra activities of villagers is no more present in the village panchayat and new plot has been created by the lekhpal and other concerned public functionaries which was provided to the the concerned people through the corrupt practices.

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
5 months ago

On one side of screen, our public functionaries say that they are providing good governance but whether such governance is good governance in which public property are being sold by the public functionaries through manipulation of public records if not you must explain that where is gone public land which was left for extra activities for villagers and most surprising fact is that from where disputed land came when earlier it was not existed and where is gone the public land belonging to the Government of Uttar Pradesh.