Think about gravity of situation that D.S.O. Mirzapur submitted forged affidavit of Yogi

यह हलफनामा योगी एम्. पी सिंह का नहीं है फिर भी अभी तक जिला पुर्ति अधिकारी मिर्ज़ापुर के विरुद्ध के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी | क्या भरस्टाचार के विरुद्ध प्रदेश सरकार  की शतप्रतिशत सहिष्णुता  को नहीं दर्शाता है | 

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919032166
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
शिकायत संख्या40019919024704 आवेदक कर्ता का
नामYogi M P Singh 2आख्या जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर10 Aug 2019 जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभागकृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर
नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की
अपेक्षा की
गई है
कार्यालय स्तर पर लंबित Whether
it is not mockery of the law of land that District Supply Officer Mirzapur
was given only 15 days time to submit the report on 10August2019 and today is
10Sept2019 moreover it took place when the chief minister office categorised
the grievance into CCategory. Detail is attached to the grievance.
शिकायत संख्या60000190113674 आवेदक कर्ता का
नामYogi M. P. Singh  आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०7379105911, विषयMatter is concerned with the
district supply officer Mirzapur district who submitted forged affidavit of
the applicant to manage the grievance disposed submitted by the applicant on
the august portal of the government of Uttar Pradesh. Complaint number40019919024704.
For more detail, vide attached document to the grievance.
नियत तिथि24 Aug 2019 शिकायत की स्थिति निस्तारित फीडबैक दिनांक 30082019को फीडबैक श्री मान जी प्राकृतिक
न्याय सिद्धांत कहता है कि आरोपी अर्थात जिस पर आरोप लगा हो खुद के आरोपों की
जांच करके अपने आप को दोष मुक्त नहीं करता है या अपने अधीनस्थों के माध्यम से भी
खुद को दोष मुक्त नहींकर सकता है
| किसी भीलोक प्राधिकारी के
विरुद्ध जांच तो वरिष्ठ अधिकारिओं के
निगरानी में ही की
जा सकती है और
जिला पुर्ति अधिकारी ने
तो सभी को बीच से निकाल फेका एक
झटके में। श्री मान जी जब
प्रार्थी को
न्याय मिला ही नहीं तो शिकायत का निस्तारण कैसा | क्या ऐसा निस्तारण किसी मानक को
पूरा करते है जिसमे ब्यथा निवारण हो ही
और
ब्यथा को
निस्तारित मान लिया जाय | आयुक्त खाद्य 09 Aug 2019 जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का
कष्ट करें 28082019
कृपया पीजी पोर्टल संदर्भ संख्या 60000190113674 का
सन्दर्भ ग्रहण करने का
कष्ट करें जिसकी जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी जा
रही है
पूर्ति निरीक्षक की जांच आख्या कार्यालय को उपलब्ध होते ही
शिकायतकर्ता को
अवगत करा दिया जायेगा। निस्तारित नियत तिथि24 Aug 2019 शिकायत की स्थितिनिस्तारित श्री मान जी जब
नियत तिथि २४अगस्त२०१९ था
तो उपरोक्त आख्या २८०८ २०१९ क्यों प्रस्तुत गयी क्या जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग को समय का महत्व नहीं मालूम है। निस्संदेह
स्वच्छंदता पूर्ण रवैया उपरोक्त अधिकारी महोदय अनुशासन हीन की श्रेणी में खड़ा
करता है
| इनके कनिष्ठ जनसुनवाई पोर्टल के
शिकायतों का
बिना परिशीलन किये ही
निस्तारण करते है और
उपरोक्त अधिकारी महोदय मूकदर्शक बने रहते है सदा | फीडबैक की स्थितिफीडबैक प्राप्त
नियत तिथि:
10 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
10 – Sep – 2019
पूर्ति निरीक्षक सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
अनमार्क

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019919024704
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9336252631,9336252631
विषय:
​Whether it is justified to harass the
aggrieved individual Harishchand belonging to weaker and downtrodden section
​by applying various cunning tricks as being done by the district supply
officer Mirzapur quite obvious from the matter of fact that he is
procrastinating since Oct-2018 last year in order to increase two units of
the B.P.L Ration card..
शिकायत संख्या40019919023329​ आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M P Singh​ आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:9336252631,9336252631 विषय:How can it be justified that in order to increase the two units
of a Ration Card, district supply officer may procrastinate for eight months
and still he has not provided the rectified ration card? It is most
unfortunate that through feedback he is apprised with the entire fact but it
seems that every thing is O.K. and when the aggrieved will again submit the
entire records then his units of ration card will be increased. It is
obligatory duty of the concerned staff to increase to two units as it is in
accordance with the law but their procrastination is showing some other
story.
भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ५१ के तहत प्रार्थना पत्र | श्री मान जी जनसुनवाई पोर्टल की
अभूतपूर्व गरिमा को कलंकित नहीं कर
रहे है
| आवेदन का विवरण शिकायत संख्या-40019919020730, आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:7379105911 दिनांक 07/06/2019को फीडबैक:- जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग — 06/06/2019
के रिपोर्ट का कुछ अंश तथा अवगत करा दिया गया है
कि वह
अपने सम्स्त अभिलेखों की
छायाप्रति संबंधित आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे
जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया जा सके। अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का
कष्ट करे। श्री मान जी संलग्नक का प्रथम पेज देखे हरिश्चंद जी
बहुत पढ़े लिखे नहीं है इसलिए इनका पत्र खंड विकास अधिकारी छानवे मिर्ज़ापुर को
सम्बोधित उस
पर तिथि का अंकन नहीं है
प्रार्थी हरिश्चंद द्वारा | उस पत्र को आप
ध्यान से
देखे उस
पर मोहर लगी है
और वह
मोहर जिला पूर्ति कार्यालय मिर्ज़ापुर का
है और
उस मोहर पर तिथि है वह
दिनांक १५/०३/१९ आंग्ल भाषा में डाला गया है वह
उस व्यक्ति द्वारा डाला गया है
जिसने उस
पत्र और
संलग्नको को
रिसीव किया है और
उस व्यक्ति के हस्ताक्षर भी है
| अर्थात जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग का अभिलेखों की छायाप्रति का पुनः मांगना दुर्भाग्य पूर्ण है
और भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने वाला है | सम्बंधित पूर्ति निरीक्षक जो
की खंड विकास अधिकारी छानवे के
अधीनस्थ है
इसलिए पत्र में खंड विकास अधिकारी छानवे सम्बोधन सर्वथा उचित है | और यह दो यूनिट पिछले आठ
महीने से
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर बढ़ा रहे है | Article 14 of the Constitution of India reads
as under: “The State shall not deny to any person equality before the law or
the equal protection of the laws within the territory of India.” Where is
equal protection of law if District Supply Officer is not subjected to the
penal proceedings for harassing the revered senior citizen made repeated
request for the legitimate demand which is obligation of District Supply
Officer Mirzapur. Here aforementioned report is not misleading in which he is
seeking photo copy of the documents which was already in his possession as
made available by the aggrieved Harishchand.​
नियत तिथि:16 – Jul – 2019​ शिकायत की
स्थिति: निस्तारित फीडबैक :दिनांक
21/06/2019को फीडबैक:- प्रसतुत प्रकरण की जांच
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के द्वारा करायी जा रही है क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की
जांच आख्या कार्यालय में उपलबध होने के उपरांत आवेदक को अवगत करा दिया जायेगा।
निस्तारित श्री मान जी यह जवाब सिर्फ पेस्ट किया जाता है जिला पुर्ति अधिकारी
द्वारा तैयार करके रखा है क्योकि यह जवाब जिला पुर्ति अधिकारी द्वारा कई मामलो
में जवाब नहीं सूझता यही जवाब लगा देते है
| चाहे अब मुख्य मंत्री कार्यालय इस
जवाब को
स्वीकार करे या करे यह उस
पर निर्भर करता है
किन्तु प्रश्न यह उठता है की
क्या उस
दलित व्यक्ति को न्याय मिलेगा जो
पिछले आठ
महीने में में दो
यूनिट बढ़ाने के लिए संघर्ष कर
रहा है
| फीडबैक की स्थिति:फीडबैक प्राप्त
नियत तिथि:
30 – Jul – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर) 10 – Aug – 2019 जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर
नियमानुसार कार्यवाही करते हुए
15 दिवस
में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है महोदय आप को ज्ञात हो की आज ३०
अगस्त २०१९ है और आप को १५ दिन का
समय दिया गया था जिलाधिकारी महोदय द्वारा और उस पोर्टल पर जिसका निगरानी खुद
मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा किया जाता है
| महोदय प्रकरण को आप का कार्यालय वर्ष भर से लटकाया है सिर्फ दो यूनिट बीपी एल कार्ड में बढ़ाने है जब की प्रार्थी हरीश अंत्योदय
का हकदार है आप के अधीनस्थों द्वारा अनदेखी की गई और आप मूक दर्शक रहे | श्री मान जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग क्या यह अनुशासनहीनता नहीं है की आप द्वारा वरिष्ठ अधिकारी द्वारा तय समय सीमा उल्लंघन किया गया और बिना किसी वाजिब कारण के | सुशासन की राह में आप जैसे अधिकारी ही सब से अधिक बाधक है। धन्यवाद
30 Aug 2019
फीडबैक :
दिनांक 25/07/2019को फीडबैक:- श्री मान जी
प्रार्थी को
चल भाष संख्या ९७९३४६२४७१
से फोन किया गया तो प्रार्थी द्वारा उपलब्ध डिटेल से
अवगत कराया गया किन्तु जब इक्षा शक्ति हो
तब तो
कार्य हो
इसलिए समस्त डिटेल वेबसाइट पर हो
जिससे बार बार बहाना कर
सके | आज तो चार बार फोन किये रिंग गया पिक अप
नहीं किये क्यों की अपने आप को जनता का नौकर समझते ही नहीं
|यदि नौकर अपने आप को
भूल बस
मालिक समझेगा तो क्या परिणाम अनुकूल होगा | कार्ड धारक का लड़कादीनानाथ/DINANATH का आधार संख्या – 649444035029, कार्ड धारक का नातीसत्यम भारतीया का आधार संख्या – 785295102316 का
नाम राशन कार्ड में सूची बद्ध करना है
| पात्रता सूची का
पू्र्ण विवरण 1.- डिजिटाइज्ड राशन कार्ड संख्या-219940354159, 2.-कार्ड का प्रकारपात्र गृहस्थी, 3.-दुकानदार का
नामपंचू पासी, 4.-दुकान संख्या– 20690314 5.-धारक का नामश्रीमती इंद्रावाती/INDRAAVAATI, 6.- धारक के
पिता/पति का नामश्री हरीश/Mr. HARISH, 7.-धारक की
माता का
नामश्रीमती सुगिया/SUGIYA, 8.-सदस्यों की कुल संख्या 4-सदस्यों का पू्र्ण विवरण क्रम
संख्या
, सदस्य का नाम, लिंग धारक से सम्बन्धपिता का नाम 1-.इंद्रावाती/INDRAAVAATI, महिला, स्वयं, जोखई लाल/JOKHAI LAAL 2.-हरीश/HARISH. पुरूष, सौहर / पति राम वली/RAM VALI 3.-गुंजन/GUNJAN, महिला, बहु, दीनानाथ/DINANATH 4.-अंजलि/ANJALI महिला बेटी हरीश/HARISH
फीडबैक की स्थिति:
सन्दर्भ
पुनर्जीवित

आवेदन
का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
30 – Jun – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
24/07/2019
प्रस्तुत
प्रकरण के संबंध में अवगत कराना है कि श्री योगी एम०पी०सिंह के मो० न० पर सम्पर्क किया गया और उनके द्वारा यूनिट बढाने के सम्बन्ध में शिकायत किया गया है। आवेदनकर्ता के छुटे हुए सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराने हेतु सूचना दे दी गयी है। जिससे वह सन्तुष्टी बताते हुए आवेदन कर्ता का आधार उपलब्ध कराने हेतु कहा गया प्राप्त होते ही यूनिट में शामिल कर लिया जायेगा। सुलभ सन्दर्भ हेतु जांच आख्या आपकी सेवा में सादर प्रेषित।
C-श्रेणीकरण
2
आख्या
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर)
10 – Aug – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
कृपया प्रकरण का
गंभीरता से
पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई
है
कार्यालय
स्तर पर लंबित

3 comments on Think about gravity of situation that D.S.O. Mirzapur submitted forged affidavit of Yogi

  1. यह हलफनामा योगी एम्. पी सिंह का नहीं है फिर भी अभी तक जिला पुर्ति अधिकारी मिर्ज़ापुर के विरुद्ध के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नही की गयी | क्या भरस्टाचार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की शतप्रतिशत सहिष्णुता को नहीं दर्शाता है |

  2. Undoubtedly it is reflection of rampant corruption in the department of civil supplies government of Uttar Pradesh quite obvious from the post that they have submitted the affidavit of a public spirited person on the august portal of the Government of Uttar Pradesh of the department was accepted by the staff of the Chief Minister Office of the government of Uttar Pradesh, whether it is not reflection of Anarchy, this question arises that when it was proved by the public spirited person then no action was taken by the Chief Minister office which implies that Chief Minister office is also colluding with such staffs.

  3. Undoubtedly government of Uttar Pradesh has adopted hundred percent tolerance towards the corruption and wrong doers who are perpetrating the corruption in the government machinery. Whether it is justified and in this way justice will reach to the common people in this anarchy which is quite obvious from the post affidavit of public spirited person was submitted by the public staff is a matter of great concern and must be investigated by an honest police officer. Everyone knows that to submit the affidavit of unknown person on a public platform is a criminal offence and that person who had submitted must be subjected to the scrutiny under the law of land but it seems that there is no law in this land.

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