Think about gravity of situation that IOCL is still seeking guidelines as still Arun Pratap Singh is deprived

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
15199170354384
आवेदक कर्ता का नाम:
अरून प्रताप सिंह
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,0
विषय:
नियत तिथि:
30 – Nov – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 13/12/2018को फीडबैक:- एक एक जनपद में ५०५० गैस एजेंसीज है यदि एक एक गैस एजेंसी में ३३४३ उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी से वंचित किया गया है आधार कार्ड के नाम पर तो किस आधार पर केंद्र और इसका मंत्रालय शिखर न्यायालय में रोता है की सरकार ने किसी भी उपभोक्ता को गैस सब्सिडी से वंचित नही किया है आधार नंबर के आधार पर | सोचिये सीधे सीधे भ्रस्टाचार मामला शिखर कोर्ट में फिर भी पैंडोरा बॉक्स खुल नही रहा है अर्थात भ्रस्टाचार की जड़े ऊपर तक फैली हुई है और कोई इसे रोकना ही नही चाहता है | सोचिये मुझे लिख कर कार्यालय ने दिया है परिपत्र को सरकार द्वारा एक्सटेंड कर दिया गया किन्तु इसके बावजूद रोकी गई सब्सिडी वापस नही हुई | अभी सुझाव माग रहे है अपने केन्द्रीय कार्यालय से और सोचिये प्रकरण में जो की शिखर न्यायालय में लंबित है कह रहे है की किसी को सब्सिडी से वंचित नही किया गया है वही परिपत्र दिखा कर ME LORDSHIP उसी परिपत्र के आधार पर सरकार को जनता के बीच न्यायोचित ठहरा रहे है अब इससे बड़ा भ्रस्टाचार क्या होगा |पूरे देश में करोड़ो लोगो को आधार के नाम पर सब्सिडी से वंचित किया गया है और किया जा रहा है किन्तु विश्वपटल पर सच को छिपाया जा रहा है | कहा है गरीबो को न्याय & कौन दिला रहा है | Whether it can justifiable to mislead the senior rank officers
by false statements as being done by the staffs of the Indian Oil Corporation
Limited Concerned syphoned millions of public fund meant to the poor
citizenry on flimsy ground and now when their cryptic claims of depriving the
poor citizenry of rural area from subsidized gas cylinders are being proved
futile, then they are disturbed and saying that document attached by the
applicant is concerned with the aadhaar correction not concerned with the
subsidy. Here this question arises that whether action would be taken against
wrongdoer staffs of the Indian Oil Corporation Limited If there is a fragment
of honesty in the concerned accountable public functionaries, then they ought
to take harsh steps against wrongdoers who are stating falsely that attached
documents are concerned with Aadhaar correction instead of the gas subsidy.
Either they have no knowledge of English or concealing the facts deliberately
ipso facto obvious.
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
जिन्नूरैन अहमद खां(संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )
31 – Oct – 2017
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव खाद्य एवं रसद विभाग
पृष्ठांकित पूर्व में पत्र त्रुटिवश डी0एम0 मिर्जापुर को
प्रेषित हो
गया था
13/12/2018
प्रश्नगत प्रकरण का
सम्बन्ध राज्य स्तरीय समन्वयक, भारतीय तेल उद्योग लखनऊ से है। प्रकरण को
शासन के
पत्र दिनांक 29-11-2018
के माध्यम से सम्बन्िधत को प्रेष्िात कर दिया गया है। कृपया प्रकरण को निक्षेपित करने का
कष्ट करें।
निस्तारित

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

एक एक जनपद में ५०-५० गैस एजेंसीज है यदि एक एक गैस एजेंसी में ३३४३ उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी से वंचित किया गया है आधार कार्ड के नाम पर तो किस आधार पर केंद्र और इसका मंत्रालय शिखर न्यायालय में रोता है की सरकार ने किसी भी उपभोक्ता को गैस सब्सिडी से वंचित नही किया है आधार नंबर के आधार पर | सोचिये सीधे सीधे भ्रस्टाचार मामला शिखर कोर्ट में फिर भी पैंडोरा बॉक्स खुल नही रहा है अर्थात भ्रस्टाचार की जड़े ऊपर तक फैली हुई है और कोई इसे रोकना ही नही चाहता है | सोचिये मुझे लिख कर कार्यालय ने दिया है परिपत्र को सरकार द्वारा एक्सटेंड कर दिया गया किन्तु इसके बावजूद रोकी गई सब्सिडी वापस नही हुई | अभी सुझाव माग रहे है अपने केन्द्रीय कार्यालय से और सोचिये प्रकरण में जो की शिखर न्यायालय में लंबित है कह रहे है की किसी को सब्सिडी से वंचित नही किया गया है वही परिपत्र दिखा कर

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

obvious.
फीडबैक की स्थिति: अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव द्वारा दिनाक 14/12/2018 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें Who is taking action against wrongdoers?a

Arun Pratap Singh
1 year ago

Think about the anarchy and Modi is falsely claiming of good governance. To whom our great prime minister is making stupid. दिनांक 13/12/2018को फीडबैक:- एक एक जनपद में ५०-५० गैस एजेंसीज है यदि एक एक गैस एजेंसी में ३३४३ उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी से वंचित किया गया है आधार कार्ड के नाम पर तो किस आधार पर केंद्र और इसका मंत्रालय शिखर न्यायालय में रोता है की सरकार ने किसी भी उपभोक्ता को गैस सब्सिडी से वंचित नही किया है आधार नंबर के आधार पर | सोचिये सीधे सीधे भ्रस्टाचार मामला शिखर कोर्ट में फिर भी पैंडोरा बॉक्स खुल नही रहा है