Think about gravity of situation that lattery decides fate of children under free and compulsory education

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40019917002603
आवेदक कर्ता का नाम:
ओम
प्रकाश दुबे
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8756443362,8756443362
विषय:
Matter is concerned with BSSPublic school, Nibi
Gaharwar ,Chhanbey , Vindhyachal ,District-Mirzapur ,imparting education up
to intermediate level is not providing single student free education under
free and compulsory education 
विषय मुक्त और अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत बाबू श्री नाथ सिंह पब्लिक स्कूल ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार विकास खंड छानबे पुलिस स्टेशन विन्ध्याचल जनपद मिर्ज़ापुर एक भी गरीब विद्यार्थी को मुफ्त शिक्षा नही दे रहा है और बेसिक शिक्षा अधिकारी को चुनौती है की वे एक भी विद्यार्थी का नाम बताये जिसे मुफ्त शिक्षा दी जा रही हो |
Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir
with due respect to following submissions as follows 1-It is submitted before
the Hon’ble Sir that
प्रस्तुत शिकायत में प्रार्थना पत्र शिकायत के साथ प्रार्थी द्वारा एप्लीकेशन की हस्ताक्षरित स्कैन् कॉपी पी डी फॉर्म में लगाई गयी किन्तु आपका आउटडेटिड पोर्टल उसको अपलोड में सपोर्ट नही किया | जनसुनवाई समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश सन्दर्भ संख्या-40019917002346
किन्तु फिर प्रार्थी द्वारा प्रयास किया जा रहा है | कृपया प्रकरण संवेदनशील है इसलिए परिशीलनोपरांत उचित कार्यवाही करे | 2-It
is submitted before the Hon’ble Sir that
क्या इतना भी कॉमन दिमाग नही  होना चाहिए की जब विवरण आवेदन में नही है तो संलग्नक और भी आवश्यक हो जाता है और यहां संलग्नक जानबूझ 
कर नही लिया जाता है क्यों की लोगो की समस्याए तो हल करना नही है |इस मेल की आवश्यकता इसलिए भी है क्योकि जनसुनवाई पोर्टल डाक्यूमेंट्स को अपलोड ही नही होने दिया | 3-It
is submitted before the Hon’ble Sir that
कितने चालाक  है की उस पोर्शन को प्रिंट नही होने दिए जो प्रमाणित करता की दस्तावेज संलग्न था किन्तु अपलोड नही हुआ | हलाकि आवेदन दस्तावेज और प्रिंट इस प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है |
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it
be justified to withhold public services arbitrarily and promote
anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery
of law of land There is need of hour to take harsh steps against the
wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the
democratic values for healthy and prosperous democracy For this, your
applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir                                                         
                     
                     
                     
              Yours sincerely  
                     
                     
           
ओम प्रकाश दुबे पुत्र  आदित्य नारायण दुबे  ग्राम पोस्ट नीबी गहरवार विकास खंड छानबे पुलिस स्टेशन विन्ध्याचल जनपद मिर्ज़ापुर
नियत तिथि:
02 – Aug – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 25/07/2017 को फीडबैक:-
श्री मान जी बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय नतो आंग्ल भाषा का ही ज्ञान रखते है और नही मात्रि भाषा का ही ज्ञान रखते है अन्यथा प्रश्न गत सन्दर्भ को कभी नजरअंदाज करते| प्रकरण ग्रामीण अंचलो में प्रबंध समिति द्वारा संचालित मोटी कमाई करने वाले विद्यालयों से है और जिस प्रकार बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय प्रकरण को नजर अंदाज किये और जिलाधिकारी महोदय द्वारा उनका गोलमटोल जवाब को आख मूद कर स्वीकार किया गया मामला और गहरा गया तथा रहस्यमयी हो गया| श्री मान जी जहा लाटरी बच्चो की योग्यता तय करती हो तो ऐसे राष्ट्र में सुशासन की कल्पना भी नही की जा सकती है| बहुत ही आश्चर्यजनक है की उत्तर प्रदेश मुक्त शिक्षा अधिनियम २६ प्रतिशत छात्रों की मुक्त शिक्षा की बात करता है किन्तु यह तो एक प्रतिशत से भी कम है क्या यह उच्च न्यायलय के आदेश की सीधे अवमानना नही है किन्तु न्यायालय के गरिमा की बात करना भी मुर्खता है |
Think about the attached report of B.S.A. which is misleading and not in
accordance with the Uttar Pradesh Right of children to free and compulsory
education rules, 2011. It is unfortunate that even one percent of total
children are not being provided free education. Whether children don’t belong
in rural area that may be entitled to reap the benefit of Uttar Pradesh Right
of children to free and compulsory education rules, 2011, why B.S.A. Mirzapur
remained concentrated only on city and villages closed to city?

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
18 – Jul – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
24 – Jul – 2017
सहमत
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
18 – Jul – 2017
बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें सहमत
24 – Jul – 2017
Nistarit (Aakhya Sanlagn Hai)
निस्तारित

2 comments on Think about gravity of situation that lattery decides fate of children under free and compulsory education

  1. श्री मान जी बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय नतो आंग्ल भाषा का ही ज्ञान रखते है और नही मात्रि भाषा का ही ज्ञान रखते है अन्यथा प्रश्न गत सन्दर्भ को कभी नजरअंदाज न करते| प्रकरण ग्रामीण अंचलो में प्रबंध समिति द्वारा संचालित मोटी कमाई करने वाले विद्यालयों से है और जिस प्रकार बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय प्रकरण को नजर अंदाज किये और जिलाधिकारी महोदय द्वारा उनका गोलमटोल जवाब को आख मूद कर स्वीकार किया गया मामला और गहरा गया तथा रहस्यमयी हो गया| श्री मान जी जहा लाटरी बच्चो की योग्यता तय करती हो तो ऐसे राष्ट्र में सुशासन की कल्पना भी नही की जा सकती है| बहुत ही आश्चर्यजनक है की उत्तर प्रदेश मुक्त शिक्षा अधिनियम २६ प्रतिशत छात्रों की मुक्त शिक्षा की बात करता है किन्तु यह तो एक प्रतिशत से भी कम है क्या यह उच्च न्यायलय के आदेश की सीधे अवमानना नही है किन्तु न्यायालय के गरिमा की बात करना भी मुर्खता है |

  2. Matter is concerned with BSSPublic school, Nibi Gaharwar ,Chhanbey , Vindhyachal ,District-Mirzapur ,imparting education up to intermediate level is not providing single student free education under free and compulsory education विषय -मुक्त और अनिवार्य शिक्षा के अंतर्गत बाबू श्री नाथ सिंह पब्लिक स्कूल ग्राम व पोस्ट -नीबी गहरवार विकास खंड -छानबे पुलिस स्टेशन -विन्ध्याचल जनपद -मिर्ज़ापुर एक भी गरीब विद्यार्थी को मुफ्त शिक्षा नही दे रहा है और बेसिक शिक्षा अधिकारी को चुनौती है की वे एक भी विद्यार्थी का नाम बताये जिसे मुफ्त शिक्षा दी जा रही हो |

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