These cheques provided by Babu Singh to Dinesh Pratap Singh were bounced

 

जनसुनवाई
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
सन्दर्भ संख्या:-40015719066369

 

आवेदनकर्ता का विवरण :

 

नाम Dinesh Pratap Singh
पिता/पति का नाम Angad Prasad Singh 
लिंग पुरुष
मोबाइल नंबर-1 : 9628993985
मोबाइल नंबर-2 : 9628993985
ईमेल arunpratapsingh904@gmail.com
Address : Mohalla
Surekapuram Lakshmi Narayan Baikunth Mahadev Mandir District Mirzapur 231001

 

शिकायत/सुझाव क्षेत्र की जानकारी :

 

Area : नगरीय
शिकायत/सुझाव क्षेत्र का पता —-

 

आवेदन का विवरण :

 

आवेदन पत्र का विवरण प्रस्तुत प्रकरण  क्षेत्राधिकारी कैंट लखनऊ के
पत्र दिनांक ३१ जुलाई  २०१९ के
सन्दर्भ में है जो
उनके द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के
जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गयी |
उपरोक्त आख्या में पुर्व  क्षेत्राधिकारी कैंट श्री दुर्गेश कुमार सिंह जी कहते है कि
मामले की
जाँच प्रभारी निरीक्षक आशियाना द्वारा उपनिरीक्षक अतृष्णा यादव से प्रकरण की जाँच कराई और
उनके अनुसार आवेदक द्वारा बाबू सिंह पुत्र आर. पी. सिंह  को पैसा दिए जाने  और भूखंड संख्या एस
एस १९१४, १९१५, १९१६, १९१७ , १९१८ सेक्टर एच  कानपूर रोड क्रय किये जाने का
वाक्यात लगभग १५ वर्ष पुराना है
| तथा आवेदन के
साथ उनके द्वारा दिए गए धनराशि के एग्रीमेंट का कोई विवरण प्राप्त नहीं हुआ | बाबू सिंह की
मृत्यु की
सूचना पूर्व में आवेदक को अवगत कराई जा
चुकी है
महोदय दर्जनों बार आप को
इकरारनामा और
मुख्तारनामा से
अवगत कराया गया और
पंजीकृत डाक से भी
भेजा गया जिसे आप
के कार्यालय दिनांक ०९
सितम्बर २०१९ को प्राप्त किया है
डिटेल पूर्व के आवेदनों में दिया जा चुका है रही बात पैसा के
लेन  देन  की तो
प्रार्थी द्वारा प्रमाण के
तौर पर
तीन चेक प्रस्तुत किया जा रहा है  जिनका स्कैन पीडीऍफ़ आवेदन के
साथ संलग्न है | संक्षिप्त विवरण निम्न है
चेक संख्या  ३४९७१९  दिनांक ३० अप्रैल  १९९८  चेक संख्या  ३४९७१८   दिनांक ०६  मई  १९९८  चेक संख्या  ३४९७२०   दिनांक २४  अप्रैल  १९९८
जिनकी राशि क्रमसः रूपये ५१००० रूपये ५००००, रूपये ३०००० कुल धन
राशि रुपये १३१०००  केसर सिंह पत्नी दिनेश प्रताप सिंह को
भुगतान किया किन्तु उपरोक्त सभी चेक भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग ने खाते में अपर्याप्त बैलेंस होने के कारण बाऊंस करार दिया | संलग्नक में हर बाउंस चेक के
साथ भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग का
स्टेटमेंट कनेक्टेड है जिससे आप को
अवलोकन करने में असुविधा हो
| Section 138
in The Negotiable Instruments Act, 188118 138 Dishonour of cheque for insufficiency, etc., of funds in the account.
Where any cheque drawn by a person on an account maintained by him with a banker for payment of any amount of money to another person from out of that account for the discharge, in whole or in part, of any debt or other liability, is returned by the bank unpaid, either because of the amount of money standing to the credit of that account is insufficient to honour the cheque or that it exceeds the amount arranged to be paid from that account by an agreement made with that bank, such person shall be deemed to have committed an offence and shall, without prejudice to any other provisions of this Act, be punished with imprisonment for 19 a term which may be extended
to two years, or with fine which may extend to twice the amount of the cheque, or with both
सन्दर्भ का प्रकार शिकायत
अधिकारी क्षेत्राधिकारी
विभाग गृह एवं गोपन
सन्दर्भ श्रेणी पुलिस के विरूद्ध शिकायती प्रार्थना पत्र
संलग्नक : है

 

 

 

संदर्भ संख्या : 40015719066369
,
दिनांक – 13 Oct 2019 तक की स्थिति
आवेदनकर्ता का विवरण :
शिकायत संख्या:-
40015719066369
आवेदक का नाम
Dinesh
Pratap Singh
विषय
प्रस्तुत प्रकरण  क्षेत्राधिकारी कैंट लखनऊ
के पत्र
दिनांक ३१ जुलाई  २०१९ के सन्दर्भ में है जो उनके द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गयी |   उपरोक्त आख्या में पुर्व  क्षेत्राधिकारी कैंट
श्री दुर्गेश कुमार सिंह
जी कहते
है कि मामले की जाँच
प्रभारी निरीक्षक आशियाना द्वारा उपनिरीक्षक अतृष्णा यादव से प्रकरण की जाँच
कराई और उनके अनुसार आवेदक द्वारा बाबू
सिंह पुत्र आर. पी. सिंह  को पैसा दिए जाने  और भूखंड संख्या एस एस १९१४, १९१५, १९१६, १९१७ , १९१८ सेक्टर एच  कानपूर रोड क्रय
किये जाने
का वाक्यात लगभग १५ वर्ष पुराना है | तथा आवेदन के साथ उनके द्वारा दिए गए धनराशि के एग्रीमेंट का कोई विवरण प्राप्त नहीं
हुआ | बाबू सिंह की मृत्यु की सूचना पूर्व में आवेदक को अवगत
कराई जा चुकी है महोदय दर्जनों बार आप को इकरारनामा और मुख्तारनामा से अवगत
कराया गया और पंजीकृत डाक से भी भेजा
गया जिसे
आप के कार्यालय दिनांक ०९ सितम्बर २०१९ को प्राप्त किया है डिटेल पूर्व के आवेदनों में दिया
जा चुका
है रही बात पैसा के लेन  देन  की तो प्रार्थी द्वारा प्रमाण के तौर पर तीन चेक प्रस्तुत किया जा रहा है  जिनका स्कैन पीडीऍफ़ आवेदन के साथ संलग्न है | संक्षिप्त विवरण निम्न है चेक संख्या  ३४९७१९  दिनांक ३० अप्रैल  १९९८  चेक संख्या  ३४९७१८   दिनांक ०६  मई  १९९८  चेक संख्या  ३४९७२०   दिनांक २४  अप्रैल  १९९८  जिनकी राशि क्रमसः रूपये ५१००० रूपये ५००००, रूपये ३०००० कुल धन राशि रुपये १३१०००  केसर सिंह पत्नी दिनेश प्रताप सिंह को भुगतान किया किन्तु उपरोक्त सभी चेक भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग ने खाते
में अपर्याप्त बैलेंस होने
के कारण
बाऊंस करार
दिया | संलग्नक में हर बाउंस चेक के साथ भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग का स्टेटमेंट कनेक्टेड है जिससे आप को अवलोकन करने में असुविधा हो | Section 138 in The
Negotiable Instruments Act, 188118 138 Dishonour of cheque for insufficiency,
etc., of funds in the account. —Where any cheque drawn by a person on an
account maintained by him with a banker for payment of any amount of money to
another person from out of that account for the discharge, in whole or in part,
of any debt or other liability, is returned by the bank unpaid, either because
of the amount of money standing to the credit of that account is insufficient
to honour the cheque or that it exceeds the amount arranged to be paid from
that account by an agreement made with that bank, such person shall be deemed
to have committed an offence and shall, without prejudice to any other
provisions of this Act, be punished with imprisonment for 19 a term which may
be extended to two years, or with fine which may extend to twice the amount of
the cheque, or with both
विभाग
पुलिस
शिकायत श्रेणी
नियोजित तारीख
29-10-2019
शिकायत की स्थिति
स्तर
क्षेत्राधिकारी
स्तर
पद
क्षेत्राधिकारी
Reminder-
Feedback –
फीडबैक की स्थिति
संलग्नक देखें
नोट अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!
अग्रसारित विवरण :
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
प्राप्त/आपत्ति दिनांक
नियत दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
स्थिति
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
29-09-2019
29-10-2019
क्षेत्राधिकारीक्षेत्राधिकारी कैंट ,जनपदलखनऊ,पुलिस
कार्यालय
स्तर पर लंबित

 

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40015719066369
आवेदक कर्ता का
नाम:
Dinesh Pratap Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9628993985,9628993985
विषय:
प्रस्तुत प्रकरण  क्षेत्राधिकारी कैंट लखनऊ के
पत्र दिनांक ३१ जुलाई  २०१९ के
सन्दर्भ में है जो
उनके द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के
जनसुनवाई पोर्टल पर प्रस्तुत की गयी |
उपरोक्त आख्या में पुर्व  क्षेत्राधिकारी कैंट श्री दुर्गेश कुमार सिंह जी कहते है कि
मामले की
जाँच प्रभारी निरीक्षक आशियाना द्वारा उपनिरीक्षक अतृष्णा यादव से प्रकरण की जाँच कराई और
उनके अनुसार आवेदक द्वारा बाबू सिंह पुत्र आर. पी. सिंह  को पैसा दिए जाने  और भूखंड संख्या एस
एस १९१४, १९१५, १९१६, १९१७ , १९१८ सेक्टर एच  कानपूर रोड क्रय किये जाने का
वाक्यात लगभग १५ वर्ष पुराना है
| तथा आवेदन के
साथ उनके द्वारा दिए गए धनराशि के एग्रीमेंट का कोई विवरण प्राप्त नहीं हुआ | बाबू सिंह की
मृत्यु की
सूचना पूर्व में आवेदक को अवगत कराई जा
चुकी है
महोदय दर्जनों बार आप को
इकरारनामा और
मुख्तारनामा से
अवगत कराया गया और
पंजीकृत डाक से भी
भेजा गया जिसे आप
के कार्यालय दिनांक ०९
सितम्बर २०१९ को प्राप्त किया है
डिटेल पूर्व के आवेदनों में दिया जा चुका है रही बात पैसा के
लेन  देन  की तो
प्रार्थी द्वारा प्रमाण के
तौर पर
तीन चेक प्रस्तुत किया जा रहा है  जिनका स्कैन पीडीऍफ़ आवेदन के
साथ संलग्न है | संक्षिप्त विवरण निम्न है
चेक संख्या  ३४९७१९  दिनांक ३० अप्रैल  १९९८  चेक संख्या  ३४९७१८   दिनांक ०६  मई  १९९८  चेक संख्या  ३४९७२०   दिनांक २४  अप्रैल  १९९८
जिनकी राशि क्रमसः रूपये ५१००० रूपये ५००००, रूपये ३०००० कुल धन
राशि रुपये १३१०००  केसर सिंह पत्नी दिनेश प्रताप सिंह को
भुगतान किया किन्तु उपरोक्त सभी चेक भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग ने खाते में अपर्याप्त बैलेंस होने के कारण बाऊंस करार दिया | संलग्नक में हर बाउंस चेक के साथ भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग का स्टेटमेंट कनेक्टेड है जिससे आप को अवलोकन करने में असुविधा हो
| Section 138
in The Negotiable Instruments Act, 188118 138 Dishonour of cheque for insufficiency, etc., of funds in the account.
Where any cheque drawn by a person on an account maintained by him with a banker for payment of any amount of money to another person from out of that account for the discharge, in whole or in part, of any debt or other liability, is returned by the bank unpaid, either because of the amount of money standing to the credit of that account is insufficient to honour the cheque or that it exceeds the amount arranged to be paid from that account by an agreement made with that bank, such person shall be deemed to have committed an offence and shall, without prejudice to any other provisions of this Act, be punished with imprisonment for 19 a term which may be extended to two years, or with fine which may extend to twice the amount of the cheque, or with both
नियत तिथि:
28 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

 

आवेदन
का संलग्नक

 

अग्रसारित विवरण

 

क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
28 – Sep – 2019
क्षेत्राधिकारीक्षेत्राधिकारी कैंट
अनमार्क

 

 

 

3 comments on These cheques provided by Babu Singh to Dinesh Pratap Singh were bounced

  1. Undoubtedly Lucknow police is saying that there is no transaction record of what amount was paid to Babu Singh but here are too many transaction records which is quite obvious from the contents of the post. Matter is quite simple if they have not sell the land house then why have they take the money and others consequential events? Undoubtedly they had cheated the aggrieved Dinesh Pratap Singh by taking police of capital Lucknow in good faith.

  2. When the Lucknow bench of the high court of judicature at Allahabad ordered to seek the the Civil remedy from the competent court then why Lucknow police itself acted like civil court and provided the possession of the impugned land and house to the the Aradhana Singh also named as Anuradha Singh also named as Guddi. This multi named lady seek redressal of grievances and public assistance by changing the names which is illegal in accordance with the law of land but it is unfortunate no one is taking action against this lady. Where is the rule of law in this largest democracy in the world?

  3. संक्षिप्त विवरण निम्न है | चेक संख्या ३४९७१९ दिनांक ३० अप्रैल १९९८ चेक संख्या ३४९७१८ दिनांक ०६ मई १९९८ चेक संख्या ३४९७२० दिनांक २४ अप्रैल १९९८ जिनकी राशि क्रमसः रूपये ५१००० , रूपये ५००००, रूपये ३०००० कुल धन राशि रुपये १३१००० केसर सिंह पत्नी दिनेश प्रताप सिंह को भुगतान किया किन्तु उपरोक्त सभी चेक भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग ने खाते में अपर्याप्त बैलेंस होने के कारण बाऊंस करार दिया | संलग्नक में हर बाउंस चेक के साथ भारतीय स्टेट बैंक आलमबाग का स्टेटमेंट कनेक्टेड है जिससे आप को अवलोकन करने में असुविधा न हो |

Leave a Reply

%d bloggers like this: