The additional fee at rate of one thousand rupees for delay of each year or part thereof reckoned.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918013652
आवेदक कर्ता का नाम:
योगी एम. पी. सिंह
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
सभी को बिदित है की जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड इसलिए फीडबैक की स्थिति फीडबैक विचाराधीन इन्तजार करना किसी भी तरह से जनहित में नही है | शिकायत संख्या 40019918012342, आवेदक कर्ता का नामYogi M P Singh इस शिकायत में किस प्रकार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने अपने असम्यक कृत्यों पर पर्दा डालने का प्रयास किया है जो की सभ्य और बुद्धजीवी वर्ग द्वारा स्वीकार नही किया जा सकता है |यह बात पूर्ण रूप से स्वीकार योग्य है की यदि ट्रको से अवैध वसूली होगी तो बालू का कीमत बाजार बढ़ेगा जिसका बोझ गरीब जनता पर भी पड़ेगा क्योकि लोग निर्माण कार्य स्थगित कर देंगे और गरीब भूखमरी से मरने लगेंगे | श्री मान जी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का नाम लेने से कोई हरिश्चंद नही बन जाता है और प्रार्थी द्वारा लगाया गया आरोप मीडिया रिपोर्ट और परिस्थित जान्य साक्ष्यो पर आधारित है | सिर्फ १९ मई की रात प्रत्यक्षदर्शिओं के अनुसार २०० ओवर लोड ट्रको को पकड़ा गया और चालान महज १८ ट्रको का किया गया शेष को क्यों छोड़ दिया गया | इनका अभियान एक मई से चल रहा है और २८ मई २०१८ तक इन्होने २७६ ओवर लोड वाहनों का चालान किया अर्थात २८ दिन में २७६ अर्थात प्रति दिन इन्होने ओवर लोड ट्रको का चालान किया सोचिये जब अभियान के १९ दिन बाद १८ ओवर लोड ट्रक पकडे गये तो जब लगभग सभी को मालूम है की ट्रक पकड़ो अभियान चल रहा है तो शुरू में पकडे गये ओवरलोड ट्रको की संख्या ज्यादा होनी चाहिए थी इस लीए उपलब्ध कराया गया डाटा खुद में संदेहास्पद है | श्री मान जी अमर उजाला का रिपोर्ट तो शिकायत के साथ संलग्न है वह तो हिंदी में ही है | श्री मान जी इस अभियान के लिए नतो पुलिस कप्तान महोदय जिम्मेदार है और जिलाधिकारी महोदय इस लिए उनका नाम अगली रिपोर्ट में मत ली जिएगा क्यों की प्रकरण परिवहन विभाग से सम्बंधित है की उन लोगो के विभाग से | शास्त्री सेतु पर लगे क्लोज्ड सर्किट कैमरे को क्यों हटाया गया है कोई तार्किक जवाब आप के पास | जब की माननीय सर्वोच्च न्यायालय का कई केसों में स्पस्ट आदेश है सिर्फ जुडीसिअरी वल्कि नौकरशाह भी बिना तर्क के कोई बात रखे है कोई आप के पास कोई तार्किक कारण| श्री मान जी रही केशव प्रसाद सिंह १५०० रुपये की वसूली की तो मै अच्छे ढंग से जानता हु की संलग्न जनहित याचिका की कॉपी या तो आपने परिशीलन ही नही किया या आप को आंग्ल भाषा का ज्ञान ही नही है | श्री मान जी अनुकम्पा अवधि की ड्राइविंग लाइसेंस का शुल्क महज २०० रुपये है और यदि अनुकम्पा अवधि समाप्त हो तो यह शुल्क तीन सौ हो जाती है और किसी के ऊपर दो विलम्ब दंड एक साथ नही आरोपित हो सकती है और मान लीजे आप सही भी है तो विलम्ब दंड १००० रुपये एक वर्ष पश्चात लगता जब की उनका बिलम्ब सिर्फ एक महीने का है जो की कन्ड़ोन किया जा सकता था या अनुपात में लगाया जाता |१५०० रुपये किसी प्रकार न्याय तर्क कसौटी पर न्यायोचित नही है | एक महीने लेट की वजह से ही आप १०० रुपये अतिरिक्त लिए अन्यथा २०० रुपये में ही बन जाता | सोचिये २०० रुपये के स्थान पर १५०० रुपये वसूली कौन सा न्यायालय आप को न्यायोचित ठहरा रहा है |इसलिए सरकार के विरुद्ध यह संघर्ष चाहे केंद्र चाहे राज्य चलेगा |
नियत तिथि:
20 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 13/06/2018को फीडबैक:- श्री मान १२जून२०१८ रिपोर्ट में ०१०५‘-२०१८ से २८०५२०१८ तक का ही आकड़ा क्यों जब की यह आकड़ा ०१०५२०१८ से १२०६२०१८ तक का होना चाहिए था क्या कार्यशैली संदिग्ध नही है | प्रार्थी द्वारा आकड़ो की संदिग्धता पर प्रश्न उठाया गया था किन्तु श्री मान का जवाब रिपोर्ट फुल ऑफ़ गार्बेज है | श्री मान जी ओवरलोड ट्रक चालक विभाग के अधिकारिओं के प्रति जिम्मेदार होता है या पब्लिक के प्रति वह अपना डिटेल जनता को क्यो उपलब्ध कराएगा | श्री मान जी किसी को भी निर्णायक बना दे प्रार्थी और . आर. टी. . महोदय अपनी बात रखे खुद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा | पूरी मीडिया जनता चिल्ला रही है की खूब वसूली हो रही है पेपर में स्पस्ट देता के साथ प्रकाशित भी हुआ फिर भी वसूली के आरोप सारहीन है सामान्य है | २०० ओवरलोड ट्रको में १८ पर कारवाही का दावा पर वह दावा भी गलत क्यों की आकडे नौ पर ही कार्यवाही पुष्ट कर रहे है | सोचिये बारगेनिंग नही तो और क्या | एक तरफ अपनी दामन बचाने के लिए पुलिस कप्तान जिला मजिस्ट्रेट सब का नाम ले रहे है और क्लोज्ड सर्किट कैमरा किसने हटाया कन्नी काट रहे है अब तीनो लोगो के अलावा उस कैमरा को कौन हटा सकता है यदि पब्लिक हटाती तो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हो चुकी होती | विडियो फुटेज का साक्ष्य मिटाने के लिए इतना बड़ा खेल खेला गया और वसूली कितनी बड़ी है वह तो मीडिया चीख चीख कर बता रही है | श्री मान जी रही बात २०० रूपये के स्थान पर १५०० रुपये लेने की ड्राइविंग लाइसेस रिन्यूअल फीस के रूप वह एक वसूली है और जिस भारत सरकार के वेबसाइट की बात आप कर रहे है सिर्फ आप लोगो को गुमराह कर रहे है क्यों आपने उस पोर्टल पर इन्फोर्मेशन फीड नही किया क्यों की आप के मन सात गुना से ज्यादा वसूलने की थी | The additional fee at the rate of one thousand rupees for delay of each year or part thereof reckoned from the date of expiry of the grace period shall be levied. Whether this note is for the renewal of the Driving Licenses or other licenses like permits, registration and licenses of schools because there is an already available provision in regard to renewal of the Driving License that if the grace period of the renewal of the Driving License expires, then Driving License holder will be levied charges Rs.100.00 additionally. Undoubtedly to drive a vehicle without a valid driving license is illegal but here driving license holder is not driving vehicle and he is applying for renewing of Driving License so impose a penalty on him arbitrarily is ultra vires to the provisions of the constitution.   Hon’ble Sir, Rs.1200.00 levied additionally on the aforementioned aggrieved Keshav Prasad Singh is sheer illegal, unjustified and unconstitutional. Undoubtedly cunning tricks are being used to cheat the innocent and gullible people like aggrieved applicant Keshav Prasad Singh by the corrupt public functionaries in the state of Uttar Pradesh so need of the hour is to take harsh steps against such corrupt public functionaries through proper course of action.
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
05 – Jun – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
12/06/2018
आख्या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
05 – Jun – 2018
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारीमिर्ज़ापुर,परिवहन विभाग
कृपया जॉंचोपरान्त आवश्‍यक कार्यवाही करने का कष्ट करेंआख्या अपलोड है
12/06/2018
शिकायत में उल्लिखित बिन्‍दुवार शिकायत आख्‍या संलग्‍न कर प्रेषित है।
निस्तारित

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
2 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

श्री मान १२-जून-२०१८ रिपोर्ट में ०१-०५'-२०१८ से २८-०५-२०१८ तक का ही आकड़ा क्यों जब की यह आकड़ा ०१-०५-२०१८ से १२-०६-२०१८ तक का होना चाहिए था क्या कार्यशैली संदिग्ध नही है | प्रार्थी द्वारा आकड़ो की संदिग्धता पर प्रश्न उठाया गया था किन्तु श्री मान का जवाब रिपोर्ट फुल ऑफ़ गार्बेज है | श्री मान जी ओवरलोड ट्रक चालक विभाग के अधिकारिओं के प्रति जिम्मेदार होता है या पब्लिक के प्रति वह अपना डिटेल जनता को क्यो उपलब्ध कराएगा | श्री मान जी किसी को भी निर्णायक बना दे प्रार्थी और ए. आर. टी. ओ. महोदय अपनी बात रखे खुद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा | पूरी मीडिया जनता चिल्ला रही है की खूब वसूली हो रही है पेपर में स्पस्ट देता के साथ प्रकाशित भी हुआ फिर भी वसूली के आरोप सारहीन है सामान्य है | २०० ओवरलोड ट्रको में १८ पर कारवाही का दावा पर वह दावा भी गलत क्यों की आकडे नौ पर ही कार्यवाही पुष्ट कर रहे है |

Arun Pratap Singh
2 years ago

The additional fee at the rate of one thousand rupees for delay of each year or part thereof reckoned from the date of expiry of the grace period shall be levied. Whether this note is for the renewal of the Driving Licenses or other licenses like permits, registration and licenses of schools because there is an already available provision in regard to renewal of the Driving License that if the grace period of the renewal of the Driving License expires, then Driving License holder will be levied charges Rs.100.00 additionally. Undoubtedly to drive a vehicle without a valid driving license is illegal but here driving license holder is not driving vehicle and he is applying for renewing of Driving License so impose a penalty on him arbitrarily is ultra vires to the provisions of the constitution.   Hon’ble Sir, Rs.1200.00 levied additionally on the aforementioned aggrieved Keshav Prasad Singh is sheer illegal, unjustified and unconstitutional. Undoubtedly cunning tricks are being used to cheat the innocent and gullible people like aggrieved applicant Keshav Prasad Singh by the corrupt public functionaries in the state of Uttar Pradesh so need of the hour is to take harsh steps against such corrupt public functionaries through proper course of action.
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक विचाराधीन