State human rights commission was also misled by district administration Allahabad. Sheer corruption

It was categorically expressed that Rs.88 crore and something grant was sanctioned by government on 10-10-2016 for the district Allahabad Where gone that huge amount Rs ८८.६२ करोर की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार ने अति बृष्टि और ओला बृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों की मदद के लिए दिनांक १० १० २०१६ जनपद इलाहाबाद के लिए स्वीकृत किया हास्यास्पद बात यह है की आठ  महीने १३ दिन बीत गये किसानो का जुताई बुवाई का समय है और किसी को अधेला भी नसीब नही हुआ का वर्षा जब कृषी सुखाने वाली कहानी खूब चरितार्थ हो रही है 

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40017516004395
आवेदक कर्ता का नाम:
YOGI
M P SINGH
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री
मान जी प्रकरण इलाहाबाद का और आप मिर्ज़ापुर भेज दिए कृपया काफी दिनों से लंबित प्रकरण को निबटाने का कष्ट
करे कृपया जिला magistrate इलाहाबाद को निर्देशित करे सारी गड़बड़ी उपजिलाधिकारी फूलपुर की है It was
categorically expressed that Rs.88 crore and something grant was sanctioned by
government on 10-10-2016 for the district Allahabad Where gone that huge
amount Rs.
८८.६२ करोर
की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार ने अति बृष्टि और ओला बृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों की मदद के लिए दिनांक १० १० २०१६ जनपद
इलाहाबाद के लिए स्वीकृत किया
हास्यास्पद बात यह है की दो महीने १३ दिन बीत गये किसानो का जुताई बुवाई का समय है और किसी को अधेला भी नसीब
नही हुआ | का वर्षा जब कृषी सुखाने वाली
कहानी खूब चरितार्थ हो रही है | 22 December
2016 2155 With due respect your applicant wants to draw the kind attention of
the Hon’ble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted
before the Hon’ble Sir that following online submitted grievance had to be
disposed by the concerned by 28-Nov-2016 but today is 22-Dec-2016 Whether
this is not procrastination and concerned accountable public functionaries
are not overlooking it. 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that whether
this not reflection of insolence on the part of commissioner Allahabad
division that he doesn’t deem it fit to consider the grievances of common
people for which he is drawing huge salary from public exchequer This is
humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that It can never be
justified to overlook the rights of citizenry by delivering services in
arbitrary manner by floating all set up norms This is sheer mismanagement
which is encouraging wrongdoers to reap benefit of loopholes in system and
depriving poor citizens from right to justice Therefore it is need of hour to
take concrete steps in order to curb grown anarchy in the system For this
your applicant shall ever pray you Honble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh
Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road District-Mirzapur
, Uttar Pradesh ,India
नियत तिथि:
13
– Jan – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
प्राप्त अनुस्मारक
क्र..
अनुस्मारक
प्राप्त दिनांक
1
Brief description of submitted grievances -What
a honesty, Lekhpal awarded with adverse entries is made Kanungo Grievance
redressal without providing government aid is procrastination not disposal
उपजिलाधिकारी फूलपुर का कहना है की
शासनस्तिर से
धन उपलब्धर होने पर
धनराशि का
भुगतान कर
दिया जायेगा| श्रीमान जी
२९ नवम्बर २०१६ उत्तर प्रदेश शासन ,राजस्व अनुभाग १० के
पत्रका अवलोकन करे जो
की प्रार्थी को संबोधित है ८८६२ करोंड़ की
धनराशि दिनांक १०१०२०१६ को
स्वीकृत की
गयी अतः शिकायत कर्ता के परिवारोंको भी धनराशि प्राप्त हो
जानी चाहिए थी| किन्तु बड़े खेद का साथ सूचित करना पड़ रहा है की
अभी तक
पीड़ित परिवारों को अधेला भी नसीब नही हुआ जोकि एक
कठोर सत्य है जिसको उच्च पदस्थ नौकरशाह एवं संबैधानिक पदों पर बैठे महानुभाव स्वीकार करे| Whether it is justified
that SDM Phoolpur through its aforementioned letter note instead of
providing relief cheques may assure that when the grant will be
re-sanctioned ,then shares of needy farmers will reach to them Where is
gone
८८६२ करोंड़ Why
Lekhpal was promoted to Kanungo if adverse entry was made by competent Why
the enquiry report of Tahsildar was not made available to complainant your
applicant How your applicant can be deprived from report of Tahsildar when
enquiry carried out on the complaints of your applicant According to
section 4 (1) d of Right to Information Act 2005 –It shall be obligation of
every public authority to provide reasons of its decision to parties
concerned On numerous occasions, Hon’ble Apex court of India proclaimed
that Right to reason is indispensable part of sound judicial system and for
sound administration, it must be promoted to administrative decision Here
it most unfortunate that here report SDM Phoolpur is only a fictitious
story made without taking the perusal of submitted grievance and attached
documents
विषय श्री मान जी आप
का सुझाव है सभी आवेदक जनसुनवाई पोर्टल पर
आवेदन करे तो आवेदन का निस्तारण ज्यादा प्रभावी तरीके से
होगा |उपजिलाधिकारी फूलपुर ने
अपने मोबाइल नंबर ९४५४४१७८१६
से प्रार्थी के मोबाइल पर लगभग चार मिनट बात किया था आवश्यक फीडबैक लेने के बाद कार्यवाही का
आश्वासन दिए थे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है
वह आश्वासन भी कोरा था |जब उन्हें कुछ करना नही था
तो आश्वासन क्यों दिए एक उम्मीद जगा के
कुछ करना धोखा देने जैसा है
| Be informed
that I know well that Jansunwai portal is the august portal of government
of Uttar Pradesh but it is unfortunate that when your applicant submits
grievance on this portal, then message is displayed on the screen as-Server
is not responding Undoubtedly your suggestion is admissible but when you
suggest honestly I made efforts 500 times in order to submit grievance but
your dilapidated website instead of accepting the submissions, displays
message on the screen that server is not responding Whether it is justified
If you are really not interested in entertaining the grievances of the
citizenry of state, then you may spam my e-mails But under Article 51 A of
constitution of India, these grievances cum enquiries are the fundamental
duties of your applicant Your suggestions are most welcome if these are
simple and straight not cryptic Most revered Sir –Your applicant invites
the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions
as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
आज फिर मैंने प्रयास किया की जनसुनवाई पोर्टल पर
जनसुनवाई पोर्टल पर ब्यथा निवारण के
लिए व्यथा प्रस्तुत कीया जाय किन्तु आज भी
वही मैसेज स्क्रीन पर
आया की
सर्वर इज
नॉट रेसपोंडिंग प्लीज ट्राई अगेन| कृपया संलग्नको का
परिशीलन करे| -It is submitted before the
Hon’ble Sir that
श्री मान जी ये
और बात है की
आप किसी ब्यथा को
हल नही कर रहे है लेकिन हम प्रयास जारी रखेगे पांच वर्सो तक और
पिछले २०
वर्षो से
हम लोग संघर्ष कर
रहे है
|भ्रस्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा | -It is
submitted before the Hon’ble Sir that
श्री मान जी क्या यह भ्रस्टाचार नही है
की उत्तर प्रदेश शासन ने किसानो को बाटने के लिए इलाहाबाद जिला प्रशासन को
ग्रांट सैंक्सन किया और
इलाहबाद जिला प्रशासन अब
कह रहा है ग्रांट सैंक्शन होने पर ही
किसानो को
सूखा राहत चेक प्रदान किया जाएगा | प्रश्न यह है
की पूर्व में जारी८८६२ करोड़ रूपये जो शासन द्वारा जिला प्रशासन को
किसानो को
बाटने के
लिए दिया गया उसे कौन निगल गया | This is humble request of your applicant to
you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services
arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary
manner by making the mockery of law of land There is need of the hour to
take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of
citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous
democracy For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir Yours
sincerely Yogi M P Singh, Mobile number- 7379105911, Mohalla- Surekapuram,
Jabalpur Road, District- Mirzapur, Uttar Pradesh Pin code-231001
12 Jun 2017
2
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय
08 Mar 2017
3
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय
30 Jan 2017
फीडबैक :
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
नियत
दिनांक
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
29
– Dec – 2016
अपर
मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव राजस्व एवं आपदा विभाग
14
– Jul – 2017
जाँच
आख्या अवलोकनार्थ सेवा सादर प्रेषित है
निस्तारित
2
अंतरित
प्रमुख सचिव/सचिव (राजस्व एवं आपदा विभाग )
02
– Jan – 2017
जिलाधिकारीइलाहाबाद,
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
14
– Jul – 2017
जाँच
आख्या अवलोकनार्थ सेवा सादर प्रेषित है
निस्तारित
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
02
– Jan – 2017
अपर
जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करेंकृपया संलग्न अपलोड करे
22
– Jun – 2017
अनुमोदित
अस्वीकृत
4
आख्या
जिलाधिकारी ( )
02
– Jan – 2017
अपर
जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)-इलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें जाँच आख्या अवलोकनार्थ सेवा सादर प्रेषित है
14
– Jul – 2017
महोदय
उक्‍त प्रकरण की जांच आख्‍या संलग्‍न है
निस्तारित
5
आख्या
अपर
जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) (राजस्व एवं आपदा विभाग )
31
– Jan – 2017
उप जिलाधि‍कारी फूलपुर,जनपदइलाहाबाद,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करेंअनुमोदित
17
– Apr – 2017
प्रार्थना
पत्र निस्‍तारित अनुमोदन हेतु आख्‍या प्रेषित
निस्तारित

2 comments on State human rights commission was also misled by district administration Allahabad. Sheer corruption

  1. It was categorically expressed that Rs.88 crore and something grant was sanctioned by government on 10-10-2016 for the district Allahabad Where gone that huge amount Rs ८८.६२ करोर की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार ने अति बृष्टि और ओला बृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों की मदद के लिए दिनांक १० -१० -२०१६ जनपद इलाहाबाद के लिए स्वीकृत किया हास्यास्पद बात यह है की आठ महीने १३ दिन बीत गये किसानो का जुताई बुवाई का समय है और किसी को अधेला भी नसीब नही हुआ | का वर्षा जब कृषी सुखाने वाली कहानी खूब चरितार्थ हो रही है |

  2. How can they ask for more fund when they have been already provided Rs.88.62 Crore for such requirements? Whether such acts of government functionaries is not suspicious?
    It was categorically expressed that Rs.88 crore and something grant was sanctioned by government on 10-10-2016 for the district Allahabad Where gone that huge amount Rs ८८.६२ करोर की धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार ने अति बृष्टि और ओला बृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों की मदद के लिए दिनांक १० -१० -२०१६ जनपद इलाहाबाद के लिए स्वीकृत किया हास्यास्पद बात यह है की आठ महीने १३ दिन बीत गये किसानो का जुताई बुवाई का समय है और किसी को अधेला भी नसीब नही हुआ | का वर्षा जब कृषी सुखाने वाली कहानी खूब चरितार्थ हो रही है |

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