Sheer corruption in the disbursement of scholarship to the students in Uttar Pradesh.

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918008016
आवेदक कर्ता का नाम:
शिवम् वर्मा
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
8687094297,8687094297
विषय:
तेवारी की संपत्ति की जाच हो और प्रार्थी को सूचित किया जाय क्यों की पैंडोरा बॉक्स खुलने का समय गया है आवेदन का विवरण,शिकायत संख्या– 40019918007282, आवेदक कर्ता का नाम शिवम् वर्मा, आवेदक कर्ता का मोबाइल न० 8687094297 राम कुमार मौर्या का अनुक्रमांक पंजीयन क्रमांक
-00160809177263
और मातृभाषा में अनुक्रमांक पंजीयन क्रमांक ००१६०८०९१७७२६३ जब की राम कुमार मौर्या ने अपने ऑनलाइन आवेदन में पंजीयन क्रमांक
१६०८०९१७७२६३ भरा है श्री मान जी निक डॉट इन के संगणक में राम कुमार मौर्या का डाटा सही भरा है जिसके अनुसार उनका पंजीयन क्रमांक ००१६०८०९१७७२६३ है और उनके मार्क्स शीट पर भी यही पंजीयन क्रमांक
दर्ज है | इसलिए निक डॉट इन का संगणक गलत नही है बल्कि आप लोगो की नियत में खोट है | श्री मान जी राम कुमार मौर्या को भी ०२०२२०१८ तक त्रुटी शुद्ध कर लेना था किन्तु आप डॉक्यूमेंट का अवलोकन करे क्या उन्होंने शुद्ध किया फिर आप ने कैसे उन्हें कैसे छात्रवृत्ति दे दी| निस्संदेह छात्रवृत्ति उनका अधिकार था और उन्हें मिलना भी चाहिए था किन्तु जिस प्रकार मेरी छात्रवृत्ति आपने रोकी है उन्हें भी नही दी जानी चाहिए | जितने भी प्राइवेट संस्थाए
है वे सभी छात्रवृत्ति के पैसे से ही तो चलती है |श्री मान जी राम कुमार मौर्या का डाटा ०८०३२०१८ को वेरीफाई किया गया है जब की उससे पूर्व डाटा सस्पेक्ट है जो सिद्ध करता है की राम कुमार मौर्या निश्चित
तिथि तक डाटा शुद्ध नही किये थे | राम कुमार मौर्या ने आप को कोई आवेदन दिया था शुद्ध करने हेतु उसकी नोटिंग्स और दैनिक रजिस्टर में उसकी एंट्री है | जब की प्रार्थी अब तक दर्जनों पत्र दे चुका है यदि आप के खिलाफ सीधे आरोप सिद्ध नही होते तो परिस्थिति जन्य प्रमाण भ्रस्टाचार की ओर इशारा करते जिसे नजर अंदाज नही किया जा सकता है | श्री मान जी क्या आपने निक डॉट इन के कंप्यूटर को सूचित किया की उसके द्वारा सस्पेक्ट घोषित ऑनलाइन आवेदन को आप ने सुधार दिया है वह तो अब भी डाटा सस्पेक्ट बता रहा है | क्या किसी छात्र को जिसका डाटा सस्पेक्ट है छात्रवृत्ति दी जा सकती है | श्री मान जी क्या आपको मनमाने निर्णय लेने का अधिकार है जिस जिला छात्र वृत्ति समिति की बात आप करते है वह महज एक खाना पूर्ति मात्र है | किसी को सारहीन तथ्यों के आधार पर छात्र वृत्ति देना निक डॉट इन की मदद से किसी को उसके अधिकार से वंचित करना कहा का न्याय है |जिन छात्रो के माता पिता सरकारी सेवा में है उन्हें आप तुरंत दे देते है और शिकायत करने पर आप कहते है तहसील जाने, सोचिये कैसे कैसे नियम बना कर गरीबो का शोषण हो रहा है | आप सोचिए थोडा सा एक जीरो नही सुधारे क्यों की वह पैसा तो अपात्रो में बाटना है |मोदी जी और योगी जी इतने इमानदार है की ईश्वर करे हमारे पत्र उनके हाथो लगे नही तो कइओं पे गाज एक साथ गिर जाए और कई जो तीन साल से ज्यादा डटे हुए जिले में उन्हें कही फिर बनवास पर जाना पड जाए पर कुत्ते की पूछ सीधी तो होती नही |
नियत तिथि:
24 – Apr – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 13/04/2018को फीडबैक:- श्री मान जी बार बार आप ही एक बात को दुहरा रहे है प्रार्थी द्वारा हर पत्र में नये प्रमाण और नये तर्क प्रस्तुत किये गये है | श्री मान जी अब भी तो आप ही स्वीकार कर रहे है की राम कुमार मौर्या का संशोधन हुआ और वह भी निश्चित तिथि के बाद हुआ | श्री मान राम कुमार मौर्या का सशोधन नही हुआ है क्यों की संशोधन होता तो अब भी डाटा सस्पेक्ट होता | प्रस्तुत प्रकरण में आप ने अति बल प्रयोग किया है और खुद ही उन मनको की धज्जिया उड़ाई जिनकी आप खुद बात कर रहे है | जिस प्रकार राम कुमार मौर्या के डाटा को बिना शुद्ध किये ही शुद्ध मान लिए और उनके खाते में छात्रवृत्ति स्थानंतरित कर दिए उसी प्रकार आप डाटा मत शुद्ध करिए बल्कि प्रार्थी के सही खाते पैसा भेजिए | मै भरी गई एंट्री को बदलने के लिए नही कह रहा हु मई सिर्फ सही खाते में छात्रवृत्ति का पैसा भेजने को कह रहा हु | इस बार रिपोर्ट के तौर पर राम कुमार मौर्या का प्रार्थना पत्र और जिला छात्रवृत्ति समिति के निर्णय की कॉपी लगाइए गा | क्योकि मै जानता हु की उन्होंने कोई प्रार्थना पत्र नही दिया है | और ही समिति द्वारा कोई निर्णय लिया गया है | और यदि लिया भी गया है तो भी वह इललीगल है क्यों की आप के अनुसार कोई भी परिवर्तन निश्चित
तिथि के बाद नही होता तो फिर यह परिवर्तन कैसे हुआ इससे सम्बंधित परिपत्र की कॉपी लगाये | आप जो कह रहे है वह सच तब तक नही है जब तक आप उससे सम्बंधित प्रमाण नही उपलब्ध कराते |
इस बात को हमेशा दिमाग में रखियेगा यह लोकतंत्र है जनता मालिक है और आप नौकर है चाहे आप किसी पोस्ट पर हो | हम अपनी सीमा में है और आप आप भी अपनी सीमा में रहे | किसी भी बात को कहने से पहले उसका प्रमाण दी जिए जिससे जनता का विश्वास जो की ख़त्म हो चूका है कुछ बने |आप दो शब्द लिख दिए वही नियम हो गया जिसका कोई प्रमाण नही है |
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
09 – Apr – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
12/04/2018
आख्‍या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
10 – Apr – 2018
जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें आख्‍या अपलोड है
12/04/2018
कृपया संलग्नक के अनुसार निस्तारित कराने का कष्ट करें
निस्तारित

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
2 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

इस बार रिपोर्ट के तौर पर राम कुमार मौर्या का प्रार्थना पत्र और जिला छात्रवृत्ति समिति के निर्णय की कॉपी लगाइए गा | क्योकि मै जानता हु की उन्होंने कोई प्रार्थना पत्र नही दिया है | और न ही समिति द्वारा कोई निर्णय लिया गया है | और यदि लिया भी गया है तो भी वह इललीगल है क्यों की आप के अनुसार कोई भी परिवर्तन निश्चित तिथि के बाद नही होता तो फिर यह परिवर्तन कैसे हुआ इससे सम्बंधित परिपत्र की कॉपी लगाये | आप जो कह रहे है वह सच तब तक नही है जब तक आप उससे सम्बंधित प्रमाण नही उपलब्ध कराते | इस बात को हमेशा दिमाग में रखियेगा यह लोकतंत्र है जनता मालिक है और आप नौकर है चाहे आप किसी पोस्ट पर हो | हम अपनी सीमा में है और आप आप भी अपनी सीमा में रहे | किसी भी बात को कहने से पहले उसका प्रमाण दी जिए जिससे जनता का विश्वास जो की ख़त्म हो चूका है कुछ बने |आप दो शब्द लिख दिए वही नियम हो गया जिसका कोई प्रमाण नही है |

Arun Pratap Singh
2 years ago

श्री मान जी बार बार आप ही एक बात को दुहरा रहे है प्रार्थी द्वारा हर पत्र में नये प्रमाण और नये तर्क प्रस्तुत किये गये है | श्री मान जी अब भी तो आप ही स्वीकार कर रहे है की राम कुमार मौर्या का संशोधन हुआ और वह भी निश्चित तिथि के बाद हुआ | श्री मान राम कुमार मौर्या का सशोधन नही हुआ है क्यों की संशोधन होता तो अब भी डाटा सस्पेक्ट न होता | प्रस्तुत प्रकरण में आप ने अति बल प्रयोग किया है और खुद ही उन मनको की धज्जिया उड़ाई जिनकी आप खुद बात कर रहे है | जिस प्रकार राम कुमार मौर्या के डाटा को बिना शुद्ध किये ही शुद्ध मान लिए और उनके खाते में छात्रवृत्ति स्थानंतरित कर दिए उसी प्रकार आप डाटा मत शुद्ध करिए बल्कि प्रार्थी के सही खाते पैसा भेजिए | मै भरी गई एंट्री को बदलने के लिए नही कह रहा हु मई सिर्फ सही खाते में छात्रवृत्ति का पैसा भेजने को कह रहा हु |