Sensitivity of the state government to the cows and clean and sanitation drive.

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
If the efforts be made in order to save cow, it may be previous tragic incidence as in the case calf may not repeat. Pictures are attached with this representation.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 23 February 2019 at 00:33

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com



महोदय भगवान राम  महान साम्राट थे  पूरी आर्यावर्त में उनका शासन था क्योंकि वह  प्रजा वत्सल थे  वह भेष बदल कर जनता की समस्याए सुनते थे उसी क्रम में कठोर निर्णय लिए थे  | किन्तु इस लोकतंत्र में जनता की समस्याए देख कर लोक सेवक आँख बंद कर लेते है |श्री मान जी मेरी भी गौ माता में बड़ी श्रद्धा किन्तु मैं श्रद्धा का ढोंग करके उसका मजाक नहीं बनने देना चाहता |श्री मान जी क्या यह भयावह स्थिति नहीं है की एक तिहाई गाये इस प्रदेश की विमार है|प्रदेश का पशु विभाग हाथ पे हाथ धरे बैठा हुआ है कुछ करना ही नहीं चाहता | श्री मान जी प्रस्तुत शिकायत का सी श्रेणीकरण हुआ किन्तु इसका निस्तारण बिना किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुचे बिना ही कर दिया गया और डी.एम्. महोदय द्वारा आख्या स्वीकार कर लिया गया |श्री मान जी इस प्रत्यावेदन के विडियो संलग्न है कृपया विडियो का अवलोकन करे और गौ माता की वास्तविक स्थिति का अवलोकन करे |
आवेदन का विवरण
 
शिकायत संख्या
40019918032584
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Hoof-and-mouth disease (Aphthae epizooticae) is spreading in full swing and government staffs are neutral to curb this menace. श्री मान जी आप प्रार्थी से नाराज तो बहुत होंगे किन्तु गौ माता की परेशानी देख कर चुप नही बैठ सका |श्री मान जी बछड़े को तो नही बचाया जा सका किन्तु संभव है सक्रियता दिखाई गई तो गौ माता बच सकती है |श्री मान चिकित्सक महोदय आपने जो चल भाष नंबर ७९०५१८५८५८ उपलब्ध कराया था उस पर कई बार प्रयास करने हर बार आटोमेटिक उत्तर यही दिया या तो नंबर बंद या कवरेज क्षेत्र के बाहर है |इस लिए इस ग्रिएवांस को प्रस्तुत कर रहा हू | धन्यवाद यदि तत्परता दिखाते है गौ माता को बचाने में | बछड़े को तो बचाया नही जा सका हो सकता गौ माता बच जाय | श्री मान जी फरवरी माह से ही अखबारों की सुरखिया बना पशुओं का यह रोग प्रदेश सरकार की निष्क्रियता की वजह से दावानल का रूप ले रहा है | श्री मान जी किसान तो किसी तरह इलाज कर रहे है किन्तु रोड पर टहलने वाले आवारा पशुओं का इलाज कौन करेगा | अगर प्रदेश सरकार सक्रिय रहती तो मिर्ज़ापुर या अन्य शहरो के पशुओं का जो इस रोग से पीड़ित है का इलाज हो जाता तो इस समय उनकी दुर्दशा देख कर मानसिक कष्ट तो होता | लंगडाते हुए कमजोर पशुओं के देख कर किसके मन में हताशा निराशा नही पैदा होता | श्री मान जी लावारिश पशुओं का इंतजाम करना भी सरकार के ही कार्यो का हिस्सा है | नागरिक बहुत करेगा दो रोटी दे सकता है किन्तु उनका इलाज तो नही कर सकता |
नियत तिथि:
23 – Nov – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
 
फीडबैक :
दिनांक 13/11/2018को फीडबैक:- Whether it is not a cryptic role of concerned that instead of taking solid and strong steps only formalities are being done apparently even when the epidemic of Hoof mouth disease in the animals on its climax? Undoubtedly it is an infectious disease in the animals but unfortunately, the government is not showing eager and enthusiasm in this direction. Whether the government department is not failed in pursuing its duty as one-fourth of the total population of animals are infected with this serious illness causing their deaths. A considerable portion of the public exchequer is being consumed in the name of salary and perks of the concerned staffs if such menace cannot be tackled by the outfit, then what is the need of such man powers? Because of this disease and its uncontrolled nature, there is resentment among the people as the problem of clean and sanitation with losing the animals is quite frequent in society. After all anti-virus vaccination was the need of the hour but concerned staffs didn’t care about it which is the root cause of this unprecedented menace may be called natural calamity for animals with their masters.
फीडबैक की स्थिति:
जिलाधिकारी द्वारा दिनाक 13/12/2018 को प्राप्त आख्या अनुमोदित कर दी गयी है
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
08 – Nov – 2018
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारीमिर्ज़ापुर,पशुपालन
12/11/2018
SIKAYAT KARTA SE MIL KAR BIMAR GAU KA CHIKITSA SAMBANDHIT PASHU CHIKITSADHIKARI DWARA KAR DIA GAYA HAI.
C-श्रेणीकरण
 
2
आख्या
जिलाधिकारी( मिर्ज़ापुर)
30 – Nov – 2018
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारीमिर्ज़ापुर,पशुपालन
कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है आख्‍या अपलोड।
12/12/2018
VIBHAGIYA STAFF DWARA SIKAYAT KARTA SE MULAKAT KIA GAYA .SIKAYAT KARTA DWARA KISI BHI BIMAR ,NIRASHRIT GAU KI JANKARI NEHI DI GAYEE JISE ILAAZ KI JARURAT HO.SIKAYAT KARTA KO BHAVISHYA ME BIMAR PASHU MIL NE PAR MOB.NO.7905185858 PAR SUCHIT KAR NE KE LIYE BATAYA GAYA.
निस्तारित
 
 




श्री मान जी क्या यही स्वच्छता अभियान है हर जगह गंदगी पसरी हुई है |इस समूह एक तिहाई गाये संक्रामक वीमारी से पीड़ित है जो की विडियो से स्पस्ट है |जब मोहल्ले की यह स्थिति है तो सोचिये सब्जी मंडी और  चौराहों की हालत क्या होगी |श्री मान जी सुरेकापुरम कॉलोनी मिर्ज़ापुर शहर का आतंरिक हिस्सा है |
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Yogi
1 year ago

श्री मान जी क्या यही स्वच्छता अभियान है हर जगह गंदगी पसरी हुई है |इस समूह एक तिहाई गाये संक्रामक वीमारी से पीड़ित है जो की विडियो से स्पस्ट है |जब मोहल्ले की यह स्थिति है तो सोचिये सब्जी मंडी और चौराहों की हालत क्या होगी |श्री मान जी सुरेकापुरम कॉलोनी मिर्ज़ापुर शहर का आतंरिक हिस्सा है |

Arun Pratap Singh
1 year ago

महोदय भगवान राम महान साम्राट थे पूरी आर्यावर्त में उनका शासन था क्योंकि वह प्रजा वत्सल थे वह भेष बदल कर जनता की समस्याए सुनते थे उसी क्रम में कठोर निर्णय लिए थे | किन्तु इस लोकतंत्र में जनता की समस्याए देख कर लोक सेवक आँख बंद कर लेते है |श्री मान जी मेरी भी गौ माता में बड़ी श्रद्धा किन्तु मैं श्रद्धा का ढोंग करके उसका मजाक नहीं बनने देना चाहता |It is very much surprising that our political masters instead of redressing the grievances of people are always busy in making them stupid.

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Undoubtedly we are facing precarious situation and this is the public duty of every citizen to come forward on the street to fight against this Monster of corruption. Here this question arises that if our political Masters who have taken the rein of administration in his own hand are itseif corrupt then how they will curb the corruption from the society i.e. specifically government machinery in which there is throughout corruption and public is suffering too much because of this corruption.