Rs.2000 is charging as renewal fees at place of Rs.200 if after 6 Feb it will be Rs.3000 self claimed honest

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919000977
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
श्री
मान जी ड्राइविंग लाइसेंस फीस २०० रुपये है किन्तु आर
.टी.. मिर्ज़ापुर
१५०० रुपये से २००० रुपये वसूलते है क्यों

|
मै मानता हू की उनको १००००० रुपये से
भी ज्यादा तनख्वाह मिलती है किन्तु हम गरीब कहा से २०० के स्थान पर १५०० देंगे
| ट्रांसपोर्ट
कमिश्नर की तानाशाही देखिये सूचना देना तो दूर रहा मिर्ज़ापुर आर
.टी.. से यह
तक नही कह सके की मामले का निस्तारण करिए खुद रूचि लेके
| अब
प्रार्थी चाहता है की २०० रुपये फीस की आठ गुना पेनाल्टी क्यों ली जा रही है
| गरीबो
से वसूला जा रहा अप्राकृतिक रकम का आधार क्या है और केन्द्रीय सरकार के नियमो की
गलत व्याख्या किसने की
| क्या आप ने बिधि मंत्रालय से सलाह लिया | श्री
मान जी क्या जानकारी के अभाव में कोई व्यक्ति ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के लिए
आवेदन नही करता तो वह डिफाल्टर है और उससे अर्थ दंड वसूला जाएगा वह भी आठ गुना
|श्री
मान यदि कोई बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाडी चलाता है तो वह दोषी है किन्तु वह
देर से रिन्यूअल के लिए आवेदन किया इसलिए दोषी समझ से परे
| २०
वर्षो के लिए लाइसेंस २० वर्ष १ दिन बाद रिन्यूअल के लिए आवेदन १५०० रुपये प्लस
ऑफिस का खर्चा
| श्री मान कम से कम जिनके ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि
ख़त्म हो उसे नोटिस सर्व किया जाय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कि लाइसेंस अवधि से
पहले रिन्यूअल करा लो नही तो २०० रूपये के स्थान पर उसका आठ गुना पेनाल्टी भरना
पडेगा
| श्री मान बहुत से ऐसे है लोग जो वर्ष भर दो तीन बार
ही दो पहिया गाडी चलाते है ऐसे लोग रोज अपना ड्राइविंग लाइसेंस और डिपार्टमेंट
का मैनुअल देखते है की कितनी पेनाल्टी वसूलेगा और कब बैधता खत्म हो रही है
| उन्हें
क्या मालुम की २० वर्ष ख़त्म होने के पहले ही दिन वह अपराधी बन चुका है उससे आठ
गुना अर्थ दंड वसूला जाएगा
| किसी को भी दंड आरोपित करने से पहले नोटिस का बिधान
संबैधानिक और उसका पालन राज्य सरकार क्यों नही कर रहा है
| Subject-Matter was forwarded repeatedly to the
transport commissioner, Government of Uttar Pradesh but it is unfortunate
that he making a mockery of Right to Information Act 2005. Most revered Sir
–Your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir with due
respect to following submissions as follows. 1-It is submitted before the
Hon’ble Sir that Hon’ble Sir may be pleased to take a glance at page 1 of the
attached document dated-26/06/2018 addressed to the applicant through which
he returned back Bank Draft of Rs.200.00 paid as a fee in order to get the
renewal of already issued two wheeler license.
नियत तिथि:
15 – Jan – 2019
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 18/01/2019को फीडबैक:-
श्री मान जी प्रार्थी का २०० रुपये का
बैंक ड्राफ्ट जो की आर
. टी. . को देय था किन्तु उन्होंने स्वीकार नही किया और
मामला जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रस्तुत किया गया अभी तक प्रार्थी को वापस नही हुआ
है क्यों की वह प्राथी को तभी प्राप्त हो सकता है जब प्रार्थी २३६ रुपये
कैंसलेशन चार्ज जमा करे अर्थात ८४ रुपये कमीशन और ४२ रुपये भेजने का खर्च कुल
३२६ रुपये खर्च कर चुका हूँ
| पूर्व में भी तो इन्होने फरवरी में ही पैसा मागा था
जिसकी वजह से हमे डिमांड ड्राफ्ट बनवा कर देना पड़ा किन्तु स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया
ने महीनो लगा दिया ड्राफ्ट बनाने में उसका लाभ उठा कर इन्होने ने नियम का सहारा
ले लिया है
| कितु अभी हार हमने नही मानी है क्योकि इन्होने
केंद्र सरकार के नियम की गलत ब्याख्या करके भोली भाली जनता को लूटने का काम कर
रहे है
| श्री मान जी यदि विभाग इमानदार है तो ट्रांसपोर्ट
आयुक्त लखनऊ प्रार्थी को सूचना प्रदान करने से क्यों भाग रहे है
|केंद्र
सरकार के मंत्रालय से आये पत्रों को जिसमे प्रार्थी को सूचना उपलब्ध कराने को
कहा गया है शिकायत के साथ संलग्न है
|
अगर लेश मात्र भी इमानदारी होती तो
समस्त सूचनाए आवेदक को उपलब्ध करा दी जाती

|
एक दुसरे की कमी दिखा कर जनता को
लूटना कहा तक जायज है
| केंद्र सरकार की अधिसूचना में ड्राइविंग लाइसेंस के
केस में सिर्फ १०० रुपये लेट पेमेंट का प्रावधान है जोकि जायज है किन्तु इसकी
ब्याख्या खुद की जेब भरने के लिए असंबैधानिक ढंग से कर दी है जो देखने से ही
अप्राकृतिक लग रहा है
| सोचिये मुझसे इस समय २००० रुपये माग रहे है और ६
फ़रवरी के उपरांत ३००० रुपये हो जाएगा
|
प्रमाण चाहते हो तो भेजिए किसी को उसके
सामने दे
| थोड़ी भी इमानदारी बची हो तो ट्रांसपोर्ट आयुक्त लखनऊ
प्रार्थी को विंदुवार सूचना प्रदान करे

|
जिसके लिए प्रार्थी सदैव श्री मान जी
का आभारी रहेगा
| On Monday i.e.
14/12/2019 R.T.O. Mirzapur called me on cell phone 7379105911 in regard to
Driving license renewal and asked me to come office for slot booking at any
time in the office. According to a fixed time, I reached the office at 11 O
clock in the morning today i.e. 16/01/2019. A slip was made available by his
subordinate as directed by him which is the first page of the attached
documents. He asked me to deposit the fee, then asked what amount it will
cost, he told me Rs.1500, then I asked him in these entries my name is Mahesh
Prasad Singh and name of my father is Rajendra Prasad Singh but my actual
name is Mahesh Pratap Singh and name of my father is Rajendra Pratap Singh,
then R.T.O. Mirzapur told me that then I will have deposit additional Rs.200
for correction of name and I requested him that this mistake has been
committed by his subordinate so why additional Rs.200 is charged from me,
then he told that he has full sympathy with the applicant but bound with the
direction of the senior rank staffs.
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित
विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने 
वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को 
प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या       
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
08
– Jan – 2019
सहायक
संभागीय परिवहन अधिकारी-मिर्ज़ापुर,
परिवहन विभाग
18/01/
2019
भारत
सरकार के नोटिफिकेशन संख्या सा0का0नि0 1183(अ) दिनांक 29-12-2016 द्वारा
ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण हेतु देय शुल्कन लाइसेंस नवीनीकरण हेतु विलम्ब से
प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों पर निर्धारित शुल्का के साथ देय विलम्ब
शुल्क का संशोधन करते हुए पुन: निर्धारण किया गया है जिसके अनुरूप परिवहन
विभाग द्वारा फीस एवं विलम्ब शुल्क जमा कराया जा रहा हैा वर्तमान समय में
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने एवं नवीनीकरण हेतु आन लाइन फार्म भरने व फीस जमा
करने की व्यवस्थाा लागू है। उक्त नोटिफिकेशन द्वारा लागू दरों के अनुरूप सारथी
सिस्ट्म में मुख्यालय स्त‍र से एकीकृत बनायी गयी है जिसमें जनपद स्तर पर कोई
संशोधन या फेरबदल नही‍ किया जा सकता है। ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण हेतु
लाइसेंस समाप्ति के एक माह पूर्व या पश्चात तक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने
पर कोई विलम्ब शुल्क देय नही होता है। इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा उठाई
गयी आपत्तियां मान्य नही है क्योंकि परिवहन विभाग द्वारा पारदर्शिता लाने के
उद्देश्यय से इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय हस्त‍क्षेप को पूरी तरह समाप्तह कर
दिया गया है।
निस्तारित

From
<http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=40019919000977&MOBNO=7379105911&IsOldNew=N&Type=2>

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Hon’ble Sir how can it be justified that the error made by the staffs of the R.T.O. Mirzapur causing mental trauma for 20 years now instead of correcting it R.T.O. Mirzapur is seeking additional Rs.200 for correction and if I opt for a change of address, then more Rs.200 will be additionally charged which is genuine in his eyes. Since the website is showing internal server error if I am making efforts to pay the fee which means I will have to pay Rs. 100 to computer operator of the department.

Arun Pratap Singh
1 year ago

सोचिये २०० रुपये शुल्क की जगह २००० रुपये माग रहे है फिर भी इमानदार है कितना भ्रस्टाचार योगी सरकार में है |
दिनांक 18/01/2019को फीडबैक:- श्री मान जी प्रार्थी का २०० रुपये का बैंक ड्राफ्ट जो की आर. टी. ओ. को देय था किन्तु उन्होंने स्वीकार नही किया और मामला जनसुनवाई पोर्टल पर भी प्रस्तुत किया गया अभी तक प्रार्थी को वापस नही हुआ है क्यों की वह प्राथी को तभी प्राप्त हो सकता है जब प्रार्थी २३६ रुपये कैंसलेशन चार्ज जमा करे अर्थात ८४ रुपये कमीशन और ४२ रुपये भेजने का खर्च कुल ३२६ रुपये खर्च कर चुका हूँ
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक प्राप्त आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 08 – Jan – 2019 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी-मिर्ज़ापुर,परिवहन विभाग — 18/01/2019

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Quantam of corruption can be easily guessed from the fact that one crore per day is taken as bribe from the trucks which are loaded with the Sands and coming from Madhya Pradesh to Uttar Pradesh and going to from Uttar Pradesh to Madhya Pradesh. Whether this is not huge loss to public fund why concerned officers are filling their packets by causing the huge loss to the public exchequer, Whether this revenue should not be allowed to pass through the public exchequer. Something is wrong why concerned government public functionaries are not interested to curb this mass scale corruption going on in our government machinery and our accountable public public functionaries are silent and mute spectator.