Right of children to Free and Compulsory Education Act, no children will be deprived from education

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019917000695
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Why do the
managements of colleges change the books in order to earn the commission
every year Books are sold in the shops but now a days in schools and colleges
To impart education has been business of bargaining In order to strengthen
Right to Education as it was made fundamental right ,Government of India
enacted the act -Right of children to Free and Compulsory Education Act, 2009
Which means no children will be deprived from education because of poverty. One
of the staffs from chief minister office had talk with your applicant and
assured your applicant of public aid through office but it seems that it was
like election rhetoric of our politicians 06 April 2017 12:45 With due respect
your applicant wants to draw the kind attention of the Hon’ble Sir to the
following submissions as follows 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that
whether it is justified that concerned may procrastinate on the
representation of your applicant Swift and logistic approach of a public
functionary towards the grievances of citizenry is the reflection of good
governance 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that why following
communication addressed to various public functionaries of this country
couldn’t reap any fruit3-It is submitted before the Hon’ble Sir that when the
inflation is on the top and education materials are so costly and fees are
huge ,then how is it feasible for unemployed people to arrange education for
their wards Every year books are changed so younger cant take the help of
elder in regard to study material Every where is loot nothing else Whether it
is justified for commission books are changed every year This is humble
request of your applicant to you Hon’ble Sir that It can never be justified to
overlook the rights of citizenry by delivering services in arbitrary manner
by floating all set up norms This is sheer mismanagement which is encouraging
wrongdoers to reap benefit of loopholes in system and depriving poor citizens
from right to justice Therefore it is need of hour to take concrete steps in
order to curb grown anarchy in the system For this your applicant shall ever
pray you Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh Mobile number-7379105911
Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road District-Mirzapur , Uttar Pradesh ,India
नियत तिथि:
30 – Apr – 2017
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 12/07/2017 को फीडबैक:- जब दो सगे भाई या दो सगी बहन या एक भाई और एक बहन एक ही विद्यालय में पढ़ रहे हो तो उनमे से एक की शुल्क आधी माफ़ हो जाती है और
उसी आधार पर मेरे लड़के की आधी फीस माफ है बेसिक शिक्षा अधिकारी सिर्फ बकवास कर
रहे है अनर्गल प्रलाप करना उनका जन्म सिद्ध अधिकार है
| सभी जानते है देश में भ्रस्टाचार है और ये भी जानते है भ्रस्टाचार कौन करता है | To District Magistrate District –Mirzapur,
Uttar Pradesh Subject –Basic Shiksha Adhikari only misled you in regard to
disposal of grievance registered on jansunwai portal of government of Uttar
Pradesh as
शिकायत संख्या-40019917000695.
With great respect to revered Sir, your applicant invites the kind attention
of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows. 1-It is submitted
before the Hon’ble Sir that
शिकायत संख्या-40019916000669
अग्रसारित विवरणक्र.. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 04 – Jul – 2016 प्रमुख सचिव/सचिव बेसिक शिक्षा विभाग — 22 – Jul – 2016 Nistarit (Akhya
Sanlagn)
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित 2 अंतरित प्रमुख सचिव/सचिव (बेसिक शिक्षा विभाग ) 05 – Jul – 2016 निदेशक बेसिक शिक्षा निदेशालय नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 22 – Jul – 2016 Nistarit (Akhya
Sanlagn)
आख्या उच्च स्तर पर प्रेषित 3 अंतरित निदेशक (बेसिक शिक्षा निदेशालय ) 08 – Jul – 2016 बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 22 – Jul – 2016 Nistarit (Akhya Sanlagn) C-श्रेणीकरण 4 आख्या मुख्यमंत्री कार्यालय 19 – Jan – 2017 बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते
हुए
15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की
अपेक्षा की गई है
02 – May
– 2017 nistarit (aakhya sanlagn hai)
निस्तारण हेतु लंबित 2-It is submitted before the Hon’ble Sir that आवेदक कर्ता का नाम: Yogi M P Singh आवेदक कर्ता का मोबाइल न०: 7379105911,7379105911
विषय: सभी लोग जानते है और बहुत पहले से जानते है की दो सगे भाई या भाई और बहन एक ही संस्था में पढ़ रहे तो संस्था सहानुभूति के तौर पर एक का शुल्क आधा ही लेती है और यहां पर नगर शिक्षा अधिकारी का रोल एक छलावा जैसा है क्यों की मुक्त आवश्यक शिक्षा अधिनियम के तहत मेरी पुत्री का आधा शुल्क प्रधानाध्यापिका से कह कर माफ करा दिया | कृपया संलग्नक देखे | With due respect your applicant wants to draw the kind attention
of the Honble Sir to the following submissions as follows 1-It is submitted
before the Honble Sir that
समाज कल्याण अधिकारी ने प्रार्थी को बताया की कक्षा से कक्षा तक के छात्रो की छात्रवृत्ति शासन ने रोक लगा दी इसलिए प्रार्थी की कोई सहायता नही की जा सकती है क्या मुक्त एवं अनिवार्य शिक्षा संयुक्त राष्ट्र संघ के दबाव में पास तो कर दिया गया लेकिन उस कभी अमल नही किया गया | या भ्रस्टाचार रूपी दानव इस जनहित कानून को अपने समक्ष पनपने ही नही दिया |2 -It is
submitted before the Honble Sir that
अब आप का प्रार्थी शासन के शरण में गया तो मुख्य मंत्री कार्यालय में सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा(सचिव) जैसा की प्रायः होता है प्रत्यावेदन प्रमुख सचिव समाज कल्याण को भेज दिया और फिर चैनलवाइज निदेशक समाज कल्याण और अंत में फिर समाज कल्याण अधिकारी के यहां पहुच गया | इस बार समाज कल्याण अधिकारी को मेरे गरीबी पर रहम गया और मुझे राहत देने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से याचना तक कर डाली और मुझे भी लगा की हो सकता है प्रभु ने मति परिवर्तन कर दिया हो |3 -It is submitted before the Honble Sir that चूकी प्रार्थी ने सरकारी तंत्र के भ्रस्टाचार को बहुत अन्दर से देखा है इसलिए उसे भरोसा पहले भी नही था इसलिए कार्यवाही जानने के लिए पुनः प्रत्यावेदन जनसुनवाई पोर्टल पर दिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी के जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर को संबोधित पत्र से स्थित स्पस्ट है जो की प्रत्यावेदन के साथ पीडीऍफ़ डाक्यूमेंट्स के रूप में अटैच्ड है | ब्यवस्थापिका
नियम बनाती समाज को दिखाने के लिए और देश को कार्यपालिका और नौकरशाह अपने दिल से चलाते है | जब उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति बंद कर दी और इनके विद्यालयों में लडको को बुलाना पड़ता है इसके बावजूद लडके नही जाते तो मुक्त और अन्निवार्य शिक्षा डस्ट बिन में डालने जैसा हुआ | नियत तिथि: 19 – Jul – 2016 शिकायत की स्थिति: लम्बित 3-It is
submitted before the Honble Sir that 1
यह जनशिकायत समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | – मुख्यमंत्री कार्यालय 08 Mar 2017
2
यह जनशिकायत समयसीमा के अंतर्गत निस्तारित होने के कारण आपके स्तर पर डिफाल्टर होकर लंबित है| जनशिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं है| कृपया प्रकरण का तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जाना अपेक्षित है | —मुख्यमंत्री कार्यालय 30 Jan 2017 4-It is submitted before the Honble Sir that whether
in the following matter your applicant is focused on fee and scholarship as
basic shiksha adhikaari is crying .

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
15 – Apr – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
02 – May – 2017
nistarit (aakhya
sanlagn hai)
अस्वीकृत
2
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
15 – Apr – 2017
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
19 – Jul – 2017
Purva me patrank:
695 Date: 28.04.2017 dwara nistarit.
निस्तारित
3
आख्या
जिलाधिकारी ( )
16 – Apr – 2017
बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें nistarit (aakhya sanlagn
hai)
02 – May – 2017
nistarit (aakhya
sanlagn hai)
C-श्रेणीकरण
4
आख्या
जिलाधिकारी , मिर्ज़ापुर
13 – Jul – 2017
बेसिक शिक्षा अधिकारीमिर्ज़ापुर,बेसिक शिक्षा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें गुणवत्‍ता पूर्वक जांच कर आख्‍या प्रेषित करें Purva me patrank: 695 Date: 28.04.2017 dwara
nistarit.
15 – Jul – 2017
Purva me patrank:
695 Date: 28.04.2017 dwara nistarit.
निस्तारित

2 comments on Right of children to Free and Compulsory Education Act, no children will be deprived from education

  1. चूकी प्रार्थी ने सरकारी तंत्र के भ्रस्टाचार को बहुत अन्दर से देखा है इसलिए उसे भरोसा पहले भी नही था इसलिए कार्यवाही जानने के लिए पुनः प्रत्यावेदन जनसुनवाई पोर्टल पर दिया और बेसिक शिक्षा अधिकारी के जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर को संबोधित पत्र से स्थित स्पस्ट है जो की प्रत्यावेदन के साथ पीडीऍफ़ डाक्यूमेंट्स के रूप में अटैच्ड है | ब्यवस्थापिका नियम बनाती समाज को दिखाने के लिए और देश को कार्यपालिका और नौकरशाह अपने दिल से चलाते है | जब उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति बंद कर दी और इनके विद्यालयों में लडको को बुलाना पड़ता है इसके बावजूद लडके नही जाते तो मुक्त और अन्निवार्य शिक्षा डस्ट बिन में डालने जैसा हुआ

  2. Honble Sir that whether in the following matter your applicant is focused on fee and scholarship as basic shiksha adhikaari is crying .
    फीडबैक की स्थिति: फीडबैक निस्तारितजब दो सगे भाई या दो सगी बहन या एक भाई और एक बहन एक ही विद्यालय में पढ़ रहे हो तो उनमे से एक की शुल्क आधी माफ़ हो जाती है और उसी आधार पर मेरे लड़के की आधी फीस माफ है बेसिक शिक्षा अधिकारी सिर्फ बकवास कर रहे है अनर्गल प्रलाप करना उनका जन्म सिद्ध अधिकार है | सभी जानते है देश में भ्रस्टाचार है और ये भी जानते है भ्रस्टाचार कौन करता है

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