On one side to cover a pond with Earth is illegal as order passed by apex court but here pond encroached

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918003254
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M. P. Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल जनसुनवाई विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है तहसीलदार सदर की आख्यानुसार प्रश्नगत प्रकरण ग्राम आदमपुर के शिकायती प्रार्थना पत्र का स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच किया गया, जिसमें गाटा नं0-93 तालाबकी भूमि है। इसके पश्चिमी शीरे पर सन 2006 में चकमार्ग बना है। उक्त चकमार्ग मौके पर तालाब में कट गया है। शेष भाग पश्चिम तरफ लिये गये अवैध कब्जेको हटवाने हेतु विपक्षी को कहा गया, विपक्षी हटाने को तैयार है। In Supreme court of India Diary No5952 Year2018, Application Date 27-01-2018, Received On 07-02-2018 Applicant Name MAHESH PRATAP SINGH YOGI M P SINGH Address MOHALLA SUREKAPURAM JABALPUR ROAD DISTRICT MIRZAPUR State UTTAR PRADESH Action Taken UNDER PROCESS To encroach the land of the pond is not only unconstitutional but a violation of judgment passed by Apex court of India It is the obligatory duty of the concerned accountable public functionaries to ensure the compliance of Apex court of India Here this question arises that when ipso facto obvious from the communication cum report of Tahsildar sadar that compound of the pond is encroached by land grabbers, then why solid and strong steps were not taken by the concerned accountable public functionaries to ensure the compliance of verdict of Apex court of India passed in generality The condition is more precarious when public staffs instead of promoting rule of law itself stand in the rows of breakers of the law Whether Tahsildar sadar will elaborate the process being adopted by him to vacate the encroachers from the land of ponds caused the pond to shrink into the form of a storage tank Whether it is justifiable to submit the report before the accountable public functionaries a false fabricated concocted story far away from the actual truth Whether any document was exchanged between Tahsildar sadar and encroachers if not how grievance can be accepted as redressed Such dereliction will result in the promotion of anarchy and bring us to sheer dark Consequently, the action of the Tahsildar sadar and its staffs encouraged wrongdoers which is not in favour of public interest This is a humble request of your applicant to you Honble Sir that It can never be justified to overlook the rights of the citizenry by delivering services in an arbitrary manner by floating all set up norms This is sheer mismanagement which is encouraging wrongdoers to reap the benefit of loopholes in the system and depriving poor citizens of the right to justice Therefore it is need of the hour to take concrete steps in order to curb grown anarchy in the system For this, your applicant shall ever pray you, Honble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh Mobile number-7379105911 Mohalla-Surekapuram, Jabalpur Road District-Mirzapur, Uttar Pradesh, India
नियत तिथि:
09 – Mar – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 23/04/2018को फीडबैक:- Subject-Report attached with the grievance आख्या रिपोर्ट is not opening. The applicant wants to know that when 4-G Airtel data pack couldn’t open the attached documents based on which grievance was disposed of, then how concerned accountable public functionaries opened the grievance and accepted the submitted grievance disposed of. Most revered Sir Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to the following submissions as follows. 1-It is submitted before the Hon’ble Sir that according to report of Tahsildar sadar Mirzapur Uttar Pradesh तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग प्रश्नगत प्रकरण में ग्राम आदमपुर के 0नं0 93 का स्थ लीय एवं अभिलेखीय जांय किया गया। जांचोपरान्ता 0नं0 93 तालाब की भूमि है। तालाब की पश्चिमी तरफ चकमार्ग बना है। चकमार्ग तालाब में कटकर फिसल गया है तथा तालाब की पश्चिमी सिरे पर मडहा आदि विपक्षी द्वारा रखा गया था। जिसे हटाने के के लिए कहा गया और विपक्षी हटाने के लिए तैयार है एवं ग्राम प्रधान से कहा गया सडक निर्माण का कार्य कराया जाय। तालाब के भीटे पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन लोगों को भी अवैध कब्जाा हटाने के लिए कहा गया एवं कब्जेदारों को 15 दिन का कब्जा‍ हटाने के लिए समय दिया गया है। यदि कब्जा् नहीं हटाते हें तो उनके विरूद्ध बेदखली की कार्यवाही कर दी जायेगी। तहसीलदार सदर की आख्यानुसार प्रश्नगत प्रकरण ग्राम आदमपुर के शिकायती प्रार्थना पत्र का स्थलीय एवंअभिलेखीय जांच किया गया, जिसमें गाटा नं0-93 तालाबकी भूमि है। इसके पश्चिमी शीरे पर सन 2006 में चकमार्ग बना है।उक्त चकमार्ग मौके पर तालाब में कट गया है। शेष भाग पश्चिम तरफ लिये गये अवैध कब्जेको हटवाने हेतु विपक्षी को कहागया, विपक्षी हटाने को तैयार है।3-It is submitted before the Hon’ble Sir that a report has been submitted by the concerned staff which is attached with the grievance and disposal of the grievance is based on that report but it is most regretful that attached documents based on that grievance were disposed, is not opening even when the applicant uses 4-G data pack. In the earlier grievance, they had disposed of the complaint on the ground of likewise report and in this complaint, I raised the issue, why earlier written notice was not served but it is unfortunate that concerned didn’t pay heed to submissions. Since attachment has no document so it is not opening ipso facto obvious that concerned didn’t serve the notice to the encroachers.हमे नही समझ में रहा है की तहसीलदार सदर किसको mislead कर रहे है
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
22 – Feb – 2018
जिलाधिकारीमिर्ज़ापुर,
11/03/2018
आख्‍या अपलोड है
निस्तारित
2
आख्या
जिलाधिकारी ( )
22 – Feb – 2018
उप जिलाधि‍कारी सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करेंआख्‍या अपलोड है
10/03/2018
अनुमोदित
निस्तारित
3
आख्या
उप जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग )
22 – Feb – 2018
तहसीलदार सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें अनुमोदित
10/03/2018
प्रश्नगत प्रकरण में ग्राम आदमपुर के 0नं0 93 का स्थ लीय एवं अभिलेखीय जांय किया गया। जांचोपरान्ता 0नं0 93 तालाब की भूमि है। तालाब की पश्चिमी तरफ चकमार्ग बना है। चकमार्ग तालाब में कटकर फिसल गया है तथा तालाब की पश्चिमी सिरे पर मडहा आदि विपक्षी द्वारा रखा गया था। जिसे हटाने के के लिए कहा गया और विपक्षी हटाने के लिए तैयार है एवं ग्राम प्रधान से कहा गया सडक निर्माण का कार्य कराया जाय। तालाब के भीटे पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन लोगों को भी अवैध कब्जाा हटाने के लिए कहा गया एवं कब्जेदारों को 15 दिन का कब्जा‍ हटाने के लिए समय दिया गया है। यदि कब्जा् नहीं हटाते हें तो उनके विरूद्ध बेदखली की कार्यवाही कर दी जायेगी।

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

Report attached with the grievance आख्या रिपोर्ट is not opening. The applicant wants to know that when 4-G Airtel data pack couldn’t open the attached documents based on which grievance was disposed of, then how concerned accountable public functionaries opened the grievance and accepted the submitted grievance disposed of.

Preeti Singh
2 years ago

निस्संदेह विषय महत्वपूर्ण है प्रश्न यह उठता है की तहसीलदार सदर द्वारा बेदखली की कार्यवाही क्यों नही की गयी क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई महत्व नही रह गया इस देश में न्य्यायालयों की गिरती छवि का कारण क्या है|
प्रश्नगत प्रकरण में ग्राम आदमपुर के आ0नं0 93 का स्थ लीय एवं अभिलेखीय जांय किया गया। जांचोपरान्ता आ0नं0 93 तालाब की भूमि है। तालाब की पश्चिमी तरफ चकमार्ग बना है। चकमार्ग तालाब में कटकर फिसल गया है तथा तालाब की पश्चिमी सिरे पर मडहा आदि विपक्षी द्वारा रखा गया था। जिसे हटाने के के लिए कहा गया और विपक्षी हटाने के लिए तैयार है एवं ग्राम प्रधान से कहा गया सडक निर्माण का कार्य कराया जाय। तालाब के भीटे पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन लोगों को भी अवैध कब्जाा हटाने के लिए कहा गया एवं कब्जेदारों को 15 दिन का कब्जा‍ हटाने के लिए समय दिया गया है। यदि कब्जा् नहीं हटाते हें तो उनके विरूद्ध बेदखली की कार्यवाही कर दी जायेगी।