O God please shower blessings on aggrieved so that after losing a new truck, he may not face next problem

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019918011691
आवेदक कर्ता का नाम:
सुरेन्द्र कुमार मौर्या
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9651353662,9651353662
विषय:
विषयश्री मान जी यदि अभियोग पंजीकृत है तो चार्ज शीट कोर्ट में भेजी जानी चाहिए और प्रार्थी को उसी आधार पर बीमा कंपनी कुछ आर्थिक मदद करेगी| किन्तु मिर्ज़ापुर पुलिस उसे भी नही भेजना चाहती है क्यों श्री मान जी भ्रस्टाचार के दो तरह के प्रमाण होते है एक सीधे दूसरा पारिस्थित जन्य सीधा कहेंगे तो आप कहेंगे चलिए सिद्ध करिए और सामने वाला हट जाएगा और परिस्थित जन्य प्रमाण की बात तो एक जिम्मेदार ब्यवस्था में होती है | श्री मान जी क्या इतनी परेशानी कम है की नई नई ट्रक दो महीने में ही गायब हो गई और बीमा कंपनी पूरे ट्रक की कीमत नही देती है वह केवल इंजन और एक्सेसरीज की कीमत देती है की बॉडी जिसमे केबिन डाला और अन्य| यदि बीमा के पैसे में भी बारगेनिंग हो तो श्री मान जी प्रार्थी के स्थान पर बैठ कर सोचे | श्री मान जी कहना तो बहुत चाहता हूँ किन्तु कहने में भय लगता है | श्री मान जी सीसी टीबी फुटेज जो आज तक प्रार्थी को उपलब्ध नही कराया गया और पुलिस के कब्जे में है क्या पुलिस की निष्ठां और अखंडता पर प्रश्नचिन्ह नही लगाती है | प्रार्थी की ट्रक चोरी हो गई दिसम्बर २०१७ को मिर्ज़ापुर पुलिस जो आज तक विवेचना कर रही है सीसी टीबी फुटेज तक प्रार्थी को उपलब्ध नही कराया गया लगभग छह महीने बीतने को है हम तो शुरू से ही समझ रहे थे की इन्होने ट्रक खोजने का कोई प्रयास किया ही नही और प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत दर्जनों प्रार्थना पत्रों में सिर्फ एक राग अलापा की विवेचना जारी है | मिर्ज़ापुर पुलिस की आख्या दिनांक -08022018 के अनुसार महोदय वादी के प्रार्थना पत्र के आधार पर मु00सं0 51217अर्थात मुक़दमा संख्या ५१२ वर्ष २०१७ धारा 379 भादवि थाना स्थानीय पर पंजीकृत होकर विवेचना प्रचलित है और दिनांक 21032018 की आख्या के अनुसार अभियोग पंजीकृत कर विवेवचना प्रचलित है | शिकायत संख्या-40019918002032 को दिनांक 11022018 आख्या संलग्न है C-श्रेणीकरण विवेचना अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निम्न दिशा निर्देशों के क्रम में स्पस्टीकरण प्रस्तुत करे | (e) Cases where there is abnormal delaylaches in initiating criminal prosecution, for example, over 3 months delay in reporting the matter without satisfactorily explaining the reasons for delay The aforesaid are only illustrations and not exhaustive of all conditions which may warrant 90 preliminary inquiry (vii) While ensuring and protecting the rights of the accused and the complainant, a preliminary inquiry should be made time bound and in any case it should not exceed 7 days The fact of such delay and the causes of it must be reflected in the General Diary entry (viii) Since the General DiaryStation DiaryDaily Diary is the record of all information received in a police station, we direct that all information relating to cognizable offences, whether resulting in registration of FIR or leading to an inquiry, must be mandatorily and meticulously reflected in the said Diary and the decision to conduct a preliminary inquiry must also be reflected, as mentioned above 91(112) With the above directions, we dispose of the reference made to us List all the matters before the appropriate Bench for disposal on merits ………………………………CJI (P SATHASIVAM) And companion judges(DR BS CHAUHAN) (RANJANA PRAKASH DESAI)(RANJAN GOGOI) (SA BOBDE) NEW DELHI; NOVEMBER 12, 2013
नियत तिथि:
02 – Jun – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
18 – May – 2018
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन बनारस
29/05/2018
जाँच आख्या अनुमोदित है
निस्तारित
2
आख्या
पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस )
19 – May – 2018
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षकमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच आख्या अनुमोदित है
29/05/2018
आख्या संलग्न है
निस्तारित
3
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
20 – May – 2018
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें pdf सही संलग्न नही हैं
28/05/2018
जांच आख्या प्रेषित
निस्तारित
4
आख्या
वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस )
20 – May – 2018
क्षेत्राधिकारी , नगर सदर,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें आख्या संलग्न है
28/05/2018
आवेदक द्वारा प्रेषित शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच आख्या संलग्न है
निस्तारित
5
आख्या
क्षेत्राधिकारी , नगर (पुलिस )
21 – May – 2018
थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षककोतवाली कटरा,जनपदमिर्ज़ापुर,पुलिस
आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जांच आख्या प्रेषित
28/05/2018
प्रकरण के सम्बन्ध मे जांच आख्या सलंग्न कर सादर सेवा मेे प्रेषित है।

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
सर शीतला मंदिर बथुआ मिर्ज़ापुर पुलिस चौकी वाले सी सी टी बी फुटेज की प्रति प्रार्थी को उपलब्ध कराई जाय
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 18 May 2018 at 13:35
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, “sec. sic” <sec.sic@up.nic.in>, lokayukta@hotmail.com, Anjali Anand Srivastava <secy-cic@nic.in>
विषय-श्री मान जी यदि अभियोग पंजीकृत है तो चार्ज शीट कोर्ट में भेजी जानी चाहिए और प्रार्थी को उसी आधार पर बीमा कंपनी कुछ आर्थिक मदद करेगी| किन्तु मिर्ज़ापुर पुलिस उसे भी नही भेजना चाहती है क्यों?
श्री मान जी भ्रस्टाचार के दो तरह के प्रमाण होते है एक सीधे दूसरा पारिस्थित जन्य सीधा कहेंगे तो आप कहेंगे चलिए सिद्ध करिए और सामने वाला हट जाएगा और परिस्थित जन्य प्रमाण की बात तो एक जिम्मेदार ब्यवस्था में होती है | श्री मान जी क्या इतनी परेशानी कम है की नई नई ट्रक दो महीने में ही गायब हो गई और बीमा कंपनी पूरे ट्रक की कीमत नही देती है वह केवल इंजन और एक्सेसरीज की कीमत देती है न की बॉडी जिसमे केबिन डाला और अन्य| यदि बीमा के पैसे में भी बारगेनिंग हो तो श्री मान जी प्रार्थी के स्थान पर बैठ कर सोचे | श्री मान जी कहना तो बहुत चाहता हूँ किन्तु कहने में भय लगता है | श्री मान जी सी.सी. टीबी फुटेज जो आज तक प्रार्थी को उपलब्ध नही कराया गया और पुलिस के कब्जे में है क्या पुलिस की निष्ठां और अखंडता पर प्रश्नचिन्ह नही लगाती है |
प्रार्थी की ट्रक चोरी हो गई १ दिसम्बर २०१७ को मिर्ज़ापुर पुलिस जो आज तक विवेचना कर रही है सी.सी. टीबी फुटेज तक प्रार्थी को उपलब्ध नही कराया गया लगभग छह महीने बीतने को है हम तो शुरू से ही समझ रहे थे की इन्होने ट्रक खोजने का कोई प्रयास किया ही नही और प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत दर्जनों प्रार्थना पत्रों में सिर्फ एक राग अलापा की विवेचना जारी है |
मिर्ज़ापुर पुलिस की आख्या दिनांक –08/02/2018 के अनुसार –महोदय वादी के प्रार्थना पत्र के आधार पर मु00सं0 512/17अर्थात मुक़दमा संख्या -५१२ वर्ष -२०१७ धारा 379 भादवि थाना स्थानीय पर पंजीकृत होकर विवेचना प्रचलित है और दिनांक 21/03/2018 की आख्या के अनुसार   अभियोग पंजीकृत कर विवेवचना प्रचलित है | शिकायत संख्या-40019918002032 को दिनांक 11/02/2018 आख्या संलग्न है ।      C-श्रेणीकरण
विवेचना अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निम्न दिशा निर्देशों के क्रम में स्पस्टीकरण प्रस्तुत करे | (e) Cases where there is abnormal delay/laches in initiating criminal prosecution, for example, over 3 months delay in reporting the matter without satisfactorily explaining the reasons for delay. The aforesaid are only illustrations and not exhaustive of all conditions which may warrant 90 preliminary inquiry. (vii) While ensuring and protecting the rights of the accused and the complainant, a preliminary inquiry should be made time bound and in any case it should not exceed 7 days. The fact of such delay and the causes of it must be reflected in the General Diary entry. (viii) Since the General Diary/Station Diary/Daily Diary is the record of all information received in a police station, we direct that all information relating to cognizable offences, whether resulting in registration of FIR or leading to an inquiry, must be mandatorily and meticulously reflected in the said Diary and the decision to conduct a preliminary inquiry must also be reflected, as mentioned above. 91(112) With the above directions, we dispose of the reference made to us. List all the matters before the appropriate Bench for disposal on merits. ………………………………CJI. (P. SATHASIVAM) And companion judges.(DR. B.S. CHAUHAN) (RANJANA PRAKASH DESAI)(RANJAN GOGOI) (S.A. BOBDE) NEW DELHI; NOVEMBER 12, 2013

           
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          
                                                                                                               Yours sincerely
                                                                                                          Surendra Kumar Maurya S/O Jeera Ram Maurya, Mobile Number- 9651095705, MOBILE NUMBER-7388397486, Mohalla-Shivala Mahanth, Post-Putali Ghar, District-Mirzapur, Pincode-231001, Uttar Pradesh.

     

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

विवेचना अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निम्न दिशा निर्देशों के क्रम में स्पस्टीकरण प्रस्तुत करे | (e) Cases where there is abnormal delay/laches in initiating criminal prosecution, for example, over 3 months delay in reporting the matter without satisfactorily explaining the reasons for delay. The aforesaid are only illustrations and not exhaustive of all conditions which may warrant 90 preliminary inquiry. (vii) While ensuring and protecting the rights of the accused and the complainant, a preliminary inquiry should be made time bound and in any case it should not exceed 7 days. The fact of such delay and the causes of it must be reflected in the General Diary entry.

Arun Pratap Singh
2 years ago

Afterall concerned aggrieved will get insurance money which partially compensate his loss.
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 18 – May – 2018 पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक जोन -बनारस — 29/05/2018 जाँच आख्या अनुमोदित है । निस्तारित
2 आख्या पुलिस महा निरीक्षक/अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस ) 19 – May – 2018 वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक-मिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जाँच आख्या अनुमोदित है । 29/05/2018 आख्या संलग्न है । निस्तारित
3 आख्या वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस ) 20 – May – 2018 क्षेत्राधिकारी , नगर -सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें pdf सही संलग्न नही हैं । 28/05/2018 जांच आख्या प्रेषित अस्वीकृत
4 आख्या वरिष्ठ /पुलिस अधीक्षक (पुलिस ) 20 – May – 2018 क्षेत्राधिकारी , नगर -सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें आख्या संलग्न है । 28/05/2018 आवेदक द्वारा प्रेषित शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच आख्या संलग्न है निस्तारित
5 आख्या क्षेत्राधिकारी , नगर (पुलिस ) 21 – May – 2018 थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षक-कोतवाली कटरा,जनपद-मिर्ज़ापुर,पुलिस आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें जांच आख्या प्रेषित 28/05/2018 प्रकरण के सम्बन्ध मे जांच आख्या सलंग्न कर सादर सेवा मेे प्रेषित है। ।