No treatment in order to recover health is done of dead body any where in world but India is exception

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919026065
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P
SINGH
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
शिकायत संख्या 40019919023983
आवेदक कर्ता का नाम Yogi M P Singh When the feedback would
be taken after the disposal of the grievance, then website must take the
feedback of the applicant ipso facto obvious grievance is disposed but
feedback rejected by the website is not a fair signal of good governance.
After all take a new grievance with fresh rejuvenation. Dr. Subodh being a
highly educated and a skilled Doctor, tragic incidence took place on 03June2019
which means 41 days passed since the date of tragic incidence. Matter of fact
is highly sensitive ipso facto obvious as widely circulated in the print and
electronic media. DR. SUBODH SINHA, would you like to tell me whether in the
case of electric shock, A pacemaker can be used by an expert Surgeon DR.
SUBODH SINHA would you like to tell me whether in the case of electric shock,
a B.A.M.S, expert can perform the work of surgery What, you have done Sir To
whom are you shielding Can you provide affidavit in regard to academic
qualification of Dr. Praveen Singh or you have not performed any enquiry and
accepted the viewpoints and facts provided by staffs of the erring private
clinic blindly which can never be healthy practice in a good governance Would
you like to provide the registration number of aforementioned Doctor as
registered by the medical council of India Where are your findings as an
enquiry officer whether applicant as complainant has no rights to access
those reports which are concerned to his representation as the enquiry
officer nominated by the competent officer on the representation by the
applicant under article 51 A of the constitution of India as matter was
concerned to wide public interest. A senior Doctor had declared the patient
dead 10 minutes earlier before they reached his clinic, then how the
subsequent clinic acceptedadmitted the patient How the treatment of dead body
could be feasible Whether without view point of an enquiry officer, how the
faith of common people can be instilled in the system Entire enquiry has been
covered with clouds because of your cryptic approach during the entire
process and when enquiry will terminate itself a mammoth question..
नियत तिथि:
29 – Jul
– 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
14 – Jul
– 2019
प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक(पी० एच० सी०/सी० एच० सी० )-नगर (सिटी),जनपदमिर्ज़ापुर,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
अनमार्क

आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
60000190087776
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P
Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,
विषय:
देखिये आर. टी. . मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८२०१९ में ४६५ चालक लाइसेंस का शुल्क कैश के रूप में लिया है और इस तरह से ९७५५० रुपये शुल्क कॅश के रूप में कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑफ़ लाइन प्रोसेस किया गया और यह तब किया गया जब की प्रार्थी से तो शुल्क कैश के रूप में लिया गया और नहीं बैंक ड्राफ्ट के रूप में लिया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क २०९ रुपये ७९ पैसे है देखिये आर. टी. . मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८२०१९ में ११२८८० चालक लाइसेंस का शुल्क ऑनलाइन लिया है और इस तरह से २५११६५१५ रुपये शुल्क ऑनलाइन कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑनलाइन प्रोसेस किया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क २२२ रुपये ५१ पैसे है 25116515/112880 = 222.5063341601701
श्री मान जी आप अब यह सोचिये जो ३००० रुपये से ५००० रुपये प्रति चालक लाइसेंस वसूली होती है वह कहा जाता है श्री मान जी कम से कम चालक लाइसेंस शुल्क जो सड़क परिवहन कार्यालय मिर्ज़ापुर द्वारा वसूला जाता है श्री मान जी एक महीने से टालमटोल हो रहा है अभी तक चालक लाइसेंस बैकलॉग अनुमोदित किया गया है शुल्क डिटेल तक फीड नहीं किया गया और महीने भर से कहा जा रहा है शुल्क जमा कर स्लॉट बुक करा ले हास्यास्पद कहते है मानवी हस्तक्षेप से रहित है पूरा प्रक्रम श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट निम्न शिकायत के विन्दुओं से मेल खाती है लेट फीस माफी के परिवहन आयुक्तक महोदय के पत्र दिनांक 29-04-2019 प्राप्त हुये है। अत: आप ऑन लाइन फीस जमा कर नियत तिथि को कार्यालय में उपस्थित होकर बायोमैट्रिक करा सकते है।
नियत तिथि:
24 – Jul
– 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:

आवेदन का संलग्नक

अग्रसारित विवरण

क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
लोक शिकायत अनुभाग – 1(मुख्यमंत्री कार्यालय )
09 – Jul
– 2019
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव परिवहन विभाग
कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।
अधीनस्थ को प्रेषित
2
अंतरित
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (परिवहन विभाग )
11 – Jul
– 2019
आयुक्त परिवहन
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
अधीनस्थ को प्रेषित
3
अंतरित
आयुक्त (परिवहन )
11 – Jul
– 2019
सम्भागीय परिवहन अधिकारी मण्डल मिर्ज़ापुर,परिवहन विभाग
पृष्ठांकित
अनमार्क

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Yogi
1 year ago

A senior Doctor had declared the patient dead 10 minutes earlier before they reached his clinic, then how the subsequent clinic acceptedadmitted the patient How the treatment of dead body could be feasible Whether without view point of an enquiry officer, how the faith of common people can be instilled in the system Entire enquiry has been covered with clouds because of your cryptic approach during the entire process and when enquiry will terminate itself a mammoth question..

Preeti Singh
1 year ago

Undoubtedly matter of fact is highly sensitive but it is unfortunate that instead of taking any action in the matter concerned are only procrastinating quite obvious from their lackadaisical approach in the matter.
नियत तिथि: 29 – Jul – 2019 शिकायत की स्थिति: लम्बित रिमाइंडर :
फीडबैक : फीडबैक की स्थिति: आवेदन का संलग्नक संलग्नक देखें अग्रसारित विवरण-
क्र.स.सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषि आदेश आख्या दिनांक
आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 14 – Jul – 2019 प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक(पी० एच० सी०/सी० एच० सी० )-नगर (सिटी),जनपद-मिर्ज़ापुर,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण — अनमार्क

Beerbhadra Singh
1 year ago


Undoubtedly matter be referred to those who may redress the grievance in status saying that matter is not concerned to the office may get the matter transferred to those who are authorized to do so.
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 14 – Jul – 2019 प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक(पी० एच० सी०/सी० एच० सी० )-नगर (सिटी),जनपद-मिर्ज़ापुर,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण — 18/07/2019 sambandhit prakaran karyalaye see sambandhit nahi hai