Name of the aggrieved illegally eliminated by public staffs from B.P.L. List now flimsy excuses

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जनसुनवाई
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली, उत्तर प्रदेश
सन्दर्भ संख्या:-40019919033270
APPLICANT DETAILS :
Name : Yogi
M P Singh
Father Name :  
Gender
:
Mobile-1 : 9794760348
Mobile-2 : 9794760348
Email : arunpratapsingh904@gmail.com
Address : Mohalla
Surekapuram Lakshmi Narayan Baikunth Mahadev Mandir District Mirzapur PIN
Code 231001
GRIEVANCE AREA DETAILS :
Area : Rural
Grievance Address : —-
APPLICATION DETAILS :
Application Detail : An
application under Article 51( a) of the constitution of India in regard to
the application of the aggrieved lady Sadhana Singh. Sir how can it be good
governance if the application description as below submitted by the aggrieved
lady on 11 August 2019 is still unredressed even when being processed under
the monitoring of the efficient leadership chief minister office endorsed by
the prime minister office. Everyone knows that there is no accountability in
the working of the public authority consequently wrongdoers after committing
illegal acts manage to set scot-free. Grievance Status for registration
number: PMOPG/E/2019/0457084 Grievance Concerns To Name Of
Complainant-Sadhana Singh Date of Receipt-11/08/2019 Received By
Ministry/Department-Prime Ministers Office Grievance Description Sir whether
District Magistrate Mirzapur will explain that if the applicant was entitled
to the B.P.L. Ration card, then why her Ration card was cancelled ipso facto
obvious? Sir what is the difference in the report of District Supply Officer
dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not why the feedback of the applicant
accepted and grievance was revived and later on the same report of District
Supply Officer, District Magistrate Mirzapur disposed of the grievance is not
a cryptic dealings which are promoting lawlessness and anarchy in the
government machinery. For detail, vide attached documents. Here the demand
for the aggrieved is quite simple. Either concerned staff of the district
administration may restore the B.P.L. Card issued to applicant or enquiry may
be carried out by the district level officer to check the anomalies in
providing such cards. But ipso facto obvious that concerned are
procrastinating on both the demands of the applicant quite obvious from the undue
delay being made by them. Honesty is after all honesty.
Relief Type : Complaint
Address To Officer : जिला पूर्ति अधिकारी
Department Name : खाद्य एवं रसद विभाग
Category Name : राशन कार्ड (BPL/APL/अन्त्योदय)/अपात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड जारी किया जाना
Attachment : NO
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
40019919033270
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
9794760348,9794760348
विषय:
An application under Article 51( a) of the constitution of India
in regard to the application of the aggrieved lady Sadhana Singh. Sir how can
it be good governance if the application description as below submitted by
the aggrieved lady on 11 August 2019 is still unredressed even when being
processed under the monitoring of the efficient leadership chief minister
office endorsed by the prime minister office. Everyone knows that there is no
accountability in the working of the public authority consequently wrongdoers
after committing illegal acts manage to set scot-free. Grievance Status for
registration number: PMOPG/E/2019/0457084 Grievance Concerns To Name Of
Complainant-Sadhana Singh Date of Receipt-11/08/2019 Received By
Ministry/Department-Prime Ministers Office Grievance Description Sir whether
District Magistrate Mirzapur will explain that if the applicant was entitled
to the B.P.L. Ration card, then why her Ration card was cancelled ipso facto
obvious? Sir what is the difference in the report of District Supply Officer
dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not why the feedback of the applicant
accepted and grievance was revived and later on the same report of District
Supply Officer, District Magistrate Mirzapur disposed of the grievance is not
a cryptic dealings which are promoting lawlessness and anarchy in the
government machinery. For detail, vide attached documents. Here the demand
for the aggrieved is quite simple. Either concerned staff of the district
administration may restore the B.P.L. Card issued to applicant or enquiry may
be carried out by the district level officer to check the anomalies in
providing such cards. But ipso facto obvious that concerned are
procrastinating on both the demands of the applicant quite obvious from the undue
delay being made by them. Honesty is after all honesty.
नियत तिथि:
21 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
21 – Sep – 2019
जिला पूर्ति अधिकारीमिर्ज़ापुर,खाद्य एवं रसद विभाग
अनमार्क
Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2019/0457084
Grievance Concerns To
Name Of Complainant –Sadhana Singh Date of Receipt –11/08/2019
Received By Ministry/Department –Prime
Ministers Office
Grievance Description
Sir whether District Magistrate Mirzapur will explain that
if the applicant was entitled for the B.P.L. Ration card, then why her Ration
card was cancelled ipso facto obvious? Sir what is the difference in the report
of District Supply Officer dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not why the
feedback of the applicant accepted and grievance was revived and later on the
same report of District Supply Officer, District Magistrate Mirzapur disposed
of the grievance is not a cryptic dealings which is promoting lawlessness and
anarchy in the government machinery.
फीडबैक : दिनांक 05/07/2019को फीडबैक:- शिकायत संख्या 40019919024095 आवेदक कर्ता का नाम: Sdhana Singh श्री मान जी प्रकरण में गोल मटोल जवाब
लगा कर प्रार्थिनी को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है प्रश्नगत प्रकरण अवैध
तरीके से बी.पी.एल. कार्ड धारक को बी.पी.एल. सूची से बिलोपित करने के सम्बन्ध में
है जो अन्यायपूर्ण है आख्या के अनुसार उक्त प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के
द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा
बी०पी०एल
अन्त्योदय कार्ड की मांग की जा रही है
उपरोक्त बातो का तो खुद जिला पूर्ति अधिकारी की पूर्व आख्या खंडन करती है जो कुछ
इस प्रकार है प्रस्तुत प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के द्वारा करायी गयी पूर्ति
निरीक्षक की जांच आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा राशनकार्ड जारी किए जाने के
संबंध में शिकायत किया गया है उक्त् के संबंध में अवगत कराना है कि जिलाधिकारी
महोदय मीरजापुर के आदेश पत्रांक
388 दिनांक 02-05-2017 द्वारा खण्ड विकास अधिकारी स्तर से
ग्राम वि०अ०
⁄क्षेत्रीय लेखपाल की राशन कार्ड सत्यापन हेतु
ड्यूटी लगायी गयी थी जिस पर इनके द्वारा ग्राम सभा की खुली बैठक में राशन कार्ड का
सत्यापन किया गया‚ तथा वही सूची विभागीय बेबसाइड पर फीड किया गया है अतः प्रस्तुत
शिकायती पत्र निक्षेपित करने का कष्ट करे। अर्थात प्रार्थिनी के नाम बी.पी.एल.
कार्ड जारी था जिसको इन्होने निरस्त कर दिया अब गोल मटोल जवाब दे कर मुख्यमंत्री
कार्यालय के साथ समस्त वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया जा रहा है प्रार्थिनी
द्वारा किसी भी अंत्योदय कार्ड के लिए न तो मौखिक और न ही लिखित आवेदन किया गया है
प्रार्थिनी की सिर्फ एक मांग है की उसका बी. पी. एल. कार्ड या तो बहाल किया जाय
अन्यथा पूरे ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाई जाय जिसकी अध्यक्षता कोई जिला स्तरीय
अधिकारी करे और समस्त बी. पी. एल. और अंत्योदय लाभार्थियों की जाँच हो जो की न्याय
हित में होगा अन्यथा इसतरह के गोल मटोल जवाबो से मामला कभी भी निस्तारित नहीं हो
सकता श्री मान जी जिला पूर्ति अधिकारी यदि दावा करते है की वह ईमानदार है तो वे
प्रार्थी के चार प्रश्नो के उत्तर देने से क्यों कतरा रहे है जो की शिकायत के विषय
वस्तु में स्पष्ट रूप से टंकित है फीडबैक की स्थिति: जिलाधिकारी द्वारा दिनाक
31/07/2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी
गयी है-
04/07/2019 उक्त प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के
द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदिका द्वारा
बी०पी०एल
अन्त्योदय कार्ड की मांग की जा रही है
जबकि शासन से नये अन्त्योदय कार्ड बनाये जाने के सम्बन्ध में कोई निर्देश नहीं है
इस संबंध में आवेदिका को अगवत करा दिया गया है कि उनका अन्त्योदय कार्ड नहीं बन
पायेगा परन्तु पात्रता के आधार पर आवेदिका को पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल कर
लिया गया है तथा अवगत करा दिया गया है कि वह अपने सम्स्त अभिलेखों की छायाप्रति
संबंधित तहसील के आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण
कराया जा सके। अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का कष्ट करे।
31/07/2019 उक्त प्रकरण की जांच पूर्ति निरीक्षक के
द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की जाचं आख्या के अनुसार आवेदक द्वारा बी०पी०एल
अन्त्योदय कार्ड की मांग की जा रही है जबकि शासन से नये
अन्त्योदय कार्ड बनाये जाने के सम्बन्ध में कोई निर्देश नहीं है इस संबंध में
आवेदक को पूर्व में अगवत करा दिया गया है कि उनका अन्त्योदय कार्ड नहीं बन पायेगा
परन्तु पात्रता के आधार पर आवेदक को पात्र गृहस्थी की सूची में शामिल कर लिया गया
है तथा अवगत करा दिया गया है कि वह अपने सम्स्त अभिलेखों की छायाप्रति संबंधित
तहसील के आपूर्ति कार्यालय में उपलब्ध करा दे जिससे फीडिंग का कार्य पूर्ण कराया
जा सके। अतः उक्तानुसर प्रकरण निक्षेपित करने का कष्ट करे।
Grievance Document
Current Status-Under process  Date of
Action-
03/09/2019
Remarks-Send Through Web Service
Officer Concerns To -Officer Name-Shri Arun
Kumar Dube
Officer Designation-Joint Secretary
Contact Address-Chief Minister Secretariat U.P.
Secretariat, Lucknow
Email Address 
Contact Number-
05222215127
Reminder(s) / Clarification(s)  Reminder Date Remarks-21/09/2019
Here
demand of the aggrieved is quite simple. Either concerned staff of the district
administration may restore the B.P.L. Card issued to applicant or enquiry may
be carried out by the district level officer to check the anomalies in
providing such cards. But ipso facto obvious that concerned are procrastinating
on both the demands of the applicant quite obvious from the undue delay being
made by them. Honesty is after all honesty.

3 comments on Name of the aggrieved illegally eliminated by public staffs from B.P.L. List now flimsy excuses

  1. Sir whether District Magistrate Mirzapur will explain that if the applicant was entitled for the B.P.L. Ration card, then why her Ration card was cancelled ipso facto obvious? Sir what is the difference in the report of District Supply Officer dated-04/07/2019 and 31/07/2019 if not why the feedback of the applicant accepted and grievance was revived and later on the same report of District Supply Officer, District Magistrate Mirzapur disposed of the grievance is not a cryptic dealings which is promoting lawlessness and anarchy in the government machinery.

  2. Undoubtedly after six month of lengthy struggle they restored the card indirectly but not providing ration as it was mounted on the machine of control rate shopkeeper. Which means they will take more six months in order to provide the ration.
    उक्त प्रकरण की जाॅच पूर्ति निरीक्षक द्वारा करायी गयी पूर्ति निरीक्षक की आख्या अनुसार ग्रा योगी एम०पी० सिंह द्वारा ग्रामसभा नीबी गहरवार विकासखण्ड छानबे की साधना सिंह पत्नी अरूण कुमार सिंह द्वारा नया राशन कार्ड बनाये जाने की मांग की है। उक्त के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि साधना पत्नी अरूण कुमार सिंह के नाम से ग्रामसभा में नया राशनकार्ड क्रमांक 219940805151 दिनांक 08 अक्टूबर 2019 को जारी कर दिया गया है। सुलभ सन्दर्भ हेतु राशन कार्ड की छायाप्रति संलग्न है। आख्या सादर सेवा में प्रेषित है। आख्या आवश्यक कार्यवाही हेतु सादर सेवा में प्रेषित है।

  3. From the post it is obvious that Yogi M P Singh has not requested new ration card he has requested either the old ration card may be restored or an open meeting of the gram sabha may be invited and all the ration card holders must be checked whether they are entitled for the ration card or not. Undoubtedly it was the legitimate demand but not accepted by the concern officer of the department and redressed the grievance in cryptic manner which can never be justified. Here this question arises that what ever loss occurred to the aggrieved family will be compensated by the department because of its arbitrary action.

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