Millions of rupees per day is the backdoor income of R.T.O. Mirzapur but no action by the Yogi Government

 Status for Grievance registration number : PMOPG/E/2020/0972039

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
09/11/2020
Received By Ministry/Department
Prime Minister Office
Grievance Description
1-Honourable Prime Minister Sir, how can we overlook the matter concerned with the deep-rooted corruption? 2-The applicant submitted over three dozen representations but the honest government of Yogi Adityanath did not take any action.
3-They earn millions of rupees per day through these overloaded and illegal trucks plying on the road.
4-Honourable Sir may take a glance of attached representation raised before PMO earlier but closed by concerned staff of Government of Uttar Pradesh arbitrarily.
पुराने सिपाही चला रहे गैंग, ओवरलोड से चोरी छिपे होती है वसूली

मिर्जापुर। पूर्वांचल के जिलों में एआरटीओ द्वारा एजेंट के जरिए वसूली के मामले में मिर्जापुर भी शामिल है। सूत्रों की माने तो जिले में चोरी छिपे परिवहन विभाग में तैनात रहे पूर्व सिपाही निजी एजेंटों द्वारा वसूली करा रहे हैं। ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर पास करा रहे। उधर, एसआईटी वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर समेत 18 जिलों में एआरटीओ द्वारा वसूली के मामले की जांच कर रही है। हर जिले में एंट्री का अलग-अलग रेट तय है। मिर्जापुर में एक हजार से तीन हजार रुपये तक एंट्री के लिए वसूली की जा रही।

हाल ही में एआरटीओ रविकांत शुक्ला पर रात में ओवरलोड चेकिंग के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। शासन के निर्देश पर अधिकारी ओवरलोड रोकने का कार्य कर रहे है, पर सूत्रों की माने तो चोरी छिपे आरटीओ के पुराने सिपाही गिरोह चला रहे। बताया जाता है कि वे एजेंट के जरीए इस नजर रखते हैं कि अधिकारी कब और किस ओर चेकिंग पर निकल रहे। बाइक सवार एजेंट अधिकारियों का पीछा करने के बाद उनका लोकेशन देते रहते हैं, इसी के अनुसार ओवरलोड ट्रकों को रूट तय कर पास करा दिया जाता है। परिवहन विभाग के अधिकारी जिस रोड पर वाहन चेकिंग करने निकलते हैं, उस ओर के ट्रकों को खड़ा करा देते हैं। अधिकारी जब घर पर आते है तो फिर ओवरलोड ट्रकों को चलने की सूचना दे दी जाती है।
गौरतलब है कि वसूली के मामले में एसआईटी जांच कर रही। इसमें मिर्जापुर में 2017 से तैनात एआरटीओ प्रवर्तन की जांच की जा रही है। उस दौरान मिर्जापुर में इंट्री का खुला खेल चलता था। एआरटीओ के सिपाही एजेंटों के माध्यम से वसूली करते थे। भ्रष्टाचार मामले में मिर्जापुर के एआरटीओ का नाम आने से परिवहन विभाग में खलबली मच गई है।
जिले में ओवरलोडिंग नहीं की जा रही है। शासन के निर्देश पर ओवरलोडिंग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। रात में चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग पाए जाने पर कार्रवाई भी की गई है।
-रविकांत शुक्ला, एआरटीओ

Grievance Document
Current Status
Grievance Received
Date of Action
09/11/2020
Officer Concerns To
Forwarded to
Prime Minister Office
Officer Name
Shri Ambuj Sharma
Officer Designation
Under Secretary (Public)
Contact Address
Public Wing 5th Floor, Rail Bhavan New Delhi
Email Address
ambuj.sharma38@nic.in
Contact Number
011-23386447
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Bhoomika Singh
Bhoomika Singh
19 days ago

What is the meaning of the investigation by the special investigation team if the government will not take any action against the wrongdoer after the finding of the special investigation team which has been set up precedent in this largest populous state of this country. Everyone knows bad Regional Transport Office two crore rupees extortion from the trucks

God Man
God Man
19 days ago

Our Prime Minister Mr Narendra Damodar Modi only misled The Innocent and gulliblel citizens of this country in the name to curb corruption from this country. Corruption is increasing in this country day by day and his government itself promoting the corruption in the government machinery instead of curbing this giant corruption.

Arun Pratap Singh
18 days ago

When this practice causing two crore per day loss only in Mirzapur, then think about the collective loss in these districts.
ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर पास करा रहे। उधर, एसआईटी वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर समेत 18 जिलों में एआरटीओ द्वारा वसूली के मामले की जांच कर रही है। हर जिले में एंट्री का अलग-अलग रेट तय है। मिर्जापुर में एक हजार से तीन हजार रुपये तक एंट्री के लिए वसूली की जा रही।

Preeti Singh
18 days ago

Whether the government of Uttar Pradesh will really act against the wrongdoers or an effort to give the clean chit to the wrongdoers?
गौरतलब है कि वसूली के मामले में एसआईटी जांच कर रही। इसमें मिर्जापुर में 2017 से तैनात एआरटीओ प्रवर्तन की जांच की जा रही है। उस दौरान मिर्जापुर में इंट्री का खुला खेल चलता था। एआरटीओ के सिपाही एजेंटों के माध्यम से वसूली करते थे। भ्रष्टाचार मामले में मिर्जापुर के एआरटीओ का नाम आने से परिवहन विभाग में खलबली मच गई है|