Matter concerned with the scheduled tribe girl student Kajal is transferred to ministry of tribal affairs

Online RTI Status Form

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Enter Registration Number
MOTLA/R/2019/80066
Name
Yogi
M P Singh
Date of filing
17/05/2019
Public Authority
Ministry
of Tribal Affairs
Status
RTI
REQUEST RECEIVED
Date of action
17/05/2019
Nodal
Officer Details :-
Telephone Number
23387444
Email Id
r.chaudhuri@nic.in

Online
RTI Request Form Details

RTI Request Details :-

RTI Request Registration number
MOTLA/R/2019/80066
Public Authority
Ministry
of Tribal Affairs

Personal Details of RTI Applicant:-

Name
Yogi
M P Singh
Gender
Male
Address
Mohalla
Surekapuram , Jabalpur Road, District Mirzapur
Pincode
231001
Country
India
State
Uttar
Pradesh
Status
Urban
Educational Status
Literate
Above
Graduate
Phone Number
Details
not provided
Mobile Number
+91-7379105911
Email-ID
yogimpsingh[at]gmail[dot]com

Request Details :-

Citizenship
Indian
Is the Requester Below Poverty Line ?
No
(Description
of Information sought (upto 500 characters)
Description of Information Sought
Provide
1-feedback in regard to measures taken by the central government to curb
irregularities in disbursement of scholarship to students to ensure proper
utilization of central fund.2-Hard copy of the online submitted application
for a scholarship and subsequent correction as attached. Make available
reason of not accepting Scheduled tribe as corrected by aggrieved student. 3-
provisions which empower staffs of the social welfare department to change
the filled entries of the aggrieved.
Concerned CPIO
Nodal
Officer
Supporting document (only pdf
upto 1 MB)

श्री मान जी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर पहले छात्रा का नाम या संबोधन बंद करे क्योकि यदि कोई जालसाजी प्रार्थी के आवेदन से जुड़ा है तो प्रार्थी दंड भुगतने के लिए तैयार है छात्रा को इन सभी बातो से दूर रखा जाय और हमारी बात हमारे परंपरा के अनुरूप है | प्रार्थी ने भारतीय संबिधान के अनुच्छेद ५१ अ के अंतर्गत स्वतः प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया है जोकि प्रार्थी का मूल कर्तव्य है |


प्रार्थी समाज कल्याण अधिकारी की इस बात से सहमत है की कॉलेज इन्हें वह प्रति उपलब्ध कराई जिसमे प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जाति भरा है किन्तु वह संशोधन के पहले का है |


श्री मान जी प्रार्थी द्वारा दिनांक २२/१२/२०१८ को संशोधन किया गया है जो की संलग्नको से स्पष्ट है और उसमे प्रार्थी द्वारा अनुसूचित जनजाति भरा गया है | श्री मान जी २२/१२/२०१८ के पश्चात जब प्रार्थी द्वारा डाटा शुद्ध करके लॉक कर दिया गया तो उसे अनुसूचित जनजाति से अनुसूचित जाति किसने बनाया | यह उन्ही लोगो की साजिश है जो प्रार्थी को छात्रवृत्ति से वंचित करना चाहते है | यह हेराफेरी जालसाजी की कोटि में आता है जिसका उद्देश्य एक दलित वर्ग की कन्या को उसके अधिकार से वंचित करने हेतु किया गया कुचक्र है जो की किसी भी तरह से क्षम्य नही है |


श्री मान जी क्या प्रार्थी द्वारा संशोधित लॉक्ड डाटा को क्या समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर और निदेशक समाज कल्याण पुनः संशोधित कर सकते है या उसे उसी अवस्था में बने रहना चाहिए | श्री मान जी क्या प्रार्थी के लॉक्ड डाटा को सुरक्षित रखना सरकार का काम नही है |




श्री मान जी डाटा संशोधन करने के उपरांत कन्या ने हार्ड कॉपी कॉलेज में जमा करने का प्रयास किया किन्तु महाविद्यालय में सारे काम काज थप थे छात्रसंघ हड़ताल पर था जो की पूर्व के ग्रिएवांस में स्पस्ट है | ऐसी दशा में प्रार्थी द्वारा शुद्ध की गई हार्ड कॉपी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को उपलब्ध कराइ थी जिसकी प्रति तुरंत समाज कल्याण अधिकारी द्वारा कॉलेज और निदेशक को भेजी गई |


किन्तु बाद में इन लोगो के मन में पाप आ गया और इन लोगो ने लॉक्ड अकाउंट को खोल कर अनुसूचित जन जाति पुनः अनुसूचित जाति बना दिया जो की गंभीर और अक्षम्य अपराध है | जिसके लिए मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होनी ही चाहिए |

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Yogi
1 year ago

श्री मान जी डाटा संशोधन करने के उपरांत कन्या ने हार्ड कॉपी कॉलेज में जमा करने का प्रयास किया किन्तु महाविद्यालय में सारे काम काज थप थे छात्रसंघ हड़ताल पर था जो की पूर्व के ग्रिएवांस में स्पस्ट है | ऐसी दशा में प्रार्थी द्वारा शुद्ध की गई हार्ड कॉपी समाज कल्याण अधिकारी मिर्ज़ापुर को उपलब्ध कराइ थी जिसकी प्रति तुरंत समाज कल्याण अधिकारी द्वारा कॉलेज और निदेशक को भेजी गई |

Arun Pratap Singh
1 year ago

Description of Information Sought Provide 1-feedback in regard to measures taken by the central government to curb irregularities in disbursement of scholarship to students to ensure proper utilization of central fund.2-Hard copy of the online submitted application for a scholarship and subsequent correction as attached. Make available reason of not accepting Scheduled tribe as corrected by aggrieved student. 3- provisions which empower staffs of the social welfare department to change the filled entries of the aggrieved.

Concerned CPIO Shri S. Padmanabha (SO, Schl. DBT)

Beerbhadra Singh
1 year ago

Here this question arises that why the schedule tribe girl student deprived of her scholarship arbitrarily by the social welfare department government of Uttar Pradesh and the most important thing is that more than two dozen letters written to the accountable public functionaries of the Government of Uttar Pradesh could not read any positive result in the favour of aggrieved girl student belonging to the schedule tribe of Uttar Pradesh. Here this question arises that where is the Social Justice in this largest populous state in this largest democracy in the world