Lucknow development authority allots plots arbitrarily and Lucknow police lodge F.I.R. arbitrarily

आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40015719059911
आवेदक कर्ता का
नाम:
Yogi M P Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9794760348,9794760348
विषय:
महोदय पुलिस से
ज्यादा यह
मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के भ्रस्टाचार से सम्बंधित है किस तरह से
एक एक
लोगो ने
पांच पांच छह छह
प्लाट लेकर सरकारी खजाने को लखनऊ विकास प्राधिकरण के कर्मचारिओं से साठ  गाठ करके चूना  लगाया है वह
चौकाने वाला है और
महत्वपूर्ण है
की इतना बड़ा घोटाला सरकार  की एजेंसिआ पूर्ण रूप से
असफल रही पकड़ने में | श्री मान जी
मामले की
जांच कराके  दोषिओं को
दण्डित किया जाए और
सरकारी धन
की रिकवरी कराई जाय | सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर एक
मकान बनाएगा जो की
पूर्ण रूप से अबैध और अप्राकृतिक है किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से ऐसा संभव हो
रहा है
| नई सरकार  की कथनी और
करनी में  यदि थोड़ा भी सामंजस्य है तो
प्राथी कार्यवाही की अपेक्षा करता है
महोदय प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के
तीन इकरार नामा लगे है जो
बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और
कनिष्क कुमार सिंह के
है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है | जिसके अनुसार बाबू सिंह की उम्र ३० वर्ष पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी सिंह की
उम्र २५
वर्ष तथा पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र १८ वर्ष है अर्थात गर्भ स्थापना के समय पिता की
उम्र ११
वर्ष और
माता की
उम्र वर्ष अर्थात शास्त्र और विज्ञानं दोनों के
लिए असंभव है किन्तु लखनऊ पुलिस और विकास प्राधिकरण के
लिए बाबू सिंह और  उनकी पत्नी आदर्श है
और व्यक्ति आदर्श पुरुष में दोष नहीं देखता तभी तो
पति , पत्नी , पुत्र, पत्नी की
माँ और
पत्नी के
भाई के
नाम एक
झटके में पांच प्लाट लखनऊ विकास प्राधिकरण के
कानपुर योजना के सेक्टर एच मुख्य मार्ग पर
एस  एस  प्रकार के योजना के
हथियाये | गरीब लोगो का हक़
एक ही
परिवार को
आबंटित किया गया जिसका मुखिया बाबू सिंह पुलिस के अनुसार सीधा साधा अंगूठा टीप लेकिन हस्ताक्षर हिंदी और
आंग्ल भाषा में कर
लेते थे
| सोचिये जो व्यक्ति इतना शातिर है की
सरकारी कर्मचारियों से हर
गलत काम करवा सकता था उसको लखनऊ पुलिस जिसके कारनामो से हमेशा योगी सरकार की किरकिरी हुई सीधा साधा मानता है | श्री मान किसी भी
आपराधिक कृत्य के लिए आपराधिक मन
जिम्मेदार होता है इरादा महत्वपूर्ण होता है | किन्तु पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की
उम्र बढ़ा कर बाबू सिंहऔर आराधना उर्फ गुड्डी सिंह तथा शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी ने
कोई अपराध कारित नहीं किया क्योकि सरकारी महकमा ऊपर से
नीचे तक
भ्रस्ट है
| श्री मान जी
आप ही
अपने पुलिस विभाग को
देखे जितने आख्या बाबू सिंह की
मृत्यु से
सम्बंधित है
वे खुद में असंगत है जो
इन आख्याओं को संदेहास्पद बना देते है
नियत तिथि:
25 – Sep – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
10 – Sep – 2019
अधीक्षण अभियंता मण्डल लखनऊ,.प्र. आवास एवं विकास परिषद
अनमार्क

Grievance
Status for registration number : PMOPG/E/2019/0528431
Grievance Concerns To
Name Of Complainant-Dinesh Pratap Singh, Date of Receipt-09/09/2019
Received By Ministry/Department-Prime Ministers
Office
Grievance Description
This grievance is concerned with the government
of Uttar Pradesh as Jansunwai portal of government has dysfunctional so in view
of urgency of the matter, this august portal is being used by the aggrieved
applicant.
महोदय प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा
लगे है जो बाबू सिंह
उसकी पत्नी आराधना उर्फ
गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह
के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है जिसके अनुसार बाबू सिंह
की उम्र
३० वर्ष
पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी सिंह की उम्र २५ वर्ष
तथा पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र १८ वर्ष
है अर्थात गर्भ स्थापना के समय पिता की उम्र
११ वर्ष
और माता
की उम्र
वर्ष अर्थात शास्त्र और विज्ञानं दोनों के लिए असंभव है किन्तु लखनऊ पुलिस और विकास प्राधिकरण के लिए बाबू सिंह
और  उनकी पत्नी आदर्श है और व्यक्ति आदर्श पुरुष में दोष नहीं देखता तभी तो पति , पत्नी , पुत्र, पत्नी की माँ और पत्नी के भाई के नाम एक झटके में पांच
प्लाट लखनऊ
विकास प्राधिकरण के कानपुर योजना के सेक्टर एच मुख्य मार्ग पर एस  एस  प्रकार के योजना के हथियाये गरीब लोगो
का हक़ एक ही परिवार को आबंटित किया गया जिसका मुखिया बाबू
सिंह पुलिस के अनुसार सीधा साधा
अंगूठा टीप लेकिन हस्ताक्षर हिंदी और आंग्ल भाषा में कर लेते थे सोचिये जो व्यक्ति इतना शातिर है की सरकारी कर्मचारियों से हर गलत काम करवा सकता था उसको लखनऊ पुलिस जिसके कारनामो से हमेशा योगी सरकार की किरकिरी हुई सीधा
साधा मानता है श्री
मान किसी
भी आपराधिक कृत्य के लिए आपराधिक मन जिम्मेदार होता है इरादा महत्वपूर्ण होता
है किन्तु पुत्र कनिष्क कुमार सिंह
की उम्र
बढ़ा कर बाबू सिंहऔर आराधना उर्फ
गुड्डी सिंह
तथा शीतला पाल सिंह
सहायक नगर अधिकारी ने कोई अपराध कारित नहीं
किया क्योकि सरकारी महकमा ऊपर से नीचे तक भ्रस्ट है श्री
मान जी आप ही अपने
पुलिस विभाग को देखे
जितने आख्या बाबू सिंह
की मृत्यु से सम्बंधित है वे खुद में असंगत है जो इन आख्याओं को संदेहास्पद बना देते
है पुलिस की यही रहस्य्मयी शैली बहुत
से सवालिया निशान पैदा
करती है श्री मान जी इकरारनामा के दो पक्ष है बाबू
सिंह और दिनेश प्रताप सिंह
और मुख्तारनामा जो की उप निबंधक लखनऊ
के समक्ष बाबू सिंह
ने दिनेश प्रताप सिंह
को दिया
महत्वपूर्ण है की लगभग २० सालो से भी अधिक समय बीत गया और बाबू
सिंह द्वारा कोई आपत्ति नहीं किया
गया किन्तु लखनऊ पुलिस और आराधना उर्फ गुड्डी सिंह ने मकान और जमीन
हथियाने के सिर्फ प्रार्थी ही नहीं प्रार्थी के समस्त परिवार पर संगीन आरोपों के गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा पंजीकृत किया गया  जो गंभीर अपराध की कोटि में आता है इसलिए एक वरिष्ठ ईमानदार अधिकारी के द्वारा या मामले को अन्य
एजेंसी द्वारा और यदि संभव हो तो केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच
कराइ जाय जिससे इस गंभीर अपराध में शामिल पुलिस कर्मी बे नकाब
हो प्रार्थी द्वारा पत्रकार पुरम गोमतीनगर में स्थित अपने आवास  संख्या बी ९९ जिसका रकबा
२०० वर्ग
मीटर में बने मकान को बेच कर बाबू
सिंह को पैसा दिया था पैसा बाबू सिंह
ने लिया
जमीन और मकान बाबू सिंह
ने दिया
लेकिन उस मकान को पुलिस की मदद से कब्ज़ा आराधना उर्फ गुड्डी ने किया
प्रार्थी जानना चाहता है की किस कैनन
लॉ ने आराधना उर्फ
गुड्डी को अधिकारिता प्रदान की है  आराधना उर्फ गुड्डी जा कर बाबू सिंह से अपने अधिकार की बात करे जिनको उन्होंने अपने  हक़ की जमीन बेचने का हक़ दिया था वैसे भी नियमानुसार एक ही प्लाट उनके नाम है और वह भी जब सक्षम न्यायालय का आदेश पारित होने
पर
Grievance Document
Current Status-Grievance Received Date of Action-09/09/2019
Officer Concerns To 
Forwarded to-
Prime Ministers Office
Officer Name- Shri Ambuj Sharma
Officer Designation-Under Secretary (Public)
Contact Address-Public Wing 5th Floor, Rail
Bhawan New Delhi
Email Address-ambuj.sharma38@nic.in
Contact Number-011-23386447
आवेदन
का विवरण
शिकायत
संख्या
40015719059615
आवेदक कर्ता का
नाम:
Dinesh Pratap Singh
आवेदक कर्ता का
मोबाइल न०:
9838919619,9838919619
विषय:
महोदय प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के
तीन इकरार नामा लगे है जो
बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और
कनिष्क कुमार सिंह के
है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है | जिसके अनुसार बाबू सिंह की उम्र ३० वर्ष पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी सिंह की
उम्र २५
वर्ष तथा पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र १८ वर्ष है अर्थात गर्भ स्थापना के समय पिता की
उम्र ११
वर्ष और
माता की
उम्र वर्ष अर्थात शास्त्र और विज्ञानं दोनों के
लिए असंभव है किन्तु लखनऊ पुलिस और विकास प्राधिकरण के
लिए बाबू सिंह और  उनकी पत्नी आदर्श है
और व्यक्ति आदर्श पुरुष में दोष नहीं देखता तभी तो
पति , पत्नी , पुत्र, पत्नी की
माँ और
पत्नी के
भाई के
नाम एक
झटके में पांच प्लाट लखनऊ विकास प्राधिकरण के
कानपुर योजना के सेक्टर एच मुख्य मार्ग पर
एस  एस  प्रकार के योजना के
हथियाये | गरीब लोगो का हक़
एक ही
परिवार को
आबंटित किया गया जिसका मुखिया बाबू सिंह पुलिस के अनुसार सीधा साधा अंगूठा टीप लेकिन हस्ताक्षर हिंदी और
आंग्ल भाषा में कर
लेते थे
| सोचिये जो व्यक्ति इतना शातिर है की
सरकारी कर्मचारियों से हर
गलत काम करवा सकता था उसको लखनऊ पुलिस जिसके कारनामो से हमेशा योगी सरकार की किरकिरी हुई सीधा साधा मानता है | श्री मान किसी भी
आपराधिक कृत्य के लिए आपराधिक मन
जिम्मेदार होता है इरादा महत्वपूर्ण होता है | किन्तु पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की
उम्र बढ़ा कर बाबू सिंहऔर आराधना उर्फ गुड्डी सिंह तथा शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी ने
कोई अपराध कारित नहीं किया क्योकि सरकारी महकमा ऊपर से
नीचे तक
भ्रस्ट है
| श्री मान जी
आप ही
अपने पुलिस विभाग को
देखे जितने आख्या बाबू सिंह की
मृत्यु से
सम्बंधित है
वे खुद में असंगत है जो
इन आख्याओं को संदेहास्पद बना देते है | पुलिस की यही रहस्य्मयी शैली बहुत से सवालिया निशान पैदा करती है
| श्री मान जी
इकरारनामा के
दो पक्ष है बाबू सिंह और
दिनेश प्रताप सिंह और
मुख्तारनामा जो
की उप
निबंधक लखनऊ के समक्ष बाबू सिंह ने दिनेश प्रताप सिंह को दिया | महत्वपूर्ण है की
लगभग २०
सालो से
भी अधिक समय बीत गया और
बाबू सिंह द्वारा कोई आपत्ति नहीं किया गया किन्तु लखनऊ पुलिस और आराधना उर्फ गुड्डी सिंह ने मकान और जमीन हथियाने के
सिर्फ प्रार्थी ही नहीं प्रार्थी के
समस्त परिवार पर संगीन आरोपों के
गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा पंजीकृत किया गया  जो गंभीर अपराध की
कोटि में आता है
इसलिए एक
वरिष्ठ ईमानदार अधिकारी के
द्वारा या
मामले को
अन्य एजेंसी द्वारा और
यदि संभव हो तो
केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा जांच कराइ जाय जिससे इस गंभीर अपराध में शामिल पुलिस कर्मी बे
नकाब हो
| प्रार्थी द्वारा पत्रकार पुरम गोमतीनगर में स्थित अपने आवास  संख्या बी
९९ जिसका रकबा २०० वर्ग मीटर में बने मकान को
बेच कर
बाबू सिंह को पैसा दिया था
| पैसा बाबू सिंह ने लिया जमीन और
मकान बाबू सिंह ने
दिया लेकिन उस मकान को पुलिस की मदद से कब्ज़ा आराधना उर्फ गुड्डी ने
किया | प्रार्थी जानना चाहता है
की किस कैनन लॉ
ने आराधना उर्फ गुड्डी को अधिकारिता प्रदान की
है आराधना उर्फ गुड्डी जा
कर बाबू सिंह से
अपने अधिकार की बात करे जिनको उन्होंने अपने  हक़ की
जमीन बेचने का हक़
दिया था
| वैसे भी नियमानुसार एक ही
प्लाट उनके नाम है
और वह
भी जब
सक्षम न्यायालय का आदेश पारित होने पर |
नियत तिथि:
09 – Oct – 2019
शिकायत की स्थिति:
लम्बित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
फीडबैक की स्थिति:
आवेदन
का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ
का प्रकार
आदेश
देने वाले अधिकारी
आदेश
दिनांक
अधिकारी
को प्रेषित
आदेश
आख्या
दिनांक
आख्या
स्थिति
आख्या
रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन
सन्दर्भ
09 – Sep – 2019
क्षेत्राधिकारीक्षेत्राधिकारी कैंट
अनमार्क

3 comments on Lucknow development authority allots plots arbitrarily and Lucknow police lodge F.I.R. arbitrarily

  1. महोदय प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा लगे है जो बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है जिसके अनुसार बाबू सिंह की उम्र ३० वर्ष पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी सिंह की उम्र २५ वर्ष तथा पुत्र कनिष्क कुमार सिंह की उम्र १८ वर्ष है अर्थात गर्भ स्थापना के समय पिता की उम्र ११ वर्ष और माता की उम्र ६ वर्ष अर्थात शास्त्र और विज्ञानं दोनों के लिए असंभव है किन्तु लखनऊ पुलिस और विकास प्राधिकरण के लिए बाबू सिंह और उनकी पत्नी आदर्श है

  2. Think about the deep rooted corruption in the department of government of Uttar Pradesh Lucknow Development Authority in which Under age boy was alloted plot of the Lucknow Development Authority and concerned are mute spectators of it and even when complaint was made no action was taken against the the wrongdoer staff of the Lucknow Development Authority there are only procrastinating on the matter instead of taking solid and strong action against the wrongdoer staff such is the position of bureaucrats in this largest democracy in the world undoubtedly we have to save this country from the clutches of corrupt political Masters bureaucracy judicial members but it is feasible only when if our electorates will become vigilant thanks.

  3. Whether it is not reflection of rampant corruption in the Lucknow Development Authority government of Uttar Pradesh who are adopting lackadaisical approach in dealing with the concerned with the deep rooted corruption. Here this question arises that how the five plots were allotted to the members of the same family without checking there submitted documents which were forged and manipulated so this is reflection of deep rooted corruption in the concerned department and most surprising is that when the complaint is being made by the public spirited person Yogi M P Singh they are adopting lackadaisical approach in the matter. It seems that they want to cover the matter under the carpet so that their wrongdeeds may not come to the public. Our ongoing incumbent is claiming to provide transparent and accountable government but truth is before the public thanks.

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