In the name of disposal of grievance, only inconsistent arbitrary reports are submitted

Registration Number COMZP/R/2020/60001
Name Harishchandra
Date of Filing 03/06/2020
Status RTI REQUEST RECEIVED as on 03/06/2020
  Nodal Officer Details  
Telephone Number 9454416807
Email-ID commmir@up.nic.in

Online RTI Request Form Details

Public Authority Details :-
* Public Authority COMMISSIONER OFFICE MIRZAPUR
Personal Details of RTI Applicant:-
Registration Number COMZP/R/2020/60001
Date of Filing 03/06/2020
* Name Harishchandra
Gender Male
* Address Village Adampur , Post Nibee Gaharwar, Block Chhanvey
Pincode 231303
Country India
State Uttar Pradesh
Status Details not provided
Pincode Literate
Phone Number Details not provided
Mobile Number +91-7054703028
Email-ID preetisinghgaharwar[at]gmail[dot]com
Request Details :-
Citizenship Indian
* Is the Applicant Below Poverty Line ? Yes
BPL Card No.
(Proof of BPL may be provided as an attachment)
219940687530
Year of Issue 1998
Issuing Authority District Supply Officer
((Description of Information sought (upto 500 characters) )
* Description of Information Sought Commissioner Sir-Every submitted-grievance, on the Jansunwai portal of government of Uttar Pradesh, was disposed of with note, action on the feedback was approved by the commissioner. Please provide documents which caused commissioner to consider grievances of applicant disposed of even when classified as c-category by chief minister office. Honest district magistrate Mirzapur did not provide the following information.

1-Provide the name and designation of the concerned staff processed the aforementioned grievance. 2-Provide the posting detail of concerned staff in the district.

3-Provide copy of Paimise report made by staff if not made then provide a reason.

* Concerned PIO Nodal Officer
Supporting document ((only pdf upto 1 MB))

 

संदर्भ संख्या : 40019919009019 , दिनांक – 03 Jun 2020 तक की स्थिति
आवेदनकर्ता का विवरण :
शिकायत संख्या:-
40019919009019
आवेदक का नाम-
हरिश्चंद
विषय-
श्री मान जी जिन report को आधार बना कर पिछले वर्ष से तहसीलदार सदर मामले का निस्तारण करा रहे है और मंडलायुक्त ने इस बात को स्वीकार किया है उसकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी से अच्छा कोई नही कर सकता है क्यों की वह उन्ही कार्य क्षेत्र है | इसलिए खंड विकास अधिकारी की report समीचीन है | इसलिए प्रकरण उन्ही के समक्ष प्रस्तुत किया जाय | श्री मान जी संसार के सब से बड़े लोकतंत्र में गरीबो व मजलूमों को कोई न्याय नही मिलता है ऐसा क्यों | यदि न्याय संभव है तो मामले की उच्च स्तरीय टीम से जांच कराई जाय और जिम्मेदारी तय हो | श्री मान जी मंडलायुक्त द्वारा दिनाक 20/11/2018 को प्राप्त report अनुमोदित कर दी गयी है जो की खुद ही बिधि सम्मत नही है श्री मान जी ग्राम सभा का प्रस्ताव ग्राम सभा की खुली बैठक में पास होता है | श्री मान जी दिनांक १६/०८/२०१८ का नोट जिसको आधार बना कर शिकायत का निस्तारण कराया गया है वह फर्जी है | उसका कोई बैधानिक आधार नही है | उसके सहारे तहसीलदार सदर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह व भ्रमित कर रहे है | यह महज जालसाजी के सिवा कुछ भी नही है | क्या संलग्न नोट पर ग्राम पंचायत सदस्यों का हस्ताक्षर है और क्या प्रधान का हस्ताक्षर फर्जी नही है ? श्री मान जी सभी जानते है की उपरोक्त तिथि को ग्राम पंचायत की कोई खुली बैठक हुई ही नही तो प्रस्ताव किसने बना दिया | श्री मान जी यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होता तो अब तक मिटटी फेक कर खडंजा बिछ चुका होता | श्री मान जी इस समय वर्षात नही है और कडाके की ठंढ है फिर काम क्यों नही लगवा देते है | श्री मान जी जब ग्राम प्रधान ने ऐसा कोई प्रस्ताव पास नही किया है वो क्यों २५ फीट खडंजा रोड तैयार करेंगे | सेवा मेंराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश , प्रधान न्यायाधीश भारत, अध्यक्ष राज्य मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, पुलिस कप्तान मिर्ज़ापुर विषय-दर्जनों पत्रों के बाद भी तहसीलदार सदर ने मनगढ़ंत और झूठा जवाब लगा कर सिर्फ वरिष्ठ अधिकारिओं को गुमराह किया है | महोदय, श्री मान जी प्रार्थी दलित वर्ग से है चारो तरफ से दबंगों ने दबा रखा है | सोचिये रास्ता तक कब्ज़ा कर लिए है | सरकारी तालाब को पाट लिए है और तहसीलदार सदर को कुछ भी नही दिखाई पड़ता है | घर के चारो तरफ पानी लगा है बड़े तो किसी तरह निकल पाते है किन्तु बच्चे विद्यालय तक नही जा रहे है |पिछले १८ महीने से प्रार्थी संघर्ष कर रहा है न्याय पाने हेतु लेकिन हर कोई इस गरीब का सुन नही रहा है ऐसा प्रतीत होता है आज भी हम गुलाम है इस अभिजात्य वर्ग के शासन में |मै किसी जात पात की बात नही कर रहा हू सिर्फ गरीब की बात कर रहा हू जिसे सिर्फ प्रताणित किया जाता है और कभी न्याय नही मिलता है | माननीय उच्चतम न्यायालय से जो पारिस्थितिकी बात करता है हमे बताये की आदम पुर का तालाब क्यों तहसीलदार सदर ने कब्ज़ा करा दीया है| श्री मान जी आप लोग अपने एयर कंडिशन्ड कमरे से कभी बाहर भी निकलेगे या वही से हम गरीबो के प्रताड़ना का तमाशा देखते रहेगे | क्या गुलामी में इससे भी ज्यादा कष्ट था | मेरी उम्र ७० साल है गुलामी तो देखी नही किन्तु ऐसा प्रतीत होता है गुलामी की प्रताड़ना इससे ज्यादा बीभत्स नही होगा |
विभाग –
ग्राम्‍य विकास विभाग
शिकायत श्रेणी –
नियोजित तारीख-
04-03-2019
शिकायत की स्थिति-
स्तर –
विकास खण्ड स्तर
पद –
खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारी
प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त अनुस्मारक :

क्र.स. अनुस्मारक प्राप्ति दिनांक
1 17 – Feb – 2019 खण्डी वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्य विकास विभाग को जनसुनवाई पोर्टल द्वारा शिकायत पृष्ठांकित किया गया किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है की तीन महीने १५ दिन के बाद भी आज तक खंड विकास अधिकारी छानवे द्वारा प्रकरण पर मौन ही धारण किया गया| क्या यही सुशासन है क्या खंड विकास अधिकारी की यह गुस्ताखी नही है की बार बार वह शासन के दिशा निर्देशों और स्मरण पत्रों को नजर अंदाज कर रहे है | क्या उन्हें यह नही मालुम है की उनका चुप रहना भी अन्याय है क्योकि यह अन्याय भ्रष्टाचार को बढ़ा रहा है | क्यों की उनका रिपोर्ट ही तहसीलदार सदर की मनमानी को सक्षम अधिकारियो के समक्ष ला सकती है | 04-06-2019
2 Citizens Charter means a government document setting out standards of service for public and private sector bodies, such as schools, hospitals, railway companies, water and energy suppliers, etc Here this question arises that whether there is no citizen’s charter for the Jansunwai portal which is the august portal of the government of Uttar Pradesh Think about the following e-mail of CMUP which is generally sent by the staffs of the chief minister office in the case is someone makes efforts to seek justice from another quarter At present, it seems that BDO Chhanvey is our chief minister because of the working style of the BDO Chhanvey Whether syndicate of corruption is not acting in the govt machinery quite obvious from the cryptic and lackadaisical approach of the BDO Chhanvey in the matter concerned प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल जन-सुनवाई विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है – httpjansunwaiupnicinHomeHhtml आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्वरित निस्तािरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें धय्े वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय, उ०प्र० नोट- वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है | जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें| httpsplaygooglecomstoreappsdetailsidinnicupjansunwaiupjansunwai शिकायत के वेबसाइट पर दर्ज होने के पश्चात की प्रक्रिया – आपके मोबाइल पर smsईमेल के माध्यम से चौदह अंकों की शिकायतसन्दर्भ पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी | इस पंजीकरण संख्या एवं दर्ज मोबाइल नंबरईमेल के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की स्थिति सीधे वेबसाइट या मोबाइल app पर देख सकते हैं एवं निस्तारण के पश्चात निस्तारण report भी देख सकते हैं | इसके अतिरिक्त किसी भी स्तर पर शिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने पर आप अपनी शिकायत का रिमाइंडर भी भेज सकते हैं तथा निस्तारण report से असंतुष्टि की दशा में अपना फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं| आपके फीडबैक का मूल्यांकन निस्तारणकर्ता अधिकारी से एक स्तर उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा| मूल्यांकन में आपकी आपत्तियों से सहमति की दशा में आपका संदर्भशिकायत पुनर्जीवित हो जायेगी, तथा उसका पुनः परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा| 10-05-2019
3 नियत तिथि-04 – Mar – 2019 शिकायत की स्थिति लम्बित श्री मान जी आज २४ मार्च २०१९ है अर्थात २० दिन ज्यादा हो गये | श्री मान जी यह टाल मटोल खुद ही भ्रस्टाचार की कोटि में आता है |ऐसा प्रतीत होता है प्रदेश की नौकर शाही मोदी सर को हरा देना चाहती है अन्यथा पिछले दो वर्षो से प्रार्थी परेशान है यदि हमारे जिम्मेदार अधिकारी सतर्क रहते तो यह मामला ही इतना न खीचता | जब अधिनस्थो को नियंत्रण में रखने की क्षमता ही नही है तो ऐसा होना कोई नई बात नही है |दो वर्षो से तहसीलदार सदर झूठ राग अलाप रहे थे अब खंड विकास अधिकारी को उस झूठ की पुष्टि करना है | कोई अपने लिए झूठ बोलता है दुसरे के लिए झूठ बोलने में तकलीफ होती है अपनी आत्मा को कोई क्यों मारे इसलिए खंड विकास अधिकारी चुप रहना ही बेहतर समझ रहे है क्यों की झूठी रिपोर्ट मंडलायुक्त के समक्ष लगाईं गई है क्यों की अधीनस्थ उनकी गरिमा का ख्याल तो करेगे ही | खंड विकास अधिकारी कैसे कह दे की तहसीलदार सदर की बात में कोई सच्चाई नही है इसलिए वह मुख्य मंत्री कार्यालय को नजर अंदाज कर रहे है क्यों की वहा वो समझ लेंगे लेकिन यहा तो पूरी की पूरी सेटिंग्स ही गड़बड़ा जायेगी जो उनके इंटरेस्ट में अच्छा नही होगा इसलिए तालमेल बना रहे | वैसे कलियुग में झूठ बोलने वाला ही सफल रहता है जिसका उदाहरण हमारे कुछ नेता है उसका असर हमारे नौकरशाहों पर भी पड रहा है | वैसे पूरे की पूरी तनख्वाह बचनी चाहिए यही मूलमंत्र है हमारी नौकरशाही की कुछ इमानदारो को छोड़ कर क्यों की यदि सभी भ्रष्ट हो जायेगे तो इस लोकतंत्र के दोनों पहिये जाम हो जायेगे | 25-03-2019
प्राप्त फीडबैक –
दिनांक18-08-2019 को फीडबैक:- सोचिये खंड विकास अधिकारी ने एक वाक्य में समस्त समस्या का हल दे दिया | उनका कहना है की प्रकरण राजस्व विभाग से सम्बंधित है इसका मतलब तहसीलदार सदर द्वारा प्रस्तुत लोगो के हस्ताक्षर सिर्फ फर्जी है और प्रार्थी ही नहीं आयुक्त विंध्याचल के साथ ही मुख्य मंत्री कार्यालय को भी गुमराह किया गया है और तब किया गया जब की प्रार्थी शुरू से ही रट रहा है की सभी हस्ताक्षर फर्जी है अब तो स्पस्ट हो गया किन्तु खंड विकास अधिकारी ने एक वाक्य लिखने में इतना समय क्यों लिया इससे तो यही सिद्ध होता है की यह महोदय भी उस कुचक्र में शामिल है नहीं तो नियत तिथि का जरूर ख्याल रखते |
फीडबैक की स्थिति –
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिनाक11-09-2019 को फीडबैक पर कार्यवाही अनुमोदित कर दी गयी है
संलग्नक देखें –
नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

प्राप्त अनुस्मारक :

क्र.स. अनुस्मारक प्राप्ति दिनांक
1 17 – Feb – 2019 खण्डी वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्य विकास विभाग को जनसुनवाई पोर्टल द्वारा शिकायत पृष्ठांकित किया गया किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है की तीन महीने १५ दिन के बाद भी आज तक खंड विकास अधिकारी छानवे द्वारा प्रकरण पर मौन ही धारण किया गया| क्या यही सुशासन है क्या खंड विकास अधिकारी की यह गुस्ताखी नही है की बार बार वह शासन के दिशा निर्देशों और स्मरण पत्रों को नजर अंदाज कर रहे है | क्या उन्हें यह नही मालुम है की उनका चुप रहना भी अन्याय है क्योकि यह अन्याय भ्रष्टाचार को बढ़ा रहा है | क्यों की उनका रिपोर्ट ही तहसीलदार सदर की मनमानी को सक्षम अधिकारियो के समक्ष ला सकती है | 04-06-2019
2 Citizens Charter means a government document setting out standards of service for public and private sector bodies, such as schools, hospitals, railway companies, water and energy suppliers, etc Here this question arises that whether there is no citizen’s charter for the Jansunwai portal which is the august portal of the government of Uttar Pradesh Think about the following e-mail of CMUP which is generally sent by the staffs of the chief minister office in the case is someone makes efforts to seek justice from another quarter At present, it seems that BDO Chhanvey is our chief minister because of the working style of the BDO Chhanvey Whether syndicate of corruption is not acting in the govt machinery quite obvious from the cryptic and lackadaisical approach of the BDO Chhanvey in the matter concerned प्रिय महोदय, आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल जन-सुनवाई विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है – httpjansunwaiupnicinHomeHhtml आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्वरित निस्तािरण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें धय्े वाद। मुख्यनमंत्री कार्यालय, उ०प्र० नोट- वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है | जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें| httpsplaygooglecomstoreappsdetailsidinnicupjansunwaiupjansunwai शिकायत के वेबसाइट पर दर्ज होने के पश्चात की प्रक्रिया – आपके मोबाइल पर smsईमेल के माध्यम से चौदह अंकों की शिकायतसन्दर्भ पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी | इस पंजीकरण संख्या एवं दर्ज मोबाइल नंबरईमेल के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की स्थिति सीधे वेबसाइट या मोबाइल app पर देख सकते हैं एवं निस्तारण के पश्चात निस्तारण आख्या भी देख सकते हैं | इसके अतिरिक्त किसी भी स्तर पर शिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने पर आप अपनी शिकायत का रिमाइंडर भी भेज सकते हैं तथा निस्तारण आख्या से असंतुष्टि की दशा में अपना फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं| आपके फीडबैक का मूल्यांकन निस्तारणकर्ता अधिकारी से एक स्तर उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा| मूल्यांकन में आपकी आपत्तियों से सहमति की दशा में आपका संदर्भशिकायत पुनर्जीवित हो जायेगी, तथा उसका पुनः परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा| 10-05-2019
3 नियत तिथि-04 – Mar – 2019 शिकायत की स्थिति लम्बित श्री मान जी आज २४ मार्च २०१९ है अर्थात २० दिन ज्यादा हो गये | श्री मान जी यह टाल मटोल खुद ही भ्रस्टाचार की कोटि में आता है |ऐसा प्रतीत होता है प्रदेश की नौकर शाही मोदी सर को हरा देना चाहती है अन्यथा पिछले दो वर्षो से प्रार्थी परेशान है यदि हमारे जिम्मेदार अधिकारी सतर्क रहते तो यह मामला ही इतना न खीचता | जब अधिनस्थो को नियंत्रण में रखने की क्षमता ही नही है तो ऐसा होना कोई नई बात नही है |दो वर्षो से तहसीलदार सदर झूठ राग अलाप रहे थे अब खंड विकास अधिकारी को उस झूठ की पुष्टि करना है | कोई अपने लिए झूठ बोलता है दुसरे के लिए झूठ बोलने में तकलीफ होती है अपनी आत्मा को कोई क्यों मारे इसलिए खंड विकास अधिकारी चुप रहना ही बेहतर समझ रहे है क्यों की झूठी रिपोर्ट मंडलायुक्त के समक्ष लगाईं गई है क्यों की अधीनस्थ उनकी गरिमा का ख्याल तो करेगे ही | खंड विकास अधिकारी कैसे कह दे की तहसीलदार सदर की बात में कोई सच्चाई नही है इसलिए वह मुख्य मंत्री कार्यालय को नजर अंदाज कर रहे है क्यों की वहा वो समझ लेंगे लेकिन यहा तो पूरी की पूरी सेटिंग्स ही गड़बड़ा जायेगी जो उनके इंटरेस्ट में अच्छा नही होगा इसलिए तालमेल बना रहे | वैसे कलियुग में झूठ बोलने वाला ही सफल रहता है जिसका उदाहरण हमारे कुछ नेता है उसका असर हमारे नौकरशाहों पर भी पड रहा है | वैसे पूरे की पूरी तनख्वाह बचनी चाहिए यही मूलमंत्र है हमारी नौकरशाही की कुछ इमानदारो को छोड़ कर क्यों की यदि सभी भ्रष्ट हो जायेगे तो इस लोकतंत्र के दोनों पहिये जाम हो जायेगे | Re25-03-2019

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश/

आपत्ति दिनांक

आख्या देने वाले अधिकारी  Reporting

date

Report स्थिति
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 17-02-

2019

खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग 16-08-

2019

yah prakaran rajasvi vibhag se sambandhit hai vikas khand se sambandhit nahi ha C-श्रेणीकरण
2 आख्या मुख्य विकास अधिकारी( मिर्ज़ापुर) 04-09-

2019

कृपया प्रकरण का गंभीरता से पुनः परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 15 दिवस में आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की गई है खण्‍ड वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्‍य विकास विभाग 11-09-

2019

HIKAYATKARTA UKTA PRAKARAN RAJVA VIBHAK SE SAMBNDHIT HAI निस्तारित
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Arun Pratap Singh
5 months ago

At last chief development officer Mirzapur disposed of the matter with the note that matter is concerned with the department of revenue which means district magistrate, commissioner Mirzapur, A.D.M. L/R and Tahsildar Sadar only misleading the revered old man belonging to weaker and downtrodden section.
क्र.स. अनुस्मारक प्राप्ति दिनांक
1 17 – Feb – 2019 खण्ड वि‍कास अधि‍कारी-छानवे,जनपद-मिर्ज़ापुर,ग्राम्य विकास विभाग को जनसुनवाई पोर्टल द्वारा शिकायत पृष्ठांकित किया गया किन्तु आश्चर्यजनक बात यह है की तीन महीने १५ दिन के बाद भी आज तक खंड विकास अधिकारी छानवे द्वारा प्रकरण पर मौन ही धारण किया गया| क्या यही सुशासन है क्या खंड विकास अधिकारी की यह गुस्ताखी नही है की बार बार वह शासन के दिशा निर्देशों और स्मरण पत्रों को नजर अंदाज कर रहे है | क्या उन्हें यह नही मालुम है की उनका चुप रहना भी अन्याय है क्योकि यह अन्याय भ्रष्टाचार को बढ़ा रहा है | क्यों की उनका रिपोर्ट ही तहसीलदार सदर की मनमानी को सक्षम अधिकारियो के समक्ष ला सकती है | 04-06-2019

Yogi M. P. Singh
5 months ago

Citizens Charter means a government document setting out standards of service for public and private sector bodies, such as schools, hospitals, railway companies, water and energy suppliers, etc Here this question arises that whether there is no citizen’s charter for the Jansunwai portal?
Actually we are governed by anarchy created due to rampant corruption in the government machinery. Citizen charter and other rules are made to show outwardly that rule of law is being followed by the government functionaries. Here nothing is in accordance with the provisions of law framed by our lawmakers ipso facto obvious from lawlessness and anarchy in the government machinery.

Beerbhadra Singh
Beerbhadra Singh
5 months ago

If the matter was forwarded by the Chief Minister Office government of Uttar Pradesh to the district magistrate Mirzapur then it is most surprising that why information was not made available to the information seeker by the District Magistrate which means something is wrong in the drilling of concerned public authority. I think that it is an excellent approach of the public spirited person and the aggrieved individual to seek information directly from district magistrate Mirzapur which will be instrumental to bring forward the truth in the cryptic dealing of the concerned public authority.

Bhoomika Singh
5 months ago

Here matter is quite simple one party is the coterie of musselman and other party belongs to the weaker and downtrodden section of the oppressed class and muscle man encroaches the land of the pond which causes the blocked of the road which belongs to the the party belonging to the weaker section and now weaker section is seeking justice as usual from the government but government functionaries as they are habitual to support the muscle men in the society and same thing is going on in this very case but such practices can never be reflection at a healthy government set up.