If something is not in accordance with law, then why did the university staffs prefer to be silent on issue

शिकायत संख्या
40019717013293
आवेदक कर्ता का नाम:
Yogi
M. P. Singh
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
7379105911,7379105911
विषय:
Most
revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with
due respect to following submissions as follows It is submitted before the
Hon’ble Sir that Lacunae on the part of MGKVP University Varanasi is as
follows 1-After more than two dozen representations and one-year later, they
made available information that a private student cant apply for two subjects
of History ipso facto obvious from the following image 2-If aforementioned
norms were set up by University, then why the applicant Kuldeep Kumar
Chaudhary belonging to weaker and downtrodden section was allowed to submit
form who opted for two subjects of History and requisite fee were charged
subsequently by the university administration 3-Whether the fee taken by
staffs of aforementioned university from Kuldeep Kumar Chaudhary belonging to
weaker and downtrodden section was not illegal ipso facto obvious from the
circumstances that Kuldeep Kumar Chaudhary was not apprised of the facts that
a student cant opt two subjects but from cryptic dealings of the staffs of
aforementioned university is quite obvious that entire episode was under
their cunning scrutiny and part of their well-planned strategies 4-If the two
subjects of History are not allowed for private students, then how the admit
card can be issued in two subjects of History as done in a cryptic way in the
case of Kuldeep Kumar Chaudhary belonging to weaker and downtrodden section
and if issued, then obligation of concerned staffs to arrange the facilities
in order to conduct the examIt is unfortunate that more than two dozen
representations, couldnt convince these tyrants to be sympathized with the
poor student 5-Aggrieved student is affirming that no staffs of university
ever contacted to him but accountable staffs of aforementioned university
falsely misleading the government as part of their practice that they had
informed the aggrieved student Kuldeep Kumar Chaudhary This is a humble
request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to
withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness, and
chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land This is
need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win
the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy
and prosperous democracy For this, your applicant shall ever pray you,
Hon’ble Sir Yours sincerely Yogi M P Singh, Mobile number-7379105911,
Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin
code-231001
नियत तिथि:
18
– Jan – 2018
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक
07/01/2018को फीडबैक:- सेवा
में मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ उत्तर प्रदेश विषय
श्री
मान जी जिन विषयो की बात महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ स्टाफ कर रहा है उन्हें
उन्होंने ही प्रार्थी को प्रदान किया अन्यथा प्रार्थी को एडमिट कार्ड उन्ही
विषयो में कैसे जारी किया गया

| परम आदरणीय सर आप तो ईमानदार
है इसलिए आप को जनता प्रचंड विश्वास हासिल है लेकिन महात्मा गाँधी काशी
विद्यापीठ पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है उन लोगो की यही विश्वसनीयता है इसलिए
तो कभी सच नही बोलते है
| श्री मान जी परीक्षा आवेदन के पश्चात फीस/ शुल्क
जमा होता है न की पहले और इनकी सहमती के बिना कोई परीक्षार्थी विषय तो क्या अपना
फोटो तक नही बदल सकता फिर मैंने इनकी अनुमति के बिना कैसे दूसरा प्रश्नपत्र ले
सकता हूँ
| श्री मान जी जब इनकी सहमती नही थी तो प्रार्थी
को प्रवेश पत्र कैसे जारी हुआ और प्रार्थी यथा संभव विषयो में परीक्षा कैसे दिया
| श्री
मान जी राकेश मिश्र सहायक कुलसचिव महात्मा गाँधी कशी विद्यापीठ अपने पत्र
पत्रांक
: प० सा० जन० सुन०/३३७ /२०१८
दिनांक
०३जनवरी
२०१८ में सिर्फ अनर्गल प्रलाप
किया है अपने पत्र में कहे है की हमने परीक्षार्थी को अवगत करा दिया है किन्तु
बड़े आश्चर्य की बात है की इन्होने आज तक प्रार्थी से नतो पत्र ब्यवहार किया है
और नही किसी प्रकार की टेलीफोन वार्ता किया है
| लगता है
उपरोक्त सहायक कुलसचिव महोदय सपनो की दुनिया में जीते है उन्होंने ने रात में
स्वप्न देखा होगा की परीक्षार्थी को समस्त सूचनाओ से अवगत करा दिया है इस लिए
बार बार अपने स्वप्न की बात दुहरा रहे है

| श्री मान जी प्रार्थी द्वारा
पूर्व में प्रार्थी द्वारा रुपया ३००० परीक्षा शुल्क और रुपया २००० छति पूर्ति
की मांग की गई थी किन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन जिस प्रकार टालमटोल कर रहा है उस
हिसाब एक हजार छति पूर्ति और दे

| श्री मान जी उपरोक्त छति
पूर्ति और परीक्षा शुल्क कुल रुपया ६००० एक महीने के भीतर प्रार्थी को अकाउंट
पेई चेक के माध्यम से किया जाय

| जो की न्याय हित में होगा | मेरी
मांग इमानदारी से पूर्ण है
| श्री मान जी को ज्ञात हो की प्रार्थी दलित
वर्ग से एक गरीब परिवार का सदस्य है और फीस के रूप में जमा पैसा प्रार्थी के
पिता की गाढ़ी कमाई का है जिसके लिए प्रार्थी पर रोज ताने कसे जाते है इसलिए अगर
महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ प्रार्थी के बैध मांग को पूरा नही करती तो
प्रार्थी के मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा

| श्री मान जी जिस विश्वास से हम
जनता ने आपको प्रचंड बहुमत से जिताया है उम्मीद है की आप हम लोगो को न्याय
दिलाने थोड़ी भी शिथिलता नही दिखायेगे

| प्रार्थी की मदद करे प्रार्थी
सदैव आपका आभारी रहेगा
| दिनांक ०५जनवरी२०१८
आपका आज्ञाकारी कुलदीप कुमार चौधरी पुत्र रामबाबू चौधरी सबरी चुंगी भगौती चौधरी
के बगल की गली मिर्ज़ापुर शहर पिन कोड २३१००१ चलभाष
८५४५९९२९२१ , ९५९८६०३५१८
फीडबैक की स्थिति:
फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित
विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
ऑनलाइन सन्दर्भ
19 – Dec – 2017
रजिस्ट्रारमहात्मा
गाँधी काशी विद्यापीठ
, वाराणसी
04 – Jan – 2018
सादर आख्या
प्रेषित।
निस्तारित

From
<http://jansunwai.up.nic.in/TrackGraviancePopup.aspx?complainno=40019717013293&MOBNO=7379105911&IsOldNew=N&Type=2

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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh

सेवा में मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ उत्तर प्रदेश विषय -श्री मान जी जिन विषयो की बात महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ स्टाफ कर रहा है उन्हें उन्होंने ही प्रार्थी को प्रदान किया अन्यथा प्रार्थी को एडमिट कार्ड उन्ही विषयो में कैसे जारी किया गया | परम आदरणीय सर आप तो ईमानदार है इसलिए आप को जनता प्रचंड विश्वास हासिल है लेकिन महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है उन लोगो की यही विश्वसनीयता है इसलिए तो कभी सच नही बोलते है | श्री मान जी परीक्षा आवेदन के पश्चात फीस/ शुल्क जमा होता है न की पहले और इनकी सहमती के बिना कोई परीक्षार्थी विषय तो क्या अपना फोटो तक नही बदल सकता फिर मैंने इनकी अनुमति के बिना कैसे दूसरा प्रश्नपत्र ले सकता हूँ |

Preeti Singh
2 years ago

मान जी प्रार्थी द्वारा पूर्व में प्रार्थी द्वारा रुपया ३००० परीक्षा शुल्क और रुपया २००० छति पूर्ति की मांग की गई थी किन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन जिस प्रकार टालमटोल कर रहा है उस हिसाब एक हजार छति पूर्ति और दे | श्री मान जी उपरोक्त छति पूर्ति और परीक्षा शुल्क कुल रुपया ६००० एक महीने के भीतर प्रार्थी को अकाउंट पेई चेक के माध्यम से किया जाय | जो की न्याय हित में होगा | मेरी मांग इमानदारी से पूर्ण है | श्री मान जी को ज्ञात हो की प्रार्थी दलित वर्ग से एक गरीब परिवार का सदस्य है और फीस के रूप में जमा पैसा प्रार्थी के पिता की गाढ़ी कमाई का है जिसके लिए प्रार्थी पर रोज ताने कसे जाते है इसलिए अगर महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ प्रार्थी के बैध मांग को पूरा नही करती तो प्रार्थी के मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा | श्री मान जी जिस विश्वास से हम जनता ने आपको प्रचंड बहुमत से जिताया है उम्मीद है की आप हम लोगो को न्याय दिलाने थोड़ी भी शिथिलता नही दिखायेगे | प्रार्थी की मदद करे प्रार्थी सदैव आपका आभारी रहेगा | दिनांक ०५-जनवरी -२०१८ आपका आज्ञाकारी कुलदीप कुमार चौधरी पुत्र रामबाबू चौधरी सबरी चुंगी भगौती चौधरी के बगल की गली मिर्ज़ापुर शहर पिन कोड २३१००१ चलभाष -८५४५९९२९२१ , ९५९८६०३५१८
फीडबैक की स्थिति: फीडबैक प्राप्त
आवेदन का संलग्नक
संलग्नक देखें
संलग्नक देखें
अग्रसारित विवरण-
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश आख्या दिनांक आख्या नियत दिनांक स्थिति आख्या रिपोर्ट
1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 19 – Dec – 2017 रजिस्ट्रार -महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी — 04 – Jan – 2018 सादर आख्या प्रेषित। निस्तारित

Mahesh Pratap Singh Yogi M. P. Singh

Whether it is not shameful that staffs of university acting like robbers? If the application was not conforming the set up standard norms then why concerned accepted it. Now procrastinating in refunding the fee.