If social welfare department Mirzapur wants to lodge F.I.R.,then it must lodge F.I.R.against Yogi M. P. Singh

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
If social welfare department Mirzapur wants to lodge F.I.R. against aggrieved,then it must lodge F.I.R against Yogi M. P. Singh as representation was made by him.
Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 22 June 2017 at 13:34
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, “csup@up.nic.in” <csup@up.nic.in>, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com

Subject-श्री मान जी शिकायत संख्या-12148160052641 में शिकायतकर्ता खुद प्रार्थी है और यह भी सत्य है की शिकायत महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) के नाम से नही की गई है वल्कि उपरोक्त अधिकारी के विरुद्ध की गई है |
Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.
1-It is submitted before the Hon’ble Sir that कृपया समाज कल्याण विभाग मिर्ज़ापुर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन करे |
शिकायतकर्ता द्वारा अपने नाम के स्थान पर जिला समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र यादव लिखा गया हैजोकि गलत है। जनसुनवाई संदर्भ संख्या के साथ छात्र अन्जने शुक्ला की छात्रवृत्तिशुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त होने के सम्बन्ध में प्रेषित किये गये पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है। इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि छात्र अन्जने शुक्ला को वर्ष 2016–17 की छात्रवृत्तिशुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान छात्र को किया जा चुका है। इस सम्बन्ध में छात्र अन्जने शुक्ला से जानकारी चाही गयीे तो अवगत कराया गया कि उनके द्वारा शिकायत नहीं की गयी है।
2-It is submitted before the Hon’ble Sir that In regard to action शिकायत संख्या-12148160052641 which was submitted before chief minister, government of Uttar Pradesh on 21/05/16 at 2:36 PM by your applicant Yogi M. P. Singh <yogimpsingh@yahoo.in>
To presidentofindia@rb.nic.in pmosb supremecourt urgent-action cmup@up.nic.in and 2 more…
ये और बात है की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अग्रसारित प्रार्थी के ई-मेल प्रार्थनापत्र को प्रमुख सचिव समाज कल्याण को भेज कर जनसुनवाई पोर्टल पर डाल दिया गया जिससे सही ढंग से निस्तारण हो सके किन्तु सम्बंधित स्टाफ द्वारा मानवीय भूल बस प्रार्थी के नाम के स्थान पर समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव का नाम लिख दिया गया किन्तु यदि समाज कल्याण विभाग संलग्नको का अवलोकन करता तो मामला शीशे की तरह साफ हो जाता |
आवेदन का विवरण
शिकायत संख्या
12148160052641
आवेदक कर्ता का नाम:
महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी)
आवेदक कर्ता का मोबाइल न०:
0,0
विषय:
छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति से संबंधित कार्यवाही के संबंध में।
नियत तिथि:
22 – Jun – 2016
शिकायत की स्थिति:
निस्तारित
रिमाइंडर :
फीडबैक :
दिनांक 22/06/2017 को फीडबैक:- Subject In regard to ac
आवेदन का संलग्नक
अग्रसारित विवरण
क्र..
सन्दर्भ का प्रकार
आदेश देने वाले अधिकारी
आदेश दिनांक
अधिकारी को प्रेषित
आदेश
आख्या दिनांक
आख्या
नियत दिनांक
स्थिति
आख्या रिपोर्ट
1
अंतरित
मुथुकुमारस्‍वामी बी.(विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय )
26 – May – 2016
अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव समाज कल्‍याण विभाग
कृ0 नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गयी है। 
16 – Jun – 2017
अनुमोदित
निस्तारित
2
अंतरित
प्रमुख सचिव/सचिव (समाज कल्‍याण विभाग )
07 – Jun – 2016
निदेशक समाज कल्याण
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
16 – Jun – 2017
अनुमोदित
निस्तारित
3
अंतरित
निदेशक (समाज कल्याण )
14 – Jun – 2017
जिला समाज कल्याण अधिकारीमिर्ज़ापुर,समाज कल्‍याण विभाग
नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें 
16 – Jun – 2017
शिकायतकर्ता द्वारा अपने नाम के स्थान पर जिला समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र यादव लिखा गया हैजोकि गलत है। जनसुनवाई संदर्भ संख्या के साथ छात्र अन्जने शुक्ला की छात्रवृत्तिशुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त होने के सम्बन्ध में प्रेषित किये गये पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है। इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि छात्र अन्जने शुक्ला को वर्ष 2016–17 की छात्रवृत्तिशुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान छात्र को किया जा चुका है। इस सम्बन्ध में छात्र अन्जने शुक्ला से जानकारी चाही गयीे तो अवगत कराया गया कि उनके द्वारा शिकायत नहीं की गयी है।
निस्तारित
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that बड़े अफसोस की बात है की समाज कल्याण विभाग को पूरी जानकारी के बावजूद मुख्य मंत्री कार्यालय को गुमराह किया जा रहा है क्योकि आंजनेय शुक्ला ने जो जानकारी समाज कल्याण विभाग को दी उसे पूर्ण रूप से ढक दिया गया और भ्रमित करने वाला रिपोर्ट लगा कर अपने काले कारनामो पर काली चादर समाज कल्याण विभाग ने रख दी श्री मान जी क्या anjaney शुक्ला को स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष में कोई छात्र वृत्ति दी गयी थी और उपरोक्त आवेदन उपरोक्त सन्दर्भ में ही थी | एक तो चोरी दूसरे सीना जोरी मै तो सरकार का नौकर नही हूँ लेकिन लेकिन इनकी तो जिम्मेदारी ज्यादा थी | कृपया आंजनेय शुक्ला द्वारा समाज कल्याण को प्रस्तुत १६-जून -२०१७ का विटनेस testimony का अवलोकन करे जो दूध का दूध और पानी को पानी कर देगा | जो की प्रस्तुत प्रत्यावेदन के साथ संलग्न है |
                         This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          Yours sincerely
                                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

On 17 June 2017 at 15:28, Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> wrote:

Subject –In regard to action शिकायत संख्या-12148160052641 which was submitted before chief minister, government of Uttar Pradesh on 21/05/16 at 2:36 PM by your applicant Yogi M. P. Singh <yogimpsingh@yahoo.in>
To presidentofindia@rb.nic.in pmosb supremecourt urgent-action cmup@up.nic.in and 2 more…
Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to following submissions as follows.
1-It is submitted before the Hon’ble Sir that शिकायत संख्या-12148160052641 आवेदक कर्ता का नाम:महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) having aforementioned e-mail message as attached documents for redressal, how can it be submitted by महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) against whom allegations has been made by your applicant in the aforementioned e-mail?  
2-It is submitted before the Hon’ble Sir that whether it is justified that district social welfare department Mirzapur instead of redressing the submitted grievance languishing since more than one years on Jansunwai portal of government of Uttar Pradesh may ask aggrieved concerned that why had you submitted grievance in the name of officer of social welfare department? Why not an F.I.R.be lodged for submitting grievance in the name of social welfare department Mirzapur?  And staffs of social welfare department Mirzapur is pressurizing aggrieved to provide written statement that he didn’t submit aforementioned शिकायत संख्या-12148160052641 आवेदक कर्ता का नाम:महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) and action be taken against that individual who wrote the शिकायत संख्या-12148160052641 आवेदक कर्ता का नाम:महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी). Hon’ble Sir may be pleased to take a glance of six page testimony of aggrieved Anjaney Shukla submitted to social welfare department Mirzapur on 16-June-2017 attached with this representation.
3-It is submitted before the Hon’ble Sir that undoubtedly your applicant submitted aforementioned e-mail representation on 21/05/16 at 2:36 PM to chief minister government of Uttar Pradesh for Anjaney Shukla in order to get justice for him and same was put on Jansunwai portal of government of Uttar Pradesh by staffs of fifth floor of secretariat building but staffs of chief minister government of Uttar Pradesh made error in the grievance as- at the name of your applicant, name of social welfare officer was written. It is most surprising that from the attachment of grievance शिकायत संख्या-12148160052641 आवेदक कर्ता का नाम:महेन्द्र यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) it is quite obvious that complaint was made by your applicant but staffs of social welfare department Mirzapur instead of redressing the grievance preferred procrastination and now after one year made efforts to give its wrong turn. If for submitting grievance, Government of Uttar Pradesh wants to lodge F.I.R. against aggrieved Anjaney Shukla, then it must be lodged against your applicant instead of aggrieved as your applicant has exercised its rights cum duty prescribed under article 51 A of constitution of India.
                    This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          Yours sincerely
                                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.


Witness testimony of Anjaney Shukla.pdf
523K View as HTML Download

2 comments on If social welfare department Mirzapur wants to lodge F.I.R.,then it must lodge F.I.R.against Yogi M. P. Singh

  1. शिकायतकर्ता द्वारा अपने नाम के स्थान पर जिला समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र यादव लिखा गया है,जोकि गलत है। जनसुनवाई संदर्भ संख्या के साथ छात्र अन्जने शुक्ला की छात्रवृत्ति⁄शुल्क प्रतिपूर्ति न प्राप्त होने के सम्बन्ध में प्रेषित किये गये पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है। इस सम्बन्ध में अवगत कराना है कि छात्र अन्जने शुक्ला को वर्ष 2016–17 की छात्रवृत्ति⁄शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान छात्र को किया जा चुका है। इस सम्बन्ध में छात्र अन्जने शुक्ला से जानकारी चाही गयीे तो अवगत कराया गया कि उनके द्वारा शिकायत नहीं की गयी है।
    2-It is submitted before the Hon’ble Sir that In regard to action शिकायत संख्या-12148160052641 which was submitted before chief minister, government of Uttar Pradesh on 21/05/16 at 2:36 PM by your applicant Yogi M. P. Singh
    To presidentofindia@rb.nic.in pmosb supremecourt urgent-action cmup@up.nic.in and 2 more…
    ये और बात है की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अग्रसारित प्रार्थी के ई-मेल प्रार्थनापत्र को प्रमुख सचिव समाज कल्याण को भेज कर जनसुनवाई पोर्टल पर डाल दिया गया जिससे सही ढंग से निस्तारण हो सके किन्तु सम्बंधित स्टाफ द्वारा मानवीय भूल बस प्रार्थी के नाम के स्थान पर समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव का नाम लिख दिया गया किन्तु यदि समाज कल्याण विभाग संलग्नको का अवलोकन करता तो मामला शीशे की तरह साफ हो जाता |

  2. Hon’ble Sir that In regard to action शिकायत संख्या-12148160052641 which was submitted before chief minister, government of Uttar Pradesh on 21/05/16 at 2:36 PM by your applicant Yogi M. P. Singh
    To presidentofindia@rb.nic.in pmosb supremecourt urgent-action cmup@up.nic.in and 2 more…
    ये और बात है की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा अग्रसारित प्रार्थी के ई-मेल प्रार्थनापत्र को प्रमुख सचिव समाज कल्याण को भेज कर जनसुनवाई पोर्टल पर डाल दिया गया जिससे सही ढंग से निस्तारण हो सके किन्तु सम्बंधित स्टाफ द्वारा मानवीय भूल बस प्रार्थी के नाम के स्थान पर समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव का नाम लिख दिया गया किन्तु यदि समाज कल्याण विभाग संलग्नको का अवलोकन करता तो मामला शीशे की तरह साफ हो जाता |

Leave a Reply

%d bloggers like this: