If mother cow is well sheltered in Uttar Pradesh why these cows and calves are treata like strray.

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>
श्री मान जी निस्संदेह गौ माता की दशा मिर्ज़ापुर में तो बहुत ही दयनीय है सरकारी फण्ड का सिर्फ दुरूपयोग और बंदरबाट और आप का कार्यालय मूक दर्शक |
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Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 7 July 2019 at 11:40

To: supremecourt <supremecourt@nic.in>, pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>

An application under article 32 of the constitution of India.
To 
                                          Chief Justice of India /companion judges of the apex court 
                                             Supreme Court of India , New Delhi India 
Undoubtedly government is not serious in order to upgrade the deteriorating conditions of mother cow  quite obvious from the dealings of its accountable public functionaries. Because of mismanagement and negligence of the public staffs, mother cows are dying of infectious serious disease Hoof and mouth disease which spread like an epidemic because of dereliction of the concerned public staffs.

With due respect and regard to Hon’ble Sir, the appellant invites the kind attention of the Hon’ble Sir to the following submissions as follows.

An enquiry under article 51 A of the constitution of India as a step towards the

betterment of the Society. 

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that  51A. Fundamental duties 

It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the 

Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag 

and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism 

and the spirit of inquiry and reform;

(i) to safeguard public property and to abjure violence;

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective 

activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour 

and achievement

2-It is submitted before the Hon’ble Sir that growing number of cows death was taken seriously by the apex court of India so its staff diarised the matter but it seems that its effect would be void in this anarchy where lawlessness, anarchy and tyranny are rampant in the government machinery.

Diary No.
13149/SCI/PIL(E)/2019
Application Date
23-02-2019
Received On
08-03-2019
Applicant Name
MAHESH PRATAP SINGH YOGI M P SINGH
Address
E-MAIL
State
9999
Action Taken
UNDER PROCESS

3-It is submitted before the Hon’ble Sir that undoubtedly our chief minister Mr. Yogi Aditynath Sir is making whole hearted efforts in order to improve the deteriorating conditions of the cows but because of rampant corruption and tyranny of the bureaucrats it proved futile.

गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 07 Jul 2019 02:12 AM IST
पालतू पशु घूमते मिले तो गोपालकों पर लगेगा भारी जुर्माना: योगी 
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेताया कि अगर सड़कोंचौराहों पर पालतू पशु घूमते मिले तो गोपालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे पशु गोशाला में पकड़ कर लाए जाते हैं और गोपालक उसे लेने पहुंचते हैं तो उन्हे जुर्माना चुकाना होगा।
शनिवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले महेवा मंडी परिसर में बने कान्हा उपवन गोशाला का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि शहरों और गांवों में बेसहारा घूम रहे गोवंश के संरक्षण के लिए सरकार की तरफ से सभी जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। सरकार के इस प्रयास से वर्तमान में प्रदेश के भीतर चार लाख बेसहारा गोवंशियों को सहारा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस व्यवस्था से आस्थावान लोगों को गोवंश की देखभाल और सेवा का अवसर तो मिलेगा ही पशुओं के चलते बिगड़ रही यातायात व्यवस्था भी सही की जा सकेगी। साथ ही सड़कों, चौराहों पर कहीं कोई बुजुर्ग, महिला या किसी बच्चे को घूमने वाले पशुओं के हमले का शिकार नहीं बनना पड़ेगा। योगी ने बताया कि गोरखपुर के कान्हा उपवन की क्षमता 1200 से 1500 पशुओं की है। इस उपवन में गोवंशी पशुओं को चार हिस्से में बांट कर रखा जाएगा। बछड़ों के लिए अलग इंतजाम होगा तो गर्भवती गायों और अन्य बेसहारा पशुओं के लिए भी अलग से व्यवस्था होगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोशाला का निरीक्षण किया और व्यवस्था संचालकों को गोवंशी पशुओं की देखरेख के लिए जरूरी सलाह दी। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण भी किया। इस दौरान महापौर सीताराम जायसवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
4-It is submitted before the Hon’ble Sir that so called these shelters of the cow mother is only on papers nothing else. When these cows are travelling on roads congregating at four corner road and in various Mohalla’s which means entire claims of state government functionaries are hollow and they are only sounding like drums. Hundreds of cows are collecting in the Mohalla Surekapuram quite obvious from the attached pictures.
गोवंश आश्रय स्थलों का हाल बेहाल
वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 15 Mar 2019 01:00 AM IST
मिर्जापुर। पशु आश्रय स्थलों में रखे गए पशु आश्रय स्थलों का हाल बेहाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पशुओं को चारा नहीं दिया जा रहा है। भूसा की जगह पुआल का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में कई पशुओं की मौत भी होने की बात कही जा रही है।
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जिले में अस्थायी रूप से एक दर्जन पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। इन जगहों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने की व्यवस्था की गई है। नगर में भी दो पशु आश्रय स्थल बनवाए गए हैं। एक एएसजे इंटर कालेज के सामने कांजीहाउस में तथा दूसरा गैबी घाट में। इन दोनों ही जगहों पर रखे गए पशुओं का हाल बेहाल है। आसपास के लोगों का आरोप है कि पशुओं को जब कोई छुड़ाने जाता है तो उससे 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खुराक चार्ज लिया जाता है। जबकि पशुओं को पुआल खिलाया जा रहा है। इससे कई पशुओं के जीवन पर संकट आ गया है। नागरिकों का तो यहां तक आरोप है कि पुआल के चलते ही कई पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी इसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए बजट जारी करने की बात कही जा रही है। मौके पर एकाध कर्मचारी ही दिखाई दे रहे हैं।
जारी कर दिया गया है बजट
इन पशु आश्रय स्थलों के लिए जिला प्रशासन की ओर से 16 लाख 34 हजार चार सौ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। आठ पशु आश्रय स्थलों के लिए बजट जारी किया गया है। इसमें से नगर क्षेत्र के पशु आश्रय स्थल के लिए चार लाख 51 हजार आठ सौ रुपये का बजट जारी किया गया है।
पशु आश्रय स्थलों की देखभाल अच्छी तरह से की जा रही है। नागरिकों की सहायता से उनको चारा, भूसा व हरी सब्जियां भी दी जा रही हैं। कोई परेशानी नहीं है। – रामजी उपाध्याय, प्रभारी ईओ, नगर पालिका परिषद मिर्जापुर
नपाध्यक्ष, डीएम और अन्य ने किया था निरीक्षण
मिर्जापुर। लगातार आ रही इन्हीं शिकायतों के चलते बुधवार को नगर पालिकाध्यक्ष मनोज जायसवाल, जिलाधिकारी और अन्य ने पशु आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया था। आवश्यक कार्रवाई के लिए कई निर्देश भी दिए गए थे।
 

5It is submitted before the Hon’ble Sir that please take a glance of the few photographs to know the exact truth of the clean and sanitation drive and poor condition of the mother cow.

Cow Ranches are mere show pieces in this largest populous state in this largest democracy in the world.
This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? This is the need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                         
                                                                                                Yours sincerely
Date-07-07-2019                                            Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001

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Yogi
1 year ago

Undoubtedly government is not serious in order to upgrade the deteriorating conditions of mother cow quite obvious from the dealings of its accountable public functionaries. Because of mismanagement and negligence of the public staffs, mother cows are dying of infectious serious disease Hoof and mouth disease which spread like an epidemic because of dereliction of the concerned public staffs.

Arun Pratap Singh
1 year ago

जिले में अस्थायी रूप से एक दर्जन पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। इन जगहों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़कर रखने की व्यवस्था की गई है। नगर में भी दो पशु आश्रय स्थल बनवाए गए हैं। एक एएसजे इंटर कालेज के सामने कांजीहाउस में तथा दूसरा गैबी घाट में। इन दोनों ही जगहों पर रखे गए पशुओं का हाल बेहाल है। आसपास के लोगों का आरोप है कि पशुओं को जब कोई छुड़ाने जाता है तो उससे 70 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खुराक चार्ज लिया जाता है। जबकि पशुओं को पुआल खिलाया जा रहा है। इससे कई पशुओं के जीवन पर संकट आ गया है। नागरिकों का तो यहां तक आरोप है कि पुआल के चलते ही कई पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी इसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए बजट जारी करने की बात कही जा रही है। मौके पर एकाध कर्मचारी ही दिखाई दे रहे हैं।

Beerbhadra Singh
1 year ago

Five cows died in the cow ranch being monitored by the government staff in the city Mirzapur entire cow dances were visited by the senior rank officers in the district it means everyone is doing merely formality instead of taking a serious step in this direction. Now I have to see that whether the apex court of India is Sirius in regard to the Welfare of mother call or not all the detailed rating condition of the mother cow is not hidden no more so there is need to take a solid and stronger step in order to protect the car which because this is the method concerned with the religious belief which cannot be overlooked as no one may be allowed to play with the emotions of the large section of the society as the the mother cow is supposed to be like mother in the Hindu religion and a considerable portion of the society is formed by the Hindus so so we cannot injure the the spirit of the large section of the people thanks.